*बरकट्ठा के सलैया गांव में ऐतिहासिक पहल: ग्रामीणों और रैयतों की अनूठी मिसाल,रैयतों ने अपनी निजी जमीन* *सार्वजनिक सड़क निर्माण के लिए दिया दान* *पंचायत के वर्तमान वा पूर्व जनप्रतिनिधियो एव , पूजा समिति के पदाधिकारियों,और ग्रामीणों का रहा अहम् योगदान* *श्रमदान कर वर्षों से लंबित ग्रामीणों की सड़क की मांग घंटों में बनकर हुआ तैयार* बरकट्ठा प्रखंड क्षेत्र के ग्राम सलैया में भक्ति, त्याग और सामुदायिक एकजुटता की एक ऐसी मिसाल पेश की गई, जिसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। श्री वैष्णवी चैती दुर्गा पूजा समिति के तत्वावधान में माता की प्रतिमा विसर्जन के दौरान ग्रामीणों ने "जनशक्ति और इच्छाशक्ति" के संगम से दशकों पुरानी रास्ते की मांग की समस्या को चंद घंटों में हल कर दिया। विदित हो कि विसर्जन मार्ग पर रास्ता न होने के कारण वर्षों से प्रतिमा विसर्जन और ग्रामीणों के आवागमन में भारी कठिनाई होती थी। लेकिन इस बार विसर्जन के समय जब बाधा आई, तो स्थानीय रैयतों ने समाज हित में अपनी निजी जमीन दान देने की घोषणा की ज़मीन मिलते ही ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से जेसीबी गाड़ियां और हाइवा गाड़ियों से मोरम गिराने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू हुआ। पूरे गांव के लोगों ने एकजुट होकर श्रमदान किया और देखते ही देखते उस दुर्गम स्थल पर सुगम रास्ता तैयार कर दिया, जो अब सलैया गांव के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय बन गया है। रास्ता तैयार होने के पश्चात, पूरे विधि-विधान और माता के जयकारों के बीच प्रतिमा का विसर्जन संपन्न हुआ। ग्रामीणों ने साबित कर दिया कि सामुदायिक सहभागिता से बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान निकाला जा सकता है। इस अवसर पर समिति के सदस्य, प्रबुद्ध नागरिक और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। इस अद्भुत मिसाल को देखते हुए स्थानीय पूर्व मुखिया गोपाल प्रसाद ने जमीन दाताओं और ग्रामीणों की बड़ी उपलब्धि बताया, और भूरी भूरी प्रसंशा किया उन्होंने कहा कि इन दाताओं का त्याग पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक है। इस अवसर पर मुख्य रूप से मुखिया इंद्रदेव प्रसाद, पूर्व मुखिया गोपाल प्रसाद, अधिवक्ता रामसेवक प्रसाद, भाजपा मंडल अध्यक्ष सूर्यदेव मंडल उर्फ टिंकू, विधायक मीडिया प्रतिनिधि यशराज साहा, समाजसेवी केदार मंडल सहित पूजा समिति के अध्यक्ष मुकेश दास, कोषाध्यक्ष रोहित प्रसाद, सचिव परमेश्वर पंडित, छोटीलाल प्रसाद, राजेश प्रसाद उर्फ राजू, घमंडू महतो, राजेंद्र प्रसाद, चंद्रिका प्रसाद,राजू प्रसाद, कमल प्रसाद, रामेश्वर महतो,रामचंद्र प्रसाद चौधरी, हेमलाल महतो, प्रयाग महतो, चंद्रिका प्रसाद, सुरेश प्रसाद, लक्ष्मण प्रसाद, मुकेश प्रसाद, किशोर पंडित, सहदेव प्रसाद, बुलाकी प्रसाद, रमन प्रसाद, छोटीलाल मंडल, बिकास कुमार एवं ज्ञानी प्रसाद,बिनोद प्रसाद, सीताराम प्रसाद सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।
*बरकट्ठा के सलैया गांव में ऐतिहासिक पहल: ग्रामीणों और रैयतों की अनूठी मिसाल,रैयतों ने अपनी निजी जमीन* *सार्वजनिक सड़क निर्माण के लिए दिया दान* *पंचायत के वर्तमान वा पूर्व जनप्रतिनिधियो एव , पूजा समिति के पदाधिकारियों,और ग्रामीणों का रहा अहम् योगदान* *श्रमदान कर वर्षों से लंबित ग्रामीणों की सड़क की मांग घंटों में बनकर हुआ तैयार* बरकट्ठा प्रखंड क्षेत्र के ग्राम सलैया में भक्ति, त्याग और सामुदायिक एकजुटता की एक ऐसी मिसाल पेश की गई, जिसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। श्री वैष्णवी चैती दुर्गा पूजा समिति के तत्वावधान में माता की प्रतिमा विसर्जन के दौरान ग्रामीणों ने "जनशक्ति और इच्छाशक्ति" के संगम से दशकों पुरानी रास्ते की मांग की समस्या को चंद घंटों में हल कर दिया। विदित हो कि विसर्जन मार्ग पर रास्ता न होने के कारण वर्षों से प्रतिमा विसर्जन और ग्रामीणों के आवागमन में भारी कठिनाई होती थी। लेकिन इस बार विसर्जन के समय जब बाधा आई, तो स्थानीय रैयतों ने समाज हित में अपनी निजी जमीन दान देने की घोषणा की ज़मीन मिलते ही ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से जेसीबी गाड़ियां और हाइवा गाड़ियों से मोरम गिराने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू हुआ। पूरे गांव के लोगों ने एकजुट होकर श्रमदान किया और देखते ही देखते उस दुर्गम
स्थल पर सुगम रास्ता तैयार कर दिया, जो अब सलैया गांव के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय बन गया है। रास्ता तैयार होने के पश्चात, पूरे विधि-विधान और माता के जयकारों के बीच प्रतिमा का विसर्जन संपन्न हुआ। ग्रामीणों ने साबित कर दिया कि सामुदायिक सहभागिता से बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान निकाला जा सकता है। इस अवसर पर समिति के सदस्य, प्रबुद्ध नागरिक और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। इस अद्भुत मिसाल को देखते हुए स्थानीय पूर्व मुखिया गोपाल प्रसाद ने जमीन दाताओं और ग्रामीणों की बड़ी उपलब्धि बताया, और भूरी भूरी प्रसंशा किया उन्होंने कहा कि इन दाताओं का त्याग पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक है। इस अवसर पर मुख्य रूप से मुखिया इंद्रदेव प्रसाद, पूर्व मुखिया गोपाल प्रसाद, अधिवक्ता रामसेवक प्रसाद, भाजपा मंडल अध्यक्ष सूर्यदेव मंडल उर्फ टिंकू, विधायक मीडिया प्रतिनिधि यशराज साहा, समाजसेवी केदार मंडल सहित पूजा समिति के अध्यक्ष मुकेश दास, कोषाध्यक्ष रोहित प्रसाद, सचिव परमेश्वर पंडित, छोटीलाल प्रसाद, राजेश प्रसाद उर्फ राजू, घमंडू महतो, राजेंद्र प्रसाद, चंद्रिका प्रसाद,राजू प्रसाद, कमल प्रसाद, रामेश्वर महतो,रामचंद्र प्रसाद चौधरी, हेमलाल महतो, प्रयाग महतो, चंद्रिका प्रसाद, सुरेश प्रसाद, लक्ष्मण प्रसाद, मुकेश प्रसाद, किशोर पंडित, सहदेव प्रसाद, बुलाकी प्रसाद, रमन प्रसाद, छोटीलाल मंडल, बिकास कुमार एवं ज्ञानी प्रसाद,बिनोद प्रसाद, सीताराम प्रसाद सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।
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- दारू ( हजारीबाग): दारू थाना क्षेत्र अंतर्गत मेडकुरी पंचायत के मोक्तम्मा गांव में घरेलू जमीनी विवाद ने मंगलवार को हिंसक रूप ले लिया। दो सगे भाइयों के बीच हुए विवाद में उमेश तुरी और उनके पुत्र आर्यन कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उमेश तुरी और उनके भाई कामेश्वर तुरी के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी मामले के समाधान के लिए पंचायत मुखिया भोला तुरी की उपस्थिति में गांव में बैठक बुलाई गई थी। बैठक के दौरान कामेश्वर तुरी की पत्नी ने परिवार के सदस्यों के अनुपस्थित रहने का हवाला देते हुए बैठक को 5 अप्रैल तक स्थगित करने की बात कही, जिस पर ग्रामीणों ने सहमति जताई और बैठक समाप्त हो गई। आरोप है कि बैठक खत्म होने के करीब 10 मिनट बाद कामेश्वर तुरी अपने परिवार के साथ पहुंचे और उमेश तुरी व उनके बेटे पर अचानक हमला कर दिया। इस हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों की मदद से उन्हें तत्काल सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पीड़ित ने दारू थाना में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।3
- यह सफलता हमारी मेडिकल टीम की दक्षता और समर्पण का परिणाम है : जया सिंह हज़ारीबाग शहर के प्रतिष्ठित एचजेडबी आरोग्यम सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में एक बार फिर आधुनिक चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की गई है। अस्पताल के वरिष्ठ लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. बी.एन. प्रसाद ने एक ऐसे मरीज का सफल ऑपरेशन किया है, जो बार-बार उभरने वाले जटिल हर्निया से पीड़ित था। इस सफल सर्जरी के बाद मरीज को नई ज़िंदगी मिली है और वह तेजी से स्वस्थ हो रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित मरीज पहले भी दो बार हर्निया की सर्जरी करा चुका था, लेकिन दोनों ही बार यह समस्या पुनः सामने आ गई थी। चिकित्सकीय दृष्टिकोण से ऐसे मामलों में तीसरी बार सर्जरी करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। जिसमें पहले लगाए गए मेश (जाली) को निकालना पड़ता है। यह प्रक्रिया न केवल जटिल होती है, बल्कि इसमें संक्रमण और अन्य जोखिमों की संभावना भी अधिक रहती है। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉ. बी.एन. प्रसाद ने पारंपरिक पद्धति से हटकर आधुनिक लैप्रोस्कोपिक तकनीक अपनाने का निर्णय लिया। उन्होंने आई.पी.ओ.एम.तकनीक के माध्यम से इस जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इस प्रक्रिया के दौरान लगभग 15×15 सेंटीमीटर का विशेष मेश मरीज के पेट के अंदर सुरक्षित रूप से लगाया गया, जिससे हर्निया की समस्या का स्थायी समाधान संभव हो सका। डॉक्टरों के अनुसार, इस प्रकार की उन्नत लैप्रोस्कोपिक हर्निया सर्जरी हज़ारीबाग़ में पहली बार की गई है। अब तक इस तरह के जटिल मामलों के लिए मरीजों को बड़े महानगरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन इस सफलता के बाद स्थानीय स्तर पर ही उच्च स्तरीय इलाज उपलब्ध होने की राह और मजबूत हो गई है। ऑपरेशन के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और उसकी रिकवरी भी संतोषजनक गति से हो रही है। चिकित्सकों का कहना है कि लैप्रोस्कोपिक तकनीक के कारण मरीज को कम दर्द, कम रक्तस्राव और जल्दी स्वस्थ होने का लाभ मिलता है। अस्पताल के निर्देशक हर्ष अजमेरा ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि उनका उद्देश्य हज़ारीबाग़ के लोगों को महानगरों जैसी आधुनिक और उन्नत चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि अस्पताल निरंतर नई तकनीकों को अपनाकर मरीजों को बेहतर सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं अस्पताल की प्रशासक जया सिंह ने इसे पूरी टीम के समर्पण और कुशलता का परिणाम बताते हुए कहा कि मरीजों की सुरक्षा, विश्वास और बेहतर उपचार उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की सफल सर्जरी से न केवल अस्पताल की पहचान मजबूत होती है, बल्कि मरीजों का भरोसा भी बढ़ता है। इस सफल ऑपरेशन को न केवल अस्पताल, बल्कि पूरे हज़ारीबाग़ के चिकित्सा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में और भी जटिल सर्जरी अब शहर में ही संभव हो पाएंगी, जिससे मरीजों को बेहतर और सुलभ इलाज मिल सकेगा।1
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