जनपद बहराइच के नानपारा देहात क्षेत्र स्थित भज्जापुरवा गांव में निजी जमीन पर नाली निर्माण को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बीडीसी अर्जुन कुमार उनकी निजी जमीन पर दबाव बनाकर नाली का निर्माण करवा रहे हैं, जबकि उनके पास जमीन के वैध दस्तावेज मौजूद हैं। आरोप यह भी है कि इस मामले में कुछ लोगों पर घर तोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी भी दी जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम समाज की खाली पड़ी जमीन उपलब्ध होने के बावजूद उनकी निजी जमीन पर जबरन निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जिससे कई परिवारों के समक्ष संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस पूरे मामले की शिकायत एसडीएम और तहसीलदार नानपारा से भी की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद नाली निर्माण का कार्य लगातार जारी है। प्रशासनिक अधिकारियों की इस चुप्पी पर सवाल उठाए जा रहे हैं। जब इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनका पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका। अब देखना यह होगा कि भज्जापुरवा गांव के ग्रामीणों की इन गंभीर शिकायतों पर प्रशासन द्वारा क्या कार्रवाई की जाती है और इस विवाद का समाधान किस प्रकार निकाला जाता है।
जनपद बहराइच के नानपारा देहात क्षेत्र स्थित भज्जापुरवा गांव में निजी जमीन पर नाली निर्माण को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बीडीसी अर्जुन कुमार उनकी निजी जमीन पर दबाव बनाकर नाली का निर्माण करवा रहे हैं, जबकि उनके पास जमीन के वैध दस्तावेज मौजूद हैं। आरोप यह भी है कि इस मामले में कुछ लोगों पर घर तोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी भी दी जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम समाज की खाली पड़ी जमीन उपलब्ध होने के बावजूद उनकी निजी जमीन पर जबरन निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जिससे कई परिवारों के समक्ष संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस पूरे मामले की शिकायत एसडीएम और तहसीलदार नानपारा से भी की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद नाली निर्माण का कार्य लगातार जारी है। प्रशासनिक अधिकारियों की इस चुप्पी पर सवाल उठाए जा रहे हैं। जब इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनका पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका। अब देखना यह होगा कि भज्जापुरवा गांव के ग्रामीणों की इन गंभीर शिकायतों पर प्रशासन द्वारा क्या कार्रवाई की जाती है और इस विवाद का समाधान किस प्रकार निकाला जाता है।
- नगर पंचायत रुपईडीहा में बड़े मंगलवार के शुभ अवसर पर राष्ट्रीय हिन्दू वाहिनी संघ रुपईडीहा द्वारा एक भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। इस मौके पर चेयरमैन डॉ. उमाशंकर वैश्य जी, धर्मेंद्र शुक्ला, गोपाल जी, राष्ट्रीय हिन्दू वाहिनी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बलराम शुक्ला, ललित त्रिपाठी, शेर सिंह कसौधन, दयाशंकर शुक्ला जी, दीपक आर्य, आरती वर्मा जी और संगठन के अन्य सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे।4
- खेत की खुदाई के दौरान बाबा खाटू श्याम से मिलती-जुलती एक प्रतिमा मिली है। इस अप्रत्याशित खोज के बाद प्रतिमा के दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है, जिससे वहां गहमागहमी का माहौल बन गया है।1
- लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद बहराइच प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी कड़ी में, सिटी मजिस्ट्रेट, जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) और फायर विभाग की एक संयुक्त टीम ने एक कोचिंग सेंटर और बेसमेंट में संचालित लाइब्रेरी का गहन निरीक्षण किया। जांच के दौरान इन संस्थानों में सुरक्षा मानकों से जुड़ी कई खामियां पाई गईं, जिसके आधार पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की गई। प्रशासन ने जानकारी दी है कि जिले में अन्य संस्थानों की जांच का अभियान भी अब तेज कर दिया गया है।1
- बहराइच में बड़े मंगल के पावन अवसर पर खैरीघाट पुलिस ने सेवा का एक अनुपम उदाहरण पेश किया है। क्षेत्र के अटल चौराहा पर खैरीघाट पुलिस की ओर से एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिससे पूरा क्षेत्र दिनभर धार्मिक और भक्तिमय माहौल में सराबोर रहा। यह आयोजन प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह की अगुवाई में संपन्न हुआ, जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और राहगीरों को प्रसाद वितरित किया गया। भंडारे में पूड़ी, सब्जी, छोला, चावल, बूंदी, फल और शीतल पेय का वितरण किया गया। थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह स्वयं पीले गमछे में प्रसाद बांटते हुए नजर आए, वहीं कांस्टेबल गौरव कुमार ने राहगीरों को पानी पिलाकर सेवा भावना की मिसाल कायम की। इस अवसर पर ग्राम प्रधान कमला प्रसाद वर्मा और डाटा ऑपरेटर अतुल शुक्ला ने भी भंडारे का आयोजन कराया। थानाध्यक्ष ने बड़े मंगल के पर्व को सेवा, समर्पण और सामाजिक सौहार्द का संदेश देने वाला बताया।2
- रहीमाबाद के तिरगवा गांव में एक बदबूदार पोल्ट्री फार्म को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है। गांव के लोगों का आरोप है कि इस फार्म से निकलने वाली तेज दुर्गंध, गंदगी और मक्खियों ने उनके दैनिक जीवन को दूभर कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि हालात इतने खराब हो गए हैं कि गांव में बीमारी फैलने का खतरा मंडरा रहा है, और कुछ परिवारों को तो मजबूरन गांव छोड़ना पड़ रहा है। समस्या की गंभीरता इस बात से भी बढ़ जाती है कि पोल्ट्री फार्म के ठीक सामने एक प्राथमिक विद्यालय स्थित है, जिसकी वजह से वहां पढ़ने वाले मासूम बच्चे भी इस दुर्गंध और गंदगी से बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। हजारों ग्रामीणों ने अपनी इस गंभीर समस्या के संबंध में संपूर्ण समाधान तहसील दिवस में शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन, ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बाद भी अब तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर जांच करने के लिए नहीं पहुंचा है, जिससे प्रशासन की कथित निष्क्रियता साफ दिख रही है। नाराज ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपेंगे और आवश्यकता पड़ने पर अपनी शिकायत सीधे मुख्यमंत्री तक भी पहुंचाएंगे। शिकायत के बाद भी प्रशासन की नींद न टूटने से ग्रामीण अब ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1
- Post by फ़राज़ अन्सारी निर्भीक पत्रकार1
- बहराइच के जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए एक अज्ञात व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई। घायल अवस्था में अस्पताल लाए गए इस व्यक्ति को बचाने के लिए चिकित्सकों ने हर संभव प्रयास किया था, लेकिन इलाज के दौरान उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। अस्पताल प्रशासन ने इस घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया। मंगलवार सुबह अस्पताल चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी ने बताया कि मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस ने पहचान स्थापित करने के उद्देश्य से शव को 72 घंटे के लिए मर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है। इस अवधि में पुलिस आसपास के सभी थानों, चौकियों और अस्पतालों में गुमशुदगी की सूचनाओं की तलाश कर रही है। साथ ही, अखबारों और सोशल मीडिया के माध्यम से भी मृतक की शिनाख्त कराने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि यदि 72 घंटे के भीतर शव की पहचान नहीं हो पाती है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।1