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नालंदा के बिहार शरीफ में बलात्कार की घटनाओं में स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को सजा दिलाने में जिला प्रशासन पूरी तरह से विफल रहा है। माले ने जिला प्रशासन की इस विफलता पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उनका स्पष्ट आरोप है कि प्रशासन बलात्कार जैसे गंभीर मामलों में भी स्पीडी ट्रायल के जरिए अपराधियों को सजा दिलाने में नाकाम साबित हुआ है।
Vandebharat news bihar sarif nalanda Ramendra Kumar
नालंदा के बिहार शरीफ में बलात्कार की घटनाओं में स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को सजा दिलाने में जिला प्रशासन पूरी तरह से विफल रहा है। माले ने जिला प्रशासन की इस विफलता पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उनका स्पष्ट आरोप है कि प्रशासन बलात्कार जैसे गंभीर मामलों में भी स्पीडी ट्रायल के जरिए अपराधियों को सजा दिलाने में नाकाम साबित हुआ है।
More news from बिहार and nearby areas
- प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। नामांकन दाखिल करने के दौरान उन्होंने स्काउट गाइड मैदान से लेकर समाहरणालय तक पदयात्रा की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत नामांकन नहीं है, बल्कि बिहार के बेहतर भविष्य का नामांकन है।1
- जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने सोमवार, 13 जुलाई 2026 को पटना की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। नामांकन से पहले उन्होंने स्काउट एवं गाइड मैदान से कलेक्ट्रेट तक एक विशाल पदयात्रा की शुरुआत की। यह पदयात्रा कोतवाली थाना, डाकबंगला, एसपी वर्मा रोड, जेपी गोलंबर और गांधी मैदान होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। इस यात्रा में जन सुराज के कार्यकर्ताओं, समर्थकों और स्थानीय लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया, जिससे पूरे मार्ग में 'लड़ेंगे बांकीपुर, जीतेंगे बांकीपुर' के नारे गूंजते रहे। नामांकन दाखिल करने के बाद मीडिया से बात करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि यह केवल उनका नामांकन नहीं है, बल्कि बिहार की बदलती हुई तस्वीर और राज्य के बेहतर भविष्य का नामांकन है। उन्होंने इसे बिहार के अपराधियों को कुर्सी छोड़ने का खुला आह्वान और उसका आगाज करार दिया। उन्होंने आगे कहा कि बांकीपुर किसी नेता या पार्टी का गढ़ नहीं बल्कि जनता का गढ़ है और जनता ही तय करेगी कि यह किसका गढ़ होगा। प्रशांत किशोर ने जोर देकर कहा कि यह उपचुनाव कोई साधारण विधायक चुनने का चुनाव नहीं है, बल्कि बिहार में नेतृत्व बदलने का चुनाव है। उन्होंने इसे बिहार में बीजेपी के अहंकार पर अंकुश लगाने और चुने हुए जनप्रतिनिधियों को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने का जरिया बताया।1
- नालंदा में डॉ भीमराव अंबेडकर संघर्ष विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल पासवान के पुत्र की शादी का प्रथम विधि विधान संपन्न हुआ। यह पूरा विवाह संस्कार बाबा साहब और बौद्ध धर्म की मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार 12 जुलाई 2026 को आयोजित किया गया।1
- Post by Dharamveerkumar1
- नालंदा के नूरसराय थाना क्षेत्र के मुजफ्फरपुर गांव के पास रविवार की शाम को एक अज्ञात वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार दो लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। दोनों लोग गाड़ियों में जीपीएस लगाने का काम करते थे और किसी काम से पटना गए थे, जहां से वापस लौटने के दौरान यह दुर्घटना हुई। मृतकों की पहचान दीपनगर थाना क्षेत्र के विजवन पर गांव निवासी सिधेश्वर प्रसाद के पुत्र बलराम प्रसाद और लहेरी थाना क्षेत्र के किसान बाग निवासी विजय प्रसाद के पुत्र सुमित राज के रूप में की गई है। हादसे के बाद पुलिस द्वारा दोनों को मॉडल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के लोग मॉडल अस्पताल पहुंचे, जिससे परिजनों में कोहराम मच गया और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल पुलिस शवों का पोस्टमार्टम कराने की कार्रवाई में जुट गई है।2
- नालंदा के बिहारशरीफ में भगवान राम के प्रति गहरी आस्था और समर्पण का भाव व्यक्त किया गया है। अत्यंत भक्ति भाव के साथ कहा गया है कि मेरे तन में भी राम बसे हैं और मेरे मन में भी राम का ही वास है।1
- बिहार के नालंदा जिले के रहुई में डॉ. भीमराव अंबेडकर संघर्ष विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल पासवान का नाम सामने आया है। वे इस संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।1
- Post by Dharamveerkumar1
- बिहार के नौबतपुर में एक युवती मोबाइल टावर पर चढ़ गई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा बताया जा रहा है। घटना के बाद मौके पर पुलिस और स्थानीय लोगों ने काफी देर तक युवती को समझाने की कोशिश की। प्रशासन इस पूरे मामले की जांच कर रहा है और युवती को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास किए गए। बताया जा रहा है कि बिहार में मोबाइल टावर पर चढ़ने की यह 35वीं घटना है। ऐसी घटनाएं जानलेवा हो सकती हैं, इसलिए किसी भी विवाद या तनाव की स्थिति में परिवार, मित्रों और प्रशासन से मदद लेना बेहद जरूरी है।1