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अनंतनाग, जम्मू-कश्मीर: PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पर एक फंक्शन में फायरिंग की घटना पर कहा, "जो कल घटना हुई, वो चौंकाने वाली है अनंतनाग, जम्मू-कश्मीर: PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पर एक फंक्शन में फायरिंग की घटना पर कहा, "जो कल घटना हुई, वो चौंकाने वाली है और इसकी जितनी निंदा की जाए, वो कम है। फारूक अब्दुल्ला वरिष्ठ नेता हैं...कोई आदमी कैसे उनके इतने नजदीक पहुंच गया? मेरी फारूक अब्दुल्ला से बात हुई है और वो बिल्कुल ठीक हैं। सिक्योरिटी को यह देखने की जरूरत है कि कहां चूक हुई है...मुझे लगता है कि इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए..."
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अनंतनाग, जम्मू-कश्मीर: PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पर एक फंक्शन में फायरिंग की घटना पर कहा, "जो कल घटना हुई, वो चौंकाने वाली है अनंतनाग, जम्मू-कश्मीर: PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पर एक फंक्शन में फायरिंग की घटना पर कहा, "जो कल घटना हुई, वो चौंकाने वाली है और इसकी जितनी निंदा की जाए, वो कम है। फारूक अब्दुल्ला वरिष्ठ नेता हैं...कोई आदमी कैसे उनके इतने नजदीक पहुंच गया? मेरी फारूक अब्दुल्ला से बात हुई है और वो बिल्कुल ठीक हैं। सिक्योरिटी को यह देखने की जरूरत है कि कहां चूक हुई है...मुझे लगता है कि इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए..."
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- न्यूज़: दिल्ली के नॉर्थ-वेस्ट जिले की फॉरेनर सेल ने लगातार निगरानी के दौरान जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन के पास से दो अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी पहले भी भारत से डिपोर्ट किए जा चुके थे, लेकिन इसके बावजूद वे दोबारा अवैध तरीके से भारत में प्रवेश कर गए। पुलिस जांच में आरोपियों के पास से 2 स्मार्टफोन बरामद किए गए हैं, जिनमें प्रतिबंधित IMO ऐप इंस्टॉल पाया गया। इसके अलावा उनके कब्जे से 6 बांग्लादेशी पहचान से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, दोनों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वे भारत में किस नेटवर्क के जरिए दोबारा दाखिल हुए। पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।1
- कांधला ब्लॉक के गांव चढ़ाव निवासी नफे सिंह की बेटी काजल चौहान ने upsc परीक्षा में 401 रैंक हासिल कर जनपद शामली का नाम रोशन किया1
- उत्तराखंड: चंपावत जिले के टनकपुर के उछोली गोठ में भूमि विवाद को लेकर ग्रामीणों व पुलिस के बीच जोरदार बहस वीडियो सोशल मीडिया में वायरल1
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- *अतिक्रमण से जूझ रहा बिलग्राम का मुख्य चौराहा, हादसे की आशंका* हरदोई/बिलग्राम। नगर के मुख्य चौराहे पर बढ़ते अतिक्रमण से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिलग्राम कोतवाली के गेट के सामने स्थित मुख्य चौराहा इन दिनों अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहा है। सड़क के दोनों ओर किए गए अवैध कब्जों के कारण रास्ता संकरा हो गया है, जिससे यातायात बाधित रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे दुकानों और ठेलों के लगने से अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। लोगों का आरोप है कि यह अतिक्रमण लंबे समय से हो रहा है, लेकिन नगर पालिका प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि मुख्य चौराहे से अतिक्रमण हटाकर यातायात व्यवस्था को सुचारु किया जाए, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।1
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- नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अपने विधानसभा क्षेत्र, शालीमार बाग में इन दिनों माहौल काफी तनावपूर्ण है। शालीमार गांव के मैक्स हॉस्पिटल रोड (Max Hospital Road) और आसपास के इलाकों में 'घर बचाओ आंदोलन' के तहत सैकड़ों स्थानीय निवासी सड़कों पर हैं। विवाद की मुख्य जड़ सड़क चौड़ीकरण (Road Widening) परियोजना के तहत करीब 200 से 300 मकानों पर प्रशासन द्वारा लगाए गए 'पीले निशान' (Yellow Markings) हैं। क्या है पूरा मामला? लोक निर्माण विभाग (PWD) और एमसीडी (MCD) द्वारा शालीमार गांव और टीचर कॉलोनी के कई घरों को नोटिस दिए गए हैं, जिनमें इन निर्माणों को अवैध बताते हुए हटाने की चेतावनी दी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे यहाँ पिछले 50 से 70 वर्षों से रह रहे हैं और उनके पास बिजली, पानी के वैध कनेक्शन भी हैं। अचानक हुई इस कार्रवाई ने लोगों की रातों की नींद उड़ा दी है। आंदोलन की मुख्य बातें: लगातार विरोध: मैक्स हॉस्पिटल रोड पर लोग कड़ाके की ठंड और अनिश्चितता के बीच धरने पर बैठे हैं। हाल ही में आंदोलनकारियों द्वारा क्रमिक उपवास (Relay Fast) भी शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री से नाराजगी: प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि चुनाव के समय मुख्यमंत्री ने उनसे वोट माँगे थे, लेकिन आज जब उनके आशियाने पर खतरा है, तो सरकार उनकी सुध नहीं ले रही है। निवासियों का दावा है कि कई बार कोशिशों के बावजूद मुख्यमंत्री ने उनसे मुलाकात नहीं की है। विपक्ष का हमला: आम आदमी पार्टी (AAP) और अन्य विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार बिना किसी ठोस पुनर्वास नीति (Rehabilitation Policy) के गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को बेघर करने पर उतारू है। जनता का सवाल: विकास या विनाश? आंदोलन में शामिल बुजुर्ग महिलाओं और युवाओं का एक ही सवाल है—"अगर हमारे सालों पुराने घर तोड़ दिए गए, तो हम कहाँ जाएंगे?" लोगों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर उन्हें बेघर करना कतई मंजूर नहीं है। क्या सरकार लेगी खबर? फिलहाल सरकार और प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या राहत का आश्वासन नहीं आया है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार लिखित में उनके घरों को सुरक्षित रखने का आश्वासन नहीं देती, तब तक 'घर बचाओ आंदोलन' जारी रहेगा।1