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NH-2 पर उतरते समय हादसा, शादी से लौट रहे यात्रियों गहरे गड्ढे में फंसी रांची जा रही बस रिंग रोड से नेशनल हाईवे-2 (NH-2) पर उतरते समय रेवसा पचफेड़वा के पास आज एक भीषण लापरवाही के कारण बड़ा सड़क हादसा होने से बच गया। हरहुआ में आयोजित एक शादी समारोह से लौट रहे यात्रियों से भरी 'रेखा' नामक बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक गहरे गड्ढे में जा धंसी। शादी की खुशियां मातम में बदलते बचीं जानकारी के अनुसार, बस में सवार सभी यात्री झारखंड के रांची के रहने वाले थे। वे वाराणसी के हरहुआ में एक शादी में शामिल होने आए थे और वापस लौट रहे थे। जैसे ही बस रिंग रोड से NH-2 की ओर मुड़ी, सड़क के खराब रख-रखाव और वहां मौजूद गहरे गड्ढे की वजह से बस का अगला हिस्सा उसमें समा गया। बस के फंसते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। ड्राइवर ने बताई लापरवाही की कहानी मौके पर मौजूद बस ड्राइवर मोहम्मद आजाद फारूकी ने मीडिया को बताया कि सड़क पर इतना गहरा गड्ढा था कि एयर सस्पेंशन वाली बस का अगला पहिया उसमें धंस गया और गाड़ी आगे नहीं बढ़ सकी। ड्राइवर के अनुसार, सड़क की खराब स्थिति और अचानक आए गहरे ढलान की वजह से यह स्थिति पैदा हुई। मौके पर पहुंचा प्रशासन हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। यात्रियों को सुरक्षित बस से बाहर निकाला गया। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई है। पुलिस ने क्रेन की मदद से बस को गड्ढे से निकालने का प्रयास शुरू किया और यातायात को सुचारू कराया। कारण: सड़क पर गहरा गड्ढा और खराब सड़क प्रबंधन। जनता का आक्रोश हादसे के बाद यात्रियों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। लोगों का कहना है कि रिंग रोड और हाईवे के मुख्य पॉइंट पर इस तरह के जानलेवा गड्ढे होना किसी बड़ी अनहोनी को दावत देने जैसा है।

on 12 March
user_दीवान इमरान अहमद
दीवान इमरान अहमद
Court reporter चंदौली, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
on 12 March
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NH-2 पर उतरते समय हादसा, शादी से लौट रहे यात्रियों गहरे गड्ढे में फंसी रांची जा रही बस रिंग रोड से नेशनल हाईवे-2 (NH-2) पर उतरते समय रेवसा पचफेड़वा के पास आज एक भीषण लापरवाही के कारण बड़ा सड़क हादसा होने से बच गया। हरहुआ में आयोजित एक शादी समारोह से लौट रहे यात्रियों से भरी 'रेखा' नामक बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक गहरे गड्ढे में जा धंसी। शादी की खुशियां मातम में बदलते बचीं जानकारी के अनुसार, बस में सवार सभी यात्री झारखंड के रांची के रहने वाले थे। वे वाराणसी के हरहुआ में एक शादी में शामिल होने आए थे और वापस लौट रहे

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थे। जैसे ही बस रिंग रोड से NH-2 की ओर मुड़ी, सड़क के खराब रख-रखाव और वहां मौजूद गहरे गड्ढे की वजह से बस का अगला हिस्सा उसमें समा गया। बस के फंसते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। ड्राइवर ने बताई लापरवाही की कहानी मौके पर मौजूद बस ड्राइवर मोहम्मद आजाद फारूकी ने मीडिया को बताया कि सड़क पर इतना गहरा गड्ढा था कि एयर सस्पेंशन वाली बस का अगला पहिया उसमें धंस गया और गाड़ी आगे नहीं बढ़ सकी। ड्राइवर के अनुसार, सड़क की खराब स्थिति और अचानक आए गहरे ढलान की वजह से यह स्थिति पैदा हुई। मौके पर पहुंचा प्रशासन हादसे की सूचना मिलते ही

स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। यात्रियों को सुरक्षित बस से बाहर निकाला गया। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई है। पुलिस ने क्रेन की मदद से बस को गड्ढे से निकालने का प्रयास शुरू किया और यातायात को सुचारू कराया। कारण: सड़क पर गहरा गड्ढा और खराब सड़क प्रबंधन। जनता का आक्रोश हादसे के बाद यात्रियों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। लोगों का कहना है कि रिंग रोड और हाईवे के मुख्य पॉइंट पर इस तरह के जानलेवा गड्ढे होना किसी बड़ी अनहोनी को दावत देने जैसा है।

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  • 🚨 मोहम्मदाबाद में दर्दनाक सड़क हादसा 🚨 गाजीपुर जनपद के मोहम्मदाबाद नगर क्षेत्र स्थित वकील बाड़ी रोड पर भीषण सड़क दुर्घटना में एक बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सामने से आ रही दूसरी बाइक ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे युवक सड़क पर गिर पड़ा और उसकी जान चली गई। मृतक की पहचान यूसुफपुर निवासी के रूप में हुई है। हादसे के बाद टक्कर मारने वाला बाइक सवार मौके से फरार हो गया। पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुटी है।
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    🚨 मोहम्मदाबाद में दर्दनाक सड़क हादसा 🚨
गाजीपुर जनपद के मोहम्मदाबाद नगर क्षेत्र स्थित वकील बाड़ी रोड पर भीषण सड़क दुर्घटना में एक बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सामने से आ रही दूसरी बाइक ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे युवक सड़क पर गिर पड़ा और उसकी जान चली गई।
मृतक की पहचान यूसुफपुर निवासी के रूप में हुई है।
हादसे के बाद टक्कर मारने वाला बाइक सवार मौके से फरार हो गया।
पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुटी है।
    user_K TODAY न्यूज, नरेन्द्र राय
    K TODAY न्यूज, नरेन्द्र राय
    Local News Reporter गाजीपुर, गाजीपुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by VIKESH DAS
    2
    Post by VIKESH DAS
    user_VIKESH DAS
    VIKESH DAS
    Farmer Nuaon, Kaimur (Bhabua)•
    3 hrs ago
  • मोहनियां के पुसौली में मूंग की फसल चराने के विवाद में दबंगों ने लाठी-डंडों से परिवार पर किया हमला कैमूर/बिहार कैमूर। अनुमंडल अस्पताल मोहनियां में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब दो पक्षों में मारपीट में घायल कुल 6 लोग इलाज के लिए पहुंचे। मामला पुसौली गांव का है, जहां मूंग की फसल में मवेशी चराने से मना करने पर दबंगों ने एक परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों से महिलाएं समेत कुल 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, घायलों की पहचान मोहनियां थाना अंतर्गत पुसौली गांव निवासी स्वर्गीय राम मूरत सिंह के पुत्र जीतन सिंह, प्रहलाद सिंह के पुत्र धनंजय सिंह, सुदामा सिंह की पत्नी प्रमिला देवी, पप्पू सिंह की पत्नी आशा देवी, चमरू सिंह के पुत्र सुदामा सिंह और बरहुली गांव निवासी श्रीकांत सिंह का पुत्र पवन कुमार के रूप में हुई है। वही पीड़ित सुदामा सिंह और उनकी पत्नी परमिला देवी ने बताया कि उनके खेत में मूंग की फसल लगी हुई है। बरहुली गांव के कुछ दबंग परशुराम, कमता और मोती यादव के पुत्र जबरन उनके खेत में भैंस चरा रहे थे। जब सुदामा सिंह और उनके परिवार ने इसका विरोध किया और मवेशियों को वहां से हटाने को कहा, तो आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने लाठी, डंडे और पारंपरिक हथियार (बल्लम) से हमला कर दिया। वही परमिला देवी ने रोते हुए बताया कि उनके पति को जमीन पर पटक कर बुरी तरह पीटा गया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आई हैं। बीच-बचाव करने आई घर की महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया। इस संबंध में अनुमंडल अस्पताल के चिकित्सक डॉ अमित तिवारी ने रविवार की दोपहर बताया की मारपीट में घायल कुल 6 लोगो को लाया गया था, जिनमें चार लोगों का सर फट गया था हमने चारों का प्राथमिक उपचार करने के बाद सीटी स्कैन कराने के लिए सदर अस्पताल भभुआ रेफर कर दिया। वही इस संबंध में मोहनियां थाना अध्यक्ष आलोक कुमार ने रविवार की दोपहर 12:45 बजे फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि मारपीट मामले में चार-पांच लोगों को पूछताछ के लिए थाने पर लाया गया है अभी किसी भी पक्ष के द्वारा आवेदन नहीं मिला है आवेदन मिलने पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
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    मोहनियां के पुसौली में मूंग की फसल चराने के विवाद में दबंगों ने लाठी-डंडों से परिवार पर किया हमला
कैमूर/बिहार
कैमूर। अनुमंडल अस्पताल मोहनियां में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब दो पक्षों में मारपीट में घायल कुल 6 लोग इलाज के लिए पहुंचे। मामला पुसौली गांव का है, जहां मूंग की फसल में मवेशी चराने से मना करने पर दबंगों ने एक परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों से महिलाएं समेत कुल 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, घायलों की पहचान मोहनियां थाना अंतर्गत पुसौली गांव निवासी स्वर्गीय राम मूरत सिंह के पुत्र जीतन सिंह, प्रहलाद सिंह के पुत्र धनंजय सिंह, सुदामा सिंह की पत्नी प्रमिला देवी, पप्पू सिंह की पत्नी आशा देवी, चमरू सिंह के पुत्र सुदामा सिंह और बरहुली गांव निवासी श्रीकांत सिंह का पुत्र पवन कुमार के रूप में हुई है। वही पीड़ित सुदामा सिंह और उनकी पत्नी परमिला देवी ने बताया कि उनके खेत में मूंग की फसल लगी हुई है। बरहुली गांव के कुछ दबंग परशुराम, कमता और मोती यादव के पुत्र जबरन उनके खेत में भैंस चरा रहे थे। जब सुदामा सिंह और उनके परिवार ने इसका विरोध किया और मवेशियों को वहां से हटाने को कहा, तो आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने लाठी, डंडे और पारंपरिक हथियार (बल्लम) से हमला कर दिया। वही परमिला देवी ने रोते हुए बताया कि उनके पति को जमीन पर पटक कर बुरी तरह पीटा गया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आई हैं। बीच-बचाव करने आई घर की महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया। इस संबंध में अनुमंडल अस्पताल के चिकित्सक डॉ अमित तिवारी ने रविवार की दोपहर बताया की मारपीट में घायल कुल 6 लोगो को लाया गया था, जिनमें चार लोगों का सर फट गया था हमने चारों का प्राथमिक उपचार करने के बाद सीटी स्कैन कराने के लिए सदर अस्पताल भभुआ रेफर कर दिया। वही इस संबंध में मोहनियां थाना अध्यक्ष आलोक कुमार ने रविवार की दोपहर 12:45 बजे फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि मारपीट मामले में चार-पांच लोगों को पूछताछ के लिए थाने पर लाया गया है अभी किसी भी पक्ष के द्वारा आवेदन नहीं मिला है आवेदन मिलने पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
    user_Satyam Kumar Upadhyay
    Satyam Kumar Upadhyay
    Local News Reporter Bhabua, Patna•
    5 hrs ago
  • यह समस्या शेरवा गाँव थाना जमालपुर का है
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    यह समस्या शेरवा गाँव थाना जमालपुर का है
    user_Triloki Nath
    Triloki Nath
    Local Politician चुनार, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • कैमूर/भभुआ अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर भभुआ नगर परिषद मैदान में भगवान परशुराम जन्मोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महाकालेश्वर ज्योतिष अनुसंधान केंद्र के ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज तिवारी के साथ काशी से आए विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना, हवन और आरती के साथ हुई। इसके बाद भगवान परशुराम की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें युवाओं का विशेष उत्साह देखने को मिला। शोभायात्रा नगर परिषद मैदान से शुरू होकर जयप्रकाश चौक, पटेल चौक, वन विभाग मार्ग होते हुए एकता चौक तक पहुंची। इस दौरान श्रद्धालु “जय परशुराम” के जयघोष के साथ भजन-कीर्तन करते रहे, जिससे पूरा शहर भक्तिमय माहौल में डूब गया। शोभायात्रा में राधा-कृष्ण, राम-जानकी और भगवान परशुराम की आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गईं। ढोल-नगाड़ों की गूंज और श्रद्धालुओं की भारी भागीदारी ने कार्यक्रम को भव्य बना दिया। एकता चौक पर गंगा आरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। राष्ट्रीय परशुराम सेना के प्रदेश अध्यक्ष विनोद तिवारी ने बताया कि इस आयोजन में जिले के साथ-साथ अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। उन्होंने सभी समुदायों के लोगों का आभार जताया, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाया। इस मौके पर संगठन के प्रदेश महासचिव अभय पांडे, सम्राट राजन तिवारी, ध्रुव तिवारी, मोनू पांडे, मनोज तिवारी अधिवक्ता मनीष पांडे, ट्विंकल तिवारी और राष्ट्रीय सनातन सेना के प्रदेश अध्यक्ष पवन गुप्ता अमित टिंकल जैनेन्द्र तिवारी उर्फ चातर बाबा सिक्की तिवारी रिशु तिवारी प्रमोद तिवारी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। भक्तों ने इस अवसर पर भगवान परशुराम के जीवन और उनके आदर्शों को भी याद किया। पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान परशुराम का जन्म त्रेता युग में ऋषि महर्षि जमदग्नि और माता रेणुका के घर हुआ था। उनका जन्म अक्षय तृतीया के दिन हुआ, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। भगवान परशुराम ने भगवान शिव की कठोर तपस्या कर उनसे दिव्य परशु (फरसा) और अस्त्र-शस्त्र प्राप्त किए। वे शास्त्र और शस्त्र दोनों के महान ज्ञाता थे। उनके जीवन का प्रमुख प्रसंग सहस्त्रार्जुन (कार्तवीर्य अर्जुन) के साथ युद्ध है, जिसने उनके पिता की हत्या कर दी थी। इसके बाद भगवान परशुराम ने अत्याचार के खिलाफ संघर्ष करते हुए उसका वध किया और अन्य अत्याचारियों का भी नाश किया। कहा जाता है कि उन्होंने 21 बार पृथ्वी को अत्याचारी क्षत्रियों से मुक्त किया। इतनी बड़ी विजय के बाद भी उन्होंने अहंकार नहीं किया और संपूर्ण पृथ्वी को महर्षि कश्यप को दान कर दिया तथा स्वयं तपस्या में लीन हो गए। भगवान परशुराम एक महान गुरु भी थे। उन्होंने भीष्म, द्रोणाचार्य और कर्ण जैसे महान योद्धाओं को शिक्षा दी। जीवन से मिलने वाली सीख भगवान परशुराम का जीवन हमें सिखाता है कि अन्याय और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। साथ ही, ज्ञान और शक्ति का संतुलन बनाए रखना, गुरु और माता-पिता का सम्मान करना और सफलता के बाद भी विनम्र बने रहना बहुत जरूरी है। पूरा आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ और लोगों ने भगवान परशुराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। रिपोर्ट ---: ओम प्रकाश तिवारी
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    कैमूर/भभुआ  अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर भभुआ नगर परिषद मैदान में भगवान परशुराम जन्मोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महाकालेश्वर ज्योतिष अनुसंधान केंद्र के ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज तिवारी के साथ काशी से आए विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना, हवन और आरती के साथ हुई।
इसके बाद भगवान परशुराम की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें युवाओं का विशेष उत्साह देखने को मिला। शोभायात्रा नगर परिषद मैदान से शुरू होकर जयप्रकाश चौक, पटेल चौक, वन विभाग मार्ग होते हुए एकता चौक तक पहुंची। इस दौरान श्रद्धालु “जय परशुराम” के जयघोष के साथ भजन-कीर्तन करते रहे, जिससे पूरा शहर भक्तिमय माहौल में डूब गया।
शोभायात्रा में राधा-कृष्ण, राम-जानकी और भगवान परशुराम की आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गईं। ढोल-नगाड़ों की गूंज और श्रद्धालुओं की भारी भागीदारी ने कार्यक्रम को भव्य बना दिया। एकता चौक पर गंगा आरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
राष्ट्रीय परशुराम सेना के प्रदेश अध्यक्ष विनोद तिवारी ने बताया कि इस आयोजन में जिले के साथ-साथ अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। उन्होंने सभी समुदायों के लोगों का आभार जताया, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाया।
इस मौके पर संगठन के प्रदेश महासचिव अभय पांडे, सम्राट राजन तिवारी, ध्रुव तिवारी, मोनू पांडे, मनोज तिवारी अधिवक्ता मनीष पांडे, ट्विंकल तिवारी और राष्ट्रीय सनातन सेना के प्रदेश अध्यक्ष पवन गुप्ता अमित टिंकल जैनेन्द्र तिवारी उर्फ चातर बाबा सिक्की तिवारी रिशु तिवारी प्रमोद तिवारी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
भक्तों ने इस अवसर पर भगवान परशुराम के जीवन और उनके आदर्शों को भी याद किया। पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान परशुराम का जन्म त्रेता युग में ऋषि महर्षि जमदग्नि और माता रेणुका के घर हुआ था। उनका जन्म अक्षय तृतीया के दिन हुआ, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है।
भगवान परशुराम ने भगवान शिव की कठोर तपस्या कर उनसे दिव्य परशु (फरसा) और अस्त्र-शस्त्र प्राप्त किए। वे शास्त्र और शस्त्र दोनों के महान ज्ञाता थे।
उनके जीवन का प्रमुख प्रसंग सहस्त्रार्जुन (कार्तवीर्य अर्जुन) के साथ युद्ध है, जिसने उनके पिता की हत्या कर दी थी। इसके बाद भगवान परशुराम ने अत्याचार के खिलाफ संघर्ष करते हुए उसका वध किया और अन्य अत्याचारियों का भी नाश किया। कहा जाता है कि उन्होंने 21 बार पृथ्वी को अत्याचारी क्षत्रियों से मुक्त किया।
इतनी बड़ी विजय के बाद भी उन्होंने अहंकार नहीं किया और संपूर्ण पृथ्वी को महर्षि कश्यप को दान कर दिया तथा स्वयं तपस्या में लीन हो गए।
भगवान परशुराम एक महान गुरु भी थे। उन्होंने भीष्म, द्रोणाचार्य और कर्ण जैसे महान योद्धाओं को शिक्षा दी।
जीवन से मिलने वाली सीख
भगवान परशुराम का जीवन हमें सिखाता है कि अन्याय और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। साथ ही, ज्ञान और शक्ति का संतुलन बनाए रखना, गुरु और माता-पिता का सम्मान करना और सफलता के बाद भी विनम्र बने रहना बहुत जरूरी है।
पूरा आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ और लोगों ने भगवान परशुराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
रिपोर्ट ---: ओम प्रकाश तिवारी
    user_Om Prakash Tiwari
    Om Prakash Tiwari
    Newspaper advertising department Bhabua, Kaimur (Bhabua)•
    6 hrs ago
  • Post by Shri Shyam Dubey
    10
    Post by Shri Shyam Dubey
    user_Shri Shyam Dubey
    Shri Shyam Dubey
    भभुआ, कैमूर (भभुआ), बिहार•
    8 hrs ago
  • Post by Triloki Nath
    3
    Post by Triloki Nath
    user_Triloki Nath
    Triloki Nath
    Local Politician चुनार, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • कैमूर /भभुआ कैमूर जिले के भभुआ वार्ड 14 में महर्षी वाल्मीकि आश्रम का उद्घाटन किया गया जहां वाल्मीकि समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष बब्बन रावत ने उद्घाटन के दौरान अपने संबोधन में बताया कि आदिकाल से ही हम सभी बाल्मीकि समाज सनातनी है क्योंकि मुगलों का अत्याचार को सहन करना स्वीकार किया लेकिन अपना धर्म नहीं बदला, अब वाल्मीकि समाज को जागरूक होने की समय आ गया है इस दौरान अतिपिछड़ा समाज के नेता मुकेश निषाद, एवं प्रदेश प्रभारी महादलित संघ राजेश राम वाल्मीकि, कैमूर जिलाध्यक्ष विजय रावत, विपिन रावत, बबलू रावत , प्रदीप रावत, मदन रावत एवं मेहतर समाज सेवासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहन राम, सहित वार्ड 14 के लोग मौजूद रहे, इस दौरान बबन रावत ने कहा कि हमारा समाज पहले से ही शिक्षित समाज रहा है, क्योंकि आप जानते हैं कि महर्षि वाल्मीकि जो रामायण के लेखनीय है जो कलम के धनी हैं, इसके साथ ही बाबा साहब डॉक्टर भीम राव अम्बेडकर वह भी कलम के धनी हैं जिन्होंने अपने कलम से भारत का संविधान लिख डाला,हम उनके वंशज हैं, और शुरू से ही सनातनी है, लेकिन सोचने वाली बात यह है कि हमारे महापुरुषों के हांथ में कलम है, तो आज हमारे समाज के लोगों के हांथ में झाड़ू किसने थमा दिया, आगे उन्होंने कहा कि हमारा समाज पहले से ही सनातनी है हमारा कौम राजपूती कौम है,जिन्होंने मुगलों का मैला ढोना स्वीकार किया लेकिन उनकी धर्म को स्वीकार नहीं किया और ना ही अपना धर्म बदला, आज जो लोग हिंदू धर्म से है उन्हें गर्व होना चाहिए हमारे समाज पर, क्योंकि वाल्मीकि समाज ने मुगलों से लड़ा जो शहीद हो गए सो हो गए,जो बंदी बन गए, उन्होंने भी इस्लाम धर्म कुबूल नहीं किया, इसलिए हम अपने वाल्मीकि समाज से अपील करते हैं कि भले ही आप एक रोटी कम खाएं, लेकिन अपने बच्चों की शिक्षित बनाएं, क्योंकि हमारे पूर्वजों के हाथ में कलम है झाड़ू नहीं, इसलिए मैं कहना चाहता हूं कि जिस तरह देश के सैनिक देश के दुश्मनों का सफाया करते हैं उसी प्रकार हमारे वाल्मीकि समाज देश की गंदगी को साफ करते हैं, लेकिन उन्हें आज भी वह सम्मान जनक अधिकार नहीं मिला, इसलिए मैं देश के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी एवं बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मांग करता हूं कि वाल्मीकि समाज सफाई कर्मियों को उनके उचित काम के बदले उचित दाम दें। रिपोर्ट ---ओम प्रकाश तिवारी
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    कैमूर /भभुआ कैमूर जिले के भभुआ वार्ड 14 में महर्षी वाल्मीकि आश्रम का  उद्घाटन किया गया जहां  वाल्मीकि समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष बब्बन रावत ने उद्घाटन के दौरान अपने संबोधन में बताया कि आदिकाल से ही हम सभी बाल्मीकि समाज सनातनी है  क्योंकि मुगलों का अत्याचार को सहन करना स्वीकार किया लेकिन अपना धर्म नहीं बदला, अब  वाल्मीकि समाज को जागरूक होने की समय आ गया है  इस दौरान अतिपिछड़ा समाज के नेता मुकेश निषाद, एवं प्रदेश प्रभारी महादलित संघ राजेश राम वाल्मीकि, कैमूर जिलाध्यक्ष विजय रावत, विपिन रावत, बबलू रावत , प्रदीप रावत, मदन रावत एवं मेहतर समाज सेवासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहन राम, सहित वार्ड 14 के लोग मौजूद रहे,
इस दौरान बबन रावत ने कहा कि हमारा समाज पहले से ही शिक्षित समाज रहा है, क्योंकि आप जानते हैं कि महर्षि वाल्मीकि जो रामायण के लेखनीय है जो कलम के धनी हैं, इसके साथ ही बाबा साहब डॉक्टर भीम राव अम्बेडकर वह भी कलम के धनी हैं जिन्होंने अपने कलम से भारत का संविधान लिख डाला,हम उनके वंशज हैं, और शुरू से ही सनातनी है, लेकिन सोचने वाली बात यह है कि हमारे महापुरुषों के हांथ में कलम है, तो आज हमारे समाज के लोगों के हांथ में झाड़ू किसने थमा दिया,
आगे उन्होंने कहा कि हमारा समाज पहले से ही सनातनी है हमारा कौम राजपूती कौम है,जिन्होंने मुगलों का मैला ढोना स्वीकार किया लेकिन उनकी धर्म को स्वीकार नहीं किया और ना ही अपना धर्म बदला, आज जो लोग हिंदू धर्म से है उन्हें गर्व होना चाहिए हमारे समाज पर, क्योंकि वाल्मीकि समाज ने मुगलों से लड़ा जो शहीद हो गए सो हो गए,जो बंदी बन गए, उन्होंने भी इस्लाम धर्म कुबूल नहीं किया, इसलिए हम अपने वाल्मीकि समाज से अपील करते हैं कि भले ही आप एक रोटी कम खाएं, लेकिन अपने बच्चों की शिक्षित बनाएं, क्योंकि हमारे पूर्वजों के हाथ में कलम है झाड़ू नहीं,
इसलिए मैं कहना चाहता हूं कि जिस तरह देश के सैनिक देश के दुश्मनों का सफाया करते हैं उसी प्रकार हमारे वाल्मीकि समाज देश की गंदगी को साफ करते हैं, लेकिन उन्हें आज भी वह सम्मान जनक अधिकार नहीं मिला, इसलिए मैं देश के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी एवं बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मांग करता हूं कि वाल्मीकि समाज सफाई कर्मियों को उनके उचित काम के बदले उचित दाम दें।
रिपोर्ट ---ओम प्रकाश तिवारी
    user_Om Prakash Tiwari
    Om Prakash Tiwari
    Newspaper advertising department Bhabua, Kaimur (Bhabua)•
    7 hrs ago
  • Post by गजेन्द्र कुमार सिंह
    2
    Post by गजेन्द्र कुमार सिंह
    user_गजेन्द्र कुमार सिंह
    गजेन्द्र कुमार सिंह
    Pindra, Varanasi•
    25 min ago
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