डेयरी क्षेत्र को सुदृढ़ करने से बढ़ी पशुपालकों की आय- बुद्धि सिंह ठाकुर मिल्क फैडरेशन के अध्यक्ष ने चैलचौक में किया दूध उत्पादकों के लिए प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ मंडी, 10 मार्च। हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक प्रसंघ (मिल्क फेडरेशन) के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में आज जिला मंडी के नाचन विधानसभा क्षेत्र के चैलचौक में एक दिवसीय दूध उत्पादक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्र की सहकारी दुग्ध सोसायटियों से जुड़े सैकड़ों किसानों और पशुपालकों ने भाग लिया। दुग्ध उत्पादकों को संबोधित करते हुए बुद्धि सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कुशल नेतृत्व में किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने दूध के समर्थन मूल्य में कई गुणा बढ़ोतरी की है, जिससे पशुपालकों को सीधा लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री की सोच है कि गांव की महिला को पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन के माध्यम से 25 से 30 हजार रुपए प्रतिमाह की सुनिश्चित आय हो और इस दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मिल्क फेडरेशन के माध्यम से दूध उत्पादकों को बेहतर विपणन सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। उन्होंने पशुपालकों से आधुनिक तकनीकों को अपनाकर दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और डेयरी व्यवसाय को आय का सशक्त माध्यम बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने जानकारी दी कि दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार मिल्क फेडरेशन के माध्यम से प्रदेश में छह नए मिल्क प्लांट स्थापित करेगी। करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इन प्लांटों से प्रदेश के हजारों दुग्ध उत्पादकों और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। बुद्धि सिंह ठाकुर ने बताया कि धर्मशाला में एक बड़े मिल्क प्लांट की स्थापना की जाएगी, जिससे कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर और ऊना जिलों के दुग्ध उत्पादकों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा लगभग 35.35 करोड़ रुपये की लागत से नाहन और नालागढ़ में भी मिल्क प्लांट स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने नाचन क्षेत्र के पशुपालको की बढ़ती मांग के अनुसार चिलिंग सेंटर खोलने के लिए भूमि चिन्हित करने के लिए कहा और आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार दवारा जल्द ही चिलिंग सेंटर खोल दिया जायेगा, ताकि पशु पालकों को घर-द्वार पर लाभ मिल सके। उन्होंने जानकारी दी कि मंडी का दूध अब शिमला में भी बिकने लगा है, यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है! उन्होंने कहा कि दुग्ध संग्रहण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए रोहड़ू, हमीरपुर, ऊना और मौहल में मिल्क चिलिंग प्लांट भी स्थापित किए जाएंगे, ताकि किसानों से एकत्रित दूध को सुरक्षित रूप से संग्रहित और प्रसंस्कृत किया जा सके। प्रशिक्षण शिविर का आयोजन हिमाचल प्रदेश दुग्ध प्रसंघ द्वारा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के सहयोग से किया गया। प्रशिक्षण के दौरान बोर्ड के उत्तर क्षेत्रीय प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण केंद्र (एनआरडीटीसी) जालंधर से आए विशेषज्ञों ने दूध उत्पादन बढ़ाने, पशुओं के संतुलित आहार, स्वच्छ दुग्ध उत्पादन, पशु स्वास्थ्य प्रबंधन तथा आधुनिक डेयरी तकनीकों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर गोहर से नवनियुक्त हिमाचल मिल्क फेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर अमृत पाल, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के एनआरडीटीसी जालंधर से डॉ. सत्यपाल कुरिये (प्रिंसिपल) तथा डॉ. दामिनी आर्य (साइंटिस्ट), मिल्क फेडरेशन प्लांट चक्कर के यूनिट इंचार्ज विश्वकांत शर्मा, पीआई इंचार्ज लाभ सिंह ठाकुर, विभागीय प्रतिनिधि, गणमान्य व्यक्ति तथा बड़ी संख्या में स्थानीय दूध उत्पादक और पशुपालक उपस्थित रहे।
डेयरी क्षेत्र को सुदृढ़ करने से बढ़ी पशुपालकों की आय- बुद्धि सिंह ठाकुर मिल्क फैडरेशन के अध्यक्ष ने चैलचौक में किया दूध उत्पादकों के लिए प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ मंडी, 10 मार्च। हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक प्रसंघ (मिल्क फेडरेशन) के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में आज जिला मंडी के नाचन विधानसभा क्षेत्र के चैलचौक में एक दिवसीय दूध उत्पादक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्र की सहकारी दुग्ध सोसायटियों से जुड़े सैकड़ों किसानों और पशुपालकों ने भाग लिया। दुग्ध उत्पादकों को संबोधित करते हुए बुद्धि सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कुशल नेतृत्व में किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने दूध के समर्थन मूल्य में कई गुणा बढ़ोतरी की है,
जिससे पशुपालकों को सीधा लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री की सोच है कि गांव की महिला को पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन के माध्यम से 25 से 30 हजार रुपए प्रतिमाह की सुनिश्चित आय हो और इस दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मिल्क फेडरेशन के माध्यम से दूध उत्पादकों को बेहतर विपणन सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। उन्होंने पशुपालकों से आधुनिक तकनीकों को अपनाकर दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और डेयरी व्यवसाय को आय का सशक्त माध्यम बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने जानकारी दी कि दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार मिल्क फेडरेशन के माध्यम से प्रदेश में छह नए मिल्क प्लांट स्थापित करेगी। करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इन प्लांटों से प्रदेश
के हजारों दुग्ध उत्पादकों और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। बुद्धि सिंह ठाकुर ने बताया कि धर्मशाला में एक बड़े मिल्क प्लांट की स्थापना की जाएगी, जिससे कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर और ऊना जिलों के दुग्ध उत्पादकों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा लगभग 35.35 करोड़ रुपये की लागत से नाहन और नालागढ़ में भी मिल्क प्लांट स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने नाचन क्षेत्र के पशुपालको की बढ़ती मांग के अनुसार चिलिंग सेंटर खोलने के लिए भूमि चिन्हित करने के लिए कहा और आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार दवारा जल्द ही चिलिंग सेंटर खोल दिया जायेगा, ताकि पशु पालकों को घर-द्वार पर लाभ मिल सके। उन्होंने जानकारी दी कि मंडी का दूध अब शिमला में भी बिकने लगा है, यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है! उन्होंने कहा कि दुग्ध संग्रहण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए रोहड़ू, हमीरपुर, ऊना और मौहल में मिल्क
चिलिंग प्लांट भी स्थापित किए जाएंगे, ताकि किसानों से एकत्रित दूध को सुरक्षित रूप से संग्रहित और प्रसंस्कृत किया जा सके। प्रशिक्षण शिविर का आयोजन हिमाचल प्रदेश दुग्ध प्रसंघ द्वारा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के सहयोग से किया गया। प्रशिक्षण के दौरान बोर्ड के उत्तर क्षेत्रीय प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण केंद्र (एनआरडीटीसी) जालंधर से आए विशेषज्ञों ने दूध उत्पादन बढ़ाने, पशुओं के संतुलित आहार, स्वच्छ दुग्ध उत्पादन, पशु स्वास्थ्य प्रबंधन तथा आधुनिक डेयरी तकनीकों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर गोहर से नवनियुक्त हिमाचल मिल्क फेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर अमृत पाल, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के एनआरडीटीसी जालंधर से डॉ. सत्यपाल कुरिये (प्रिंसिपल) तथा डॉ. दामिनी आर्य (साइंटिस्ट), मिल्क फेडरेशन प्लांट चक्कर के यूनिट इंचार्ज विश्वकांत शर्मा, पीआई इंचार्ज लाभ सिंह ठाकुर, विभागीय प्रतिनिधि, गणमान्य व्यक्ति तथा बड़ी संख्या में स्थानीय दूध उत्पादक और पशुपालक उपस्थित रहे।
- Post by हमीरपुरी पत्रकार1
- रिपोर्ट 10 मार्च बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। जैसे-जैसे गर्मी का पारा चढ़ रहा है, सैलानियों का रुख पहाड़ों की ठंडी वादियों की ओर बढ़ गया है। देवभूमि कुल्लू में इन दिनों पर्यटकों की भारी आमद देखी जा रही है। कुल्लू की मशहूर सैंज घाटी का दुर्गम क्षेत्र, गाड़ा पाली पंचायत, इन दिनों आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। भीड़भाड़ से दूर, प्रकृति की गोद में बसा यह इलाका अब पर्यटकों की पहली पसंद बन रहा है। गाड़ा पाली वॉटरफॉल। दूधिया सफेद पानी और चारों ओर ऊंची चट्टानों के बीच गिरता यह झरना किसी का भी मन मोह लेने के लिए काफी है।1
- जोगिंदर नगर में बोले राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा- मुख्यमंत्री की सोच पर खरा उतरना मेरे लिये है बड़ा चैलेंज। अंकित कुमार, जोगिंदर नगर। राज्यसभा सांसद बनने के बाद आज जोगिंदर नगर पहुंचे अनुराग शर्मा का कांग्रेस कार्यकर्ताओं व अन्य लोगों ने जोरदार स्वागत किया। हारों से लदे सांसद अनुराग शर्मा को नारों के साथ सभा स्थल तक लाया गया, जहां कांग्रेस नेता जीवन ठाकुर ने अनुराग शर्मा को शॉल-टोपी पहनाकर सम्मानित किया व उपस्थित जनता को भी संबोधित किया। उसके बाद राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा ने जनता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मैंने सपने में भी ये पद नहीं सोचा था, जो आज कांग्रेस पार्टी ने मुझे सौंपा है। अनुराग ने कहा कि मुख्यमंत्री की सोच पर खरा उतरना मेरे लिये बहुत बडा चैंलेज है, जिसके लिये हर कार्यकर्ता व नेता का साथ जरूरी है। वहीं, उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेताओं का भी धन्यवाद किया।1
- भारत में सबसे प्राचीन कलर देवभूमि हिमाचल का माना जाता है1
- Post by Dinesh Kumar1
- हमीरपुर अर्तराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में एनजीओ भवन परिसर में कल्याण विभाग के द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वर्ष 2022 की मिस अर्थ इडिया वशिंका परमार ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की तो एडीसी अभिषेक गर्ग भी विशेष तौर पर मौजूद रहे। अर्तराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न महिला मंडलों, आंगनबाडी कार्यकर्ताओं ने रंगारंग प्रस्तुतियां भी दी तो हिमाचली संस्कृति को संजेहने के लिए रंगारंग प्रस्तुतियों से संदेश भी दिया। वहीं नशा की बढ रही प्रवृति से बचने के लिए भी नुक्कड नाटकों के माध्यम से उपस्थित महिलाओं को जागरूक किया । मुख्यातिथि मिस अर्थ वंशिका परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करते है कि उनकी वजह से महिलाओं के उत्थान के लिए प्रयास किया जा रहा है । उन्होने कहा कि सरकार केस ाथ मिलकर एंबेस्डर बन कर हिमाचल की संस्कृति को ग्लोबल स्तर पर उठाने के लिए काम किया जा रहा है। उन्हांेने बताया कि महिलाओं के चलाई जा रही विभागीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कीमों को गलोबल स्तर पर ले जाने के लिए काम किया जाए इसके लिए सभी को मिलकर काम करना पडेगा। वंशिका परमार ने कहा कि एबेस्डर बनने के बाद हिमाचली संस्कृति और पुरानी धरोहरों को अर्तरष्ट्रीय स्तर पर ले जाने के लिए काम किया जा रहा है। उन्हांेने कहा कि अर्तराष्ट्ररीय एनजीओ के साथ भी हिमाचल प्रदेश में निवेश करने के ेिलए काम किया जा रहा है और हिमाचली संस्कृति को बढावा देने के लिए काम किया जा रहा है ताकि अर्तराष्ट्रीय स्तर पर एक पहचान मिल सके। जिला कल्याण अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि हिमाचल टूरिज्म की ब्रांड एंबेडस्टर वंशिका परमार ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की है और महिलाओं के उत्थान को लेकर सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से विभागीय स्कीमों का भी प्रचार प्रसार किया जा रहा है ताकि लोगों को लाभ मिल सके।2
- सुजानपुर उपमंडल सुजानपुर में भांग की फसल लहरा रही है और इस भांग का युवा वर्ग भरपूर आनंद उठा रहे हैं सुजानपुर में एक व्यक्ति खुले में सबके सामने भांग के पत्तों को हाथों में रगड़ता मलता हुआ कमरे में कैद हुआ है यहां हम आपको बता दें कि प्रदेश को नशा मुक्त बनाने का अभियान चला है मुख्यमंत्री खुद युवा वर्ग से नशे से दूर रहने की अपील कर रहे हैं स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं रैलियां निकाली जा रहे हैं वही दूसरी और लहरा रही भांग प्रदेश में नशे को बढ़ावा दे रही है सुजानपुर शहर का यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि भांग उखाड़ो अभियान पूरे शहर में चलाया जाए और इस नशे की खेती का खात्मा किया जाए जो लोग यह कार्य कर रहे हैं उन पर सख्त कार्रवाई की जाए1
- रिपोर्ट 10 मार्च बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। हिमाचल प्रदेश की पारंपरिक दो-दलीय राजनीति (भाजपा और कांग्रेस) के बीच अब तीसरे विकल्प की सुगबुगाहट ने राज्य के सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। खबर है कि कुल्लू जिले में कुछ कद्दावर नेताओं ने एक गुप्त बैठक कर तीसरे मोर्चे के गठन की रणनीति पर चर्चा की है। हालांकि अभी तक किसी भी नेता ने आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है, लेकिन चर्चाओं के बाजार ने दोनों मुख्य दलों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। विधायक सुंदर सिंह का बड़ा बयान: "बीजेपी को होगा नुकसान" इस गुप्त बैठक और तीसरे मोर्चे की अटकलों पर कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम पर कटाक्ष करते हुए इसे कांग्रेस के बजाय भाजपा के लिए बड़ा खतरा बताया है। उनके बयान के मुख्य बिंदु: बीजेपी के लोग शामिल: सुंदर सिंह ने दावा किया कि इस गुप्त बैठक में जो "दिग्गज" नेता शामिल थे, वे मुख्य रूप से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे हैं या असंतुष्ट हैं। कांग्रेस सुरक्षित: उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के किसी भी मोर्चे का कांग्रेस की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वोट बैंक में सेंध: विधायक के अनुसार, यदि तीसरा मोर्चा बनता है, तो वह सीधे तौर पर भाजपा के वोट बैंक में ही सेंध लगाएगा, जिससे आगामी चुनावों में भाजपा को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। क्या हिमाचल में सफल होगा 'तीसरा विकल्प'? हिमाचल का राजनीतिक इतिहास गवाह है कि यहाँ की जनता ने अमूमन कांग्रेस और भाजपा पर ही भरोसा जताया है। लेकिन कुल्लू की इस गुप्त बैठक ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं: असंतुष्टों की टोली: क्या यह मोर्चा उन नेताओं का है जिन्हें अपनी पार्टियों में दरकिनार कर दिया गया है? क्षेत्रीय समीकरण: क्या कुल्लू से शुरू हुई यह चिंगारी पूरे प्रदेश में फैलेगी? आधिकारिक घोषणा का इंतजार: आखिर वो कौन से 'बड़े चेहरे' हैं जो पर्दे के पीछे से इस मोर्चे की डोर थामे हुए हैं? निष्कर्ष: फिलहाल, आधिकारिक घोषणा के अभाव में यह केवल अटकलें हैं, लेकिन सुंदर सिंह के बयान ने यह साफ कर दिया है कि कांग्रेस इसे अपनी जीत और भाजपा की कमजोरी के रूप में देख रही है।1