लखीमपुर खीरी जिले में मादक पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाने के अभियान के तहत पलिया पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग के निर्देश पर, अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी पलिया के मार्गदर्शन में, प्रभारी निरीक्षक पलिया के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने चार अभियुक्तों को लगभग 400 ग्राम ब्राउन शुगर (स्मैक) के साथ गिरफ्तार किया। बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 80 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने यह कार्रवाई अतरिया क्रॉसिंग से पहले भीरा रोड पर स्थित मेला घाट मोड़ के पास तड़के लगभग 3:40 बजे घेराबंदी कर अंजाम दी। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में सनी कुमार गुप्ता, पप्पू सिंह, तरसेम सिंह और परमजीत सिंह शामिल हैं। उनके कब्जे से कुल 400 ग्राम ब्राउन शुगर, चार मोबाइल फोन और कुछ नकदी बरामद हुई। पुलिस ने इन सभी आरोपियों के खिलाफ थाना पलिया में मु0अ0सं0 195/2026 के तहत धारा 8/21/23 एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय भेज दिया है। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए कई अभियुक्तों के विरुद्ध पहले से भी एनडीपीएस एक्ट सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इस सफल अभियान को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक रामजीत यादव और उपनिरीक्षक विवेक त्रिपाठी सहित थाना पलिया के अन्य पुलिसकर्मी भी सक्रिय रूप से शामिल रहे। जनपद पुलिस की इस कार्रवाई को नशा तस्करों के विरुद्ध एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी।
लखीमपुर खीरी जिले में मादक पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाने के अभियान के तहत पलिया पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग के निर्देश पर, अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी पलिया के मार्गदर्शन में, प्रभारी निरीक्षक पलिया के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने चार अभियुक्तों को लगभग 400 ग्राम ब्राउन शुगर (स्मैक) के साथ गिरफ्तार किया। बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 80 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस
ने यह कार्रवाई अतरिया क्रॉसिंग से पहले भीरा रोड पर स्थित मेला घाट मोड़ के पास तड़के लगभग 3:40 बजे घेराबंदी कर अंजाम दी। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में सनी कुमार गुप्ता, पप्पू सिंह, तरसेम सिंह और परमजीत सिंह शामिल हैं। उनके कब्जे से कुल 400 ग्राम ब्राउन शुगर, चार मोबाइल फोन और कुछ नकदी बरामद हुई। पुलिस ने इन सभी आरोपियों के खिलाफ थाना पलिया में मु0अ0सं0 195/2026 के तहत धारा 8/21/23 एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय भेज दिया है। जांच में यह
भी सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए कई अभियुक्तों के विरुद्ध पहले से भी एनडीपीएस एक्ट सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इस सफल अभियान को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक रामजीत यादव और उपनिरीक्षक विवेक त्रिपाठी सहित थाना पलिया के अन्य पुलिसकर्मी भी सक्रिय रूप से शामिल रहे। जनपद पुलिस की इस कार्रवाई को नशा तस्करों के विरुद्ध एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी।
- उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के निघासन नगर में पत्रकारों द्वारा सवाल पूछने पर अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती भड़क गए। इस दौरान उन्होंने गुस्से में एक पत्रकार से कहा कि वह उसे थप्पड़ मार देंगे। अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने भारतीय जनता पार्टी, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के लोगों पर राम मंदिर में चोरी करने का गंभीर आरोप भी लगाया।1
- पूज्य शंकराचार्य जी महाराज स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी 1008 निघासन में उपस्थित हैं। यह जानकारी सामने आई है कि वे निघासन में मौजूद हैं।1
- लखीमपुर खीरी जिले के निघासन विधानसभा क्षेत्र में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपने हालिया बयानों के चलते एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। निघासन दौरे के दौरान मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए शंकराचार्य ने दक्षिणपंथी संगठन बजरंग दल पर बेहद तल्ख टिप्पणी करते हुए उन्हें कथित तौर पर 'चोर' कह दिया। विवाद उस समय और बढ़ गया, जब वहां मौजूद पत्रकारों ने उनके इस बयान और अन्य समसामयिक मुद्दों पर सवाल पूछने की कोशिश की। शंकराचार्य इन तीखे सवालों पर बिफर पड़े और उन्होंने नाराजगी जताते हुए एक पत्रकार को 'थप्पड़ मारने' तक की बात कह डाली। उनके इस बयान के बाद स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। जनता और बुद्धिजीवी पूछ रहे हैं कि क्या लोकतंत्र के चौथे स्तंभ (मीडिया) को अपना कर्तव्य निभाने और सवाल पूछने पर इस तरह की धमकियां मिलेंगी। साथ ही, सनातन धर्म की उस सीख पर भी सवाल उठ रहे हैं जो शास्त्रार्थ (तर्क-वितर्क और संवाद) और सहिष्णुता का समर्थन करती है। यह प्रश्न उठाया जा रहा है कि क्या किसी के सवालों से असहमत होने पर उसे थप्पड़ मारने की बात कहना सनातन परंपरा और मर्यादा के अनुकूल है। शंकराचार्य के इस रवैये और आपत्तिजनक भाषा को लेकर पत्रकार संगठनों और स्थानीय लोगों में काफी रोष है। लोगों का मानना है कि संतों की भाषा में सौम्यता, धैर्य और शुचिता होनी चाहिए, न कि हिंसा या गाली-गलौज का समर्थन। इस मामले में अभी बजरंग दल और स्थानीय प्रशासन की तरफ से किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।1
- लखीमपुर के निघासन पहुँचे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद (VHP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अपने बयान में कहा कि जो असली हिंदू होते हैं, वे भगवान को पैसा चढ़ाते हैं, जबकि जो नकली हिंदू होते हैं, वे पैसा चोरी करते हैं। शंकराचार्य ने स्पष्ट रूप से इन संगठनों और पार्टी के लोगों को 'नकली हिंदू' बताते हुए उन पर सीधा निशाना साधा।2
- अपनी 'गौप्रतिष्ठा यात्रा' के तहत जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का पलिया पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया, जिसमें आध्यात्मिक श्रीकुल सेवा संस्थान, ऑल इंडिया सिख फेडरेशन और नगर व्यापार मंडल समेत विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। इस अवसर पर शंकराचार्य ने गो-रक्षा को सनातन धर्म का मूल आधार बताया और मतदाताओं से अपील की कि वे गो-रक्षा के प्रति प्रतिबद्ध प्रत्याशियों का ही समर्थन करें तथा उन लोगों का समर्थन न करें जो गौ-हत्या का विरोध नहीं करते। शारदा तट पर आध्यात्मिक श्रीकुल सेवा संस्थान के संस्थापक आचार्य गोविंद माधव, समाजवादी नेता संजीव मिश्रा 'मुन्ना', नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष अनूप मिश्रा, वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ए.के. अवस्थी सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्हें पालकी में बैठाकर सिनेमा चौराहे से प्रेसिडेंट लॉन तक एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें स्टेशन चौराहे पर ऑल इंडिया सिख फेडरेशन के पदाधिकारियों ने भी उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया। कार्यक्रम स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शंकराचार्य की चरण पादुकाओं का पूजन एवं आरती की गई, और उपस्थित श्रद्धालुओं ने गो-रक्षा का सामूहिक संकल्प भी लिया। अपने संबोधन में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने जोर देकर कहा कि सनातन संस्कृति में गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है, और प्रत्येक हिंदू परिवार में पहली रोटी गाय के लिए निकालने की परंपरा रही है। उन्होंने श्रद्धालुओं से गो-रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए मतदान के समय ऐसे प्रत्याशी का चयन करने को कहा जो गो-रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हो, तथा गौ-हत्या का समर्थन करने वालों या उस पर मौन रहने वालों को समर्थन न दें। उन्होंने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी की नीतियों की आलोचना करते हुए गो-रक्षा, बीफ व्यापार और जम्मू-कश्मीर में गौ-संबंधी कानूनों जैसे मुद्दों का भी उल्लेख किया और जनता से इन विषयों पर जागरूक होकर निर्णय लेने का आग्रह किया। शंकराचार्य ने बताया कि 3 मई 2026 को गोरखपुर से शुरू हुई 'गौप्रतिष्ठा यात्रा' का उद्देश्य उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचकर गौ-रक्षा के प्रति जनजागरण करना है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यात्रा पूर्ण होने तक सरकार द्वारा गौ-रक्षा के संबंध में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो 24 जुलाई को लखनऊ में एक विशाल धर्मसभा आयोजित कर आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की जाएगी। इस कार्यक्रम में गौप्रतिष्ठा धर्म रक्षा यात्रा की सदस्या डॉ. निशिता दीक्षित, मंडल संयोजक राकेश तिवारी, जिला संयोजक लवकुश दीक्षित, नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष अनूप मिश्रा, अधिवक्ता अमित महाजन, सरदार गुरिंदर सिंह, सरदार बिट्टी वालिया, सभासद गौरव गुप्ता, कांग्रेस नेता बलराम गुप्ता सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे।3
- उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में गांधी पार्क चौराहे पर परीक्षा के दौरान ड्यूटी पर तैनात एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी को ट्रक चालक ने सरेआम धमकी दी। यह घटना तब हुई जब पुलिसकर्मी ने एक ट्रक को रोका। ट्रक चालक ने पुलिसकर्मी से खुले तौर पर कहा कि यह 'अध्यक्ष की गाड़ी है, ट्रैफिक बंद हो जाएगा'। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें चालक पुलिस को सीधी धमकी देता दिख रहा है।1
- लखीमपुर खीरी जिले में पुलिस जब एक पुराने मामले की वेरिफिकेशन के लिए पहुंची तो एक महिला घबरा गई। मृतक के भाई की सूचना पर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए बाथरूम खोदकर शव को बाहर निकाला।1
- उत्तर प्रदेश के कौशांबी में स्थित एक टोल प्लाज़ा पर एक भयानक हादसा हो गया। यह घटना इतनी तीव्र थी कि चंद ही सेकंडों के भीतर सब कुछ धू-धूकर जल उठा और नष्ट हो गया।1