पेशेवार आचरण और शिस्टाचार के मानक विषय पर जागरूकता कार्यक्रम कहलगांव अनुमंडल विधिक सेवा समिति, व्यवहार न्यायालय के तत्वावधान में अधिवक्ताओं के पेशेवर आचरण और शिष्टाचार के मानक विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रभारी न्यायाधीश सह अध्यक्ष अखिलेश कुमार ने अधिवक्ता अधिनियम, 1961 की धारा 49(1)(c) के तहत बार काउंसिल ऑफ इंडिया की शक्तियों के बारे में चर्चा की, जो अधिवक्ताओं के पेशेवर आचरण और शिष्टाचार के मानकों को निर्धारित करने के लिए अधिकृत है। उन्होंने कहा कि ये नियम वकीलों के लिए नैतिकता, ईमानदारी और पेशे की गरिमा बनाए रखने के लिए अनिवार्य दिशा-निर्देश हैं। प्रभारी न्यायाधीश सह अध्यक्ष ने आगे बताया कि अधिवक्ताओं को न्यायालय के प्रति कर्तव्य, गरिमा और सम्मान बनाए रखना चाहिए, साथ ही न्यायाधीश और आम जनमानस के प्रति सम्मानजनक दृष्टिकोण रखना चाहिए।अधिवक्ताओं को बीसीआई नियमों के तहत निर्धारित पोशाक में ही अदालत में पेश होना चाहिए। उन्हें मुवक्किल के प्रति निष्पक्ष और सम्मानजनक साधनों से हितों की रक्षा करनी चाहिए और विरोधी पक्ष के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना चाहिए।अवर न्यायाधीश तृतीय तस्लीम कौशर ने कहा कि अधिवक्ता अधिनियम 1961 के अनुसार अधिवक्ता कोर्ट का पदाधिकारी होता है और उसे पेशेवर कदाचार का पालन करना चाहिए।उन्होंने कहा कि यदि कोई वकील इन मानकों का उल्लंघन करता है, तो राज्य बार काउंसिल की अनुशासनात्मक समिति द्वारा उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें सस्पेंशन या वकालत के अधिकार को रद्द करना शामिल हो सकता है।समिति के सचिव मुंसिफ विकास गौरव ने बताया कि महानिबंधक, उच्च न्यायालय पटना के पत्र के आलोक में यह जागरूकता शिविर आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर बार के अध्यक्ष विवेक खेतान, महासचिव कृष्ण देव सिंह, पूर्व महासचिव प्रेमशंकर सिंह और अन्य अधिवक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित थे।ज्ञात हो की अनुमंडल विधिक सेवा समिति के द्वारा लोगों में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से नालसा कार्य योजना के आलोक में अक्सर लोगों के संवैधानिक मूल्यों से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
पेशेवार आचरण और शिस्टाचार के मानक विषय पर जागरूकता कार्यक्रम कहलगांव अनुमंडल विधिक सेवा समिति, व्यवहार न्यायालय के तत्वावधान में अधिवक्ताओं के पेशेवर आचरण और शिष्टाचार के मानक विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रभारी न्यायाधीश सह अध्यक्ष अखिलेश कुमार ने अधिवक्ता अधिनियम, 1961 की धारा 49(1)(c) के तहत बार काउंसिल ऑफ इंडिया की शक्तियों के बारे में चर्चा की, जो अधिवक्ताओं के पेशेवर आचरण और शिष्टाचार के मानकों को निर्धारित करने के लिए अधिकृत है। उन्होंने कहा कि ये नियम वकीलों के लिए नैतिकता, ईमानदारी और पेशे की गरिमा बनाए रखने के लिए अनिवार्य दिशा-निर्देश हैं। प्रभारी न्यायाधीश सह अध्यक्ष ने आगे बताया कि अधिवक्ताओं को न्यायालय के प्रति कर्तव्य, गरिमा और सम्मान बनाए रखना चाहिए, साथ ही न्यायाधीश और आम जनमानस के प्रति सम्मानजनक दृष्टिकोण रखना चाहिए।अधिवक्ताओं को बीसीआई नियमों के तहत निर्धारित पोशाक में ही अदालत में पेश होना चाहिए। उन्हें मुवक्किल के प्रति निष्पक्ष और सम्मानजनक साधनों से हितों की रक्षा करनी चाहिए और विरोधी पक्ष के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना चाहिए।अवर न्यायाधीश तृतीय तस्लीम कौशर ने कहा कि अधिवक्ता अधिनियम 1961 के अनुसार अधिवक्ता कोर्ट का पदाधिकारी होता है और उसे पेशेवर कदाचार का पालन करना चाहिए।उन्होंने कहा कि यदि कोई वकील इन मानकों का उल्लंघन करता है, तो राज्य बार काउंसिल की अनुशासनात्मक समिति द्वारा उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें सस्पेंशन या वकालत के अधिकार को रद्द करना शामिल हो सकता है।समिति के सचिव मुंसिफ विकास गौरव ने बताया कि महानिबंधक, उच्च न्यायालय पटना के पत्र के आलोक में यह जागरूकता शिविर आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर बार के अध्यक्ष विवेक खेतान, महासचिव कृष्ण देव सिंह, पूर्व महासचिव प्रेमशंकर सिंह और अन्य अधिवक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित थे।ज्ञात हो की अनुमंडल विधिक सेवा समिति के द्वारा लोगों में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से नालसा कार्य योजना के आलोक में अक्सर लोगों के संवैधानिक मूल्यों से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
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- जग के पालनहार है श्री हरि भगवान🙏🌼1
- 11 हजार वोल्ट की चपेट में आया बिजली मिस्त्री, दोनों पैर झुलसे — बिना सेफ्टी उपकरण के कर रहा था मरम्मत कटिहार के सहायक थाना क्षेत्र स्थित पीएनटी चौक के समीप पावर हाउस ग्रिड में बुधवार देर रात बिजली मरम्मत के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। 11 हजार वोल्ट के करंट की चपेट में आने से एक बिजली मिस्त्री गंभीर रूप से झुलस गया। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घायल मिस्त्री की पहचान मनसाही थाना क्षेत्र के कजरा बसंतपुर निवासी मोहम्मद हाशिम के रूप में हुई है। बताया जाता है कि वह सरकारी बिजली मिस्त्री है और करीब चार साल पहले ही नौकरी में आया था। बुधवार रात करीब 12 बजे क्षेत्र में बिजली खराब हो गई थी। जिसके बाद शटडाउन लेने के बाद हाशिम मरम्मत कार्य के लिए 11 हजार वोल्ट के पोल पर चढ़ा। इसी दौरान जैसे ही उसने तार को छुआ। वह तेज करंट की चपेट में आ गया और नीचे गिर पड़ा। करंट लगने से उसके शरीर का कमर से नीचे का हिस्सा बुरी तरह झुलस गया। खासकर दोनों पैर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद सहकर्मियों ने उसे आनन-फानन में इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद स्थिति गंभीर देखते हुए सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। सदर अस्पताल में भी डॉक्टरों ने हालत नाजुक पाते हुए गुरुवार को बेहतर इलाज के लिए उसे पटना रेफर कर दिया। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि हादसे के वक्त मिस्त्री ने कोई भी सुरक्षा उपकरण नहीं पहन रखा था। आमतौर पर बिजली मरम्मत के दौरान ग्लव्स, हेलमेट और रबर के जूते जैसे सेफ्टी उपकरण अनिवार्य होते हैं। लेकिन इनके अभाव में यह हादसा और भी गंभीर हो गया। घायल हाशिम ने बताया कि ड्यूटी के दौरान जरूरी सुरक्षा संसाधनों की कमी रहती है। जिससे जान जोखिम में डालकर काम करना पड़ता है। इधर परिजनों ने बिजली विभाग से समुचित इलाज और मुआवजे की मांग की है। इस घटना ने एक बार फिर बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।3
- Post by Abhishek ranjan C E O1
- भागलपुर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां चर्चित प्रमिला देवी हत्याकांड में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि प्रमिला देवी, जो कि चिंतामन साह की पत्नी थीं, की कुछ दिन पहले निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस मामले में नामजद आरोपी रंजन साह, पिता प्रेमानंद साह, घटना के बाद से ही फरार चल रहा था। लगातार कई महीनों तक फरार रहने के बाद अब भागलपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। सनोखर थाना क्षेत्र के नाकी गांव स्थित आरोपी के घर पर कोर्ट के आदेश के अनुसार कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की गई। सनोखर थाना अध्यक्ष पंकज किशोर ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था, जिसके चलते न्यायालय के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है और लोगों में न्याय की उम्मीद जगी है।1
- छगराहा में 23 वर्षीय महिला का फांसी के फंदे से लटकता हुआ मिला शव बलबड्डा थाना क्षेत्र के छगराहा में सोमवार को 23 वर्षीय महिला का फांसी के फंदे से लटकता हुआ शव मिला। वहीं इस घटना की सूचना मिलने पर मेहरमा थाना प्रभारी सौरभ कुमार ठाकुर व बलबड्डा थाना के पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचे एवं परिजनों तथा मृतिका के मायके पक्ष से घटना की जानकारी ली।वहीं मायके पक्ष में मृतिका की मां मृतिका की मां यशोदा देवी ने ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया है।मृतिका की मां ने कहा कि तीन लाख रुपए दिया गया था।जहां मृतिका के पति रंजीत दास के द्वारा पचास हजार रुपए और गहने भी मांगा गया था।पचास हजार रुपए तथा गहने जेवर नहीं देने के कारण मेरी बेटी गुड़िया कुमारी का ससुराल पक्ष के द्वारा हया कर दिया गया तथा ससुराल पक्ष के द्वारा हमेशा मेरी बेटी को घरों के विवाद में प्रताड़ित किया जाता था।वहीं मृतिका के पति रंजीत दास ने कहा कि सुबह पत्नी गुड़िया कुमारी के साथ मामूली विवाद हुआ था और हम काम करने के लिए बलबड्डा गए थे,वहां से वापस आने पर पत्नी का शव फांसी के फंदे से लटकता हुआ पाया।पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गोड्डा भेज दिया।हालांकि इस घटना की जांच में स्थानीय पुलिस जुट गई है।इधर मायके पक्ष का रो-रोकर बुरा हाल है।मृतिका का नाम गुड़िया कुमारी,उम्र 23 वर्ष,पति-रंजीत दास,ग्राम-छगराहा,थाना -बलबड्डा,जिला-गोड्डा है।1
- Post by Atish Deepankar1
- Post by Abhishek ranjan C E O1