तहसील दादरी के कठेड़ा गांव निवासी अनिल भाटी पर लोगों के साथ धोखाधड़ी और जमीन बेचने के नाम पर ठगी करने का गंभीर आरोप लगा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि अनिल भाटी लोगों को जमीन दिखाकर पैसे वसूल लेता है और बाद में उन्हें फर्जी रजिस्ट्री पकड़ा देता है। वह पुलिस में अपनी जान-पहचान होने का दावा कर पीड़ितों को धमकी भी देता है, और उसकी एक बड़ी गैंग भी है। आरोप है कि इस धोखाधड़ी में कुछ तहसील के लोग भी शामिल हैं, जो फर्जी रजिस्ट्री बनाने में अनिल भाटी का साथ देते हैं। जब कोई व्यक्ति अपनी फर्जी रजिस्ट्री लेकर जमीन पर कब्जा लेने पहुँचता है, तो अनिल भाटी अपनी गैंग के लोगों को भेजकर उन्हें धमकावाता है और कहता है कि वह जमीन उसकी है। शिकायतकर्ता के अनुसार, अनिल भाटी बाद में फोन भी नहीं उठाता और धमकी देता है कि वह पैसे वापस नहीं करेगा, जो करना है कर लो। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह खुद भी इस फर्जीवाड़े का शिकार हुआ है। अनिल भाटी, जो संतवीर का बेटा है और कठेड़ा गांव, तहसील दादरी का निवासी है, उसे चारसौबीस बताया गया है। शिकायतकर्ता ने इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
तहसील दादरी के कठेड़ा गांव निवासी अनिल भाटी पर लोगों के साथ धोखाधड़ी और जमीन बेचने के नाम पर ठगी करने का गंभीर आरोप लगा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि अनिल भाटी लोगों को जमीन दिखाकर पैसे वसूल लेता है और बाद में उन्हें फर्जी रजिस्ट्री पकड़ा देता है। वह पुलिस में अपनी जान-पहचान होने का दावा कर पीड़ितों को धमकी भी देता है, और उसकी एक बड़ी गैंग भी है। आरोप है कि इस धोखाधड़ी में कुछ तहसील के लोग भी शामिल हैं, जो फर्जी रजिस्ट्री बनाने में अनिल भाटी का साथ देते हैं। जब कोई व्यक्ति अपनी फर्जी रजिस्ट्री लेकर जमीन पर कब्जा लेने पहुँचता है, तो अनिल भाटी अपनी गैंग के लोगों को भेजकर उन्हें धमकावाता है और कहता है कि वह जमीन उसकी है। शिकायतकर्ता के अनुसार, अनिल भाटी बाद में फोन भी नहीं उठाता और धमकी देता है कि वह पैसे वापस नहीं करेगा, जो करना है कर लो। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह खुद भी इस फर्जीवाड़े का शिकार हुआ है। अनिल भाटी, जो संतवीर का बेटा है और कठेड़ा गांव, तहसील दादरी का निवासी है, उसे चारसौबीस बताया गया है। शिकायतकर्ता ने इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
- यूजर 'alam_malik143143' ने सोशल मीडिया पर अपने चैनलों को फॉलो करने की अपील की है। इस अपील में उन्होंने अपने यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक चैनलों का उल्लेख करते हुए दर्शकों और फॉलोअर्स से इन प्लेटफॉर्म्स पर उनसे जुड़ने का आग्रह किया है।1
- भारतीय उन्नयन पार्टी ने बड़े उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ 'हिंदुस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाए। पार्टी ने लगातार 'हिंदुस्तान जिंदाबाद' का उद्घोष किया, जो उसके दृढ़ समर्थन और राष्ट्रीय गौरव को दर्शाता है।1
- दिल्ली में एक सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर युवती ने एक युवक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती के मुताबिक, उनकी मुलाकात इंस्टाग्राम पर हुई थी, जहाँ युवक ने अपना नाम बदलकर उससे दोस्ती की। युवती का आरोप है कि नाम बदलकर दोस्ती करने के बाद युवक ने उससे कई बार रेप किया। दिल्ली पुलिस इस पूरे मामले में जांच पड़ताल में जुटी हुई है।1
- दिल्ली के सेंट्रल जिले के राजेंद्र नगर थाने की टीम ने ऑनलाइन ठगी के एक मामले में कार्रवाई करते हुए दो अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को आरोपियों के खिलाफ एक शिकायत मिली थी, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई। इसी जांच के परिणामस्वरूप, दोनों अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली।1
- कतर के रास लफ्फान एलएनजी कॉम्प्लेक्स में हुए भीषण धमाके में भारतीयों सहित कुल 13 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 66 अन्य घायल बताए जा रहे हैं। इस घटना पर भारतीय दूतावास ने गहरी चिंता व्यक्त की है। कतर के अधिकारियों ने इस हादसे को बरजान लोकल गैस सप्लाई फैसिलिटी में हुआ एक 'टेक्निकल एक्सीडेंट' करार दिया है। यह सुविधा देश के सबसे बड़े एलएनजी उत्पादन और निर्यात हब, रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह हादसा उस समय हुआ जब ईरानी मिसाइल हमले से प्रभावित गैस फैसिलिटी में काम दोबारा शुरू किया जा रहा था। दरअसल, ईरान के होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण के बाद कतर ने अपना उत्पादन रोक दिया था, जिसका वैश्विक ऊर्जा बाजार पर नकारात्मक असर पड़ा था और कतर अपने ग्राहकों को एलएनजी शिपमेंट नहीं भेज पा रहा था। युद्ध को समाप्त करने के लिए बातचीत शुरू होने और ईरान की पकड़ कमजोर होने के बाद, निर्यात टर्मिनल को फिर से शुरू करने का प्रयास किया जा रहा था। सरकारी कंपनी कतरएनर्जी के अनुसार, रविवार रात को बरजान गैस सप्लाई फैसिलिटी में काम के दौरान यह धमाका हुआ और उसके बाद आग लग गई। दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने घायलों की संख्या और कुछ लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आने पर चिंता जताई है। कतर के एनर्जी मिनिस्टर साद शेरिदा अल-काबी ने सोमवार को दोहा में मृतकों की संख्या की पुष्टि करते हुए इसे एक औद्योगिक हादसा बताया। कतर दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक गैस उत्पादक देशों में से एक है, और रास लफ्फान जैसे बड़े एलएनजी हब में हुई इस घटना ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।2
- भारतीय किसान यूनियन चदूनी ने केंद्र सरकार को एक बड़ी और स्पष्ट चेतावनी जारी की है। यूनियन ने साफ तौर पर कहा है कि यदि कोई ट्रेड डील आता है, तो उसके विरोध में एक बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।1
- महाराष्ट्र में जारी सियासी खींचतान के बीच उद्धव ठाकरे गुट को बड़ा झटका लगा है, जहां शिवसेना (UBT) के 6 बागी सांसद अब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए हैं। शिंदे खेमे में शामिल होने वाले इन सांसदों में संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख, संजय जाधव, भाऊसाहेब वाकचौरे, पाटिल-अष्टिकर और ओमप्रकाश राजेनिंबालकर प्रमुख हैं। इन सांसदों ने बीते 17 जून को दिल्ली में आयोजित शिवसेना (UBT) पार्लियामेंट्री पार्टी की बैठक में हिस्सा नहीं लिया था, जिसके बाद से ही उनके पाला बदलने की अटकलें तेज हो गई थीं। इस दल-बदल को लेकर, बागी शिवसेना (UBT) सांसद ओमप्रकाश राजेनिंबालकर ने अपने फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि यदि लोग पावर की तरफ खिंच रहे हैं, तो वह सिर्फ ट्रेंड को फॉलो कर रहे हैं। उन्होंने विपक्षी सांसदों को डेवलपमेंट फंड न मिलने की बात भी कही। वहीं, विधायक मुरजी पटेल ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि शिवसेना UBT अपने MPs को संभाल नहीं पाई। इन सांसदों के अपनी पार्टी में शामिल होने का ऐलान खुद एकनाथ शिंदे ने किया। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि "अब मेरे पास तीन संजय हैं" और इसे "बगावत का दूसरा चरण" बताया। शिंदे ने 2022 के विद्रोह को याद करते हुए कहा कि तब 40 विधायकों ने उनका साथ दिया था, जबकि इस बार उन्होंने "सिक्सर मारा है" क्योंकि उनके साथ "असली शिवसेना" में 6 टाइगर मौजूद हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी बालासाहेब ठाकरे की आइडियोलॉजी को बचाने के लिए हमेशा संघर्ष करती रही है और हिंदुत्व उनकी प्राथमिकता है। शिंदे ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने विचारधारा छोड़ दी और वोटरों को धोखा दिया। उन्होंने आश्वस्त किया कि शामिल हुए सभी सांसदों की मांगों और उनके चुनाव क्षेत्रों में विकास कार्यों को पूरा करने की पूरी कोशिश की जाएगी, क्योंकि उनकी पार्टी में कोई मास्टर नहीं है, बल्कि सभी मातहत हैं।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक लाइब्रेरी में भीषण आग लग गई। आग लगने के कारण कई छात्र-छात्राओं को अपनी जान बचाने के लिए ऊपर से ही कूदना पड़ा। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में करीब 14 लोगों के मारे जाने की खबर है, जबकि घटनास्थल पर बचाव और राहत कार्य अभी भी जारी है।1