ऊंचाहार रायबरेली के ग्राम पंचायत अरखा के निवासियों ने पिछले तीन सप्ताह से बिजली की गंभीर समस्या को लेकर उपजिलाधिकारी, ऊंचाहार को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि उनके गाँव का 63 केवी ट्रांसफार्मर तीन सप्ताह से जला हुआ है, जिसके कारण पूरा गाँव अंधेरे में डूबा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली गुल होने से बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से बाधित हो गई है। रात के अंधेरे में महिलाओं को खाना बनाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं भीषण गर्मी में बुजुर्गों और बीमार लोगों की हालत और भी खराब हो गई है। उनकी शिकायत है कि बिजली विभाग के अधिकारियों को 2-3 बार लिखित और मौखिक रूप से सूचित करने के बावजूद, अभी तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी से त्वरित समाधान की अपील करते हुए गाँव में 63 केवी का नया ट्रांसफार्मर और 200 मीटर तार की व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली की आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस मौके पर रिंकू कुमार, राकेश कुमार, जितेन्द्र गौतम, बाबादल सिंह, रिंकू, सुरेश कुमार, मोह गनी, राकेश कुमार, मोह अख्तर मंसूरी, मुकेश कुमार, विमलेश, अरविन्द, इकरार, तालिब और अमन मौर्य सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।
ऊंचाहार रायबरेली के ग्राम पंचायत अरखा के निवासियों ने पिछले तीन सप्ताह से बिजली की गंभीर समस्या को लेकर उपजिलाधिकारी, ऊंचाहार को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि उनके गाँव का 63 केवी ट्रांसफार्मर तीन सप्ताह से जला हुआ है, जिसके कारण पूरा गाँव अंधेरे में डूबा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली गुल होने से बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से बाधित हो गई है। रात के अंधेरे में महिलाओं को खाना बनाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं भीषण गर्मी में बुजुर्गों और बीमार लोगों की हालत और भी खराब हो गई है। उनकी शिकायत है कि बिजली विभाग के अधिकारियों को 2-3 बार लिखित और मौखिक रूप से सूचित करने के बावजूद, अभी तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी से त्वरित समाधान की अपील करते हुए गाँव में 63 केवी का नया ट्रांसफार्मर और 200 मीटर तार की व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली की आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस मौके पर रिंकू कुमार, राकेश कुमार, जितेन्द्र गौतम, बाबादल सिंह, रिंकू, सुरेश कुमार, मोह गनी, राकेश कुमार, मोह अख्तर मंसूरी, मुकेश कुमार, विमलेश, अरविन्द, इकरार, तालिब और अमन मौर्य सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।
- युवकों की आस्था, समर्पण और जज्बे की जमकर सराहना हो रही है, और इसी संबंध में एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- कौशांबी में शिव शंकर केसरवानी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित शिव शंकर केसरवानी का आरोप है कि चायल के पूर्व भाजपा विधायक संजय कुमार गुप्ता उनके मकान विवाद के एक मामले में उन्हें जान से मरवाने की साजिश रच रहे हैं। शिव शंकर के अनुसार, उन्होंने मकान हड़पने के आरोपों को लेकर कोखराज थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। हालांकि, उनका कहना है कि पुलिस द्वारा इस मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कोखराज पुलिस पर दबाव में काम करने और निष्पक्ष जांच न करने का भी गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।1
- लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद रायबरेली प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने जिले के सभी कोचिंग सेंटरों की व्यापक जांच के निर्देश दिए हैं, जिसमें छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया गया है। प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, जिले में अब तक केवल 19 कोचिंग संचालकों ने ही पंजीकरण कराया है, जबकि शहर के कई कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है। यह भी आशंका है कि कुछ संस्थान बिना निर्धारित मानकों का पालन किए संचालित हो रहे हैं। जांच के दौरान फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता और भवन सुरक्षा पहलुओं का बारीकी से निरीक्षण किया जाएगा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कोचिंग सेंटर में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश में सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासन को सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के तहत, सभी जिलों में पुलिस, प्रशासन और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीमें सक्रिय हो गई हैं, जो कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों जैसे कि फायर एनओसी, वेंटिलेशन और इमरजेंसी एग्जिट के साथ-साथ उनके पंजीकरण दस्तावेजों की भी सघन जांच कर रही हैं। इस दर्दनाक घटना के मद्देनजर, रायबरेली में भी अलर्ट जारी किया गया है। रायबरेली की डीएम सरनीत कौर ब्रोका ने जिले के सभी व्यावसायिक संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की गहन जांच के आदेश दिए हैं। इस संबंध में डीएम सरनीत कौर ब्रोका ने बयान भी दिया है।1
- रायबरेली के लालगंज कोतवाली क्षेत्र के टिकरान गांव में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ एक कलयुगी बेटे ने अपने ही पिता की लाठी-डंडों से बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस हृदयविदारक घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बेटा मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुँची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जाँच शुरू कर दी है और फरार आरोपी की तलाश तेज़ी से की जा रही है।1
- रायबरेली जिले की ऊंचाहार तहसील क्षेत्र के सलीम पुर भैरव अकोढियां गाँव में तालाब, खलिहान और बंजर जैसी सरकारी जमीनों पर लगातार अवैध कब्जे हो रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट और उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट आदेशों के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारी इन अवैध कब्जों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिससे स्थिति जस की तस बनी हुई है। एक शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री को लिखे एक पत्र में पूरे गाँव में सरकारी जमीनों पर हो रहे इन अवैध कब्जों का उल्लेख किया था। शिकायत दिए जाने के लगभग डेढ़ सप्ताह बीत जाने के बाद भी, कार्रवाई के नाम पर परिणाम शून्य ही रहा है। इस गंभीर स्थिति पर आक्रोश व्यक्त करते हुए, आरोप लगाया गया है कि जिम्मेदार अधिकारी आँखें मूंदे हुए 'धृतराष्ट्र' बन गए हैं, और संभवतः मोटी रकम लेकर बेस कीमती सरकारी जमीनों का सौदा किया जा रहा है, जिससे ऊंचाहार तहसील में भ्रष्टाचार चरम पर पहुँच गया है। क्षेत्रीय लेखपाल अभिषेक पाल ने मीडिया को दिए एक बयान में शिकायत मिलने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन शिकायत पत्र दिए जाने के बावजूद वे आज तक इन अवैध कब्जों को देखने तक नहीं आए। वहीं, जब ऊंचाहार के एसडीएम से अवैध कब्जे के शिकायती पत्रों के संबंध में पूछा गया, तो उन्होंने पहले कहा कि वे ऐसे नहीं बता पाएंगे और पत्रों को भेजने पर ही जांच करवाएंगे। हालांकि, बाद में उन्होंने सरकारी जमीनों पर हो रहे अवैध कब्जे के मामलों में कार्रवाई का आश्वासन देते हुए शिकायती पत्रों को मंगवाया है।1
- 22 जून को रात 10 बजे, '10 न्यूज़ नेशन' चैनल पर दिनभर की 10 खबरें प्रसारित की जाएँगी।1
- लखनऊ के पुरनिया इलाके में एक दुकान में भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई, जिसके ऊपर स्थित कोचिंग सेंटर में कई छात्र-छात्राएं फंस गए। अपनी जान बचाने के लिए लोगों को छज्जे और छत से कूदना पड़ा, वहीं आग और धुएं की तेज लपटों से पूरी बिल्डिंग घिर गई। स्थानीय लोगों ने राहत-बचाव कार्य में तत्काल सहयोग दिया, जबकि सूचना मिलते ही दमकल और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास जारी किए। मुख्यमंत्री ने इस भीषण अग्निकांड का संज्ञान लिया और अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने, घायलों को उचित और समुचित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को हर स्तर पर सतर्कता बरतने तथा राहत कार्यों की लगातार निगरानी करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।1