खाखड़की में बिसलपुर पानी सप्लाई बनी मुसीबत, ग्रामीणों में आक्रोश 3-4 माह बाद आई जलापूर्ति, लेकिन खारा पानी पीने को मजबूर सड़क, बिजली व परिवहन समस्याओं पर भी उठे सवाल नावां सिटी । उपखण्ड की ग्राम पंचायत खाखड़की में बिसलपुर पेयजल योजना की स्थिति को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले 3-4 महीनों से गांव में पानी की सप्लाई बंद थी, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हाल ही में जलापूर्ति शुरू तो हुई, लेकिन नलों में खारा और अनुपयोगी पानी आने से समस्या और गंभीर हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पानी पीने योग्य नहीं है और स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक साबित हो सकता है। ऐसे में लोग शुद्ध पेयजल के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। उन्होंने इसे प्रशासन की लापरवाही बताते हुए गांववासियों के साथ अन्याय करार दिया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधियों द्वारा बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति शून्य बनी हुई है। खाखड़की में केवल पानी ही नहीं, बल्कि सड़क, बिजली और परिवहन जैसी मूलभूत सुविधाओं की भी भारी कमी बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार गांव की सड़कों की हालत इतनी खराब है कि आपात स्थिति में एम्बुलेंस तक पहुंचने में कठिनाई होती है। वहीं बिजली कटौती ने विद्यार्थियों की पढ़ाई और किसानों के कार्य को प्रभावित किया है। परिवहन व्यवस्था भी न के बराबर होने से ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए शुद्ध पेयजल, सुचारू बिजली आपूर्ति, बेहतर सड़क और परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
खाखड़की में बिसलपुर पानी सप्लाई बनी मुसीबत, ग्रामीणों में आक्रोश 3-4 माह बाद आई जलापूर्ति, लेकिन खारा पानी पीने को मजबूर सड़क, बिजली व परिवहन समस्याओं पर भी उठे सवाल नावां सिटी । उपखण्ड की ग्राम पंचायत खाखड़की में बिसलपुर पेयजल योजना की स्थिति को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले 3-4 महीनों से गांव में पानी की सप्लाई बंद थी, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हाल ही में जलापूर्ति शुरू तो हुई, लेकिन नलों में खारा और अनुपयोगी पानी आने से समस्या और गंभीर हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पानी पीने योग्य नहीं है और स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक साबित हो सकता है। ऐसे में लोग शुद्ध पेयजल के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। उन्होंने इसे प्रशासन की लापरवाही बताते हुए गांववासियों के साथ अन्याय करार दिया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि
चुनाव के समय जनप्रतिनिधियों द्वारा बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति शून्य बनी हुई है। खाखड़की में केवल पानी ही नहीं, बल्कि सड़क, बिजली और परिवहन जैसी मूलभूत सुविधाओं की भी भारी कमी बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार गांव की सड़कों की हालत इतनी खराब है कि आपात स्थिति में एम्बुलेंस तक पहुंचने में कठिनाई होती है। वहीं बिजली कटौती ने विद्यार्थियों की पढ़ाई और किसानों के कार्य को प्रभावित किया है। परिवहन व्यवस्था भी न के बराबर होने से ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए शुद्ध पेयजल, सुचारू बिजली आपूर्ति, बेहतर सड़क और परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
- मीठड़ी कोटवालिया की ढ़ाणी को लेकर आये दिन आमजन पानी की समस्या से झूझ रहे है। पर ग्राम पंचायत व जलदाय विभाग इस समस्या को नजरअंदाज किया जा रहा है।4
- मकराना। कस्बे में रविवार को नए न्यायालय भवन का समारोहपूर्वक शिलान्यास किया गया। कार्यक्रम में जोधपुर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि जस्टिस रवि चिरानिया और जस्टिस नाहर सिंह मीणा विशिष्ट अतिथि रहे। लंबे समय से लंबित इस मांग के पूर्ण होने पर अधिवक्ताओं और आमजन में खुशी का माहौल नजर आया। पंडित विमल पारीक के सानिध्य में चीफ जस्टिस शर्मा, जस्टिस चिरानिया व जस्टिस मीणा सहित अन्य अतिथियों ने विधिवत पूजा-अर्चना कर भवन की नींव रखी। इसके बाद पर्यावरण संरक्षण के संदेश के तहत पौधरोपण भी किया गया। मकराना बार संघ की ओर से अतिथियों का माला व साफा पहनाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने कहा कि नया न्यायालय भवन न केवल वर्तमान बल्कि आने वाली चार पीढ़ियों के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा। न्यायालय भवन हम सभी की धरोहर हैं, भवन बनने से न्यायिक कार्यों में सुगमता आएगी और आमजन को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने बताया कि लंबे समय से भवन निर्माण की मांग चल रही थी, लेकिन अब 12.50 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत होने से भव्य भवन का निर्माण संभव हो सका है, जिसे एक वर्ष में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। जस्टिस रवि चिरानिया ने कहा कि नए भवन से अधिवक्ताओं के साथ-साथ परिवादियों को भी काफी राहत मिलेगी। एडीजे आशा चौधरी ने आभार व्यक्त करते हुए बताया कि वर्तमान न्यायालय परिसर में बारिश के दौरान चार फीट तक पानी भर जाता था, जिससे कार्य प्रभावित होता था। नए भवन से इन समस्याओं का स्थायी समाधान होगा। इस मौके पर विधायक जाकिर हुसैन गैसावत ने अधिवक्ताओं के चेंबर निर्माण के लिए विधायक कोष से 21 लाख रुपए देने की घोषणा की। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर एसीजेएम रुपेंद्र चौहान, डीडवाना-कुचामन जिला कलेक्टर अवधेश मीणा, एसडीएम अंशुल सिंह, अंजुमन सदर मौलाना गुलाम सय्यद अली, सुमिता भींचर, बार संघ अध्यक्ष शेख अकबर अली, सिकंदर खान सहित प्रशासनिक अधिकारी, अधिवक्ता एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।1
- jai shree shyam ....1
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- बालोतरा-रिफाईनरी में लगी भीषण आग, CDU यूनिट में आग लगने की खबर, बड़ी संख्या में दमकल आग पर काबू पाने का कर रही प्रयास, रिफाईनरी में मची अफरातफरी, कल प्रधानमंत्री करने वाले है लोकार्पण, 4 बजे सीएम का भी रिफाइनरी पहुचें का कार्यक्रम, इससे पहले हो गया ये बड़ा हादसा।2
- पचपदरा रिफाइनरी में आगजनी हादसा है या फिर साजिश...? पचपदरा रिफाइनरी का कल उद्घाटन से पूर्व चढ़ी भीषण आगजनी के चपेट में , कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करने वाले थे उद्घाटन,1
- Post by Mohan Swami1
- मीठड़ी कस्बे के कनौज नगर में पानी की समस्या को लेकर धरना- प्रदर्शन किया गया।ग्रामीणो व महिलाओ ने बताया कि कनौज नगर कोटवालियो की ढ़ाणी करीब 150 घरो की बस्ती है। करीब 40 साल पानी की समस्या से झूझ रहे है। पानी का टैंकर ही सहारा है। आये दिन टैंकर महंगे भाव 500 रुपए प्रति टैंकर के मंगा रहे है। कोटवालियो की ढ़ाणी में एक पानी की टंकी है। जो जर्जर अवस्था में है। गत वर्ष पाइप लाइन भी डाली गई। फिर भी पानी आने का नाम ही नहीं ले रहा है। बीच रास्ते में जगह-जगह अवैध कनेक्शन की भरमार के चलते आज भी ग्रामीण पानी को तरस रहै है। पानी टंकी व खेली सूखी पड़ी है। ग्रामीणो व महिलाओ ने बताया कि आज से करीब छः साल पहले जल जीवन मिशन के तहत 1250 रुपए की करीब 150 रसीद काटी गयी। कहा कि घर-घर पानी का कनेक्शन दिया जायेगा। पर आज तक न तो वापस रुपए दिए गए न पानी पहुचां। पशुधन के लिए पानी उपलब्ध नहीं है। ढ़ाणी स्थित जीआरएल पर महिलाओ ने मटके फोड़कर धरना प्रदर्शन किया। साथ ही ग्राम पंचायत व विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किया। नारे लगाए की भाजपा व कांग्रेस कोई पार्टी हो वोट उसी को दिया जायेगा। जो पानी देगा। नारे लगाए कि " पानी नहीं तो वोट नहीं, पानी दो वोट लो "इस दौरान सोहनलाल,मदनलाल,कालूराम,बाबूलाल,छोटूराम,हनुमान डूंगरमल,लालाराम,गणपत व महिलाओ में परमेश्वरी देवी,अमरी देवी,मोहनी देवी,मन्जु देवी,ब्ररजी देवी,शारदा,मन्नी देवी,शानु,गायत्री सहित सैकड़ो ग्रामीण व महिलाए मौजूद थी। जलदाय विभाग कनिष्ठ अभियन्ता सतपाल सिंह मौका स्थिती देखकर शीघ्र ही समस्या का समाधान होगा।4