बीना में अधिवक्ता चंद्रभान सिंह के खिलाफ दर्ज एक एफआईआर को लेकर वकीलों में भारी आक्रोश देखा गया है। बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर बीना थाने पहुंचकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं का आरोप है कि बिना किसी निष्पक्ष जांच के दबाव में उनके साथी अधिवक्ता के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अधिवक्ता चंद्रभान सिंह के अनुसार, 13 जून 2026 को अजब सिंह और उनके परिजनों द्वारा उनके खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई गई। चंद्रभान सिंह का दावा है कि कथित घटना के समय उनका पुत्र अपनी ड्यूटी पर मौजूद था, जिससे आरोपों की सत्यता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि उनकी निजी कृषि भूमि में जेसीबी मशीन से मेड़ और पेड़ों को नुकसान पहुंचाया गया था, जिसकी शिकायत उन्होंने पहले भी अधिकारियों से की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले को लेकर अधिवक्ता संघ और वकील समुदाय ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा है। अधिवक्ताओं ने मांग की है कि दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जाए और यदि आरोप निराधार पाए जाते हैं, तो मामले को समाप्त किया जाए। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इस मामले में फिलहाल पुलिस की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
बीना में अधिवक्ता चंद्रभान सिंह के खिलाफ दर्ज एक एफआईआर को लेकर वकीलों में भारी आक्रोश देखा गया है। बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर बीना थाने पहुंचकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं का आरोप है कि बिना किसी निष्पक्ष जांच के दबाव में उनके साथी अधिवक्ता के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अधिवक्ता चंद्रभान सिंह के अनुसार, 13 जून 2026 को अजब सिंह और उनके परिजनों द्वारा उनके खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई गई। चंद्रभान सिंह का दावा है कि कथित घटना के समय उनका पुत्र अपनी ड्यूटी पर मौजूद था, जिससे आरोपों की सत्यता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि उनकी निजी कृषि भूमि में जेसीबी मशीन से मेड़ और पेड़ों को नुकसान पहुंचाया गया था, जिसकी शिकायत उन्होंने पहले भी अधिकारियों से की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले को लेकर अधिवक्ता संघ और वकील समुदाय ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा है। अधिवक्ताओं ने मांग की है कि दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जाए और यदि आरोप निराधार पाए जाते हैं, तो मामले को समाप्त किया जाए। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इस मामले में फिलहाल पुलिस की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
- मध्य प्रदेश के बीना में रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है, जहाँ एक बहू ने अपने पुरुष मित्र के साथ मिलकर अपने ही ससुर को निशाना बनाते हुए लूट और ठगी की वारदात को अंजाम दिया। आरोप है कि बहू और उसके साथी ने चाकू की नोक पर ससुर को धमकाया और फिर उनके बैंक खाते से 5 लाख रुपये हड़प लिए।1
- सागर जिले के बीना में पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। बीना थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर शब्बर पुलिया के पास से गोकल अहिरवार (निवासी ग्राम रगोली, थाना सानौधा) और हीरालाल अहिरवार (निवासी भीम वार्ड, बीना) को गिरफ्तार किया। इनके पास से 1 किलो 405 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 40 हजार रुपये बताई जा रही है। साथ ही तस्करी में इस्तेमाल की जा रही लगभग 60 हजार रुपये कीमत की एक सफेद रंग की मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया तथा एसडीओपी अजय सेनका के मार्गदर्शन में बीना थाना पुलिस टीम ने 16 जून 2026 की रात यह कार्रवाई की। सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर गांजा लेकर बिक्री की फिराक में घूम रहे हैं। घेराबंदी कर दोनों संदिग्धों को पकड़ा गया और तलाशी में गांजा बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी आदतन अपराधी हैं और पहले भी गांजा तस्करी के मामलों में गिरफ्तार हो चुके हैं। गिरफ्तार आरोपियों में से हीरालाल अहिरवार जीआरपी में पुलिस आरक्षक के पद से सेवानिवृत्त बताया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह गांजा कहां से लाया गया था और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। बीना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- बीना और खुरई में कृषि उपसंचालक के प्रयासों एवं मार्गदर्शन तथा GIZ जर्मन कोऑपरेशन के सहयोग से तीन दिवसीय 'इंडो-जर्मन वर्कशॉप' का आयोजन 16 जून से 18 जून 2026 तक किया जा रहा है। इस अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला में जर्मनी, कनाडा और कैमरून के विशेषज्ञ, साथ ही GIZ की दिल्ली और मध्य प्रदेश टीमों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। विदेशी डेलीगेट्स में जर्मनी से मिस्टर हेन्स क्लेन, कैमरून से मिस माइकल लाटा और कनाडा से मिस्टर जूलियन मेलार्ड सहित अन्य अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम के पहले दिन, विदेशी डेलीगेट्स ने खुरई अनुभाग के बीना विकासखंड के ग्राम गुलौआ में किसान उमेश पटेल के बगीचे का फील्ड विजिट किया। उन्होंने किसानों के खेतों पर पहुँचकर फसल की स्थिति, मिट्टी और खेती की तकनीकों का अवलोकन किया। इसके बाद, खुरई में कृषि यंत्रों का लाइव डेमोंस्ट्रेशन प्रस्तुत किया गया, और प्रतिनिधियों ने स्थानीय कृषि यंत्र निर्माण इकाइयों का भी भ्रमण कर मशीनों की गुणवत्ता व तकनीक को समझा। इसी दौरान ग्राम गुलौआ में विदेश से आए वैज्ञानिकों और किसानों के बीच जैविक खेती को बढ़ावा देने को लेकर वार्तालाप हुई, जिसमें सुपर सीडर, जैविक कीटनाशक और बायो गैस जैसे प्राकृतिक खेती से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई। इस संगोष्ठी में बीना के एस.ए.डी.ओ. अवधेश राय, खुरई के एस.डी.ओ.जे.डी. शर्मा सर, राजू चौहान, धीरेंद्र ठाकुर, अजहर खान, ऋषि यादव, सचिन चतुर्वेदी, राघव रामा गुप्ता सहित कई किसान जैसे राजा बाबू यादव, उमेश पटेल और राजेंद्र यादव उपस्थित रहे। दोपहर बाद, खुरई विकासखंड के ग्राम बरोदिया नौनगिर में एक फार्मर इंटरेक्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ स्थानीय किसानों ने अपनी खेती से जुड़ी समस्याएं, फसल अवशेष प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को सीधे विदेशी विशेषज्ञों के सामने रखा। 17 जून को वर्कशॉप का विधिवत उद्घाटन सत्रवार कार्यक्रमों के साथ होगा, जिसमें पूरे दिन कृषि से जुड़े चार प्रमुख विषयों – कृषि यंत्रीकरण (छोटे किसानों के लिए सस्ते व आधुनिक यंत्र), पारिस्थितिकी परिवर्तन (बदलते मौसम का खेती पर असर), प्राकृतिक खेती व फसल अवशेष प्रबंधन (पराली जलाने का विकल्प) और जलवायु अनुकूल कृषि (कम पानी में अधिक उत्पादन की तकनीक) – पर चर्चा की जाएगी। विकासखंडों से पहले से चयनित किसानों के ठहरने की व्यवस्था 16 जून की शाम से 18 जून की शाम तक खुरई के शहनाई गार्डन में की गई है, ताकि वे 17 जून की सुबह से शुरू होने वाले सभी सत्रों में पूरी तरह भाग ले सकें। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अगले तीन दिनों तक विदेशी प्रतिनिधि और अन्य आगंतुक खुरई व आसपास के क्षेत्र की कृषि गतिविधियों का गहन अवलोकन करेंगे। इस वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य किसानों की जमीनी समस्याओं का समाधान खोजना और भविष्य में इस क्षेत्र में कृषि तकनीक एवं उत्पादन वृद्धि के नए अवसरों की तलाश करना है।3
- ललितपुर के ग्राम मोहर्रा में एक छपरे में आग लगने की घटना में नया मोड़ आया है। क्षेत्राधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि महेंद्र आदिवासी ने थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसके छपरे में आग लगा दी, हालांकि उसने आग लगाने वाले को स्वयं नहीं देखा था। पुलिस ने इस तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि ग्राम मोहर्रा में एक मंत्री की पुत्री सीमा कोरी द्वारा अपनी निजी भूमि पर बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जा रहा था। इस स्थान से सहरिया समाज के कुछ लोग रास्ते के रूप में आवागमन करते थे, जबकि राजस्व अभिलेखों के अनुसार वहां कोई अधिकृत रास्ता दर्ज नहीं है। पुलिस का कहना है कि आग लगने के वास्तविक कारणों की गहन जांच की जा रही है। वैज्ञानिक साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1
- विदिशा जिले की लटेरी तहसील के कोकणगढ़ गांव में एक परिवार ने गांव के सरपंच पर उनकी 17 वर्षीय नाबालिग बेटी को अगवा कर भोपाल में ₹1.5 लाख में बेचने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार ने एडिशनल एसपी से शिकायत की है, जिसमें बेटी को सकुशल वापस दिलाने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। परिवार का आरोप है कि सरपंच उनकी नाबालिग बेटी को अपने साथ ले गया था। जब परिजनों ने पुलिस में इसकी शिकायत की, तो आरोपी सरपंच ने उन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। परिजनों का यह भी कहना है कि सरपंच उनके तीन बच्चों को भी मामा के घर से अपने साथ ले आया और शिकायत वापस लेने के लिए धमकियां दीं। परिवार ने आरोप लगाया है कि सरपंच ने उन्हें धमकाते हुए पुलिस रिपोर्ट से अपना नाम हटाने के लिए कहा और ऐसा न करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। न्याय की गुहार लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे परिजनों ने पुलिस अधीक्षक के नाम एक आवेदन सौंपते हुए अपनी बेटी और अन्य बच्चों को सुरक्षित वापस दिलाने की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे ने संबंधित थाना प्रभारी से चर्चा कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।4
- सागर जिले के वन परिक्षेत्र सागर अंतर्गत वीट भिलैया में पौधारोपण प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में दक्षिण सागर के वनमण्डल अधिकारी श्री वरुण यादव (भारतीय वन सेवा) और उपवनमण्डल अधिकारी श्रीमती विनीता जाटव ने प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान श्री यादव ने वृक्षारोपण के समय बरती जाने वाली सावधानियों पर विस्तार से बताया। उन्होंने स्थानीय समिति सदस्यों और ग्रामीणों से भी वृक्षारोपण गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया। श्री यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि वन विभाग द्वारा कराए जाने वाले वृक्षारोपण से स्थानीय ग्रामीणों को सीधा रोजगार मिलता है। इसके अतिरिक्त, वन विभाग द्वारा आँवला, हर्रा, बहेड़ा, बेल आदि जैसी फलदार प्रजातियों के पौधे रोपित करने से भविष्य में ग्रामीणों की आय में वृद्धि होगी। इस कार्यक्रम में वन परिक्षेत्र अधिकारी सागर, ढाना और गढ़ाकोटा का वन स्टाफ भी मौजूद रहा। साथ ही, गुरैया के सरपंच श्री अजब सिंह राजपूत और बिहारीखेड़ा के सरपंच श्री दयाराम कुर्मी जैसे स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।4
- सागर जिले के बीना से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक बहू पर अपने प्रेमी के साथ मिलकर ससुर के साथ कथित तौर पर लूटपाट और उनके बैंक खाते से लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी माखन पवार को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी महिला अभी भी फरार है। बीना थाना पुलिस के अनुसार, ग्राम हड़कारी निवासी फरियादी चतुर्भुज रैकवार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 6 मार्च 2026 को उनकी बहू सुनीता रैकवार अपने मित्र माखन पवार के साथ उनके घर आई थी। आरोप है कि दोनों ने फरियादी को डरा-धमकाकर उनका मोबाइल फोन, आधार कार्ड और 20 हजार रुपये छीन लिए। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने फरियादी के बैंक खाते की जानकारी का गलत इस्तेमाल करते हुए पहले ही लगभग 5 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर निकाल लिए थे। घटना की सूचना मिलने के बाद बीना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और जांच के दौरान आरोपी माखन पवार, जो विदिशा जिले के गंजबासौदा का निवासी है, को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से 5 हजार रुपये नकद, एक पल्सर मोटरसाइकिल, एक चाकू और फरियादी का आधार कार्ड बरामद किया है। मामले की दूसरी आरोपी सुनीता रैकवार अभी फरार है, जिसकी तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है और पुलिस का कहना है कि उसे भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बीना पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और फरार महिला आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।1
- सागर जिले के बीना थाना पुलिस ने एक चौंकाने वाले मामले का खुलासा किया है, जहाँ एक बहू ने अपने पुरुष मित्र के साथ मिलकर अपने ही ससुर को निशाना बनाया। बहू सुनीता रैकवार ने अपने दोस्त माखन पवार के साथ मिलकर अपने ससुर चतुर्भुज रैकवार के साथ लूटपाट की और उनके बैंक खाते से धोखाधड़ी से 5 लाख रुपये निकाल लिए। आरोपी ने पीड़ित को चाकू दिखाकर डराया-धमकाया भी था। पुलिस ने इस मामले में आरोपी माखन पवार को गिरफ्तार कर लिया है। उसके कब्जे से 5 हजार रुपये नकद, एक चाकू, आधार कार्ड और एक पल्सर बाइक जब्त की गई है। इस मामले की मुख्य आरोपी, बहू सुनीता रैकवार, अभी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।1