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प्रतापगढ़ के दाऊदपुर गांव की रहने वाली सानिया बानो ने अपने प्रेमी अमन कुमार गौतम के साथ एक मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर लिया है। बताया जा रहा है कि सानिया और अमन लंबे समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे। जब सानिया ने आत्महत्या करने की धमकी दी, तब उसके अब्बा ने कहा कि "भाड़ में गया मजहब, मुझे अपनी बेटी से प्यारा कोई नहीं"। इस भावनात्मक पल के बाद, अब दोनों युगल के पिता खुशी-खुशी उन्हें अपना आशीर्वाद दे रहे हैं।
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प्रतापगढ़ के दाऊदपुर गांव की रहने वाली सानिया बानो ने अपने प्रेमी अमन कुमार गौतम के साथ एक मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर लिया है। बताया जा रहा है कि सानिया और अमन लंबे समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे। जब सानिया ने आत्महत्या करने की धमकी दी, तब उसके अब्बा ने कहा कि "भाड़ में गया मजहब, मुझे अपनी बेटी से प्यारा कोई नहीं"। इस भावनात्मक पल के बाद, अब दोनों युगल के पिता खुशी-खुशी उन्हें अपना आशीर्वाद दे रहे हैं।
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- आंदर नगर पंचायत के निवासी मुकेश कुमार राम ने एक साधारण मजदूर परिवार से आकर प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी (बीपीआरओ) बनकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत, लगन और प्रतिभा के बल पर यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मुकेश, शंकर राम और सावित्री देवी के पुत्र हैं; उनके पिता नगर पंचायत में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद मुकेश ने अपनी पढ़ाई जारी रखी और इस पद को प्राप्त किया। उनकी यह उपलब्धि उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सपनों को साकार करने का संकल्प रखते हैं। मुकेश के बीपीआरओ बनने की खबर मिलते ही परिजनों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई, जहाँ लोगों ने उनके घर पहुँचकर मिठाई खिलाई और बधाई दी। रविवार को पूर्व एमएलसी परमात्मा राम, राजू राम, पिंटू कुशवाहा, हरेंद्र प्रसाद, संतोष प्रसाद, अंकित कुमार और पिंटू प्रसाद समेत कई अन्य लोगों ने भी उन्हें बधाई दी। लोगों का मानना है कि मुकेश की सफलता यह साबित करती है कि मेहनत और दृढ़ संकल्प के आगे कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। मुकेश कुमार राम ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और शुभचिंतकों को देते हुए कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी कभी हिम्मत नहीं हारी और निरंतर लक्ष्य की ओर प्रयास करते रहे। उनकी यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के युवाओं को शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति और अधिक प्रेरित करेगी।1
- बिहार के गोपालगंज जिले में, कुचायकोट थाना क्षेत्र से एक नाबालिग किशोरी देर रात घर से लापता हो गई, जिसके बाद परिजनों ने चार नामजद लोगों पर अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि, पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और मामले में एक युवक को हिरासत में लिया है। पीडिता की मां ने कुचायकोट थाने में दिए अपने लिखित आवेदन में बताया कि उनकी साढे सोलह वर्षीय बेटी 20 जून की रात अचानक घर से गायब हो गई। उन्हें सुबह जानकारी मिली कि नामजद आरोपियों ने शादी का झूठा झांसा देकर उसे भगा लिया और मलही गांव के पास खेत में उसके साथ गलत संबंध बनाए। मां ने यह भी बताया कि वह एक महादलित जाति से आती हैं। उन्होंने 18 जून को हुई एक पिछली घटना का भी जिक्र किया, जब उनके गांव के ही दूसरे समुदाय के 20 वर्षीय युवक और उसके परिवार के अन्य सदस्यों ने उनकी बेटी को अपने घर में कैद कर लिया था। उस समय उन्हें और उनके बच्चों को गाली दी गई थी और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए मारने के लिए दौडाया गया था। इस पर उन्होंने डायल 112 पर फोन किया था, जिसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुँचकर उनकी बेटी को छुड़ाकर उन्हें सौंप दिया था। लोक-लज्जा के भय से वह तब चुप थीं, लेकिन 20 जून की रात बेटी के फिर से लापता होने पर परिजनों ने रात भर खोजबीन की। इस पूरे मामले पर थानाध्यक्ष दर्पण सुमन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि पुलिस ने घटना को बेहद गंभीरता से लिया है, लेकिन शुरुआती जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट है कि किशोरी पूर्व से ही पड़ोस के एक युवक के साथ प्रेम करती थी और वह खुद ही उसके पास गई थी। दोनों का प्रेम प्रसंग पिछले तीन साल से चल रहा है। थानाध्यक्ष ने परिजनों के सामूहिक दुष्कर्म के आरोपों को बिल्कुल झूठा करार दिया है, क्योंकि नाबालिग ने अपने बयान में भी सामूहिक दुष्कर्म की बात से इनकार किया है और कहा है कि वह खुद अपने प्रेमी के पास गई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद एक आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पुछताछ की जा रही है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है, और पीडिता को चिकित्सीय परीक्षण के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है। इसके साथ ही, न्यायालय में पीडिता का बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है।1
- गोपालगंज में वाहन चोरी के मामलों के बीच पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। महम्मदपुर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से कुल 11 चोरी की मोटरसाइकिलें और 2 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह चोरी की बाइकों के फर्जी दस्तावेज और स्मार्ट कार्ड तैयार करता था, जिसके बाद उन्हें असली बताकर बाजार में बेच दिया जाता था।1
- चिराग पासवान ने 'भारत' नामक व्यक्ति के एनकाउंटर पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 'भारत भगत सिंह था', जिसके साथ ही उन्होंने इस घटना की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की। पासवान ने कहा कि दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए और यह भी स्पष्ट किया कि समाज की लड़ाई लड़ने का अधिकार सभी को है।1
- गोपालगंज के भोरे स्थित पशु अस्पताल ग्राउंड में 21 जून 2026 को एक धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया है।1
- देवरिया जिले के भाटपार रानी खंड विकास क्षेत्र की ग्राम पंचायत दुबोली भरोली में स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पूरी तरह से फेल हो गया है। इस विफलता के कारण सरकारी धन की भारी बर्बादी हुई है, वहीं इस मामले से जुड़े जिम्मेदार लोग पूरी तरह से बेखबर बने हुए हैं।1
- नगर में मनाए जा रहे मातमी पर्व मोहर्रम के अंतर्गत शनिवार रात को मोहल्ला गांधी से मोहर्रम के चौथी का हुसैनी गोल (जुलूस) पूरी अदब और एहतराम के साथ निकाला गया। यह जुलूस कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ। मोहर्रम कमेटी के सदर नज़रुल बारी उर्फ बब्लू मास्टर के नेतृत्व में निकला यह हुसैनी गोल, मोहल्ला गांधी के इमाम चौक से रात करीब 11 बजे शुरू हुआ। यह जुलूस मोहल्ला भीखपुरा सहित अन्य मोहल्लों के पारंपरिक मार्गों से होते हुए मध्य रात में मोहल्ला बढ़ा स्थित दरगाह के मैदान में पहुंचा। इसमें अन्य मोहल्लों की भी सहभागिता रही। कार्यक्रम के उपरांत, जुलूस में शामिल लोग अपने-अपने मोहल्ले लौटकर इसे समाप्त किया।1
- गोपालगंज के उचकगांव में लगातार जमीन के लिए मारपीट की घटनाएँ हो रही हैं, जिसके लिए सीधे तौर पर CO (अंचल अधिकारी) और थानाप्रभारी को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। आरोप है कि यदि ये दोनों अधिकारी ईमानदारी से अपना काम करते तो ये मारपीट नहीं होती। पदाधिकारियों पर यह भी आरोप है कि वे पैसे देने वालों के पक्ष में बोलते हैं, जिसके कारण ऐसी स्थितियाँ उत्पन्न हो रही हैं।1