अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस विशेष २३९वीं कल्पकथा साप्ताहिक काव्यगोष्ठी नारी ही नारायणी सफलतापूर्वक सम्पन्न। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस विशेष २३९वीं कल्पकथा साप्ताहिक काव्यगोष्ठी – “नारी ही नारायणी” सफलतापूर्वक सम्पन्न। प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित, राष्ट्र प्रथम, हिन्दी भाषा, सनातन संस्कृति, एवं सद साहित्य हेतु कृत संकल्पित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार की संवाद प्रभारी ज्योति राघव सिंह ने बताया कि संस्था द्वारा आयोजित २३९वीं साप्ताहिक ऑनलाइन काव्यगोष्ठी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के पावन अवसर पर नारी ही नारायणी विषय पर अत्यंत गरिमामय एवं साहित्यिक वातावरण में सम्पन्न हुई। इस विशेष आयोजन में देश के विभिन्न प्रांतों से जुड़े विद्वान साहित्यकारों, कवियों एवं रसिक श्रोताओं ने सहभागिता कर नारी शक्ति के गौरव, सम्मान और महिमा का भावपूर्ण काव्याभिव्यक्ति के माध्यम से अभिनंदन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बैंगलोर कर्नाटक से सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. लता चौहान ने की तथा बलौदा छत्तीसगढ़ से जुड़ीं विदुषी साहित्यकार डॉ. गीता विश्वकर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का प्रभावशाली एवं सरस संचालन कोंच जालौन, उत्तर प्रदेश से जुड़े आशुकवि भास्कर सिंह माणिक द्वारा किया गया, जिन्होंने अपनी ओजस्वी वाणी से सम्पूर्ण आयोजन को काव्यमय ऊर्जा प्रदान की। कार्यक्रम का शुभारम्भ नागपुर महाराष्ट्र से जुड़े विद्वान साहित्यकार श्री विजय रघुनाथराव डांगे द्वारा संगीतमय गुरु वंदना, गणेश वंदना एवं सरस्वती वंदना के मधुर गायन से हुआ, जिससे सम्पूर्ण वातावरण भक्तिभाव एवं साहित्यिक श्रद्धा से आलोकित हो उठा। तत्पश्चात विभिन्न प्रदेशों से जुड़े प्रतिभागी साहित्यकारों ने नारी ही नारायणी विषय पर अपनी उत्कृष्ट काव्य प्रस्तुतियों के माध्यम से नारी की महिमा, संवेदना, संघर्ष, शक्ति और सृजनशीलता को प्रभावपूर्ण शब्दों में अभिव्यक्त किया। इस अवसर पर मनोज कुमार गुप्ता मंजुल ओजकवि, अतुल कुमार खरे, अनीषा जैन, अवधेश प्रसाद मिश्र ‘मधुप’, बिनोद कुमार पाण्डेय, डॉ. शशि जायसवाल, सुनीता रानी ममगई, कविता नेमा ‘काव्या’, रश्मि रानी कौशल, दिनेश कुमार दुबे, ज्योति प्यासी, दीपिका वर्मा, जितेंद्र शास्त्री, डॉ. मंजू शकुन खरे, दुर्गादत्त मिश्र ‘बाबा’, डॉ. श्याम बिहारी मिश्र, डॉ लता चौहान, डॉ गीता विश्वकर्मा, रमेश चंद्रा गौतम, विजय रघुनाथराव डांगे, भास्कर सिंह माणिक, दीदी राधा श्री शर्मा, पवनेश मिश्र सहित अनेक विद्वान साहित्यकारों ने अपनी सारगर्भित रचनाओं से कार्यक्रम को साहित्यिक ऊँचाइयों तक पहुँचाया। कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष डॉ. लता चौहान ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में नारी को सृष्टि की मूल चेतना और संस्कृति की धुरी बताते हुए कहा कि नारी के सम्मान में ही समाज की समृद्धि और सभ्यता की प्रतिष्ठा निहित है। वहीं मुख्य अतिथि डॉ. गीता विश्वकर्मा ने अपने उद्बोधन में नारी शक्ति के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक स्वरूप को रेखांकित करते हुए साहित्यकारों की रचनात्मक चेतना की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रभावना से ओतप्रोत राष्ट्रगीत “वन्दे मातरम्” का सामूहिक गायन किया गया। तत्पश्चात आमंत्रित अतिथियों, सहभागी साहित्यकारों तथा दर्शकों के प्रति हार्दिक कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए कल्पकथा साहित्य संस्था की संस्थापक दीदी श्रीमती राधा श्री शर्मा द्वारा आभार व्यक्त किया गया। अंत में “सर्वे भवन्तु सुखिनः” के मंगलमय शांति पाठ के साथ इस गरिमामय काव्यगोष्ठी को विश्राम प्रदान किया गया। इस प्रकार नारी सम्मान एवं सृजन चेतना को समर्पित यह काव्यगोष्ठी साहित्यिक सौहार्द, सांस्कृतिक चेतना और भावनात्मक आत्मीयता की अनुपम छटा बिखेरते हुए अत्यंत सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस विशेष २३९वीं कल्पकथा साप्ताहिक काव्यगोष्ठी नारी ही नारायणी सफलतापूर्वक सम्पन्न। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस विशेष २३९वीं कल्पकथा साप्ताहिक काव्यगोष्ठी – “नारी ही नारायणी” सफलतापूर्वक सम्पन्न। प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित, राष्ट्र प्रथम, हिन्दी भाषा, सनातन संस्कृति, एवं सद साहित्य हेतु कृत संकल्पित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार की संवाद प्रभारी ज्योति राघव सिंह ने बताया कि संस्था द्वारा आयोजित २३९वीं साप्ताहिक ऑनलाइन काव्यगोष्ठी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के पावन अवसर पर नारी ही नारायणी विषय पर अत्यंत गरिमामय एवं साहित्यिक वातावरण में सम्पन्न हुई। इस विशेष आयोजन में देश के विभिन्न प्रांतों से जुड़े विद्वान साहित्यकारों, कवियों एवं रसिक श्रोताओं ने सहभागिता कर नारी शक्ति के गौरव, सम्मान और महिमा का भावपूर्ण काव्याभिव्यक्ति के माध्यम से अभिनंदन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बैंगलोर कर्नाटक से सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. लता चौहान ने की तथा बलौदा छत्तीसगढ़ से जुड़ीं विदुषी साहित्यकार डॉ. गीता विश्वकर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का प्रभावशाली एवं सरस संचालन कोंच जालौन, उत्तर प्रदेश से जुड़े आशुकवि भास्कर सिंह माणिक द्वारा किया गया, जिन्होंने अपनी ओजस्वी वाणी से सम्पूर्ण आयोजन को काव्यमय ऊर्जा प्रदान की। कार्यक्रम का शुभारम्भ नागपुर महाराष्ट्र से जुड़े विद्वान साहित्यकार श्री विजय रघुनाथराव डांगे द्वारा संगीतमय गुरु वंदना, गणेश वंदना एवं सरस्वती वंदना के मधुर गायन से हुआ, जिससे सम्पूर्ण वातावरण भक्तिभाव एवं साहित्यिक श्रद्धा से आलोकित हो उठा। तत्पश्चात विभिन्न प्रदेशों से जुड़े प्रतिभागी साहित्यकारों ने नारी ही नारायणी विषय पर अपनी उत्कृष्ट काव्य प्रस्तुतियों के माध्यम से नारी की महिमा, संवेदना, संघर्ष, शक्ति और सृजनशीलता को प्रभावपूर्ण शब्दों में अभिव्यक्त किया। इस अवसर पर मनोज कुमार गुप्ता मंजुल ओजकवि, अतुल कुमार खरे, अनीषा जैन, अवधेश प्रसाद मिश्र ‘मधुप’, बिनोद कुमार पाण्डेय, डॉ. शशि जायसवाल, सुनीता रानी ममगई, कविता नेमा ‘काव्या’, रश्मि रानी कौशल, दिनेश कुमार दुबे, ज्योति प्यासी, दीपिका वर्मा, जितेंद्र शास्त्री, डॉ. मंजू शकुन खरे, दुर्गादत्त मिश्र ‘बाबा’, डॉ. श्याम बिहारी मिश्र, डॉ लता चौहान, डॉ गीता विश्वकर्मा, रमेश चंद्रा गौतम, विजय रघुनाथराव डांगे, भास्कर सिंह माणिक, दीदी राधा श्री शर्मा, पवनेश मिश्र सहित अनेक विद्वान साहित्यकारों ने अपनी सारगर्भित रचनाओं से कार्यक्रम को साहित्यिक ऊँचाइयों तक पहुँचाया। कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष डॉ. लता चौहान ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में नारी को सृष्टि की मूल चेतना और संस्कृति की धुरी बताते हुए कहा कि नारी के सम्मान में ही समाज की समृद्धि और सभ्यता की प्रतिष्ठा निहित है। वहीं मुख्य अतिथि डॉ. गीता विश्वकर्मा ने अपने उद्बोधन में नारी शक्ति के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक स्वरूप को रेखांकित करते हुए साहित्यकारों की रचनात्मक चेतना की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रभावना से ओतप्रोत राष्ट्रगीत “वन्दे मातरम्” का सामूहिक गायन किया गया। तत्पश्चात आमंत्रित अतिथियों, सहभागी साहित्यकारों तथा दर्शकों के प्रति हार्दिक कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए कल्पकथा साहित्य संस्था की संस्थापक दीदी श्रीमती राधा श्री शर्मा द्वारा आभार व्यक्त किया गया। अंत में “सर्वे भवन्तु सुखिनः” के मंगलमय शांति पाठ के साथ इस गरिमामय काव्यगोष्ठी को विश्राम प्रदान किया गया। इस प्रकार नारी सम्मान एवं सृजन चेतना को समर्पित यह काव्यगोष्ठी साहित्यिक सौहार्द, सांस्कृतिक चेतना और भावनात्मक आत्मीयता की अनुपम छटा बिखेरते हुए अत्यंत सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई।
- मासूम का किडनेप करने वाले का पुलिस ने कऱ दिया इलाज1
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- हिंदू युवा की हत्या की घटना ने पूरे दिल्ली को झकझोर कर रख दिया दिल्ली में जगह जगह कैंडल मार्च निकाला गया जो आप लोगों को देखने को मिलेगा विराट आक्रोश सभा दौरान किया जाएगा दिल्ली सरकार से निवेदन है कि इस घटना पर बड़ी कार्रवाई की जाए1
- BAGHPAT DESK:- बागपत मे जाट बटालियन के फोजियो ने पेश की मिसाल, साथी फौजी की मौत के बाद निभाया पिता का धर्म, बेटी की शादी मे निभाई अनूठी रस्म उत्तर प्रदेश के बागपत में एक सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले फौजी हरेंद्र सिंह की बेटी प्राची की शादी में सेना के जवानों ने एक अनुकरणीय मिसाल पेश की। जाट बटालियन 21 के जवानों ने सोमवार रात हुई शादी में पिता की भूमिका निभाते हुए न सिर्फ कन्यादान किया, बल्कि विदाई की रस्में भी पूरी कीं। जवानों ने अपने दिवंगत साथी की बेटी को आशीर्वाद दिया और कन्यादान के रूप में 6 लाख 10 हजार रुपये की राशि प्रदान की। उन्होंने हरेंद्र सिंह से किए गए वादे को पूरा किया। हालांकि हरेंद्र इस दृश्य को देखने के लिए जीवित नहीं थे। परिवार ने सेना को शादी का निमंत्रण कार्ड भेजा था। बागपत के काठा गांव निवासी हरेंद्र सिंह जाट बटालियन 21 में तैनात थे। उनकी मृत्यु 2020 में एक सड़क दुर्घटना में हुई थी। जब वे सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद घर लौट रहे थे। उनके परिवार में दो बेटे और एक बेटी थी। हरेंद्र सिंह की बेटी प्राची का विवाह सोमवार रात शामली निवासी असिस्टेंट बैंक मैनेजर शुभम पुत्र प्रवीण कुमार के साथ हुआ। जाट बटालियन 21 के सात जवान इस शादी में शामिल होने पहुंचे और सभी रस्मों में सक्रिय रूप से भाग लिया। हरेंद्र सिंह की मृत्यु के बाद, उनके परिवार की जिम्मेदारी उनकी पत्नी अमृता ने संभाली, जिन्होंने कड़ी मेहनत से परिवार का पालन-पोषण किया। वर्तमान में, हरेंद्र के एक बेटे हर्षित जाट बटालियन 11 में तैनात हैं, जबकि दूसरा बेटा अक्षित स्नातक की पढ़ाई कर रहा है। वर्दी में जाट रेजिमेंट के जवानों की उपस्थिति ने शादी समारोह को गरिमामय बना दिया। उन्होंने परिवार को अपना पूरा समर्थन दिया और विदाई के समय भी मौजूद रहे, जिससे यह पल यादगार बन गया। इस अनुकरणीय पहल को देखने के लिए शादी में सैकड़ों लोग मौजूद थे।1
- दिल्ली पुलिस एंटी नारकोटिक्स स्क्वॉड को बावाना कारोबारी हत्याकांड में बड़ी सफलता मिली, पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जानकारी के मुताबिक 9 और 10 मार्च की दरमियानी रात पुलिस को सूचना मिली थी कि हत्याकांड में शामिल आरोपी शाहबाद डेयरी इलाके से गुजरने वाले हैं। इसके बाद डीसीपी आउटर नॉर्थ हरेश्वर स्वामी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी कर ट्रैप लगाया। जैसे ही संदिग्धों को रोका गया, उन्होंने पुलिस पर करीब छह राउंड फायरिंग कर दी। पुलिस टीम ने भी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की, जिसमें दोनों आरोपी गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस ने दोनों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से दो सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल, चार जिंदा कारतूस, छह खाली कारतूस और एक चोरी की बाइक बरामद हुई है। घायल आरोपियों को इलाज के लिए बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल, रोहिणी में भर्ती कराया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है। Pc-विजय सिंह ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस, नॉर्दर्न रेंज1
- खबर: Ishan Kishan जब ICC Men's T20 World Cup जीतने के बाद Patna पहुंचे तो एयरपोर्ट पर उनका जोरदार स्वागत हुआ। उन्हें रिसीव करने के लिए बिहार की खेल मंत्री Shreyasi Singh भी मौजूद रहीं। इस दौरान खिलाड़ियों के स्वागत के बीच खेल मंत्री Shreyasi Singh का दर्द भी छलक पड़ा। उन्होंने कहा — “जब मैं मेडल जीतकर लौटी थी… मुझे लेने कोई नहीं आया था।” उनका यह बयान खेल जगत में खिलाड़ियों के संघर्ष और शुरुआती दौर में मिलने वाली अनदेखी को बयां करता है। आज वही खिलाड़ी देश का नाम रोशन कर रहे हैं और उनका भव्य स्वागत किया जा रहा है। #IshanKishan #ShreyasiSingh #TeamIndia #delhiKhabar1
- बिरला को पद से हटाने का ओवैसी संकल्प, विपक्ष को शाह की फटकार, इंदिरा,नेहरू को गालिरों पर माइक चालू- राजीव राय, गांधी परिवार में पैदा होने वाला ही राजा बोले निशिकांत, देश में फ्यूल की कमी नहीं - गोयल और राजनाथ सिंह ने मिलिट्री विजन डॉक्यूमेंट जारी किया..... देखिए देश दुनिया की छ बड़ी खबरें राजपथ न्यूज़ पर....1
- कानपुर देहात में दुल्हन के जेवरात की लूट, विदाई के बाद बदमाशों ने कार रोककर की वारदात खबर: उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में शादी की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब विदाई के बाद घर लौट रही बारात के साथ लूट की वारदात हो गई। जानकारी के अनुसार, विदाई के बाद जैसे ही दूल्हा-दुल्हन की कार गांव से बाहर निकली, तभी बाइक सवार बदमाशों ने कार को आगे से रोक लिया। बदमाशों ने पहले कार ड्राइवर के साथ मारपीट की। ड्राइवर को बचाने के लिए दूल्हा कार से नीचे उतरा तो उसके साथ भी बदमाशों ने मारपीट की। इसके बाद बदमाश दुल्हन के जेवरात लूटकर मौके से फरार हो गए। घटना से बारातियों में हड़कंप मच गया। घटना के बाद पूरी बारात सीधे रसूलाबाद कोतवाली पहुंची, जहां दूल्हा-दुल्हन ने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी देते हुए शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है।1