Shuru
Apke Nagar Ki App…
लोगों का कहना है कि साहेब द्वारा किए गए वादे अब नाकाफ़ी साबित हुए हैं। इस दुखभरी स्थिति में अपनी व्यथा सुनाने के लिए न तो कोई राजनीतिक पार्टी का अध्यक्ष या उपाध्यक्ष उपलब्ध है और न ही कोई ऐसा हमदर्द व्यक्ति, जिससे वे अपने दिल की दुखी दास्ताँ साझा कर सकें।
पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
लोगों का कहना है कि साहेब द्वारा किए गए वादे अब नाकाफ़ी साबित हुए हैं। इस दुखभरी स्थिति में अपनी व्यथा सुनाने के लिए न तो कोई राजनीतिक पार्टी का अध्यक्ष या उपाध्यक्ष उपलब्ध है और न ही कोई ऐसा हमदर्द व्यक्ति, जिससे वे अपने दिल की दुखी दास्ताँ साझा कर सकें।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- ब्यौहारी पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए भारी मात्रा में गांजा जब्त किया है। इस दौरान पुलिस ने 1.27 क्विंटल गांजे के साथ एक ब्रेजा कार को भी जब्त किया है।1
- उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर परिक्षेत्र की बिरुहली बीट में एक करीब 3 वर्षीय नर बाघ घायल अवस्था में मिला, जिसे वन विभाग ने समय रहते सफल उपचार देकर दोबारा सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया। इस पूरे अभियान में वन अमले और विशेषज्ञ चिकित्सकों की तत्परता ने एक बेशकीमती वन्यजीव की जान बचा ली। रविवार को गश्ती दल ने बाघ के एक पैर में चोट होने की सूचना दी थी, जिसके बाद हाथियों और वनकर्मियों की टीम ने लगातार उसकी निगरानी की। क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय के निर्देशन और उप संचालक के मार्गदर्शन में सोमवार सुबह वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तोमर और उनकी टीम ने बाघ की सफलतापूर्वक ट्रैकिंग की। बाघ को सुरक्षित तरीके से ट्रैंकुलाइज कर उसका उपचार किया गया। इस दौरान आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण के साथ ब्लड सैंपल भी लिया गया। उपचार पूरा होने के बाद बाघ को उसी वन क्षेत्र में सुरक्षित छोड़ दिया गया। पूरे अभियान के दौरान उप संचालक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, सहायक संचालक ताला, परिक्षेत्र अधिकारी पनपथा बफर, टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के श्रमिक एवं वन विभाग का अमला मौजूद रहा। उपचार के बाद भी श्याम और लक्ष्मण हाथियों तथा वन अमले की टीम बाघ की लगातार निगरानी कर रही है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने एक बार फिर साबित किया है कि वन्यजीवों के संरक्षण और आपातकालीन उपचार के लिए उसकी टीम हर समय पूरी मुस्तैदी और तकनीकी दक्षता के साथ तैयार रहती है।2
- अनूपपुर जिले के भालूमाड़ा थाना क्षेत्र स्थित केवई नदी के पंप घाट पर दोस्तों के साथ नहा रहे 12 वर्षीय शिवम गुप्ता की गहरे पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, गहरे पानी में समा जाने के बाद शिवम के दोस्तों में हड़कंप मच गया, जिसके बाद उन्होंने घटना की जानकारी परिजनों को दी। सूचना मिलते ही पुलिस एवं स्थानीय नागरिक घाट पर पहुंचे और शव की तलाश में जुट गए। नगर पालिका परिषद पसान के अध्यक्ष राम अवध सिंह, जमुना कोतमा क्षेत्र के कॉलरी महाप्रबंधक, थाना प्रभारी उमेश उपाध्याय और पुलिस बल मौके पर पहुंचे और गोताखोरों की मदद से शव की तलाश की गई। लगभग 2 घंटे बाद शव को नदी से बाहर निकाला जा सका। इस घटना के बाद परिवार में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मौके पर भारी भीड़ भी जमा हो गई, जिसे प्रशासन द्वारा नदी से पीछे हटाने को लेकर हल्की बहसबाजी भी हुई। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि पिछले कई दिनों से हो रहे अवैध रेत उत्खनन के कारण नदी में जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिसके कारण बच्चा गहरे पानी में समा गया और उसकी मौत हो गई।1
- मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय में आज पल्स पोलियो दिवस का आयोजन किया गया, जहाँ 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई। इस अभियान का शुभारंभ सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह और श्री आशुतोष अग्रवाल ने बच्चों को 'जिंदगी की दो बूंद' पोलियो की दवा पिलाकर किया। दोनों अधिकारियों ने सभी अभिभावकों से यह सुनिश्चित करने की अपील की कि 0 से लेकर 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाई जाए, ताकि पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को सशक्त बनाया जा सके।1
- गाड़ासरई में जीआर की सी कंपनी द्वारा नाली निर्माण का कार्य तेजी से प्रगति पर है। इस निर्माण गतिविधि के चलते, खास तौर पर बरसात के मौसम में, सड़क के दोनों ओर भारी कीचड़ जमा हो गया है, जिससे स्थानीय निवासियों को आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।4
- अनूपपुर जिले के वन क्षेत्रों में इन दिनों हाथियों की लगातार मौजूदगी बनी हुई है, जिस पर वन विभाग पूरी तरह से सतर्क है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार 28 जून 2026 को चार हाथियों के समूह में से तीन हाथी अनूपपुर वन परिक्षेत्र, थाना और तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सोनमोहरी के जंगल क्षेत्र में पहुँचे, जहाँ उन्होंने दिन के समय विश्राम किया। ये तीनों हाथी शाम के समय जंगल से बाहर निकलकर सेंदुरी से सोनमोहरी जाने वाले मुख्य मार्ग को पार करते हुए सेंदुरी, भगतबांध या बर्री क्षेत्र की ओर जाने की संभावना जताई गई है। वन विभाग इन हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नज़र बनाए हुए है, और ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की गई है। वहीं, एक अन्य हाथी जैतहरी वन परिक्षेत्र, थाना और तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत गोबरी के जंगल क्षेत्र में पाया गया। यह हाथी रविवार को दिन में जंगल के अंदर विश्राम कर रहा था और वर्तमान समय तक इसकी जंगल क्षेत्र में ही विचरण करने की सूचना है। वन विभाग ने ग्रामीणों से विशेष अपील की है कि वे हाथियों के पास न जाएँ, उन्हें किसी भी तरह से परेशान न करें, और जंगल क्षेत्र या हाथियों की आवाजाही वाले मार्गों पर पूरी सावधानी बरतें। विभाग की टीमें किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए हाथियों की निरंतर निगरानी कर रही हैं।1
- उमरिया जिले के विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में एक चीतल को केला खिलाने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना उमरिया-ताला मार्ग पर स्थित मगधी परीक्षेत्र के प्रवेश द्वार के ठीक सामने हुई, जहां बांधवगढ़ घूमने आए पर्यटकों की एक कार में सवार पर्यटक द्वारा समीप से गुजर रहे चीतल को केला खिलाया गया। इस वायरल वीडियो को संज्ञान में लेते हुए, पार्क प्रबंधन ने तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने वाहन नंबर के आधार पर घटना की जांच करने और वन्य जीव अधिनियम के तहत संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।2
- बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर परिक्षेत्र की बिरुहली बीट में एक लगभग 3 वर्षीय नर बाघ को घायल अवस्था में पाए जाने के बाद वन विभाग ने उसका सफल उपचार कर उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया है। इस पूरे अभियान में वन अमले और विशेषज्ञ चिकित्सकों की तत्परता ने एक बेशकीमती वन्यजीव की जान बचा ली। रविवार को गश्ती दल ने बाघ के एक पैर में चोट होने की जानकारी दी थी, जिसके बाद हाथियों और वनकर्मियों की टीम ने लगातार उसकी निगरानी की। क्षेत्र संचालक डॉ अनुपम सहाय के निर्देशन और उप संचालक के मार्गदर्शन में सोमवार सुबह वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तोमर और उनकी टीम ने बाघ को सफलतापूर्वक ट्रैक किया। बाघ को सुरक्षित तरीके से ट्रैंकुलाइज कर उसका उपचार किया गया। इस दौरान आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण के साथ ब्लड सैंपल भी लिया गया। उपचार पूरा होने के बाद बाघ को उसी वन क्षेत्र में सुरक्षित छोड़ दिया गया। पूरे अभियान के दौरान उप संचालक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, सहायक संचालक ताला, परिक्षेत्र अधिकारी पनपथा बफर, टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के श्रमिक एवं वन विभाग का अमला मौजूद रहा। उपचार के बाद भी श्याम और लक्ष्मण हाथियों तथा वन अमले की टीम बाघ की लगातार निगरानी कर रही है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने एक बार फिर साबित किया है कि वन्यजीवों के संरक्षण और आपातकालीन उपचार के लिए उसकी टीम हर समय पूरी मुस्तैदी और तकनीकी दक्षता के साथ तैयार रहती है।4