पिनाहट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नगला दलेल गाँव में एक माता मंदिर के पास से भैंसा चोरी करने का प्रयास करते हुए दो आरोपियों को ग्रामीणों ने रंगे हाथों पकड़ लिया। यह घटना 30 मई 2026 को घटी, जब गाँव निवासी पप्पू (पुत्र छोटेलाल) ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि गाँव के माता मंदिर के पास माता का एक छोड़ा हुआ भैंसा घूम रहा था, जिसे चार अज्ञात व्यक्ति रस्सी से पकड़कर ले जाने की कोशिश कर रहे थे। ग्रामीणों को संदेह हुआ और उन्होंने रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद चारों आरोपी भागने लगे। ग्रामीणों ने फुर्ती दिखाते हुए उनका पीछा किया और घेराबंदी करके सूरज (पुत्र दीनदयाल) और श्यामवीर (पुत्र विनोद) नामक दो आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया। ये दोनों आरोपी आगरा के खेडाराठोर थाना क्षेत्र के देवपुरा गाँव के निवासी हैं। हालांकि, उनके दो साथी मौके से भागने में कामयाब रहे। ग्रामीणों ने तत्काल 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी और पकड़े गए दोनों आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ये लोग कई दिनों से गाँव में रेकी कर रहे थे और भैंसा चोरी करने की फिराक में थे। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्यवाही करते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ उचित धाराओं में वैधानिक कार्यवाही की और उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस अब फरार हुए अन्य दो आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
पिनाहट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नगला दलेल गाँव में एक माता मंदिर के पास से भैंसा चोरी करने का प्रयास करते हुए दो आरोपियों को ग्रामीणों ने रंगे हाथों पकड़ लिया। यह घटना 30 मई 2026 को घटी, जब गाँव निवासी पप्पू (पुत्र छोटेलाल) ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि गाँव के माता मंदिर के पास माता का एक छोड़ा हुआ भैंसा घूम रहा था, जिसे चार अज्ञात व्यक्ति रस्सी से पकड़कर ले जाने की कोशिश कर रहे थे। ग्रामीणों को संदेह हुआ और उन्होंने रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद चारों आरोपी भागने लगे। ग्रामीणों ने फुर्ती दिखाते हुए उनका पीछा किया और घेराबंदी करके सूरज (पुत्र दीनदयाल) और श्यामवीर (पुत्र विनोद) नामक दो आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया। ये दोनों आरोपी आगरा के खेडाराठोर थाना क्षेत्र के देवपुरा गाँव के निवासी हैं। हालांकि, उनके दो साथी मौके से भागने में कामयाब रहे। ग्रामीणों ने तत्काल 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी और पकड़े गए दोनों आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ये लोग कई दिनों से गाँव में रेकी कर रहे थे और भैंसा चोरी करने की फिराक में थे। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्यवाही करते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ उचित धाराओं में वैधानिक कार्यवाही की और उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस अब फरार हुए अन्य दो आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
- आगरा के ताजमहल पर बिहार से आए एक पर्यटक परिवार का 8 वर्षीय बच्चा भीड़ में अपने परिजनों से बिछड़ गया। ताज सुरक्षा पुलिस ने तत्परता और संवेदनशील कार्यशैली का प्रदर्शन करते हुए बच्चे को सकुशल खोज निकाला और उसे उसके परिवार से मिला दिया। अपने बेटे को सुरक्षित पाकर बच्चे की मां भावुक हो उठीं। ताज सुरक्षा पुलिस की इस सराहनीय पहल की लोग जमकर प्रशंसा कर रहे हैं, पुलिस को 'फरिश्ता' बताया जा रहा है।1
- अभिनेता सुनील ग्रोवर ने अपनी पत्नी के साथ आगरा स्थित ताजमहल का दीदार किया, जहाँ सुबह की पहली किरणों के साथ उन्होंने इस ऐतिहासिक इमारत की खूबसूरती को करीब से महसूस किया। भले ही वे मास्क पहनकर पहुंचे थे, लेकिन उनकी मुस्कान और अंदाज़ ने उनकी पहचान को उजागर कर दिया। यह सुबह उनके लिए प्यार और सुकून से भरी रही, जिसे सच में खास बताया गया। इस दौरान सुनील ग्रोवर के साथ उनकी पत्नी भी मौजूद थीं।1
- एक लड़की पर जाटा भाइयों को अपशब्द कहने और उन्हें 'लीला कबूतर' जैसे आपत्तिजनक शब्दों से संबोधित करने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में, संबंधित लड़की के खिलाफ जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई करने की पुरज़ोर मांग की गई है।1
- आगरा के श्री पंचमुखी महादेव मंदिर, बैंक कॉलोनी राजपुर में आयोजित श्री शिव महापुराण एवं ज्ञान यज्ञ कथा के तीसरे दिन कथावाचक पंडित संतोष शास्त्री जी महाराज ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना की महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने नारद मोह लीला का भी विस्तार से वर्णन किया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा के दौरान, पंडित शास्त्री जी महाराज ने श्रद्धालुओं को शिव पूजन की विधि, भक्ति, विनम्रता और अहंकार के त्याग का संदेश देते हुए धर्म लाभ कराया। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर प्रकाश डाला कि किस प्रकार अहंकार व्यक्ति के पतन का कारण बनता है।1
- उत्तर प्रदेश के हापुड़ में एक मामूली बात को लेकर हुए विवाद के बाद दो पक्षों के बीच भीषण मारपीट हुई। यह विवाद जल्द ही वर्चस्व की 'जंग' में बदल गया, जहाँ लात-घूंसों और बेल्टों का खुलकर इस्तेमाल किया गया, जिसकी तीव्रता किसी फिल्मी क्राइम सीन से कम नहीं थी। इस घटना को लेकर सवाल उठाया गया है कि यूपी में कानून का खौफ खत्म होता दिखाई दे रहा है, क्योंकि अपराधियों को न तो जेल जाने की चिंता है और न ही मौत का डर। पोस्ट में यूपी पुलिस से यह माँग की गई है कि वह इन अपराधियों के खिलाफ कायदे से कड़ी कार्रवाई करे, ताकि कानून का इकबाल स्थापित हो और अपराधों पर अंकुश लग सके।1