महेन्द्रगढ़ के कृषि विज्ञान केंद्र में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें किसानों को योजना का सीधा प्रसारण दिखाया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महेन्द्रगढ़ के विधायक कंवर सिंह यादव रहे, जबकि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप कृषि निदेशक डॉ. देवेन्द्र सिंह विशिष्ठ अतिथि के तौर पर उपस्थित थे। इस अवसर पर क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और प्रधानमंत्री के संबोधन को सुना, जिसके दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त किसानों के खातों में जारी की गई। विधायक कंवर सिंह यादव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा किसानों के कल्याण और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए किए जा रहे निरंतर कार्यों की सराहना की और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण योजना बताया, जिसके माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में आर्थिक सहायता पहुंचाई जा रही है। विधायक ने किसानों से आग्रह किया कि वे कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों की सलाह लेकर आधुनिक खेती को अपनाएं और सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ उठाएं। कृषि विज्ञान केंद्र के संयोजक डॉ. सत्यजीत ने उपस्थित किसानों और महिलाओं को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी, जो भारत सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र के चहुंमुखी विकास और किसानों की आय बढ़ाने के लिए चलाई जा रही है। उन्होंने बताया कि इस योजना की पहली किस्त 24 फरवरी 2019 को जारी की गई थी और इसके तहत पात्र किसान परिवारों को प्रति वर्ष 6000 रुपये की सहायता चार-चार माह की तीन किश्तों में सीधे उपलब्ध कराई जाती है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग से उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ. अजय यादव ने किसानों द्वारा अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना का लाभ केवल उन्हीं पात्र किसानों को मिलेगा जिनके पास राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के भू-अभिलेखों में सम्मिलित रूप से दो हेक्टेयर तक कृषि योग्य भूमि का स्वामित्व है। इस दौरान, कृषि विज्ञान केंद्र के जिला विस्तार विशेषज्ञ डॉ. राजपाल यादव ने किसानों को प्राकृतिक खेती और उर्वरकों के संतुलित उपयोग के महत्व के बारे में बताया तथा डीएपी की जगह एनपीके के प्रयोग के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष पवन खैरवाल, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग से डॉ. संजय यादव, डॉ. संदीप सांगवान, डॉ. पूनम यादव, डॉ. कविन्द्र, डॉ. स्नेह, डॉ. आशीष शिवरान, डॉ. नरेन्द्र, डॉ. अशोक ढिल्लों सहित कई अन्य लोगों ने भी भाग लिया।
महेन्द्रगढ़ के कृषि विज्ञान केंद्र में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें किसानों को योजना का सीधा प्रसारण दिखाया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महेन्द्रगढ़ के विधायक कंवर सिंह यादव रहे, जबकि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप कृषि निदेशक डॉ. देवेन्द्र सिंह विशिष्ठ अतिथि के तौर पर उपस्थित थे। इस अवसर पर क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और प्रधानमंत्री के संबोधन को सुना, जिसके दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त किसानों के खातों में जारी की गई। विधायक कंवर सिंह यादव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार
और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा किसानों के कल्याण और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए किए जा रहे निरंतर कार्यों की सराहना की और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण योजना बताया, जिसके माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में आर्थिक सहायता पहुंचाई जा रही है। विधायक ने किसानों से आग्रह किया कि वे कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों की सलाह लेकर आधुनिक खेती को अपनाएं और सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ उठाएं। कृषि विज्ञान केंद्र के संयोजक डॉ. सत्यजीत
ने उपस्थित किसानों और महिलाओं को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी, जो भारत सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र के चहुंमुखी विकास और किसानों की आय बढ़ाने के लिए चलाई जा रही है। उन्होंने बताया कि इस योजना की पहली किस्त 24 फरवरी 2019 को जारी की गई थी और इसके तहत पात्र किसान परिवारों को प्रति वर्ष 6000 रुपये की सहायता चार-चार माह की तीन किश्तों में सीधे उपलब्ध कराई जाती है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग से उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ. अजय यादव ने किसानों द्वारा अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना का
लाभ केवल उन्हीं पात्र किसानों को मिलेगा जिनके पास राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के भू-अभिलेखों में सम्मिलित रूप से दो हेक्टेयर तक कृषि योग्य भूमि का स्वामित्व है। इस दौरान, कृषि विज्ञान केंद्र के जिला विस्तार विशेषज्ञ डॉ. राजपाल यादव ने किसानों को प्राकृतिक खेती और उर्वरकों के संतुलित उपयोग के महत्व के बारे में बताया तथा डीएपी की जगह एनपीके के प्रयोग के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष पवन खैरवाल, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग से डॉ. संजय यादव, डॉ. संदीप सांगवान, डॉ. पूनम यादव, डॉ. कविन्द्र, डॉ. स्नेह, डॉ. आशीष शिवरान, डॉ. नरेन्द्र, डॉ. अशोक ढिल्लों सहित कई अन्य लोगों ने भी भाग लिया।
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- बिहार में शराब से लदा एक HP का ट्रक लोगों के हाथ लग गया। इस ट्रक पर ऐसी लूट मची कि उसे पूरी तरह खाली कर दिया गया।1
- महेंद्रगढ़ के नांगल चौधरी स्थित सैद अलीपुर में आर्य समाज द्वारा आयोजित शिविर का सातवां दिन रहा, जिसकी कुछ झलकियाँ सामने आई हैं। इस शिविर का समापन 21 तारीख को निर्धारित है, और इसके लिए लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुँचने का आग्रह किया गया है।4
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- भिवानी में आयोजित होने वाली नीट परीक्षा के मद्देनजर पुलिस ने शहर भर में एक सघन सर्चिंग अभियान चलाया। यह कार्रवाई नीट परीक्षा के आयोजन के संबंध में की गई।1
- हरियाणा में राव तुलाराम मेडिकल कॉलेज घसोला का मामला गरमा गया है, जहाँ कॉलेज के नाम को लेकर मुख्य विवाद छिड़ा हुआ है। गांव घसोला के ग्रामीण मेडिकल कॉलेज का नाम बदलवाने की मांग पर अड़े हैं और इस संबंध में एक पंचायत भी आयोजित कर चुके हैं। अपनी मांग को लेकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया और जिला उपायुक्त को एक ज्ञापन भी सौंपा है। इसी बीच, कई अन्य गांवों ने मेडिकल कॉलेज को अपने क्षेत्र में स्थापित करने की इच्छा जताई है। गांव सावड़ और अचीना की पंचायतों ने प्रस्ताव पारित कर सरकार से अनुरोध किया है कि मेडिकल कॉलेज उनके गांव में बनाया जाए। गांव कपूरी रामनगर की पंचायत ने भी सरकार को एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें उन्होंने मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन देने की तत्परता व्यक्त की है। कपूरी रामनगर पंचायत ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि मेडिकल कॉलेज उनके गांव में राव तुलाराम के नाम से बनता है, तो उन्हें इस पर कोई आपत्ति नहीं होगी।1
- हरियाणा के भिवानी जिले में करोड़ों रुपये की एक जमीन को लेकर गहरा विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिससे पूरे भिवानी का माहौल गरमा गया है। इस संवेदनशील प्रकरण में पुलिस की भूमिका भी जनता और अन्य पक्षों के बीच चर्चा का एक अहम विषय बनी हुई है।1
- हरियाणवी कलाकार जोगेंद्र कुंडु ने नारनौल महेंद्रगढ़ क्षेत्र के निवासियों से 21 जून को आयोजित विशाल रक्तदान शिविर में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया है। उन्होंने रक्तदान को सबसे बड़ा मानव धर्म बताते हुए कहा कि यह एक छोटा सा प्रयास किसी ज़रूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है। यह शिविर प्रगतिशील शिक्षक ट्रस्ट पंजी नारनौल, युवा साथी ग्रुप हरियाणा और उड़ान जनसेवा ट्रस्ट ढाणी बाठोठा द्वारा स्वर्गीय श्री मनोज शर्मा की स्मृति में मानवता की सेवा के एक सराहनीय प्रयास के तहत आयोजित किया जा रहा है। जोगेंद्र कुंडु ने विशेष रूप से युवाओं से आगे आकर रक्तदान करने और समाज में एक सकारात्मक संदेश देने की अपील की। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि रक्त का कोई विकल्प नहीं है और दुर्घटनाओं, ऑपरेशनों तथा गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीज़ों के लिए रक्तदान ही जीवन की एकमात्र उम्मीद बनता है। इसी कारण उन्होंने प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान करने का आग्रह किया। उन्होंने सभी क्षेत्रवासियों से 21 जून को रक्तदान शिविर में पहुँचकर रक्तदान करने और इस जनहितकारी अभियान को सफल बनाने की अपील की। कुंडु ने कहा कि सभी को मानवता की सेवा के इस महायज्ञ में अपनी सहभागिता निभानी चाहिए और किसी के जीवन में खुशियां लौटाने का माध्यम बनना चाहिए।1