बढी मंहगाई ने त्योहार को कर रही फीका राष्ट्रीय रोड भीअंधेरे की चपेट में रिपोर्ट,,,,, अरुण कुमार शेंडे बढी मंहगाई ने त्योहार को कर रही फीका राष्ट्रीय रोड भीअंधेरे की चपेट में रायसेन ऐतिहासिक नगरी सांची इन दिनों लगातार बढती मंहगाई ने तमाम त्योहारों की मिठास को फीका बना दिया है त्यौहार के समय में भी फीकापन दिखाई दे रहा है इसके साथ ही त्योहार के समय भी नगर की राष्ट्रीय रोड अंधेरे की चपेट में जकडी हुई है प्रशासन भी लाचार बना दिखाई पड रहा है लगातार बढती मंहगाई ने आने वाले तमाम त्योहार फीके बना डालें इस लगातार बढती मंहगाई मे लोग कैसे त्योहार मना सकेंगे हालांकि इनमे मुख्य त्योहार रक्षाबंधन जो वार्षिक भाई बहन का पावन अवसर होता है इस पावन त्योहार को भी इस मंहगाई ने फीका बना डाला ।बढती मंहगाई का असर आम आदमी पर भी पडता दिखाई पडने लगा है जिससे उसे रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों की मंहगाई से पीछे ढकेल दिया है सब्जी के दाम आसमान छू चुके है तो दालतेल मसाले मिठाई जैसे खाद्य पदार्थों की मंहगाई ने आसमान छू लिया है इतना ही नहीं इस मंहगाई का सीधा असर गरीब तबके एवं मध्यम वर्गीय परिवार पर पडता दिखाई दे रहा है वहीं अब किराए की बढोत्तरी ने आना जाना भी मंहगा कर दिया है डीजल पेट्रोल तो बढ ही गया है इसके साथ ही किसानों को भी इस मंहगाई की मार ने अपनी चपेट में ले लिया है तब चारों ओर मंहगाई के बोझ तले आम जनता पिसने को मजबूर हो चुकी हैं किसी भी वस्तुओं के कोई निश्चित दाम नहीं दिखाई दे रहे है इसके साथ ही इस मंहगाई की मार से बीमारी से जूझने वाले लोग भी दवाओं की बढती मंहगाई से अछूते नहीं रहे है तब आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि आम आदमी कैसे त्योहारों का जश्न मना पायेगा इसके साथ ही नगर में आने वाले त्यौहार से नगर की मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग भी अंधेरे की जकड़ मैं जकडा हुआ रहता है जबजब कोई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते है तब तब स्ट्रीट लाइट रोशन हो पडती हैं कार्यक्रम समापन के साथ ही नगर अंधेरे की जकड मैं समा जाता है कहने को तो इस नगर की सुंदरता में चार चांद लगाने की बडी बडी बातें देखने सुनने को मिल जाती हैं परन्तु जमीनी हकीकत ठीक इसके विपरीत बनी रहती हैं इस नगर की व्यवस्था को देखने की फुरसत न तो प्रशासन न ही शासन को आ पाती हैं जिसका खामियाजा यहां रहवासियों को भुगतना पड़ता है हालांकि इन दिनों लगातार बारिश ने भी व्यवस्थाओं को चौपट कर दिया है तब सवाल खड़े हो चले हैं कि इस स्थल के कायाकल्प करने वाले इन व्यवस्था से अनजान बने रहते है तब इस ऐतिहासिक स्थल की तमाम व्यवस्था मात्र कागजी बनकर रह गई हैं
बढी मंहगाई ने त्योहार को कर रही फीका राष्ट्रीय रोड भीअंधेरे की चपेट में रिपोर्ट,,,,, अरुण कुमार शेंडे बढी मंहगाई ने त्योहार को कर रही फीका राष्ट्रीय रोड भीअंधेरे की चपेट में रायसेन ऐतिहासिक नगरी सांची इन दिनों लगातार बढती मंहगाई ने तमाम त्योहारों की मिठास को फीका बना दिया है त्यौहार के समय में भी फीकापन दिखाई दे रहा है इसके साथ ही त्योहार के समय भी नगर की राष्ट्रीय रोड अंधेरे की चपेट में जकडी हुई है प्रशासन भी लाचार बना दिखाई पड रहा है लगातार बढती मंहगाई ने आने वाले तमाम त्योहार फीके बना डालें इस लगातार बढती मंहगाई मे लोग कैसे त्योहार मना सकेंगे हालांकि इनमे मुख्य त्योहार रक्षाबंधन जो वार्षिक भाई बहन का पावन अवसर होता है इस पावन त्योहार को भी इस मंहगाई ने फीका बना डाला ।बढती मंहगाई का असर आम आदमी पर भी पडता दिखाई पडने लगा है जिससे उसे रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों की मंहगाई से पीछे ढकेल दिया है सब्जी के दाम आसमान छू चुके है तो दालतेल मसाले मिठाई जैसे खाद्य पदार्थों की मंहगाई ने आसमान छू लिया है इतना ही नहीं इस मंहगाई का सीधा असर गरीब तबके एवं मध्यम वर्गीय परिवार पर पडता दिखाई दे रहा है वहीं अब किराए की बढोत्तरी ने आना जाना भी मंहगा कर दिया है डीजल पेट्रोल तो बढ ही गया है इसके साथ ही किसानों को भी इस मंहगाई की मार ने अपनी चपेट में ले लिया है तब चारों ओर मंहगाई के बोझ तले आम जनता पिसने को मजबूर हो चुकी हैं किसी भी वस्तुओं के कोई निश्चित दाम नहीं दिखाई दे रहे है इसके साथ ही इस मंहगाई की मार से बीमारी से जूझने वाले लोग भी दवाओं की बढती मंहगाई से अछूते नहीं रहे है तब आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि आम आदमी कैसे त्योहारों का जश्न मना पायेगा इसके साथ ही नगर में आने वाले त्यौहार से नगर की मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग भी अंधेरे की जकड़ मैं जकडा हुआ रहता है जबजब कोई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते है तब तब स्ट्रीट लाइट रोशन हो पडती हैं कार्यक्रम समापन के साथ ही नगर अंधेरे की जकड मैं समा जाता है कहने को तो इस नगर की सुंदरता में चार चांद लगाने की बडी बडी बातें देखने सुनने को मिल जाती हैं परन्तु जमीनी हकीकत ठीक इसके विपरीत बनी रहती हैं इस नगर की व्यवस्था को देखने की फुरसत न तो प्रशासन न ही शासन को आ पाती हैं जिसका खामियाजा यहां रहवासियों को भुगतना पड़ता है हालांकि इन दिनों लगातार बारिश ने भी व्यवस्थाओं को चौपट कर दिया है तब सवाल खड़े हो चले हैं कि इस स्थल के कायाकल्प करने वाले इन व्यवस्था से अनजान बने रहते है तब इस ऐतिहासिक स्थल की तमाम व्यवस्था मात्र कागजी बनकर रह गई हैं
- नेपाल के रसुवा में भोटेकोशी नदी का तांडव: भीषण बाढ़ में सड़कें और पुल बहे, भारी तबाही की आशंका नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई अचानक और भीषण बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है। पहाड़ी ढलानों से तेज रफ्तार में उतरे मटमैले पानी के सैलाब ने कई निचले रिहाइशी इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया है। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, बाढ़ का मंजर इतना भयावह था कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। तबाही का प्रमुख ब्योरा बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान: सैलाब के तेज बहाव में कई पक्के मकान, संपर्क सड़कें और स्थानीय नदियों पर बने पुल ताश के पत्तों की तरह बह गए। यातायात और संपर्क पूरी तरह ठप्प: मुख्य मार्गों के बह जाने से रसुवा जिले के कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय और राजधानी काठमांडू से पूरी तरह कट गया है। व्यापक जन-जीवन प्रभावित: बाढ़ प्रभावित इलाकों से सैकड़ों परिवारों को सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना पड़ा है, जबकि कई लोग अब भी ऊंचे इलाकों में फंसे हुए हैं। राहत और बचाव कार्य में चुनौतियाँ नेपाल सेना, सशस्त्रा प्रहरी बल और स्थानीय प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुट गई हैं। हालांकि, लगातार खराब मौसम और टूट चुके संपर्क मार्गों के कारण दूरदराज के इलाकों तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासनिक बयान: "जलस्तर बेहद तेज गति से बढ़ा, जिससे नुकसान का दायरा काफी बड़ा है। हमारी पहली प्राथमिकता फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और अस्थाई राहत पहुंचाना है। वास्तविक आर्थिक और भौतिक नुकसान का सटीक आकलन जलस्तर कम होने के बाद ही संभव हो पाएगा।" अस्थाई स्थिति और आगे का जोखिम भोटेकोशी नदी का बेसिन भौगोलिक रूप से बेहद संवेदनशील और तीव्र ढलान वाला माना जाता है। भूस्खलन या ऊपरी इलाकों में बादल फटने जैसी स्थितियों में यह नदी बेहद आक्रामक रूप ले लेती है। मौसम विभाग ने तटीय और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर बने रहने की सख्त चेतावनी जारी की है।1
- रायसेन में 10 दिवसीय संस्कृत संभाषण शिविर का समापन, संस्कृत सप्ताह का शुभारंभ देखिए खबर सिर्फ DD NEWS MP दूरदर्शन मध्य प्रदेश पर रायसेन जिला संवाददाता विनीत माहेश्वरी 9981 3223431
- महिला कांग्रेस विदिशा की जिलाध्यक्ष नीतू सिंह राजपूत के नेतृत्व में “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम आयोजित किया गया। विदिशा। श्री राहुल गांधी जी के नेतृत्व में तथा मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती अलका लांबा जी एवं प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रीना बौरासी सेतिया जी के निर्देशानुसार, महिला कांग्रेस विदिशा की जिलाध्यक्ष श्रीमती नीतू सिंह राजपूत के नेतृत्व में “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम आयोजित किया गया।1
- भोपाल मै निकला ईद मिलादुन्नबी का परंपरागत जुलूस राजधानी भोपाल में ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर परंपरागत जुलूस बड़े ही अकीदत और उत्साह के साथ निकाला गया। अशोका गार्डन से शुरू हुआ यह जुलूस प्रभात चौराहा, सुभाष नगर, बोगदापुल, जिंसी और जहांगीराबाद होते हुए लिली टॉकीज पहुंचा, जहां जुलूस का समापन हुआ। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। पूरे रास्ते नात-ए-पाक और सलाम की सदाएं गूंजती रहीं और लोगों ने ईद मिलादुन्नबी की खुशी का इज़हार किया। इस दौरान जुलूस में शामिल लोगों ने अमन, शांति, भाईचारे और मोहब्बत का पैगाम दिया। भोपाल की गंगा-जमुनी तहज़ीब की खूबसूरत तस्वीर भी इस जुलूस में देखने को मिली। अशोका गार्डन से लिली टॉकीज तक निकला यह जुलूस अपनी रिवायत और अकीदत के साथ एक बार फिर शहर में आपसी मोहब्बत और भाईचारे का संदेश देता नजर आया।3
- ज़ेन अल्फ़ा के नन्हे रिपोर्टर मध्य प्रदेश के दमोह जिले के हटा क्षेत्र के बोरीकलां गांव से सामने आया बच्चों का एक ऐसा वीडियो, जो गांव की हकीकत बयां कर रहा है। स्कूल जाते वक्त सड़क पर कीचड़ और गंदगी के बीच से गुजरते ये बच्चे अपनी समस्याएं खुद कैमरे पर बता रहे हैं। सामने कैमरा… अंदाज़ बिल्कुल रिपोर्टर वाला, लेकिन मुद्दा बेहद गंभीर है। इन नन्हे रिपोर्टरों की आवाज़ सिर्फ बच्चों की आवाज़ नहीं, बल्कि उस व्यवस्था से सवाल है, जो उन्हें आज भी कीचड़ भरे रास्ते से स्कूल जाने को मजबूर कर रही है।1
- न्यूज़ कोलार की धड़कन 7 सितंबर से निगम कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं न्यूज कोलार की धड़कन भोपाल नगर निगम कमिश्नर महापौर नगर निगम अध्यक्ष के सामने अब बड़ी चुनौती निगम कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे है भोपाल में 7 सितंबर से शहर की नगर निगम की व्यवस्था हो जाएगी चौपट. निगम कर्मी करेंगे अनिश्चितकालीन काम बंद हड़ताल. आगामी 7 सितंबर से नगर निगम के सफाई मित्र/ वाहन चालक/ वार्ड कार्यालय, जोन कार्यालय आदि के सभी कर्मचारी हड़ताल पर जा रहे है। नगर निगम में लंबे समय से लंबित नियमीतिकरण,पेंशन, पदोन्नति आदि की मांग को लेकर (अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा) के बैनर तले सभी कर्मचारी काम बंद हड़ताल करने जा रहे हैं. विगत दो दिनों से पदाधिकारीयों द्वारा रणनीति बनाई जा रही है मंगलवार को आरिफ नगर में बड़ी संख्या में कर्मचारीगण जुटे थे और आज शाहजहानी पार्क के पीछे नगर निगम के वेस्ट डिपो में कर्मचारी इकट्ठे हुए जहां पर काम बंद हड़ताल की रणनीति बनाई गई है.इस बार मामला आर पार का है.शहर को स्वच्छ रखने वाले कर्मचारियों की तनखा बहुत कम है. रुपये ₹10000 महीने में कर्मचारियों का गुजारा नहीं हो पा रहा है.कर्मचारियों के बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं. कर्मचारी नेता इरफान अल्ताफ ने बताया कि 7 तारीख से शहर में सफाई, पानी, सहित कई सेवाएं बाधित होगी.कोई भी निगम का वाहन सड़कों पर नहीं दौड़ेगा यहां तक की वार्ड एवं ज़ोन कार्यालय भी बंद होंगे.सभी कंप्यूटर ऑपरेटर्स कार्य बंद करेंगे.कर्मचारीयो को नगर निगम में काम करते हुए जवान से बुढ़ापा आ गया लेकिन रेगुलर नहीं हो पाए हैं.इस बार महापौर, कमिश्नर, निगम अध्यक्ष के सामने बड़ी चुनौती खड़ी होने जा रही है.आज कर्मचारियों को संबोधित किया इरफान अल्ताफ, श्यामलाल मैना, चैन सिंह चौहान, एवं मोहम्मद मुशीर आदि ने अन्य बड़े कर्मचारी संगठनों के बड़े पदाधिकारीयों का मार्गदर्शन भी इन सबको मिल रहा है. अब सवाल यह है कि नगर निगम कमिश्नर महापौर अध्यक्ष के सामने बहुत बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है सभी कर्मचारी एकजुट होकर 7 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं4
- भगवान विष्णु के अवतार सर्वव्यापी सर्वात्मा सर्वशक्तिमान अनंत कोटि ब्रह्मांड नायक मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र जी की भक्ति पूर्ण पावन स्तुति। जय श्री सीताराम।।1
- जर्दे का गुटखा नहीं देने पर किसान पर जानलेवा हमला, गंभीर हालत में भोपाल रेफर रायसेन जिले के बेगमगंज थाना क्षेत्र के ग्राम कस्बा चौका में जर्दे का गुटखा नहीं देने की बात को लेकर एक किसान पर हसिए से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। हमले में किसान गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार किसान शारिक मंसूरी खेत से चारा काटने के बाद नमाज पढ़ने के लिए गांव लौट रहा था। इसी दौरान गांव के ही सुनील महाराज ने उससे जर्दे का गुटखा मांगा। किसान ने गुटखा नहीं खाने और अपने पास नहीं होने की बात कही। बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर सुनील महाराज ने किसान के हाथ से हसिया छीन लिया और उसके सिर व हाथ पर वार कर दिए। हमले में किसान गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन घायल4 किसान को तत्काल बेगमगंज के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए भोपाल रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।4