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देवकी जगदीश पुरी
More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
- उरगा पुलिस ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस द्वारा यह महत्वपूर्ण कदम इस घटना के संदर्भ में उठाया गया है।1
- छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े बांध के रूप में पहचाने जाने वाले मिनी माता बागों बांध में कुल 11 गेट हैं।1
- छत्तीसगढ़ के बाराद्वार नगर पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ा एक बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें आरोप है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर 700 लोगों से मोटी रकम वसूली जा रही थी। इस मामले में बाराद्वार के कई जनप्रतिनिधियों और एक पटवारी पर शासकीय गोचर भूमि के नक्शे में छेड़छाड़ करने का आरोप लगा है। कलेक्टर ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की और हल्का पटवारी को निलंबित कर दिया।1
- धरमजयगढ़ जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत नवागांव में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत लगभग 19 लाख रुपये की लागत से चल रहे तालाब निर्माण कार्य को तकनीकी अड़चनों का सामना करना पड़ रहा है। खास तौर पर, फेस ऑथेंटिकेशन आधारित हाजिरी व्यवस्था मजदूरों और कर्मचारियों दोनों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। यह तालाब गांव के किसानों, पशुपालकों और आम ग्रामीणों के लिए सिंचाई और निस्तारी की सुविधा प्रदान करने की एक बड़ी उम्मीद है। सैकड़ों मजदूर भीषण गर्मी में भी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन उनकी मेहनत पर तकनीकी दिक्कतें भारी पड़ रही हैं। रोजगार सहायक अनिता गुप्ता और मेट शांति के अनुसार, नई व्यवस्था में मजदूरों की उपस्थिति चेहरे के मिलान के आधार पर दर्ज की जाती है। हालांकि, तकनीकी कारणों से कई बार मजदूरों का चेहरा सिस्टम से मैच नहीं हो पाता, जिससे उनकी हाजिरी दर्ज नहीं होती। इससे मजदूरों में यह चिंता बढ़ गई है कि दिनभर काम करने के बाद भी कहीं उन्हें मजदूरी से वंचित न होना पड़े। इस स्थिति का असर अब कार्य की गति पर भी दिख रहा है और कुछ मजदूर हाजिरी संबंधी समस्याओं के कारण काम पर आने से हिचक रहे हैं। जून माह के अंत तक तालाब निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है, लेकिन लगातार आ रही तकनीकी बाधाएं इस लक्ष्य को चुनौतीपूर्ण बना रही हैं। मामले से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है और समाधान का आश्वासन भी मिला है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले से ही कम मजदूरी और श्रमिकों की कमी जैसी समस्याओं से जूझ रही मनरेगा योजना में यह नई तकनीकी परेशानी गरीब मजदूरों के लिए अतिरिक्त बोझ बन गई है। कार्यस्थल पर पेयजल, छाया और प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) बॉक्स जैसी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था तो है, लेकिन यदि फेस ऑथेंटिकेशन से जुड़ी समस्याओं का जल्द व्यावहारिक समाधान नहीं हुआ, तो न केवल तालाब निर्माण प्रभावित होगा बल्कि जरूरतमंद मजदूरों की आजीविका पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में यह मांग की जा रही है कि तकनीक और व्यवस्था के बीच ऐसा संतुलन बने, जिससे मजदूरों की मेहनत का पूरा सम्मान हो और यह महत्वपूर्ण परियोजना समय पर पूरी हो सके।4
- जांजगीर-चाम्पा जिले के करही गोलीकांड मामले में पुलिस को मुख्य साजिशकर्ता को पकड़ने में बड़ी सफलता मिली है। दिनांक 23-24 अप्रैल 2026 की दरम्यानी रात ग्राम करही में 03 नकाबपोश बदमाशों ने घर में घुसकर आयुष कश्यप की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जबकि उनके छोटे भाई को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। पुलिस ने “ऑपरेशन हंट” के तहत गहन जांच की, जिसमें 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए, और संदिग्धों से लगातार पूछताछ की गई। इस दौरान TECHINT और HUMINT ने मामले के खुलासे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता गनपत बघेल, पिता स्व. रामप्रसाद बघेल, उम्र 38 वर्ष, निवासी ग्राम करही, थाना बिर्रा, जिला जांजगीर-चाम्पा को मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार कर लिया है। उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक पिस्टल मय मैगजीन भी बरामद की गई है। गनपत बघेल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना में शामिल अन्य आरोपियों को भी शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा। इस मामले में पूर्व में 1. हेमंत कुमार बघेल, 2. भूषण बघेल और 3. अमित टंडन, सभी निवासी करही, थाना बिर्रा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है। पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की साजिश के पीछे कई वजहों का खुलासा किया। मुख्य आरोपी गनपत बघेल ने बताया कि उसने हाईवा और जेसीबी मशीन लोन पर खरीदी थी और उनकी मासिक किस्तें चुकाने के लिए अवैध रेत परिवहन का काम करता था। मृतक आयुष कश्यप भी अवैध रेत परिवहन और बिक्री में शामिल था, जो कम कीमत में रेत बेचकर गनपत के ग्राहकों को अपनी ओर खींच रहा था। इससे गनपत को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा था और वाहनों की किस्तें चुकाने में परेशानी आ रही थी। गनपत के अनुसार, आयुष कश्यप रेत घाट में जबरन रेत लोडिंग करता था, विवाद और दादागिरी करता था, और उसके ग्राहकों को कम कीमत में रेत सप्लाई कर उसकी ग्राहकी खराब कर रहा था। इसके अलावा, आयुष द्वारा राजस्व विभाग की टीम बुलाकर वाहनों को पकड़वाने की धमकी से गनपत मानसिक रूप से परेशान और आक्रोशित हो गया था। आयुष की लगातार बढ़ती आर्थिक उन्नति और व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा से उत्पन्न द्वेष और आत्मग्लानि के चलते गनपत बघेल ने अपने साथी अमित टंडन, भूषण बघेल और हेमंत बघेल को साथ मिलाकर सुनियोजित तरीके से आयुष कश्यप की हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिया। वारदात की रात आरोपियों ने मृतक के घर के आसपास पहले से ही मौजूदगी बनाए रखी थी। अन्य सहयोगियों द्वारा सीसीटीवी कैमरा तोड़ने के बाद आरोपी घर में घुसे। उन्होंने पहले मृतक के पिता के कमरे को बाहर से बंद किया और फिर आयुष कश्यप के कमरे में घुसकर उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। बीच-बचाव करने आए उसके छोटे भाई को भी गोली मारी गई। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। गनपत बघेल को विधिवत दिनांक 27 मई 2026 को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है और प्रकरण में विवेचना अभी भी जारी है।1
- बिलासपुर जिले में चलाए जा रहे 'प्रहार' अभियान के तहत कोनी पुलिस ने अवैध महुआ शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान, पुलिस ने भारी मात्रा में 45 लीटर अवैध महुआ शराब जब्त की। कार्रवाई करते हुए, कोनी पुलिस ने इस मामले में विशाल वर्मा नामक एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया है।1
- कोरबा में उरगा पुलिस ने कनकी नहर पुल के पास कार्रवाई करते हुए अवैध कबाड़ पकड़ा है। यह कार्रवाई अवैध कबाड़ के खिलाफ की गई।1
- ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, प्रमुख चौक-चौराहों पर स्पीड ब्रेकर लगाने की मांग उठाई जा रही है।1
- कलेक्टर के निर्देशन में उर्वरक की कालाबाजारी के खिलाफ एक बड़ी कार्यवाही की गई है, जिसमें 82 बोरी खाद जब्त की गई।1