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लंबे समय से चला आ रहा 41 साल का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है, जिसके तहत 91 कर्मचारियों को कुल ₹3.70 करोड़ का भुगतान किया गया।
Rahul Ratna
लंबे समय से चला आ रहा 41 साल का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है, जिसके तहत 91 कर्मचारियों को कुल ₹3.70 करोड़ का भुगतान किया गया।
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- बलरामपुर के उतरौला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का आयोजन किया गया है। यह अभियान बच्चों को पोलियो से मुक्त कर एक स्वस्थ भारत बनाने के व्यापक लक्ष्य के साथ चलाया जा रहा है, जिसे 'दो बूंद ज़िंदगी की' के माध्यम से प्रत्येक बच्चे को पोलियो मुक्त करने और स्वस्थ बचपन सुनिश्चित करने पर केंद्रित किया गया है। इस राष्ट्रीय पहल को विधायक रामप्रताप वर्मा और भारतीय जनता पार्टी का समर्थन प्राप्त है।1
- बलरामपुर पुलिस ने गैंड़ास बुजुर्ग थाना क्षेत्र में हुए गैर इरादतन हत्या के मामले में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह मामला 25 जून 2026 को जलौनी की लकड़ी को लेकर हुए विवाद के बाद सुद्धू कोरी (42 वर्ष) की मृत्यु से जुड़ा है, जिसके बाद उनकी पत्नी सुनीता कोरी ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। दर्ज प्रार्थना पत्र के अनुसार, दिनांक 25 जून 2026 को सितारा उर्फ पापा कोरी (31 वर्ष), जो अपने मायके ग्राम धुसवा में आई थी, वादिनी सुनीता के घर से जलौनी की लकड़ी उठाकर ले जा रही थी। वादिनी के पति सुद्धू कोरी ने जब उसे लकड़ी ले जाने से मना किया तो वाद-विवाद हो गया। इस दौरान सितारा, अजय (निवासी धुसवा बाजार) और रिश्तेदारी में आए संजय (निवासी रामपुर ग्रिंट गुलाबडीह) ने सुद्धू कोरी को लात-घूसों से मारा-पीटा, जिससे उन्हें चोटें आईं। मारपीट के बाद सुद्धू कोरी अपने घर चले गए और रात में सोते समय उनकी मृत्यु हो गई। इस संबंध में थाना गैंड़ास बुजुर्ग में मु0अ0सं0 – 63/2026 धारा 352, 103(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर बाद में धारा 103(1) बीएनएस को 105 बीएनएस में बदल दिया गया। पुलिस अधीक्षक बलरामपुर विकास कुमार के निर्देश पर, अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय और क्षेत्राधिकारी उतरौला राघवेन्द्र सिंह के पर्यवेक्षण में तथा थानाध्यक्ष गैंड़ास बुजुर्ग राणा प्रताप सिंह के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन किया गया। इस टीम ने मुकदमे में नामित तीनों अभियुक्तों – सितारा उर्फ पापा कोरी (36 वर्ष) पत्नी सुरेश उर्फ सुग्रीव कोरी, अजय कोरी (31 वर्ष) पुत्र शिवपूजन और संजय कुमार (30 वर्ष) पुत्र हीरालाल को दल सिंहवा मोड़ तिराहा से गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान अभियुक्ता सितारा उर्फ पापा कोरी ने बताया कि वह 25 जून 2026 की शाम को खाना बनाने के लिए जलौनी की लकड़ी ले जा रही थी, जब सुद्धू कोरी ने उसे गाली-गलौज करते हुए रोका। इस पर वाद-विवाद बढ़ गया और उसके रिश्तेदार अजय व संजय ने उसका पक्ष लेते हुए सुद्धू को गाली देने से मना किया। जब सुद्धू नहीं माने, तो तीनों ने मिलकर उसे लात-घूसों से मारा। इसके बाद सभी अपने घर चले गए और अगली सुबह सुद्धू की मृत्यु की खबर मिली। गिरफ्तार किए गए तीनों अभियुक्तों को आवश्यक वैधानिक कार्यवाही के बाद माननीय न्यायालय रवाना किया जा रहा है।2
- श्रावस्ती में पुलिस उपमहानिरीक्षक, देवीपाटन परिक्षेत्र गोंडा अशोक कुमार शुक्ला एवं पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के निर्देशन में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की एक महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की गई। अपर पुलिस अधीक्षक चन्द्रकेश सिंह की अध्यक्षता में पुलिस कार्यालय सभागार में हुई इस गोष्ठी का मुख्य केंद्र सोशल मीडिया पर अनुशासनहीनता को बर्दाश्त न करना और पुलिसकर्मियों की समस्याओं का समाधान करना रहा। गोष्ठी के दौरान पुलिस कर्मियों की वेतन विसंगति, अवकाश, महंगाई भत्ता (डीए) सहित अन्य सेवा संबंधी समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और उनके त्वरित समाधान पर जोर दिया गया। वहीं, सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग पर विशेष बल देते हुए कड़ी चेतावनी दी गई कि यदि कोई भी कर्मचारी अव्यावसायिक वीडियो, अश्लील चैट, अभद्र व्यवहार या विभाग की छवि धूमिल करने वाली सामग्री सोशल मीडिया पर प्रसारित करता है, तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है, ताकि अनुशासन और कार्यक्षमता दोनों मजबूत हो सकें। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों एवं यूनिट अधिकारियों को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की शिकायतों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस बैठक में प्रतिसार निरीक्षक अखिलेश कुमार, समस्त शाखा प्रभारी, थाना प्रभारी, प्रभारी निरीक्षक और पुलिस लाइन व पुलिस कार्यालय में तैनात करीब 100 अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। गोष्ठी के बाद, सभी थानों पर भी पुलिस कर्मियों को सोशल मीडिया नीति का पालन करने के निर्देश दिए गए।1
- मोहर्रम के पवित्र दिन एक महिला ने सराहनीय कार्य करते हुए एक गर्भवती महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इकौना तक सफलतापूर्वक पहुँचाया।1
- उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ टब में डूबने से 2 साल के बच्चों की मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके की गली में हाहाकार मचा हुआ है।1
- आज 28 जून 2026 को नानपारा स्थित सिटी मैक्स पॉलीक्लिनिक, नवाबगंज रोड, बेलवा भारी में एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ नवजीवन हॉस्पिटल नानपारा के डायरेक्टर डॉ आर.आर. निषाद जी (एमबीबीएस, एमएमए, जनरल फिजिशियन) ने मरीजों को निःशुल्क परामर्श देकर किया। शिविर में डॉ असद सिद्दीकी, डॉ शाजिद खान, डॉ सना फारुखी और रोहित निषाद सहित क्षेत्र के हजारों लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल का लाभ उठाया।1
- उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में जल परियोजनाएं अधूरी पड़ी हुई हैं, जिसके कारण पूरा क्षेत्र पानी की गंभीर कमी और प्यास की समस्या से जूझ रहा है।1
- बलरामपुर में आदर्श नगर पालिका परिषद के कर्मचारियों के वर्षों से लंबित सेवानिवृत्त और अन्य देयकों का शत-प्रतिशत भुगतान किया गया, जिससे अब यह परिषद देनदारी मुक्त हो गई है। रविवार, 28 जून को बलरामपुर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में सदर विधायक पल्टूराम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने 91 कर्मचारियों को ₹3.70 करोड़ से अधिक के बकाया देयकों का वितरण कराया। बताया गया है कि अब तक कुल 196 कर्मचारियों को ₹9,25,20,096 के बकाया देयकों का पूर्ण भुगतान किया जा चुका है, जो पिछले 41 वर्षों से लंबित थे। मुख्य अतिथि पल्टूराम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष डॉ. धीरेन्द्र प्रताप सिंह 'धीरू' के कुशल नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में नगर का चहुंमुखी विकास हुआ है, और शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया है, जिससे नगर स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक बना है। विधायक ने डॉ. धीरू के अथक प्रयासों को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया, जिसके चलते लगभग 41 वर्षों से लंबित करोड़ों रुपये के देयकों का मात्र तीन वर्षों में शत-प्रतिशत भुगतान संभव हो सका। जानकारी दी गई कि अध्यक्ष के सतत प्रयासों से वर्ष 2024 में राज्य वित्त आयोग निधि के अंतर्गत ₹2,83,61,728 और वर्ष 2026 में ₹3,64,78,427 की अतिरिक्त ग्रांट प्राप्त हुई, जिसका उपयोग इन भुगतानों में किया गया है। भविष्य में शासन से मिलने वाली धनराशि का उपयोग नगर के विकास और जनहित के कार्यों में किया जाएगा। जिला अध्यक्ष रवि मिश्र ने इस पहल को कर्मचारियों के हितों की रक्षा में एक ऐतिहासिक मिसाल बताया और कहा कि यह चार दशकों से लंबित भुगतान का निस्तारण प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जनप्रतिनिधियों की सकारात्मक सोच का परिणाम है। उन्होंने भाजपा सरकार के 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' के सिद्धांत पर जोर देते हुए कहा कि कर्मचारियों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. धीरेन्द्र प्रताप सिंह 'धीरू' ने स्वयं कहा कि कर्मचारियों का बकाया भुगतान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में था, और यह उपलब्धि नगर पालिका के अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और शासन के सहयोग से ही संभव हो पाई है। उन्होंने दोहराया कि देनदारी मुक्त होने के बाद, आगे शासन से प्राप्त धनराशि का उपयोग नगर के समग्र विकास, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और जनकल्याणकारी योजनाओं को गति देने में किया जाएगा। इस अवसर पर अधिशासी अधिकारी लालचंद मौर्य, रासबिहारी शुक्ल, रमेश पाहवा, शिव प्रसाद द्विवेदी, अविनाश मिश्र, सर्वेश सिंह, कैप्टन राजेन्द्र सिंह, डॉ. प्रमोद श्रीवास्तव, डॉ. राकेश चन्द्र, डॉ. तुलसीश दूवे, बिन्दू विश्वकर्मा, डॉ. एके सिंह, मंगल बाबू, इंद्र भूषण जायसवाल, सुनीता सिंह, संतोष गुप्ता, अंकुर सिंह, निशांत सिंह उमंग पाल सिंह, राजा अग्रवाल, महेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, सभासदगण, नगर पालिका के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।1
- श्रावस्ती में पुलिस-प्रशासन ने व्यापारियों की सुरक्षा और समस्याओं के समाधान पर गंभीरता दिखाते हुए एक मासिक गोष्ठी का आयोजन किया। पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक चंद्रकेश सिंह ने रविवार को पुलिस कार्यालय सभागार में इस बैठक की अध्यक्षता की। गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य जनपद के प्रमुख व्यवसायियों, जिनमें सर्राफा व्यापारी, पेट्रोल पंप संचालक, गैस एजेंसी और ईंट भट्ठा स्वामी सहित अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि शामिल थे, की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था। बैठक के दौरान, अपर पुलिस अधीक्षक ने व्यापारियों से परिचय प्राप्त करते हुए उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना। व्यापारियों ने यातायात व्यवस्था में सुधार, बाजारों में अतिक्रमण हटाने, बस स्टैंड पर चल रहे अवैध डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई, पेट्रोल पंपों की सुरक्षा मजबूत करने और स्कूल बसों की फिटनेस जांच जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। अपर पुलिस अधीक्षक ने आश्वासन दिया कि भीड़भाड़ वाले बाजारों की यातायात व्यवस्था सुधारने, अतिक्रमण हटाने, पेट्रोल पंपों की सुरक्षा बढ़ाने और स्कूल बसों की नियमित फिटनेस जांच के लिए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि बाजारों में रात्रि गश्त और पुलिस पिकेट बढ़ाई जाएगी, साथ ही बैंक और एटीएम के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। व्यापारियों की समस्याओं के त्वरित निपटान के लिए हर माह ऐसी गोष्ठियाँ नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी। सुरक्षा के दृष्टिकोण से, अपर पुलिस अधीक्षक ने सभी व्यवसायियों से अपने गार्ड और चौकीदारों का पुलिस सत्यापन कराने, बाल श्रम का उपयोग न करने, ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने और अग्निकांड जैसी दुर्घटनाओं से बचाव के लिए प्रतिष्ठानों में आवश्यक अग्निशमन उपकरण अनिवार्य रूप से स्थापित करने की अपील की। इसके अतिरिक्त, व्यापारियों को ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों से बचाव के प्रति भी जागरूक किया गया।1