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Akanksha Dubey
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- News_n_Newsजबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेशcontact number dijiye3 hrs ago
- News_n_Newsजबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेशcontact no.3 hrs ago
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 7 किलो 206 ग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी कीमत लगभग 3.60 लाख रुपए बताई जा रही है। तस्कर ओडिशा से गांजा “सैंपल” के रूप में लेकर जबलपुर आए थे, ताकि यहां डील फाइनल कर सकें। पूछताछ में सामने आया है कि तस्कर पहले कम मात्रा में सैंपल दिखाकर सौदा तय करते हैं, और पसंद आने पर बड़ी खेप भेजते हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि यह गांजा शहर में किसे दिखाया जाना था। फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। 📍 स्थान: जबलपुर (म.प्र.)1
- केंद्र सरकार की हालिया 'यूएस ट्रेड डील' के खिलाफ मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। युवा कांग अपने क्षेत्र की सभी वायरल विडियोज के लिए डाउनलोड करें शुरू ऐप (Shuru App) 👇🏻 https://shuru.co.in/dl/yGCWip1
- संस्कारधानी में मध्य प्रदेश की 'प्रतिभा सम्मान योजना' की मेन्स परीक्षा रविवार को अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ती नजर आई। प्रदेश के कोने-कोने से संस्कारधानी पहुँचे सैकड़ों छात्र-छात्राएं उस वक्त परेशान हो उठे, जब एडमिट कार्ड में 9:30 बजे की एंट्री और 10:00 बजे का समय होने के बावजूद परीक्षा केंद्र के ताले नहीं खुले। अधारताल स्थित सांदीपनि विद्यालय में भीषण गर्मी और उमस के बीच घंटों खड़े छात्र और उनके अभिभावकों का धैर्य जवाब दे गया। आलम यह था कि परीक्षा अपने निर्धारित समय से एक घंटा देरी यानी सुबह 11:00 बजे शुरू हो सकी। दूर-दराज के जिलों से आए अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया, क्योंकि चिलचिलाती धूप में बच्चों के लिए बैठने तक के माकूल इंतजाम नहीं थे। कन्फ्यूजन का 'लिफाफा': प्रिंसिपल ने झाड़ा पल्ला, समन्वय की कमी उजागर इस पूरे घटनाक्रम पर जब स्कूल प्रशासन से जवाब मांगा गया, तो प्रबंधन ने अपनी गलती मानने के बजाय सारा ठीकरा 'एग्जाम कोऑर्डिनेटर' के सिर फोड़ दिया। स्कूल प्रिंसिपल का तर्क था कि सारा विवाद लिफाफे पर लिखे गलत समय के कारण हुआ; लिफाफे के बाहर परीक्षा का समय 11:00 बजे अंकित था, जबकि उसके भीतर मौजूद प्रश्नपत्रों और निर्देशों में समय 10:00 बजे दर्ज था। इस 'इनसाइड-आउटसाइड' वाले कन्फ्यूजन ने न केवल बच्चों का कीमती समय बर्बाद किया, बल्कि योजना के क्रियान्वयन पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। "प्रतिभा का सम्मान" करने निकली यह योजना आज बदइंतजामी के कारण बच्चों के मानसिक तनाव का सबब बन गई।1
- Post by Rishi Rajak1
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- : सोशल मीडिया पर एक वीडियो इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है, जो स्वास्थ्य सेवाओं के बड़े-बड़े दावों की पोल खोल रहा है। अभिषेक पाठक नाम के एक यूजर ने अपने फेसबुक अकाउंट से एक वीडियो साझा किया है, जिसमें सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की बदहाल व्यवस्था को उजागर किया गया है। क्या है पूरा मामला? वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि इस भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में मरीजों को एक वार्ड से दूसरे वार्ड या जांच के लिए ले जाने के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से गाड़ी या स्ट्रेचर की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। ### अभिषेक पाठक के वीडियो की मुख्य बातें: व्यवस्था का अभाव: अस्पताल को 'सुपर स्पेशलिटी' कहा जा रहा है, लेकिन मरीजों के लिए बुनियादी परिवहन (Transport) की सुविधा शून्य है। तीमारदारों की बेबसी: भीषण गर्मी में मरीज के परिजन उन्हें सहारा देकर या खुद ही स्ट्रेचर खींचकर ले जाने को मजबूर हैं। प्रशासन पर सवाल: वीडियो शेयर करते हुए अभिषेक ने व्यवस्था की हकीकत बताते हुए अस्पताल प्रबंधन और सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। "यह है सुपर स्पेशलिटी की हकीकत! भीषण गर्मी में मरीज बेहाल हैं, लेकिन उन्हें लाने-ले जाने के लिए कोई गाड़ी उपलब्ध नहीं है।" > — अभिषेक पाठक (फेसबुक पोस्ट के माध्यम से) निष्कर्ष अक्सर बड़ी इमारतों और आधुनिक मशीनों को 'सुपर स्पेशलिटी' का नाम दे दिया जाता है, लेकिन जब तक एक आम मरीज को धूप और गर्मी से बचाने जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलेंगी, तब तक ऐसे दावे खोखले ही नजर आएंगे। अब देखना यह है कि इस वीडियो के वायरल होने के बाद क्या अस्पताल प्रशासन की नींद टूटती है?1
- “Hamare dost nahi… full time nashedi gang hai 😂🍻” . . #ComedyVideo #FunnyFriends #NashediGang #DesiComedy #ViralReels #FriendshipGoals #FunnyContent1
- जबलपुर में सनसनीखेज हमला - हाईकोर्ट के मुंशी पर देर रात जानलेवा हमला… पहले आंखों में मिर्च झोंकी गई, फिर गोली मार दी गई ?1