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शासकीय प्राथमिक विद्यालय बड़ागांव की स्कूल बिल्डिंग की जर्जर होटल कई शिकायत के बाद भी जर्जर पड़ी है स्कूल की बिल्डिंग श्योपुर के बड़े गांव स्कूल में प्राथमिक विद्यालय की छत से पानी टपक रहा है शिक्षकों द्वारा शिक्षा विभाग में कई बार शिकायत की लेकिन 2 साल पूरे होने के बाद भी आज तक इस विद्यालय कि छठ का सुधार नहीं हुआ है कभी भी कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है बच्चों को दूसरी क्लास में शिफ्ट किया है बच्चे अधिक होने के कारण कुछ बच्चों को बाहर बैठना पड़ता है लेकिन शिक्षा विभाग है जो कि किसी बड़े खतरे का इंतजार कर रहा है आखिर कब होगा बढ़ेगा स्कूल की बिल्डिंग का उठा क्या है किसी बड़े खतरे का इंतजार।

9 hrs ago
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DA, news, Plus=shopur
Personal Shopper बीरपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
9 hrs ago

शासकीय प्राथमिक विद्यालय बड़ागांव की स्कूल बिल्डिंग की जर्जर होटल कई शिकायत के बाद भी जर्जर पड़ी है स्कूल की बिल्डिंग श्योपुर के बड़े गांव स्कूल में प्राथमिक विद्यालय की छत से पानी टपक रहा है शिक्षकों द्वारा शिक्षा विभाग में कई बार शिकायत की लेकिन 2 साल पूरे होने के बाद भी आज तक इस विद्यालय कि छठ का सुधार नहीं हुआ है कभी भी कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है बच्चों को दूसरी क्लास में शिफ्ट किया है बच्चे अधिक होने के कारण कुछ बच्चों को बाहर बैठना पड़ता है लेकिन शिक्षा विभाग है जो कि किसी बड़े खतरे का इंतजार कर रहा है आखिर कब होगा बढ़ेगा स्कूल की बिल्डिंग का उठा क्या है किसी बड़े खतरे का इंतजार।

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  • 🙏❤️ कांवड़ यात्रियों का हार्दिक सम्मान ❤️🙏 रामेश्वर से पैदल यात्रा करते हुए पवित्र कांवड़ लेकर श्योपुर की ओर आ रहे श्रद्धालुओं का बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर, मध्य प्रदेश की तरफ से चाय सेवा ब्रांड के माध्यम से सम्मान एवं स्वागत किया गया। ☕🚩 भोलेनाथ की भक्ति और आस्था से भरी इस पावन यात्रा में श्रद्धालुओं की सेवा करना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। 🙏❤️ बाबा भोलेनाथ सभी कांवड़ यात्रियों की यात्रा मंगलमय करें, सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करें। 🚩 हर हर महादेव! जय भोलेनाथ! 🚩 बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर, मध्य प्रदेश की ओर से सभी कांवड़ यात्रियों को बहुत-बहुत शुभकामनाएँ एवं मंगलमय यात्रा की बधाई। ❤️🙏☕🚩 #कांवड़_यात्रा #रामेश्वर #श्योपुर #चाय_सेवा #बल्लू_टी_स्टॉल #हर_हर_महादेव #जय_भोलेनाथ #कांवड़िया #सेवा_ही_संकल्प
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    🙏❤️ कांवड़ यात्रियों का हार्दिक सम्मान ❤️🙏
रामेश्वर से पैदल यात्रा करते हुए पवित्र कांवड़ लेकर श्योपुर की ओर आ रहे श्रद्धालुओं का बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर, मध्य प्रदेश की तरफ से चाय सेवा ब्रांड के माध्यम से सम्मान एवं स्वागत किया गया। ☕🚩

भोलेनाथ की भक्ति और आस्था से भरी इस पावन यात्रा में श्रद्धालुओं की सेवा करना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। 🙏❤️

बाबा भोलेनाथ सभी कांवड़ यात्रियों की यात्रा मंगलमय करें, सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करें।
🚩 हर हर महादेव! जय भोलेनाथ! 🚩

बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर, मध्य प्रदेश की ओर से सभी कांवड़ यात्रियों को बहुत-बहुत शुभकामनाएँ एवं मंगलमय यात्रा की बधाई। ❤️🙏☕🚩

#कांवड़_यात्रा #रामेश्वर #श्योपुर #चाय_सेवा #बल्लू_टी_स्टॉल #हर_हर_महादेव #जय_भोलेनाथ #कांवड़िया #सेवा_ही_संकल्प
    user_बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश
    बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश
    Yoga instructor बीरपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • श्योपुर लड़की के मामले में युवक से मारपीट जमीन पर बैठकर चारों तरफ से सवाल जवाब पूछते गांव के लोगों। मामला वायरल वीडियो में लोगों ने युवक से लड़की से मारपीट को लेकर पूछे सवाल। मामला श्योपुर जिले के पास के ही गांव का बताया जा रहा है। जिसमें कुछ ग्रामीण युवक को जमीन पर बैठकर सवाल जवाब करते नजर आरहे थे। मुनव्वर खान DA news Plus श्योपुर मध्य प्रदेश मो,6266601427
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    श्योपुर लड़की के मामले में युवक से मारपीट जमीन पर बैठकर चारों तरफ से सवाल जवाब पूछते गांव के लोगों।
मामला वायरल वीडियो में लोगों ने युवक से लड़की से मारपीट को लेकर 
पूछे सवाल। 
मामला श्योपुर जिले के पास के ही गांव का बताया जा रहा है। जिसमें कुछ ग्रामीण युवक को जमीन पर बैठकर सवाल जवाब करते नजर आरहे थे। 
मुनव्वर खान 
DA news Plus 
श्योपुर मध्य प्रदेश
मो,6266601427
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    DA, news, Plus=shopur
    Personal Shopper बीरपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • 41 साल 7 माह 9 दिन की बेदाग सेवा को भावुक विदाई, चंदन पैलेस में गूंजा सम्मान शिक्षा विभाग के कर्मठ सेवक रामलखन धाकड़ का भव्य विदाई समारोह, सहकर्मियों ने सुनाए सेवाकाल के अनुभव; सम्मान और स्नेह से भर आया माहौल विजयपुर शिक्षा विभाग में 41 साल 7 माह 9 दिन तक पूरी निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ अपनी सेवाएं देने वाले ग्राम इकलौद निवासी रामलखन धाकड़ के शासकीय सेवाकाल का आज भावुक और यादगार समापन हुआ। वर्षों तक शिक्षा विभाग की जिम्मेदारियों को निभाने वाले रामलखन धाकड़ के सम्मान में चंदन पैलेस में भव्य विदाई समारोह आयोजित किया गया। समारोह में उनके सहकर्मी, शिक्षक, विभागीय कर्मचारी, शुभचिंतक और परिचित मौजूद रहे। जैसे-जैसे वक्ताओं ने उनके लंबे सेवाकाल की यादें साझा कीं, समारोह का माहौल कभी भावुक हुआ तो कभी पुरानी यादों और मुस्कुराहटों से खिल उठा। रामलखन धाकड़ की शासकीय सेवा की शुरुआत 12 दिसंबर 1984 को शासकीय प्राथमिक विद्यालय इकलौद से हुई थी।एक छोटे से विद्यालय से शुरू हुआ उनका सफर देखते ही देखते चार दशक से अधिक लंबे सेवाकाल में बदल गया।शिक्षा विभाग में काम करते हुए उन्होंने अलग-अलग जिम्मेदारियों का निर्वहन किया और विभागीय कार्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखी। इसके बाद 20 अक्टूबर 2004 को उनकी पदस्थापना पीटीआई के पद पर शासकीय माध्यमिक विद्यालय श्योपुर में हुई। यहां भी उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को पूरी गंभीरता से निभाया। इसके बाद 13 नवंबर 2013 को उन्हें शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय विजयपुर में पदस्थ किया गया।विजयपुर में सेवाकाल के दौरान भी वे विभागीय दायित्वों को पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाते रहे। *चार दशक से ज्यादा की सेवा, फिर भी नहीं मिला नोटिस* रामलखन धाकड़ के लंबे सेवाकाल की सबसे खास बातों में से एक यह भी बताई गई कि उनके अनुसार 41 साल 7 माह 9 दिन की शासकीय सेवा के दौरान उन्हें कभी कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ। चार दशक से अधिक लंबे सरकारी सेवाकाल में इस तरह का रिकॉर्ड अपने आप में उनके कार्य के प्रति सजगता और जिम्मेदारी को दर्शाता है।विदाई समारोह में वक्ताओं ने उनके इसी अनुशासित कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारी सेवा में लंबा समय बिताना अपने आप में उपलब्धि है, लेकिन इतने लंबे समय तक जिम्मेदारियों को निभाते हुए साथियों और अधिकारियों का विश्वास बनाए रखना उससे भी बड़ी उपलब्धि है। उनके सेवाकाल में कई अधिकारियों द्वारा उन्हें सम्मानित किए जाने का भी उल्लेख किया गया। *जब सम्मान के साथ छलक आए भाव* विदाई समारोह में सबसे भावुक क्षण उस समय आया, जब सहकर्मियों और परिचितों ने रामलखन धाकड़ के साथ बिताए वर्षों की यादें साझा कीं। किसी ने उनके अनुशासन को याद किया तो किसी ने उनके व्यवहार और सहयोगी स्वभाव की चर्चा की। वर्षों तक एक साथ काम करने वाले सहकर्मियों के लिए यह महज एक कर्मचारी की विदाई नहीं थी, बल्कि एक ऐसे साथी से विदा लेने का क्षण था, जिसके साथ उन्होंने अपने जीवन का लंबा हिस्सा काम करते हुए बिताया।समारोह में वक्ताओं ने कहा कि नौकरी की अवधि समाप्त हो सकती है, लेकिन व्यक्ति के अच्छे व्यवहार, कार्यशैली और लोगों के दिलों में बनाई गई जगह कभी सेवानिवृत्त नहीं होती। रामलखन धाकड़ ने अपने लंबे सेवाकाल में विभाग के प्रति जो योगदान दिया, उसकी यादें हमेशा उनके सहकर्मियों और परिचितों के बीच बनी रहेंगी। *विद्यालय से शुरू हुआ सफर, चार दशक बाद सम्मान के साथ विराम* 12 दिसंबर 1984 को शासकीय प्राथमिक विद्यालय इकलौद से शुरू हुआ रामलखन धाकड़ का सफर आज 41 साल 7 माह 9 दिन बाद एक नए पड़ाव पर पहुंचा। इस लंबे सफर में समय बदला, विद्यालय बदले, जिम्मेदारियां बदलीं और पीढ़ियां बदलती गईं, लेकिन उनकी सेवा यात्रा लगातार आगे बढ़ती रही। उनका यह सेवाकाल केवल तारीखों और पदस्थापना का विवरण नहीं है, बल्कि शिक्षा विभाग के साथ जुड़ी उनकी चार दशक से अधिक की जिंदगी की कहानी है। यही वजह रही कि विदाई समारोह में मौजूद लोगों के लिए यह दिन सामान्य कार्यक्रम से कहीं अधिक भावनात्मक बन गया। *सहकर्मियों ने दी उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं* चंदन पैलेस में आयोजित समारोह में सहकर्मियों और शुभचिंतकों ने रामलखन धाकड़ को सम्मानित करते हुए उनके आगामी जीवन के लिए सुख, समृद्धि, स्वस्थ और खुशहाल जीवन की शुभकामनाएं दीं। सभी ने कहा कि शासकीय सेवा से विदाई का अर्थ जीवन से विराम नहीं है, बल्कि यह जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत है। समारोह के दौरान सम्मान और शुभकामनाओं का सिलसिला चलता रहा। पुराने सहकर्मियों के साथ तस्वीरें खिंचवाई गईं और लंबे सेवाकाल से जुड़ी यादों को साझा किया गया।कई अवसरों पर माहौल भावुक हुआ तो कई बार पुरानी घटनाओं को याद कर लोगों के चेहरों पर मुस्कान भी दिखाई दी। रामलखन धाकड़ के लिए भी यह दिन निश्चित रूप से जीवन के यादगार दिनों में शामिल हो गया। जिस विभाग में उन्होंने अपने जीवन के 41 साल से अधिक समय को समर्पित किया, उसी विभाग से जुड़े साथियों के बीच सम्मान के साथ विदाई मिलना उनके लिए गौरव का क्षण रहा। *विदाई नहीं, यादों का नया अध्याय* शासकीय सेवा से विदाई के इस अवसर पर एक बात साफ दिखाई दी—सेवा की अवधि समाप्त हो सकती है, लेकिन सेवा से बनी पहचान और रिश्ते कभी समाप्त नहीं होते। रामलखन धाकड़ की चार दशक से अधिक लंबी यात्रा इसका उदाहरण बनी।इकलौद के विद्यालय से शुरू हुआ सफर श्योपुर और विजयपुर तक पहुंचा और आज सम्मान के साथ एक पड़ाव पर आकर ठहर गया। चंदन पैलेस में आयोजित विदाई समारोह उनके 41 साल 7 माह 9 दिन के सेवाकाल की यादों, उपलब्धियों, अनुशासन और सहकर्मियों के स्नेह का गवाह बना। एक ओर सरकारी सेवा की जिम्मेदारियों से उन्हें औपचारिक विदाई दी गई, वहीं दूसरी ओर सहकर्मियों ने यह संदेश भी दिया कि रामलखन धाकड़ का विभाग से रिश्ता आज खत्म नहीं हुआ, बल्कि अब वह सरकारी जिम्मेदारियों से मुक्त होकर यादों और रिश्तों के एक नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं। चार दशक से अधिक की बेदाग सेवा के बाद मिली यह विदाई सिर्फ एक कर्मचारी की विदाई नहीं, बल्कि एक लंबे सेवाकाल, समर्पण और साथियों के बीच बनाई गई अमिट पहचान को सलाम करने का अवसर बन गई। चंदन पैलेस में गूंजती तालियों और शुभकामनाओं के बीच रामलखन धाकड़ ने शासकीय सेवा को अलविदा कहा, लेकिन अपने पीछे ऐसी यादें छोड़ गए जिन्हें उनके सहकर्मी लंबे समय तक याद करते रहेंगे।
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    41 साल 7 माह 9 दिन की बेदाग सेवा को भावुक विदाई, चंदन पैलेस में गूंजा सम्मान शिक्षा विभाग के कर्मठ सेवक रामलखन धाकड़ का भव्य विदाई समारोह, सहकर्मियों ने सुनाए सेवाकाल के अनुभव; सम्मान और स्नेह से भर आया माहौल

विजयपुर शिक्षा विभाग में 41 साल 7 माह 9 दिन तक पूरी निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ अपनी सेवाएं देने वाले ग्राम इकलौद निवासी रामलखन धाकड़ के शासकीय सेवाकाल का आज भावुक और यादगार समापन हुआ। वर्षों तक शिक्षा विभाग की जिम्मेदारियों को निभाने वाले रामलखन धाकड़ के सम्मान में चंदन पैलेस में भव्य विदाई समारोह आयोजित किया गया। समारोह में उनके सहकर्मी, शिक्षक, विभागीय कर्मचारी, शुभचिंतक और परिचित मौजूद रहे। जैसे-जैसे वक्ताओं ने उनके लंबे सेवाकाल की यादें साझा कीं, समारोह का माहौल कभी भावुक हुआ तो कभी पुरानी यादों और मुस्कुराहटों से खिल उठा। रामलखन धाकड़ की शासकीय सेवा की शुरुआत 12 दिसंबर 1984 को शासकीय प्राथमिक विद्यालय इकलौद से हुई थी।एक छोटे से विद्यालय से शुरू हुआ उनका सफर देखते ही देखते चार दशक से अधिक लंबे सेवाकाल में बदल गया।शिक्षा विभाग में काम करते हुए उन्होंने अलग-अलग जिम्मेदारियों का निर्वहन किया और विभागीय कार्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखी। इसके बाद 20 अक्टूबर 2004 को उनकी पदस्थापना पीटीआई के पद पर शासकीय माध्यमिक विद्यालय श्योपुर में हुई। यहां भी उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को पूरी गंभीरता से निभाया। इसके बाद 13 नवंबर 2013 को उन्हें शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय विजयपुर में पदस्थ किया गया।विजयपुर में सेवाकाल के दौरान भी वे विभागीय दायित्वों को पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाते रहे।
*चार दशक से ज्यादा की सेवा, फिर भी नहीं मिला नोटिस*
रामलखन धाकड़ के लंबे सेवाकाल की सबसे खास बातों में से एक यह भी बताई गई कि उनके अनुसार 41 साल 7 माह 9 दिन की शासकीय सेवा के दौरान उन्हें कभी कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ। चार दशक से अधिक लंबे सरकारी सेवाकाल में इस तरह का रिकॉर्ड अपने आप में उनके कार्य के प्रति सजगता और जिम्मेदारी को दर्शाता है।विदाई समारोह में वक्ताओं ने उनके इसी अनुशासित कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारी सेवा में लंबा समय बिताना अपने आप में उपलब्धि है, लेकिन इतने लंबे समय तक जिम्मेदारियों को निभाते हुए साथियों और अधिकारियों का विश्वास बनाए रखना उससे भी बड़ी उपलब्धि है। उनके सेवाकाल में कई अधिकारियों द्वारा उन्हें सम्मानित किए जाने का भी उल्लेख किया गया।
*जब सम्मान के साथ छलक आए भाव*
विदाई समारोह में सबसे भावुक क्षण उस समय आया, जब सहकर्मियों और परिचितों ने रामलखन धाकड़ के साथ बिताए वर्षों की यादें साझा कीं। किसी ने उनके अनुशासन को याद किया तो किसी ने उनके व्यवहार और सहयोगी स्वभाव की चर्चा की। वर्षों तक एक साथ काम करने वाले सहकर्मियों के लिए यह महज एक कर्मचारी की विदाई नहीं थी, बल्कि एक ऐसे साथी से विदा लेने का क्षण था, जिसके साथ उन्होंने अपने जीवन का लंबा हिस्सा काम करते हुए बिताया।समारोह में वक्ताओं ने कहा कि नौकरी की अवधि समाप्त हो सकती है, लेकिन व्यक्ति के अच्छे व्यवहार, कार्यशैली और लोगों के दिलों में बनाई गई जगह कभी सेवानिवृत्त नहीं होती। रामलखन धाकड़ ने अपने लंबे सेवाकाल में विभाग के प्रति जो योगदान दिया, उसकी यादें हमेशा उनके सहकर्मियों और परिचितों के बीच बनी रहेंगी।
*विद्यालय से शुरू हुआ सफर, चार दशक बाद सम्मान के साथ विराम*
12 दिसंबर 1984 को शासकीय प्राथमिक विद्यालय इकलौद से शुरू हुआ रामलखन धाकड़ का सफर आज 41 साल 7 माह 9 दिन बाद एक नए पड़ाव पर पहुंचा। इस लंबे सफर में समय बदला, विद्यालय बदले, जिम्मेदारियां बदलीं और पीढ़ियां बदलती गईं, लेकिन उनकी सेवा यात्रा लगातार आगे बढ़ती रही। उनका यह सेवाकाल केवल तारीखों और पदस्थापना का विवरण नहीं है, बल्कि शिक्षा विभाग के साथ जुड़ी उनकी चार दशक से अधिक की जिंदगी की कहानी है। यही वजह रही कि विदाई समारोह में मौजूद लोगों के लिए यह दिन सामान्य कार्यक्रम से कहीं अधिक भावनात्मक बन गया।
*सहकर्मियों ने दी उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं*
चंदन पैलेस में आयोजित समारोह में सहकर्मियों और शुभचिंतकों ने रामलखन धाकड़ को सम्मानित करते हुए उनके आगामी जीवन के लिए सुख, समृद्धि, स्वस्थ और खुशहाल जीवन की शुभकामनाएं दीं। सभी ने कहा कि शासकीय सेवा से विदाई का अर्थ जीवन से विराम नहीं है, बल्कि यह जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत है। समारोह के दौरान सम्मान और शुभकामनाओं का सिलसिला चलता रहा। पुराने सहकर्मियों के साथ तस्वीरें खिंचवाई गईं और लंबे सेवाकाल से जुड़ी यादों को साझा किया गया।कई अवसरों पर माहौल भावुक हुआ तो कई बार पुरानी घटनाओं को याद कर लोगों के चेहरों पर मुस्कान भी दिखाई दी। रामलखन धाकड़ के लिए भी यह दिन निश्चित रूप से जीवन के यादगार दिनों में शामिल हो गया। जिस विभाग में उन्होंने अपने जीवन के 41 साल से अधिक समय को समर्पित किया, उसी विभाग से जुड़े साथियों के बीच सम्मान के साथ विदाई मिलना उनके लिए गौरव का क्षण रहा।
*विदाई नहीं, यादों का नया अध्याय*
शासकीय सेवा से विदाई के इस अवसर पर एक बात साफ दिखाई दी—सेवा की अवधि समाप्त हो सकती है, लेकिन सेवा से बनी पहचान और रिश्ते कभी समाप्त नहीं होते। रामलखन धाकड़ की चार दशक से अधिक लंबी यात्रा इसका उदाहरण बनी।इकलौद के विद्यालय से शुरू हुआ सफर श्योपुर और विजयपुर तक पहुंचा और आज सम्मान के साथ एक पड़ाव पर आकर ठहर गया। चंदन पैलेस में आयोजित विदाई समारोह उनके 41 साल 7 माह 9 दिन के सेवाकाल की यादों, उपलब्धियों, अनुशासन और सहकर्मियों के स्नेह का गवाह बना। एक ओर सरकारी सेवा की जिम्मेदारियों से उन्हें औपचारिक विदाई दी गई, वहीं दूसरी ओर सहकर्मियों ने यह संदेश भी दिया कि रामलखन धाकड़ का विभाग से रिश्ता आज खत्म नहीं हुआ, बल्कि अब वह सरकारी जिम्मेदारियों से मुक्त होकर यादों और रिश्तों के एक नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं। चार दशक से अधिक की बेदाग सेवा के बाद मिली यह विदाई सिर्फ एक कर्मचारी की विदाई नहीं, बल्कि एक लंबे सेवाकाल, समर्पण और साथियों के बीच बनाई गई अमिट पहचान को सलाम करने का अवसर बन गई। चंदन पैलेस में गूंजती तालियों और शुभकामनाओं के बीच रामलखन धाकड़ ने शासकीय सेवा को अलविदा कहा, लेकिन अपने पीछे ऐसी यादें छोड़ गए जिन्हें उनके सहकर्मी लंबे समय तक याद करते रहेंगे।
    user_बलवीर धाकड़
    बलवीर धाकड़
    Court reporter विजयपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • विदिशा, MP - 20 साल से पाली बकरी को माना था बेटी,कार्ड छपवाकर 500 लोगों को कराया भोज
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    विदिशा, MP - 20 साल से पाली बकरी को माना था बेटी,कार्ड छपवाकर 500 लोगों को कराया भोज
    user_Dileep kushwah
    Dileep kushwah
    Court reporter विजयपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • नवनियुक्त पदाधिकारियों के सम्मान समारोह में प्रोटोकॉल पर उठे सवाल: मंच पर जगह न मिलने से अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष दिखे मायूस ​हिंडौन बयाना रोड स्थित रोशनी बंधन मैरिज गार्डन में रविवार को जिला कांग्रेस कमेटी,करौली की ओर से नवनियुक्त पदाधिकारियों के स्वागत में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सम्मान से ज्यादा एक प्रोटोकॉल को लेकर चर्चा में आ गया। ​कार्यक्रम मे करौली धौलपुर सांसद ​भजनलाल जाटव ,हिंडौन विधायक अनीता जाटव, टोडाभीम विधायक एवं कांग्रेस कमेटी करौली जिलाध्यक्ष घनश्याम महर, पूर्व जिला अध्यक्ष शिवराज मीना,पूर्व चेयरमैन भगवान सहाय शर्मा, हिंडौन ब्लॉक के कार्यकारी अध्यक्ष बृज किशोर शर्मा, हिंडौन ब्लॉक देहात अध्यक्ष योगेंद्र मावई, नरेश गुर्जर ​सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मंच पर विराजमान थे। ​तमाम बड़े नेताओं की उपस्थिति के बीच उस वक्त स्थिति असहज हो गई, जब कांग्रेस के अग्रिम संगठन अल्पसंख्यक विभाग के करौली जिलाध्यक्ष एडवोकेट अब्दुल मुगनी खान को मंच पर स्थान नहीं दिया गया। संगठन के एक प्रमुख फ्रंटल विंग के जिलाध्यक्ष को मंच पर जगह न मिलना कार्यक्रम की व्यवस्था और प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े करता है।​मंच पर स्थान न मिलने के बावजूद एडवोकेट अब्दुल मुगनी खान ने एक अनुशासित कार्यकर्ता का परिचय दिया। उन्होंने इस अव्यवस्था पर सार्वजनिक रूप से कोई नाराजगी या विरोध दर्ज नहीं कराया, लेकिन उनके चेहरे पर मायूसी साफ झलक रही थी।​कार्यक्रम में आए अन्य कार्यकर्ताओं के बीच भी अल्पसंख्यक विभाग के जिलाध्यक्ष की इस अनदेखी को लेकर कानाफूसी और चर्चाओं का दौर गरम रहा। रविवार दोपहर 2:00 बजे मिली जानकारी के मुताबिक ​संगठन के फ्रंटल अध्यक्ष की इस तरह की उपेक्षा को लेकर स्थानीय कार्यकर्ताओं में अंदर ही अंदर असंतोष देखा जा रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह महज आयोजकों की ओर से चूक थी या इसके पीछे संगठन की अंदरूनी खींचतान।इस दौरान कांग्रेस के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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    नवनियुक्त पदाधिकारियों के सम्मान समारोह में प्रोटोकॉल पर उठे सवाल: मंच पर जगह न मिलने से अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष दिखे मायूस
​हिंडौन बयाना रोड स्थित रोशनी बंधन मैरिज गार्डन में रविवार को जिला कांग्रेस कमेटी,करौली की ओर से नवनियुक्त पदाधिकारियों के स्वागत में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सम्मान से ज्यादा एक प्रोटोकॉल को लेकर चर्चा में आ गया। ​कार्यक्रम मे करौली धौलपुर सांसद ​भजनलाल जाटव ,हिंडौन विधायक अनीता जाटव, टोडाभीम विधायक एवं कांग्रेस कमेटी करौली जिलाध्यक्ष घनश्याम महर, पूर्व जिला अध्यक्ष शिवराज मीना,पूर्व चेयरमैन भगवान सहाय शर्मा, हिंडौन ब्लॉक के कार्यकारी अध्यक्ष बृज किशोर शर्मा, हिंडौन ब्लॉक देहात अध्यक्ष योगेंद्र मावई, नरेश गुर्जर ​सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मंच पर विराजमान थे। ​तमाम बड़े नेताओं की उपस्थिति के बीच उस वक्त स्थिति असहज हो गई, जब कांग्रेस के अग्रिम संगठन अल्पसंख्यक विभाग के करौली जिलाध्यक्ष एडवोकेट अब्दुल मुगनी खान को मंच पर स्थान नहीं दिया गया। संगठन के एक प्रमुख फ्रंटल विंग के जिलाध्यक्ष को मंच पर जगह न मिलना कार्यक्रम की व्यवस्था और प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े करता है।​मंच पर स्थान न मिलने के बावजूद एडवोकेट अब्दुल मुगनी खान ने एक अनुशासित कार्यकर्ता का परिचय दिया। उन्होंने इस अव्यवस्था पर सार्वजनिक रूप से कोई नाराजगी या विरोध दर्ज नहीं कराया, लेकिन उनके चेहरे पर मायूसी साफ झलक रही थी।​कार्यक्रम में आए अन्य कार्यकर्ताओं के बीच भी अल्पसंख्यक विभाग के जिलाध्यक्ष की इस अनदेखी को लेकर कानाफूसी और चर्चाओं का दौर गरम रहा। रविवार दोपहर 2:00 बजे मिली जानकारी के मुताबिक ​संगठन के फ्रंटल अध्यक्ष की इस तरह की उपेक्षा को लेकर स्थानीय कार्यकर्ताओं में अंदर ही अंदर असंतोष देखा जा रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह महज आयोजकों की ओर से चूक थी या इसके पीछे संगठन की अंदरूनी खींचतान।इस दौरान कांग्रेस के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
    user_RK LIVE KARAULI
    RK LIVE KARAULI
    Court reporter करौली, करौली, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • उपखण्ड के झिरी रोड़ स्थित आश्रम के पास पोखर में डूबने से 1 बच्चे की मौत, 4 बच्चों को किया रेस्क्यू सरमथुरा उपखण्ड के झिरी रोड़ स्थित आश्रम के पास पोखर में डूबने से 1 बच्चे की मौत हो गई, आश्रम के पास बारिश का पानी इकट्ठा होने से बड़ा हादसा, नहाने के दौरान बच्चा डूब गया गहरे पानी में, ददरौनी निवासी श्रीराम सिंह जादौन ने रेस्क्यू कर बच्चों को बाहर निकाला, हादसे में एक बालक की मौत हो गई, घटना के बाद परिजनों में मचा कोहराम, पोखर में करीब 5 से 6 बच्चे नहाने उतरे थे, डूबने से सत्यम पुत्र ब्रह्मजीत निवासी सिरोना की मौत हो गई।
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    उपखण्ड के झिरी रोड़ स्थित आश्रम के पास पोखर में डूबने से 1 बच्चे की मौत, 4 बच्चों को किया रेस्क्यू 
सरमथुरा उपखण्ड के झिरी रोड़ स्थित आश्रम के पास पोखर में डूबने से 1 बच्चे की मौत हो गई, आश्रम के पास बारिश का पानी इकट्ठा होने से बड़ा हादसा, नहाने के दौरान बच्चा डूब गया गहरे पानी में, ददरौनी निवासी श्रीराम सिंह जादौन ने रेस्क्यू कर बच्चों को बाहर निकाला, हादसे में एक बालक की मौत हो गई, घटना के बाद परिजनों में मचा कोहराम, पोखर में करीब 5 से 6 बच्चे नहाने उतरे थे, डूबने से सत्यम पुत्र ब्रह्मजीत निवासी सिरोना की मौत हो गई।
    user_Dileep parmar
    Dileep parmar
    Local News Reporter सरमथुरा, धौलपुर, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • सरमथुरा मौठियापुरा सरमथुरा से लाइव लोकल पब्लिकशुरू ऐप सरमथुरा रिपोर्टर भरत सिंह मीणा सरमथुरा सिंगरावली से चली पदयात्रा आने पर कोट थाना #Bharat singh
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    सरमथुरा मौठियापुरा सरमथुरा से लाइव लोकल पब्लिकशुरू ऐप सरमथुरा रिपोर्टर भरत सिंह मीणा सरमथुरा 

सिंगरावली से चली पदयात्रा आने पर कोट थाना 
#Bharat singh
    user_भरत सिंह मीणा सरमथुरा
    भरत सिंह मीणा सरमथुरा
    Voice of people सरमथुरा, धौलपुर, राजस्थान•
    21 hrs ago
  • 🙏❤️ कांवड़ यात्रियों का हार्दिक सम्मान ❤️🙏 रामेश्वर से पैदल यात्रा करते हुए पवित्र कांवड़ लेकर श्योपुर की ओर आ रहे श्रद्धालुओं का बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर, मध्य प्रदेश की तरफ से चाय सेवा ब्रांड के माध्यम से सम्मान एवं स्वागत किया गया। ☕🚩 भोलेनाथ की भक्ति और आस्था से भरी इस पावन यात्रा में श्रद्धालुओं की सेवा करना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। 🙏❤️ बाबा भोलेनाथ सभी कांवड़ यात्रियों की यात्रा मंगलमय करें, सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करें। 🚩 हर हर महादेव! जय भोलेनाथ! 🚩 बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर, मध्य प्रदेश की ओर से सभी कांवड़ यात्रियों को बहुत-बहुत शुभकामनाएँ एवं मंगलमय यात्रा की बधाई। ❤️🙏☕🚩 #कांवड़_यात्रा #रामेश्वर #श्योपुर #चाय_सेवा #बल्लू_टी_स्टॉल #हर_हर_महादेव #जय_भोलेनाथ #कांवड़िया #सेवा_ही_संकल्प
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    🙏❤️ कांवड़ यात्रियों का हार्दिक सम्मान ❤️🙏
रामेश्वर से पैदल यात्रा करते हुए पवित्र कांवड़ लेकर श्योपुर की ओर आ रहे श्रद्धालुओं का बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर, मध्य प्रदेश की तरफ से चाय सेवा ब्रांड के माध्यम से सम्मान एवं स्वागत किया गया। ☕🚩

भोलेनाथ की भक्ति और आस्था से भरी इस पावन यात्रा में श्रद्धालुओं की सेवा करना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। 🙏❤️

बाबा भोलेनाथ सभी कांवड़ यात्रियों की यात्रा मंगलमय करें, सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करें।
🚩 हर हर महादेव! जय भोलेनाथ! 🚩

बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर, मध्य प्रदेश की ओर से सभी कांवड़ यात्रियों को बहुत-बहुत शुभकामनाएँ एवं मंगलमय यात्रा की बधाई। ❤️🙏☕🚩

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    user_बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश
    बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश
    Yoga instructor बीरपुर, श्योपुर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
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