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मध्य प्रदेश के दमोह जिले के पटेरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के बारे में अभी तक ज्यादा जानकारी नहीं मिली है, लेकिन स्थानीय सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई अपराधियों के खिलाफ की गई है। पुलिस ने इस मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लिया है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं।
NP Ashish Dubey Journalist
मध्य प्रदेश के दमोह जिले के पटेरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के बारे में अभी तक ज्यादा जानकारी नहीं मिली है, लेकिन स्थानीय सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई अपराधियों के खिलाफ की गई है। पुलिस ने इस मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लिया है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं।
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- करेली पुलिस को अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 11 ग्राम स्मैक के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसकी कीमत लगभग एक लाख दस हजार रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश केश मीणा के निर्देशन में की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया और एसडीओपी मनोज गुप्ता के मार्गदर्शन में जिले में अवैध कारोबार करने वालों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार धरपकड़ की जा रही है।1
- महेंद्र वार्ड की पार्षद ने कलेक्टर को आवेदन देकर मांग की है कि सोसायटी को किसी अन्य स्थान पर नहीं हटाया जाए। पार्षद का कहना है कि सोसायटी को स्थानांतरित करने से स्थानीय निवासियों को असुविधा होगी। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि सोसायटी वर्तमान में स्थानीय लोगों की आवश्यकताओं को पूरा कर रही है और इसे स्थानांतरित करने से उन्हें होने वाली परेशानी को कम नहीं किया जा सकता। पार्षद ने यह भी कहा कि सोसायटी को स्थानांतरित करने का कोई ठोस कारण नहीं है और इसे वर्तमान स्थान पर ही रखा जाना चाहिए।1
- गोटेगांव नगर के श्रीधाम रेलवे स्टेशन पर स्थानीय श्रद्धालुओं द्वारा प्रत्येक सप्ताह की शाम को शनि देव महाराज का पूजन-अर्चन कर प्रसाद का वितरण किया जा रहा है। इसी परंपरा के तहत देर शाम महिलाओं के द्वारा स्टेशन पर भजन-कीर्तन का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके पश्चात पुरुषों ने शनि देव महाराज का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया और उपस्थित लोगों के बीच प्रसाद बांटा। इस दौरान स्टेशन परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग मौजूद रहे।2
- करेली पुलिस को मिली बडी सफलता 11 ग्राम स्मेक के साथ एक व्यक्ति गिरफ्तार1
- इस वर्ष मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के लखनादौन क्षेत्र में मक्का की फसल सही नहीं दिख रही है। किसानों का कहना है कि खाद की कमी के कारण यूरिया की मात्रा बहुत कम है, जिससे मक्का की फसल पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। किसानों की शिकायत है कि इस वर्ष मक्का की फसल मन नहीं लग रही है और खेती करने में मुश्किलें बढ़ रही हैं।1
- मध्य प्रदेश सरकार ने सीआरएम योजना के तहत किसानों को पराली जलाने से रोकने, मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने, वायु प्रदूषण कम करने और जैविक पदार्थों को मिट्टी में मिलाकर उत्पादक शक्ति बढ़ाने के लिए सब्सिडी पर मशीनरी मुहैया कराने का फैसला किया है। खेड़ीबाड़ी विकास अधिकारी मंजीत कौर की अगुवाई में (सीआरएम) फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत किसानों को सब्सिडी वाले कृषि उपकरण दिए जा रहे हैं। इस योजना का उद्देश्य पर्यावरण को बचाने के साथ-साथ किसानों की आय में वृद्धि करना है।1
- नरसिंहपुर जिले के नरसिंहपुर तहसील में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक परिवार जो पिछले 50 वर्षों से एक भूमि पर काबिज है, उसका नाम अचानक सरकारी सर्वे से गायब हो गया है। इस परिवार का दावा है कि वे इस भूमि पर लंबे समय से रह रहे हैं और उनका नाम सर्वे से हटाए जाने से उन्हें काफी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि लंबे समय से इस परिवार के कब्जे में है और अचानक सर्वे से नाम गायब होने से स्थानीय प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं। परिवार के सदस्यों ने स्थानीय अधिकारियों से इस मामले में हस्तक्षेप करने और उनके नाम को सर्वे में शामिल करने की मांग की है।1
- नरसिंहपुर जिले की धनारी कॉलोनी की गली नंबर 3 में कीचड़ की वजह से स्थानीय लोग काफी परेशान हैं। कॉलोनी के निवासियों का कहना है कि बारिश के बाद गली में कीचड़ जमा हो जाता है, जिससे आवागमन में बहुत मुश्किल होती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस समस्या का समाधान करने की मांग की है। अभी तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे लोग और अधिक नाराज हैं।1
- नरसिंहपुर जिले के नरसिंहपुर तहसील में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक परिवार जो पिछले 50 वर्षों से एक भूमि पर काबिज है, उसका नाम हाल ही में हुए सरकारी सर्वे में गायब है। इस परिवार का दावा है कि वे दशकों से इस भूमि पर रह रहे हैं और उनका अधिकार है। हालांकि, सरकारी रिकॉर्ड में उनका नाम नहीं है, जिससे उनकी परेशानी बढ़ गई है। इस मामले ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार के सदस्यों का कहना है कि वे इस भूमि पर खेती करते हैं और उनका पूरा जीवन इसी भूमि से जुड़ा हुआ है। अब, सरकारी सर्वे में नाम न होने के कारण, उन्हें अपनी भूमि के अधिकार को लेकर चिंता सता रही है। स्थानीय प्रशासन ने इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। परिवार के सदस्यों ने मांग की है कि उनकी समस्या का समाधान किया जाए और उन्हें उनकी भूमि का अधिकार दिया जाए।1