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संवाददाता आशीष मिश्रा की खबर के अनुसार, लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में योगासन करने के बाद लोगों ने अपनी मैट लेकर घर जाना शुरू कर दिया। इस दौरान गार्ड को उन्हें रोकने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। गार्ड ने सभी लोगों से मैट पकड़-पकड़कर गेट के पास रखवा लीं। पार्क में बुजुर्गों ने व्यायाम किया, वहीं जवानों ने ठहाके लगाए। इसी क्रम में, लोहिया पार्क में योग टीचर पुनीत ने लोगों को सूक्ष्म व्यायाम, आसन और प्राणायाम का अभ्यास कराया।
आशीष कुमार मिश्रा
संवाददाता आशीष मिश्रा की खबर के अनुसार, लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में योगासन करने के बाद लोगों ने अपनी मैट लेकर घर जाना शुरू कर दिया। इस दौरान गार्ड को उन्हें रोकने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। गार्ड ने सभी लोगों से मैट पकड़-पकड़कर गेट के पास रखवा लीं। पार्क में बुजुर्गों ने व्यायाम किया, वहीं जवानों ने ठहाके लगाए। इसी क्रम में, लोहिया पार्क में योग टीचर पुनीत ने लोगों को सूक्ष्म व्यायाम, आसन और प्राणायाम का अभ्यास कराया।
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- उत्तर प्रदेश में 'पाप धोने की मशीन' लगने का सवाल उठाते हुए, पैसे से मजबूत विजेंद्र हुड्डा की कारगुज़ारियों पर तीखी टिप्पणी की गई है। जानकारी के अनुसार, विजेंद्र हुड्डा ने 2015 के आसपास एक मीडिया हाउस शुरू किया था, जो कुछ ही समय में अलग-थलग पड़ गया। इसके बाद 2018 में उन्होंने ओला/उबर की तर्ज़ पर 'बाइक बोट टैक्सी सर्विस' लॉन्च की, जिसमें 7 हज़ार करोड़ रुपये से ज़्यादा का बड़ा घोटाला सामने आया। इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने हुड्डा के खिलाफ 100 से अधिक मुकदमे दर्ज किए और उन पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया, जिसके बाद वह पुलिस से बचकर विदेश भाग गए। हालांकि, विदेश से लौटने के बाद, जैसा कि बताया गया है, उन्होंने 'इतनी तगड़ी सेटिंग' की कि 'माई लॉर्ड' ने उन्हें बाहर ही बाहर 'अभयदान' दे दिया। 2024 में विजेंद्र हुड्डा ने नेता बनने का फैसला किया और लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। चुनाव हारने के कुछ ही दिनों बाद, उन्होंने एक यूनिवर्सिटी खरीद ली और सीधे उसके चांसलर बन गए। पिछले साल, उत्तर प्रदेश एसटीएफ (STF) ने इस यूनिवर्सिटी में छापेमारी कर पैसे लेकर डिग्रियां बांटने के एक बड़े घोटाले का भंडाफोड़ किया, जिसके चलते हुड्डा साहब को जेल जाना पड़ा। वे कुछ महीने पहले ही जेल से बाहर आए हैं। अब, हाल ही में विजेंद्र हुड्डा ने उत्तर प्रदेश में फिर से अपना टीवी चैनल 'Nation-27' लॉन्च किया है। इस लॉन्च कार्यक्रम में सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के कई नेता मौजूद थे, और दूसरे राज्य के 'गवर्नर साहब' तक इसमें शामिल होने पहुंचे। इन सारी घटनाओं को देखते हुए, यह सवाल उठाया गया है कि क्या उत्तर प्रदेश में इतने सारे 'पाप' यूं ही धुल जाते हैं?1
- एक ओर जहां हुसैनाबाद ट्रस्ट और सरकार ऐतिहासिक सतखंडा तथा पुराने गेटों की मूल पहचान सुरक्षित रखने के लिए पारंपरिक शैली व उपयुक्त सामग्री का उपयोग कर संरक्षण का दावा कर रहे हैं, वहीं ठीक बगल में कथित तौर पर सीमेंट से नए निर्माण कर शटर वाली दुकानें बनाई जा रही हैं। यह स्थिति विरासत संरक्षण के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। करोड़ों रुपये खर्च करके ऐतिहासिक धरोहरों को बचाने के प्रयासों के बावजूद, उनके आसपास विरासत संरक्षण मानकों की खुलेआम अनदेखी कैसे हो रही है, इस पर जनता जवाब मांग रही है। यदि यह निर्माण नियमों के विरुद्ध है, तो संबंधित अधिकारियों की अब तक की खामोशी पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। जनता जानना चाहती है कि कहीं संरक्षण के नाम पर केवल दिखावा तो नहीं किया जा रहा और कहीं इसके पीछे व्यावसायिक हितों को बढ़ावा देने का खेल तो नहीं है।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला करते हुए चेतावनी दी है कि वर्तमान सरकार में बेटियों और बहनों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले अपराधियों के लिए यमराज का घर तैयार है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा के शासनकाल में मोहर्रम और ईद जैसे त्योहारों पर हुड़दंग कराया जाता था, जबकि कांवड़ यात्रा और कृष्ण जन्मोत्सव जैसी धार्मिक यात्राओं पर रोक लगा दी जाती थी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार त्योहारों पर भेदभाव करती थी और बहुसंख्यक समाज की आस्था को भी बाधित करती थी। वर्तमान भाजपा सरकार के तहत, मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि बिना किसी भेदभाव के सभी त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से मनाए जा रहे हैं और कानून-व्यवस्था मजबूत है। उन्होंने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों और महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, और सरकार ऐसे तत्वों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना रही है। योगी आदित्यनाथ ने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मी भविष्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक संवेदनशील व प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।1
- लखनऊ में NEET UG-2026 की पुन:परीक्षा से ठीक पहले, ठाकुरगंज पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से चाक-चौबंद किया गया है और सभी परीक्षा केंद्रों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।1
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर लखनऊ की रेजिडेंसी में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सैकड़ों लोगों के साथ योग किया। इस कार्यक्रम में लखनऊ के डीएम विशाख जी ने भी हिस्सा लिया, जहाँ बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति दर्ज की गई। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इस दौरान कहा कि 2014 के बाद भारतीय संस्कृति का परचम पूरे विश्व में बुलंद हुआ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योग हमें मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रखता है। ब्रजेश पाठक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का श्रेय भी दिया। योग दिवस पर अपने संदेश में, डिप्टी सीएम ने सभी से स्वस्थ जीवन के लिए योग को अपनाने का आह्वान किया।3
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर लखनऊ रेजिडेंसी में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सैकड़ों लोगों के साथ योग किया। इस कार्यक्रम में लखनऊ के डीएम विशाख जी ने भी हिस्सा लिया। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इस दौरान कहा कि 2014 के बाद भारतीय संस्कृति का परचम पूरे विश्व में बुलंद हुआ है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। उन्होंने यह भी बताया कि योग हमें मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रखता है। ब्रजेश पाठक ने योग दिवस पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए स्वस्थ जीवन के लिए योग अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने सभी लोगों से अपील की कि वे योग को दैनिक क्रिया की तरह करें ताकि उनका तन और मन स्वस्थ रह सके। इसके अतिरिक्त, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने नीट परीक्षा पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि नीट की परीक्षा पूरी तरह सकुशल संपन्न हो रही है और सरकार युवाओं का अहित किसी भी स्थिति में नहीं होने देगी। उन्होंने यह भी बताया कि सभी अधिकारी सतर्कता के साथ अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं और पूरे प्रकरण की SIT जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कोई और बात कही जाएगी। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी, यह सरकार की प्रतिबद्धता है।2
- उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सरधना क्षेत्र से सामने आया एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल दावों के मुताबिक, सड़क पर हुए एक विवाद के दौरान एक युवती और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसमें युवती द्वारा पुलिसकर्मियों से कथित तौर पर अभद्रता भी की गई। इस घटना के दौरान मौके पर लोगों की काफी भीड़ जमा हो गई थी। इस कथित वीडियो के सामने आने के बाद सार्वजनिक स्थानों पर कानून-व्यवस्था और अनुशासन को लेकर सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है। हालांकि, वायरल वीडियो में किए जा रहे इन सभी दावों और घटनाक्रम की अभी तक कोई स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस की जांच और उनके आधिकारिक बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1
- लखनऊ के चौक स्थित KGMU परिसर के आसपास का बताया जा रहा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल दावों के मुताबिक, इस वीडियो में कुछ लोगों के बीच विवाद और कथित मारपीट की घटना हुई है, जिसके बाद क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, जहाँ कई लोग मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो में किए जा रहे दावों और घटना की परिस्थितियों की अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, और इस मामले को लेकर प्रशासन या पुलिस की ओर से आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।1