हज़रत बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु ❣️ से एक बार किसी ने पूछा कि आपने पहली बार हुज़ूर नबी करीम ﷺ ❤️ को कैसे देखा? हज़रत बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु ❣️ से एक बार किसी ने पूछा कि आपने पहली बार हुज़ूर नबी करीम ﷺ ❤️ को कैसे देखा? हज़रत बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु फरमाते हैं कि मैं मक्का के लोगों को बहुत कम जानता था, क्योंकि मैं गुलाम था और अरब में गुलामों के साथ बहुत कठोर और अमानवीय व्यवहार आम था। 😢 उनसे उनकी ताकत से बढ़कर काम लिया जाता था, इसलिए मुझे कभी इतना समय ही नहीं मिलता था कि बाहर निकलकर लोगों से मिल सकूं। इसलिए मुझे हुज़ूर पाक ﷺ, इस्लाम या इस तरह की किसी बात का बिल्कुल ज्ञान नहीं था। एक बार मुझे तेज़ बुखार हो गया। सर्दियों का मौसम था और कड़ाके की ठंड के साथ बुखार ने मुझे बहुत कमजोर कर दिया था। इसलिए मैंने लिहाफ ओढ़ लिया और लेट गया। इतने में मेरा मालिक यह देखने आया कि मैं जौ पीस रहा हूँ या नहीं। उसने मुझे लिहाफ ओढ़कर लेटा देखा तो बहुत गुस्सा हो गया। उसने लिहाफ उतार दिया और सज़ा के तौर पर मेरी कमीज़ भी उतरवा दी और मुझे खुले आँगन में दरवाज़े के पास बिठा दिया कि यहाँ बैठकर जौ पीसो। अब एक तरफ सख्त ठंड, ऊपर से बुखार और इतना कठिन काम। मैं रोता जाता था और जौ पीसता जाता था। 😭 कुछ ही देर में दरवाज़े पर दस्तक हुई। मैंने अंदर आने की इजाज़त दी तो एक अत्यंत गंभीर, शांत और नूरानी चेहरे वाले व्यक्ति ❣️ अंदर आए और पूछा, “जवान, क्यों रो रहे हो?” मैंने जवाब दिया, “जाओ अपना काम करो, तुम्हें इससे क्या? मैं जिस वजह से भी रोऊँ, यहाँ पूछने वाले बहुत हैं लेकिन इलाज कोई नहीं करता।” संक्षेप में, बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु ने हुज़ूर ﷺ 💜 से कुछ कठोर बातें कहीं। हुज़ूर ﷺ यह बातें सुनकर लौटने लगे। जब चल पड़े तो बिलाल ने कहा, “बस? मैं न कहता था कि पूछते सब हैं, इलाज कोई नहीं करता।” हुज़ूर ﷺ ❤️ यह सुनकर भी चलते रहे। बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु कहते हैं कि दिल में जो हल्की सी उम्मीद जगी थी कि यह व्यक्ति कोई मदद करेगा, वह भी खत्म हो गई। लेकिन बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु को क्या मालूम था कि जिस शख्स से अब उनका सामना हुआ है, वह रहमतुल्लिल आलमीन 💞 हैं। कुछ ही देर में वह शख्स वापस आ गया। उसके एक हाथ में गरम दूध का प्याला और दूसरे हाथ में खजूरें थीं। उसने वह खजूरें और दूध मुझे दिया और कहा, “खाओ, पियो और जाकर सो जाओ।” मैंने कहा, “तो यह जौ कौन पीसेगा? अगर न पीसा तो मालिक सुबह बहुत मारेगा।” उन्होंने फरमाया, “तुम सो जाओ, यह पिसा हुआ मुझसे ले लेना।” हज़रत बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु सो गए और हुज़ूर ﷺ ने सारी रात एक अजनबी हब्शी गुलाम के लिए चक्की पीसी। सुबह बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु को पिसा हुआ जौ दिया और चले गए। दूसरी रात फिर ऐसा ही हुआ। दूध और दवा बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु को दी और सारी रात चक्की पीसी। ऐसा लगातार तीन दिन करते रहे, जब तक कि बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु ठीक न हो गए। यही वह परिचय था, जिसकी गोद से वह अमर प्रेम जन्मा कि आज भी बिलाल को सहाबी-ए-रसूल बाद में, आशिक़-ए-रसूल ﷺ पहले कहा जाता है। उन्होंने हुज़ूर ﷺ के विसाल के बाद अज़ान देना बंद कर दिया, क्योंकि जब अज़ान में “अश्हदु अन्ना मुहम्मदर्रसूलुल्लाह” तक पहुँचते, तो हुज़ूर ﷺ की याद में हिचकियाँ बंध जाती थीं और फूट-फूट कर रोने लगते थे। ईसार और भाईचारे का यह जज़्बा कितना शक्तिशाली है। अल्लाह हम सबको अमल की तौफ़ीक़ अता फरमाए। आमीन। यह कैसा जज़्बा, कैसा इश्क़ है 😢😢😢 जज़ाकल्लाहु खैरन कसीरा। कमेंट में या रसूल अल्लाह जरूर लिखें
हज़रत बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु ❣️ से एक बार किसी ने पूछा कि आपने पहली बार हुज़ूर नबी करीम ﷺ ❤️ को कैसे देखा? हज़रत बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु ❣️ से एक बार किसी ने पूछा कि आपने पहली बार हुज़ूर नबी करीम ﷺ ❤️ को कैसे देखा? हज़रत बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु फरमाते हैं कि मैं मक्का के लोगों को बहुत कम जानता था, क्योंकि मैं गुलाम था और अरब में गुलामों के साथ बहुत कठोर और अमानवीय व्यवहार आम था। 😢 उनसे उनकी ताकत से बढ़कर काम लिया जाता था, इसलिए मुझे कभी इतना समय ही नहीं मिलता था कि बाहर निकलकर लोगों से मिल सकूं। इसलिए मुझे हुज़ूर पाक ﷺ, इस्लाम या इस तरह की किसी बात का बिल्कुल ज्ञान नहीं था। एक बार मुझे तेज़ बुखार हो गया। सर्दियों का मौसम था और कड़ाके की ठंड के साथ बुखार ने मुझे बहुत कमजोर कर दिया था। इसलिए मैंने लिहाफ ओढ़ लिया और लेट गया। इतने में मेरा मालिक यह देखने आया कि मैं जौ पीस रहा हूँ या नहीं। उसने मुझे लिहाफ ओढ़कर लेटा देखा तो बहुत गुस्सा हो गया। उसने लिहाफ उतार दिया और सज़ा के तौर पर मेरी कमीज़ भी उतरवा दी और मुझे खुले आँगन में दरवाज़े के पास बिठा दिया कि यहाँ बैठकर जौ पीसो। अब एक तरफ सख्त ठंड, ऊपर से बुखार और इतना कठिन काम। मैं रोता जाता था और जौ पीसता जाता था। 😭 कुछ ही देर में दरवाज़े पर दस्तक हुई। मैंने अंदर आने की इजाज़त दी तो एक अत्यंत गंभीर, शांत और नूरानी चेहरे वाले व्यक्ति ❣️ अंदर आए और पूछा, “जवान, क्यों रो रहे हो?” मैंने जवाब दिया, “जाओ अपना काम करो, तुम्हें इससे क्या? मैं जिस वजह से भी रोऊँ, यहाँ पूछने वाले बहुत हैं लेकिन इलाज कोई नहीं करता।” संक्षेप में, बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु ने हुज़ूर ﷺ 💜 से कुछ कठोर बातें कहीं। हुज़ूर ﷺ यह बातें सुनकर लौटने लगे। जब चल पड़े तो बिलाल ने कहा, “बस? मैं न कहता था कि पूछते सब हैं, इलाज कोई नहीं करता।” हुज़ूर ﷺ ❤️ यह सुनकर भी चलते रहे। बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु कहते हैं कि दिल में जो हल्की सी उम्मीद जगी थी कि यह व्यक्ति कोई मदद करेगा, वह भी खत्म हो गई। लेकिन बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु को क्या मालूम था कि जिस शख्स से अब उनका सामना हुआ है, वह रहमतुल्लिल आलमीन 💞 हैं। कुछ ही देर में वह शख्स वापस आ गया। उसके एक हाथ में गरम दूध का प्याला और दूसरे हाथ में खजूरें थीं। उसने वह खजूरें और दूध मुझे दिया और कहा, “खाओ, पियो और जाकर सो जाओ।” मैंने कहा, “तो यह जौ कौन पीसेगा? अगर न पीसा तो मालिक सुबह बहुत मारेगा।” उन्होंने फरमाया, “तुम सो जाओ, यह पिसा हुआ मुझसे ले लेना।” हज़रत बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु सो गए और हुज़ूर ﷺ ने सारी रात एक अजनबी हब्शी गुलाम के लिए चक्की पीसी। सुबह बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु को पिसा हुआ जौ दिया और चले गए। दूसरी रात फिर ऐसा ही हुआ। दूध और दवा बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु को दी और सारी रात चक्की पीसी। ऐसा लगातार तीन दिन करते रहे, जब तक कि बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु ठीक न हो गए। यही वह परिचय था, जिसकी गोद से वह अमर प्रेम जन्मा कि आज भी बिलाल को सहाबी-ए-रसूल बाद में, आशिक़-ए-रसूल ﷺ पहले कहा जाता है। उन्होंने हुज़ूर ﷺ के विसाल के बाद अज़ान देना बंद कर दिया, क्योंकि जब अज़ान में “अश्हदु अन्ना मुहम्मदर्रसूलुल्लाह” तक पहुँचते, तो हुज़ूर ﷺ की याद में हिचकियाँ बंध जाती थीं और फूट-फूट कर रोने लगते थे। ईसार और भाईचारे का यह जज़्बा कितना शक्तिशाली है। अल्लाह हम सबको अमल की तौफ़ीक़ अता फरमाए। आमीन। यह कैसा जज़्बा, कैसा इश्क़ है 😢😢😢 जज़ाकल्लाहु खैरन कसीरा। कमेंट में या रसूल अल्लाह जरूर लिखें
- कुशीनगर में मारपीट का वीडियो सोसल मीडिया वायरल,गाड़ी साइड करने को लेकर हुआ विवाद,जमकर दो पक्षों में हुई मारपीट,मारपीट में 2 युवक हुए घायल,दोनो का जिला अस्पताल में चल रहा इलाज,घटना 19 अप्रैल की रात की बताई जा रही,पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर जांच में जुटी,पड़रौना कोतवाली अंतर्गत सिधुवा बाजार का मामला।1
- Post by Times of Uttar Pradesh1
- पडरौना नगर के रामकोला रोड स्थित मां धूप काली मंदिर में भगवान शिव एवं पंचमुखी हनुमान जी की मूर्ति का प्राण प्रतिष्ठा सोमवार को विधि-विधानपूर्वक कराई गई । यह आयोजन 18 अप्रैल दिन शनिवार से 20 अप्रैल दिन सोमवार तक चला। इस आयोजन में कलश यात्रा, शोभायात्रा, वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मूर्ति स्थापना और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, धूप काली मां मंदिर समिति के सदस्यों, नवयुवक साथियों और मातृ शक्तियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सभी के सामूहिक सहयोग से मां धूप काली मंदिर में मंदिर का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ और पूरा कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। आयोजन को व्यवस्थित रूप से सम्पन्न कराने में धर्मेंद्र सिंह मिंटू, अजय गुप्ता, संतोष मिश्रा, दीपक त्रिपाठी, आशुतोष दिक्षित, गुद्दर शाह, बिपिन जायसवाल, रमाशंकर शाह, अजय शाह, शेषनाथ शाह, अशोक सिंह, राहुल शाह, अनूप, रत्नेश सहित दर्जनों लोगों का सहयोग सराहनीय रहा।1
- Post by मुन्ना पड़रौना कुशीनगर1
- ये है जीरो टॉलरेंस की योगी सरकार, जनता त्रस्त, अधिकारी मस्त कुशीनगर। जिले के पड़रौना तहसील परिसर से भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां तैनात कानूनगो हीरालाल का कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि जमीन की पैमाइश के नाम पर खुलेआम पैसे लिए जा रहे हैं। आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं, बल्कि लंबे समय से इस तरह की वसूली की शिकायतें सामने आती रही हैं। इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि तहसील स्तर पर ही अगर इस तरह का भ्रष्टाचार होगा, तो आम जनता को न्याय कैसे मिलेगा। वहीं, वीडियो वायरल होने के बाद अब प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। अधिकारी मामले की जांच की बात कह रहे हैं, लेकिन लोगों की नजर इस पर टिकी है कि क्या वाकई सख्त कार्रवाई होगी या मामला फिर ठंडे बस्ते में चला जाएगा। 👉 फिलहाल, यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1
- Post by Abulaish Ansari Kushinagr News1
- श्री श्री यूपी काली माई मंदिर पर आज भगवान शंकर वी पंचमुखी हनुमान जी के प्रतिमा का प्रतिष्ठा कार्यक्रम किया गया इसी क्रम में पूजा अर्चना के बाद हवन का कार्यक्रम किया गया और हवन पूजन के बाद महा भंडारा वा जगराता का भी कार्यक्रम किया जा रहा है का भी आयोजित किया जा रहा है इसी क्रम में हवन पूजन में मौजूद पडरौना के नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष विनय जायसवाल संतोष कुमार मिश्रा आशुतोष कुमार दीक्षित उर्फ बड़े अजय शाह शुगर शाह रमाशंकर शाह अशोक सिंह शेषनाथ शाह राहुल शाह अनूप तिवारी मंटू सिंह अजय गुप्ता सजन शाह गुड्डू शाह आदि श्रधांलू गण मौजूद रहे4
- Post by मुन्ना पड़रौना कुशीनगर1