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बस्तर दशहरा से संबंधित ज़मीन को किसी अन्य को सौंपे जाने के विरोध में जगदलपुर में एक बड़ा आंदोलन होने जा रहा है। इस मामले को लेकर सर्व पिछड़ा वर्ग संघ, अपने सभी वर्गों के सदस्यों के साथ, जगदलपुर में एक विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित करेगा।
तुलसीराम ठाकुर
बस्तर दशहरा से संबंधित ज़मीन को किसी अन्य को सौंपे जाने के विरोध में जगदलपुर में एक बड़ा आंदोलन होने जा रहा है। इस मामले को लेकर सर्व पिछड़ा वर्ग संघ, अपने सभी वर्गों के सदस्यों के साथ, जगदलपुर में एक विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित करेगा।
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- आज, 21 जून 2026 को विश्व योग दिवस के अवसर पर, जगदलपुर में पतंजलि समिति द्वारा 100 से अधिक जगहों पर योग अभ्यास का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर प्रशिक्षकों को शासकीय और अशासकीय महाविद्यालयों, विद्यालयों, खेड़ा परिसर, इंदिरा गांधी स्टेडियम, एनएमडीसी और मानव सविज्ञान संग्रहालय जैसे बड़े-बड़े स्थलों पर भेजा गया। इन प्रशिक्षकों ने वहां उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों को योग अभ्यास करवाया, ताकि वे प्रतिदिन योग करते हुए निरोग रह सकें। 'प्रतिदिन योग करते रहें और निरोग रहें' के नारे के साथ इस अभ्यास को सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया, जिसे काफी सराहनीय बताया गया है।3
- बस्तर संभाग के थाना करपावंड क्षेत्र में प्रशासन की टीम अवैध कब्जा तोड़ने पहुंची। इस दौरान प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बवाल हो गया, जिसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।2
- कोण्डागांव के कृषि विभाग ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर मिली एक शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मेसर्स उन्नत कृषि केंद्र, कोण्डागांव के उर्वरक विक्रय लाइसेंस को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई 21 जून 2026 को की गई। यह कदम ग्राम बनजुगानी (कराठी आलवाड़) निवासी किसान श्री हेमलाल नेताम द्वारा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज कराई गई शिकायत के बाद उठाया गया। किसान ने आरोप लगाया था कि संबंधित फर्म उर्वरक की बिक्री निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर कर रही है। शिकायत प्राप्त होते ही कृषि विभाग के अधिकारियों ने फर्म का निरीक्षण किया। जांच के दौरान यह पाया गया कि विक्रेता उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों के अनुरूप स्टॉक पंजी, बिक्री पंजी और अन्य आवश्यक अभिलेखों का समुचित संधारण नहीं कर रहा था। इसे एक गंभीर अनियमितता मानते हुए, विभाग ने फर्म का उर्वरक विक्रय लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।1
- सुकमा जिले के मुख्यालय स्थित पुराना कलेक्ट्रेट परिसर में एक पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह विशेष आयोजन देवर्षि नारद जयंती के उपलक्ष्य में किया गया था।1
- सुकमा में सी-मार्ट को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि सी-मार्ट के संचालन में अनियमितताएं हो रही हैं, जिससे उनका रोजगार छिन गया है। इस संबंध में उन्होंने राज्य महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई है।1
- कोंडागांव जिले के केशकाल थाना क्षेत्र में एक युवती से शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने और उसके गर्भवती होने के बाद शादी से इनकार करने का मामला सामने आया है। इस गंभीर प्रकरण में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी ईश्वर जैन (38) को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर गहन जांच की गई। जांच के उपरांत आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस द्वारा इस मामले में आगे की जांच अभी भी जारी है।1
- केशकाल विधानसभा क्षेत्र के विधायक नीलकंठ टेकाम ने हाल ही में बीजापुर के स्थानीय पुनर्वास केंद्र का दौरा किया, जहाँ उन्होंने 107 आत्मसमर्पित लोगों से आत्मीय संवाद किया। योग कार्यक्रम के बाद पुनर्वास केंद्र पहुँचे विधायक ने उन सभी से बातचीत की, जो पहले नक्सली संगठन का हिस्सा थे लेकिन अब हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट आए हैं। इस दौरान उन्होंने आत्मसमर्पितों का हालचाल जाना और केंद्र की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण भी किया। विधायक टेकाम ने इस मुलाकात के बाद कहा कि उनके चेहरों पर दिख रहा बदलाव का भरोसा ही सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बस्तर में भय और अशांति के दिन अब इतिहास बन रहे हैं। विधायक ने इस ऐतिहासिक परिणाम का श्रेय आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विजन और प्रदेश की विष्णुदेव साय सरकार की सुदृढ़ सुरक्षा एवं पुनर्वास नीति को दिया, जिसके चलते भटके हुए लोग मुख्यधारा में वापस आ रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि उनकी डबल-इंजन सरकार इन सभी युवाओं को न केवल सुरक्षा की गारंटी दे रही है, बल्कि उनके बेहतर रोजगार, कौशल विकास और एक सम्मानजनक भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विधायक टेकाम ने कहा कि अब बीजापुर बंदूक से नहीं, बल्कि विकास और विश्वास से आगे बढ़ेगा।2
- छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में अवैध कब्जा तोड़ने पहुंची प्रशासन की टीम और ग्रामीणों के बीच बवाल हो गया। इस दौरान प्रशासन और ग्रामीण आमने-सामने आ गए।1