नर्मदापुरम जिले के बनखेड़ी स्थित वार्ड क्रमांक 04 में नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। पिछले चार वर्षों से इस वार्ड की स्थिति बदहाल बनी हुई है, जहाँ स्कूली बच्चे गंदगी और कीचड़ से होकर गुजरने को मजबूर हैं। बुजुर्गों और महिलाओं को भी दैनिक रूप से इन्हीं जर्जर रास्तों के कारण भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जबकि क्षेत्र में विकास के दावे पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं। नगर परिषद पर वार्ड के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जनहित के मुद्दों को उठाना यहाँ अपराध जैसा बन गया है। आरोप है कि राजनीतिक प्राथमिकताओं के आधार पर वार्डों के बीच अंतर किया जा रहा है और चार वर्षों के लंबे अंतराल के बाद भी गंदगी को साफ करने के लिए कोई पहल नहीं की गई है। इस निरंतर उपेक्षा के चलते स्थानीय जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है।
नर्मदापुरम जिले के बनखेड़ी स्थित वार्ड क्रमांक 04 में नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। पिछले चार वर्षों से इस वार्ड की स्थिति बदहाल बनी हुई है, जहाँ स्कूली बच्चे गंदगी और कीचड़ से होकर गुजरने को मजबूर हैं। बुजुर्गों और महिलाओं को भी दैनिक रूप से इन्हीं जर्जर रास्तों के कारण भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जबकि क्षेत्र में विकास के दावे पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं। नगर परिषद पर वार्ड के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जनहित के मुद्दों को उठाना यहाँ अपराध जैसा बन गया है। आरोप है कि राजनीतिक प्राथमिकताओं के आधार पर वार्डों के बीच अंतर किया जा रहा है और चार वर्षों के लंबे अंतराल के बाद भी गंदगी को साफ करने के लिए कोई पहल नहीं की गई है। इस निरंतर उपेक्षा के चलते स्थानीय जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है।
- भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में मध्य प्रदेश के सिवनी मालवा में तहसील कार्यालय के सामने किसानों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। अपनी 100 प्रतिशत मूंग खरीदी और अन्य मांगों को लेकर अड़े किसान गुरुवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात भी धरना स्थल पर ही डटे रहे। इस दौरान उन्होंने सड़कों पर डेरा डालकर लकड़ी और कंडों पर दाल-बाटी बनाकर सामूहिक भोजन किया। रात करीब 11 बजे भोजन करने के बाद भी किसान तहसील कार्यालय के सामने डटे रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपने संकल्प को दोहराया। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष पटवारे ने स्पष्ट किया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। किसानों की मुख्य मांगों में ग्रीष्मकालीन मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीद और खाद वितरण में लागू ई-टोकन व्यवस्था को समाप्त करना शामिल है। किसान अपनी मांगों पर अडिग हैं और तब तक धरने पर बैठने की बात कह रहे हैं जब तक शासन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं करता।1
- गुरुवार शाम पिपरिया रेस्ट हाउस में युवा कांग्रेस द्वारा एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। इस बैठक में युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष हर्ष कटकवार, ब्लॉक युवा कांग्रेस अध्यक्ष पिपरिया चिंकू साहू, विधानसभा उपाध्यक्ष अनुज कटकवार और दीप सिंह छाबड़ा सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के पश्चात, 'सबके सम्मान में युवा कांग्रेस मैदान में' बैनर तले एक मसाल जुलूस निकाला गया, जो तहसील तिराहे से शुरू होकर मंगलवारा चौक तक पहुँचा। मंगलवारा चौक पर पहुँचकर युवा कांग्रेस ने नीट परीक्षा लीक के विरोध में प्रदर्शन किया और भाजपा सरकार पर तीखे तंज कसते हुए उसे आड़े हाथों लिया।1
- रायसेन कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विभागीय योजनाओं और अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण एवं विकास के लिए शासन द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य श्री बारेलाल अहिरवार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों पर चर्चा की गई। इस दौरान कलेक्टर श्री अरूण कुमार विश्वकर्मा, अपर कलेक्टर श्री मनोज उपाध्याय और अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की जिला संयोजक सुश्री सीमा नरवरिया उपस्थित रहीं। इनके साथ ही विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।1
- मध्य प्रदेश के हरदा में ग्रीष्मकालीन मूंग फसल की शत-प्रतिशत खरीदी की मांग को लेकर जोरदार चक्का जाम आंदोलन किया गया। इस आंदोलन के चलते टिमरनी रोड, खड़वा रोड और इंदौर रोड पर यातायात पूरी तरह से ठप रहा। आंदोलन के दौरान ये सड़कें दोपहर 4 बजे से शाम 5 बजे तक बंद रहीं। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में चक्का जाम किया और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा।1
- राजधानी भोपाल के कलेक्ट्रेट में आयोजित दिशा (DISHA) समिति की बैठक के दौरान उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब मास्टर प्लान पर चर्चा के बीच जनपद अध्यक्ष प्रमोद राजपूत और कांग्रेस विधायकों के बीच तीखी नोक-झोंक शुरू हो गई। विवाद के चलते कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील बैठक छोड़कर बाहर आ गए। बैठक में भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसने भोपाल का नाश कर दिया है। उन्होंने स्मार्ट सिटी के बड़े व्यावसायिक प्लॉटों को छोटा करने का सुझाव दिया ताकि बिक्री और आय बढ़ सके। जब आरिफ मसूद ने भगवानदास सबनानी की बातों का समर्थन किया, तो फंदा जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत ने उन्हें बीच में टोकते हुए उंगली दिखाकर बात की। इसके बाद दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। इस दौरान प्रमोद राजपूत ने कांग्रेस विधायकों के प्रति कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उन्हें 'औकात में रहने' की नसीहत दी। प्रमोद राजपूत का यह कथित बयान कि 'बदमाशी भी कर लूंगा, राजपूत हूँ, निपट लूंगा' कैमरों में दर्ज हो गया है, जिससे राजनीतिक विवाद और गहरा गया है। बैठक से बाहर आने के बाद आरिफ मसूद ने इसे जन प्रतिनिधियों के सम्मान और विधानसभा सदस्यों के विशेषाधिकार का उल्लंघन करार दिया है। उन्होंने कहा कि एक जनपद अध्यक्ष का निर्वाचित विधायकों के साथ ऐसा व्यवहार अस्वीकार्य है और वे इस पूरे मामले की शिकायत विधानसभा अध्यक्ष से करेंगे। घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में इस विवाद को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और विपक्ष ने इसे जन प्रतिनिधियों का अपमान बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।2
- भोपाल में कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित दिशा की बैठक के दौरान उस समय हंगामा मच गया जब जनपद अध्यक्ष प्रमोद राजपूत और कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद व आतिफ अकील के बीच तीखी बहस हो गई। यह विवाद शहर के मास्टर प्लान को लेकर चर्चा के दौरान शुरू हुआ, जिसका वीडियो भी सामने आया है। इस दौरान जनपद अध्यक्ष प्रमोद राजपूत ने कांग्रेस विधायकों को 'औकात में रहने' की नसीहत देते हुए कहा कि वह राजपूत हैं और 'बदमाशी भी कर लेंगे व निपट लेंगे'। इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील बैठक छोड़कर बाहर निकल आए। आरिफ मसूद ने इस व्यवहार को बदतमीजी और बेइज्जती करार देते हुए कहा कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस पूरे मामले को विधायकों का विशेषाधिकार हनन बताते हुए विधानसभा अध्यक्ष से इसकी शिकायत करने की बात कही है।1
- मध्य प्रदेश के सतना में पंचायत से लेकर भोपाल तक फैले भ्रष्टाचार के तंत्र का पर्दाफाश करते हुए निलंबित उपयंत्री सतीश समेले ने गंभीर आरोप लगाए हैं। सतीश समेले ने दावा किया है कि विभाग में नीचे से लेकर ऊपर तक कमीशन और चंदा देने का खेल चलता है, जिसमें उपयंत्री केवल एक एजेंट की भूमिका निभाते हैं। इस मामले में पंचायत सीईओ शैलेन्द्र सिंह द्वारा सतीश समेले को निलंबित किया गया था। निलंबन के बाद अब सतीश समेले मुखर होकर अपने ही विभाग के भीतर व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोल रहे हैं।1
- मध्य प्रदेश के इटारसी में एक सनसनीखेज हादसा सामने आया है, जहाँ मंगला एक्सप्रेस (12618) में यात्रा कर रहे एक 28 वर्षीय नेपाली युवक धन बहादुर के साथ यह घटना हुई। ट्रेन के इटारसी से आगे बढ़ने के दौरान अचानक युवक का मानसिक संतुलन बिगड़ गया, जिसके बाद वह ट्रेन की छत पर चढ़ गया। ग्वालबाबा के पास पहुँचते ही वह ओवरहेड इलेक्ट्रिक हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। करंट लगने के बाद वह नीचे गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया है। फिलहाल घायल युवक को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।1