बूंदी जिले के बाछोला स्थित राजकीय विद्यालय के प्रधानाचार्य के तबादले के विरोध में शनिवार को छात्र-छात्राओं का भारी आक्रोश देखने को मिला। प्रधानाचार्य के स्थानांतरण से नाराज विद्यार्थियों ने विद्यालय के बाहर सड़क जाम कर विरोध-प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी पूरी तरह प्रभावित रहा। प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों का कहना है कि प्रधानाचार्य के नेतृत्व में विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिला है। ऐसे में उनका तबादला किए जाने से विद्यार्थियों में भारी निराशा है। छात्रों ने मांग की है कि जनहित और विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए प्रधानाचार्य का स्थानांतरण तुरंत निरस्त किया जाए और उन्हें पूर्ववत इसी विद्यालय में ही कार्यरत रखा जाए। सड़क जाम की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंचे और विद्यार्थियों से समझाइश कर जाम खुलवाया। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांग उच्च स्तर तक पहुंचाई जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, जिसके बाद यह प्रदर्शन समाप्त हुआ। हालांकि, विद्यार्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
बूंदी जिले के बाछोला स्थित राजकीय विद्यालय के प्रधानाचार्य के तबादले के विरोध में शनिवार को छात्र-छात्राओं का भारी आक्रोश देखने को मिला। प्रधानाचार्य के स्थानांतरण से नाराज विद्यार्थियों ने विद्यालय के बाहर सड़क जाम कर विरोध-प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी पूरी तरह प्रभावित रहा। प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों का कहना है कि प्रधानाचार्य के नेतृत्व में विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिला है। ऐसे में उनका तबादला किए जाने से विद्यार्थियों में भारी निराशा है। छात्रों ने मांग की है कि जनहित और विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए प्रधानाचार्य का स्थानांतरण तुरंत निरस्त किया जाए और उन्हें पूर्ववत इसी विद्यालय में ही कार्यरत रखा जाए। सड़क जाम की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंचे और विद्यार्थियों से समझाइश कर जाम खुलवाया। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांग उच्च स्तर तक पहुंचाई जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, जिसके बाद यह प्रदर्शन समाप्त हुआ। हालांकि, विद्यार्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
- टोंक जिले की उनियारा थाना पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चार शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जिला पुलिस अधीक्षक रोशन मीना के निर्देशों पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतन लाल भार्गव और पुलिस उप अधीक्षक अशोक कुमार के पर्यवेक्षण में यह कामयाबी हासिल की। थानाधिकारी कप्तान सिंह के नेतृत्व वाली पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में अवैध गांजा, स्मैक और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही मध्य प्रदेश नंबर की काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी जब्त की है। यह कार्रवाई 11 जुलाई 2026 को गश्त के दौरान हुई, जब पुलिस टीम कामधेनु सर्किल उनियारा के आगे नैनवा रोड पर मौजूद थी। पुलिस ने संदेह के आधार पर एक काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी (क्रमांक MP 07 AL 8710) को रोककर तलाशी ली, तो उसमें सवार चार युवकों के पास से कुल 5 किलोग्राम 60 ग्राम अवैध गांजा और 69.35 ग्राम स्मैक बरामद की। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनके पास से मादक पदार्थों के साथ-साथ तस्करी में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन, 4 एंड्रॉइड मोबाइल फोन और 4,780 रुपये नकद जब्त किए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ उनियारा थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 और 8/21 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में तीन मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के और एक स्थानीय निवासी है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान श्योपुर के हसनपुर कालोनी निवासी सलमान (उम्र 34 साल), हीरापुर निवासी अमन सिंह (उम्र 26 साल), गिरधरपुर निवासी राकेश (उम्र 32 साल) और उनियारा, टोंक निवासी सुरेश (उम्र 30 साल) के रूप में हुई है। इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थानाधिकारी कप्तान सिंह के साथ उपनिरीक्षक रतन लाल, हेड कांस्टेबल सोभाग मल, और कांस्टेबल अशोक कुमार, विनोद, महेश कुमार, केदार व दिनेश शामिल रहे। पुलिस अब आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है कि वे यह अवैध मादक पदार्थ कहाँ से ला रहे थे और कहाँ सप्लाई करने जा रहे थे, जिससे बड़े नेटवर्क के खुलासे की संभावना जताई जा रही है।1
- सवाई माधोपुर के श्याम वाटिका हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में सड़क निर्माण कार्य के दौरान अतिक्रमण हटाने को लेकर 'काका-भतीजा' विवाद छिड़ गया है। इस काम के दौरान कई जगहों पर तो पूरा अतिक्रमण ध्वस्त कर दिया गया, लेकिन कई जगहों पर भारी विवाद खड़ा हो गया है। इसके साथ ही, यहाँ सड़क निर्माण का कार्य भी जी शेड्यूल के नियमों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है। अवैध अतिक्रमण को हटाने से बचने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग और ठेकेदार दोनों नतमस्तक हो चुके हैं। ऐसे में अब यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि पीडब्ल्यूडी विभाग और जिला प्रशासन इस अतिक्रमण पर आखिरकार कब तक ठोस कार्रवाई करेगा, या फिर यहाँ यह 'काका-भतीजावाद' यूं ही चलता रहेगा।4
- उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में बालिका कॉलेज परिसर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन वहां पढ़ने वाली छात्राओं की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गई है। कॉलेज परिसर के भीतर इस हाईटेंशन लाइन की मौजूदगी के कारण छात्राओं की सुरक्षा दांव पर लगी हुई है।1
- मध्य प्रदेश के श्योपुर और बड़ौदा में विशेष चेकिंग अभियान के तहत यातायात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाले 10 स्कूली वाहनों के चालान काटे हैं और उनसे कुल ₹28,700 का जुर्माना वसूला है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर 8 से 17 जुलाई तक चल रहे इस विशेष अभियान के तहत कुल 16 स्कूली वाहनों की जांच की गई थी, जिनमें से 10 वाहनों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। जांच के दौरान पुलिस को 2 बसें बिना फिटनेस के संचालित होती मिलीं, जबकि 6 वाहन ओवरलोड पाए गए। इसके अलावा, 1 वाहन बिना अग्निशामक यंत्र के और 1 बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र के चलता पाया गया। बड़ौदा के राजीव गांधी स्कूल की दो बसों में क्षमता से 25-25 और एक अन्य बस में 15 बच्चे अधिक बैठे मिले, जिसके बाद उन पर चालानी कार्रवाई की गई। वहीं, श्योपुर के मॉडर्न स्कूल की भी एक बस बिना फिटनेस के संचालित होने पर चालान की जद में आई। यह अभियान पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार अग्रवाल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीण भूरिया के मार्गदर्शन और निरीक्षक संजय सिंह राजपूत के नेतृत्व में चलाया गया। कार्रवाई के बाद यातायात पुलिस ने सभी स्कूल वाहन संचालकों से अपील की है कि वे फिटनेस, परमिट, बीमा, ड्राइविंग लाइसेंस, अग्निशामक यंत्र, मेडिकल किट और स्पीड गवर्नर जैसे सभी नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें और वाहनों को ओवरलोड न चलाएं।2
- उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में डेढ़ वर्षीय मासूम को पटककर मारने वाले कसाई को जिला जज ने मृत्युदंड (फांसी) की सजा सुनाई है। इस पूरे मामले में सबसे बड़ी बात यह रही कि वारदात के महज 40 दिनों के भीतर ही अदालत का यह ऐतिहासिक फैसला आ गया है। अदालत के इस त्वरित निर्णय पर जज साहब का बहुत-बहुत आभार व्यक्त किया गया है। ऐसे सख्त फैसलों से अपराधियों के मन में कानून का डर बना रहता है, जिससे न्याय की जीत सुनिश्चित होती है।1
- टोंक जिले के उनियारा में पुलिस टीम ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 69.35 ग्राम स्मैक, 5 किलो 60 ग्राम अवैध डोडा चूरा, गांजा सहित अन्य मादक पदार्थ और एक कार जब्त कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक टोंक के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, थाना प्रभारी कप्तान सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल हो रही कार (नंबर एमपी-07-एएल-8710) को रोककर तलाशी ली, जिससे यह बरामदगी हुई। इसके अलावा पुलिस ने आरोपियों से ₹4,780 नगद और एक फोन भी जब्त किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सुरेश पुत्र मीठालाल मोग्या (उम्र 30 वर्ष) निवासी शिव सज्जन कॉलोनी उनियारा, सलमान पुत्र रशीद (उम्र 34 वर्ष) निवासी हसनपुर श्योपुर, अमन सिंह राजपूत पुत्र रविंद्र सिंह (उम्र 26 वर्ष) निवासी हीरापुर श्योपुर, और राकेश बड़ोदिया पुत्र ओमप्रकाश (उम्र 32 वर्ष) निवासी गिरधरपुर श्योपुर के रूप में हुई है। पुलिस को जैसे ही आरोपियों द्वारा नशे की सामग्री ले जाने की सूचना मिली, वैसे ही पुलिस टीम ने कामधेनु सर्कल के पास घेराबंदी कर दी। आरोपियों की कार को चारों तरफ से घेरकर जब रुकवाया गया, तो उन्होंने भागने की कोशिश की। लेकिन सहायक उप निरीक्षक रतनलाल और उनकी पूरी टीम ने एक साथ सक्रिय होकर फिल्मी स्टाइल में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उनसे मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त के नेटवर्क और अन्य संभावित तस्करों के संबंध में पूछताछ कर जानकारी जुटा रही है।2