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गाजीपुर में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत रामपुर माँझा थाना पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में वांछित एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभियुक्त के पास से एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, 10 जुलाई 2026 को उपनिरीक्षक मोतीलाल अपनी टीम के साथ बुढऊ बाबा मंदिर के पास, चकेरी रद्दीपुर मोड़ पर चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान नितेश कुमार यादव उर्फ सोनू, पुत्र चन्द्रकांत यादव, निवासी मटखन्ना (नारीपचदेवरा), थाना रामपुर माँझा को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त के विरुद्ध मु0अ0सं0 84/2026, धारा 317(2) एवं 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज था। पुलिस ने अभियुक्त के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
Opendr Kumar
गाजीपुर में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत रामपुर माँझा थाना पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में वांछित एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभियुक्त के पास से एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, 10 जुलाई 2026 को उपनिरीक्षक मोतीलाल अपनी टीम के साथ बुढऊ बाबा मंदिर के पास, चकेरी रद्दीपुर मोड़ पर चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान नितेश कुमार यादव उर्फ सोनू, पुत्र चन्द्रकांत यादव, निवासी मटखन्ना (नारीपचदेवरा), थाना रामपुर माँझा को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त के विरुद्ध मु0अ0सं0 84/2026, धारा 317(2) एवं 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज था। पुलिस ने अभियुक्त के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
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- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूज़ीलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए एक भावुक किस्सा साझा किया है। मंच से एक मफ़लर दिखाते हुए पीएम मोदी ने बताया कि 25-30 साल पहले, जब वे किसी सरकार का हिस्सा नहीं थे और सार्वजनिक जीवन में उन्हें कोई नहीं जानता था, तब उन्हें न्यूज़ीलैंड आने का मौका मिला था। इस यात्रा के दौरान उन्हें तीन उपहार मिले थे, जिनमें से एक खास मफ़लर उन्होंने आज भी संभालकर रखा है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से कहा कि वे आज भी इस मफ़लर का वैसे ही ध्यान रखते हैं, जैसे वे उनके प्यार का ध्यान रखते हैं। प्रधानमंत्री के इस भावुक संदेश पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका जोरदार स्वागत किया।1
- गाजीपुर जिले की जमानिया तहसील में स्टांप विक्रेताओं द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक पैसे वसूलने का मामला सामने आया है। हिंदुस्तान न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, विक्रेता ₹10 के स्टांप और ₹10 की टिकट को ₹20-₹20 में बेच रहे हैं। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि दो स्टांप और दो टिकट खरीदने पर कुल ₹80 लिए जा रहे हैं, जबकि रजिस्टर में इनकी कीमत मात्र ₹10 ही अंकित की जा रही है। इस मामले की जानकारी एसडीएम जमानिया को भी दी गई है और उन्हें घटना का वीडियो भी भेजा जा चुका है। आरोप है कि सबूत के तौर पर वीडियो उपलब्ध कराने के बावजूद अधिकारी लिखित शिकायत और गवाही की मांग कर रहे हैं और इस गंभीर विषय को नजरअंदाज कर रहे हैं। अब क्षेत्र में यह देखने का विषय है कि अधिकारियों को वीडियो साक्ष्य मिलने के बाद वे इस मनमानी पर क्या कार्रवाई करते हैं।3
- उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आजमगढ़ के हरिऔध कला केंद्र में आयोजित एक निजी श्रद्धांजलि कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सपा की 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) राजनीति को पूरी तरह से 'फर्जी' करार देते हुए दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी ही असली पीडीए है। उपमुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा के शासनकाल में ही पिछड़े और दलित समाज का सबसे अधिक शोषण और उत्पीड़न हुआ है, जबकि भाजपा में सभी वर्गों को सम्मान मिलता है। उन्होंने स्वयं अपना नाम, दारा सिंह चौहान और सहजानंद राय का उदाहरण देते हुए भाजपा को सामाजिक समरसता का गुलदस्ता बताया। सपा पर परिवारवाद, भ्रष्टाचार और गुंडों-माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए उन्होंने अखिलेश यादव के 'सनातन' से जुड़ने वाले बयान पर तंज कसा और कहा कि समाजवादी पार्टी वास्तव में "नमाजवादी पार्टी" है। राम मंदिर से जुड़े मुद्दों पर अखिलेश यादव के बयानों को खारिज करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि उनके परिवार को रामभक्तों पर गोली चलवाने के लिए जाना जाता है, इसलिए उन्हें इस विषय पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। आगामी विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव के 270 सीटें जीतने के दावे को उन्होंने "मुंगेरीलाल का हसीन सपना" बताया और विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरी बार भाजपा की सरकार बनेगी। उन्होंने डबल इंजन सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि 2017 से पहले और बाद के उत्तर प्रदेश में जमीन-आसमान का अंतर है, जहां सड़क, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के साथ गुंडों-माफियाओं का सफाया कर कानून-व्यवस्था को मजबूत किया गया है। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने आजमगढ़ के भाजपा कार्यकर्ताओं से इस बार पार्टी को जीत दिलाने का आह्वान किया ताकि प्रदेश में एक बार फिर पूर्ण बहुमत की सरकार बन सके।1
- उत्तर प्रदेश के बस्ती (हर्रैया और कप्तानगंज क्षेत्र) में योगी आदित्यनाथ ने 504 करोड़ रुपये की लागत वाली 77 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इस विकास-केंद्रित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी पर बेहद तीखे राजनीतिक हमले किए। योगी आदित्यनाथ ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले सरकारी फंड कब्रिस्तान की दीवारों पर खर्च होते थे, जबकि उनकी सरकार के कार्यकाल में 1500 मंदिरों का पुनर्निर्माण और जीर्णोद्धार कराया गया है। मुख्यमंत्री ने कब्रिस्तान बनाम मंदिर के नरेटिव को हवा देते हुए आरोप लगाया कि सपा सरकार कब्रिस्तान और वक्फ के नाम पर अतिक्रमण को बढ़ावा देती थी, जबकि कांवर यात्रा जैसी हिंदू परंपराओं और 'जय श्री राम' के नारों पर रोक लगाती थी। सपा के एक जिलाध्यक्ष की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, "कब्रिस्तान के नाम पर कब्जा हो रहा था, सपा जिलाध्यक्ष खुद आए थे। लखनऊ में बैठे लोगों को केवल कब्रिस्तान ही दिखाई देता था।" उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी तंज कसा कि अब वे भी भगवा पहनकर कांवर यात्रा में शामिल होना चाहते हैं, जबकि उनके शासनकाल में हनुमानगढ़ी पर नमाज पढ़ने के प्रयास हुए और कांवर यात्राओं को रोका गया। शिक्षा और युवाओं के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के कार्यकाल में केवल नकल और बेरोजगारी ही हाथ लगती थी, जबकि आज बेहतर शिक्षा व्यवस्था मौजूद है। 10 जुलाई 2026 को दिया गया यह भाषण केवल एक विकास कार्यक्रम तक सीमित नहीं था, बल्कि इसे 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। यह भाषण विकास और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की दोहरी रणनीति को मजबूत करते हुए सपा-कांग्रेस गठबंधन को कमजोर करने की दिशा में एक बड़ा राजनीतिक संदेश देता है।1
- उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद के कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मुंशीपुरा ओवरब्रिज के नीचे एक बिजली के खम्बे में करंट आने से तीन बकरियों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद पीड़ित बकरी स्वामी और स्थानीय लोगों ने तुरंत बिजली विभाग को मामले की सूचना दी, लेकिन गंभीर लापरवाही दिखाते हुए विभाग ने सूचना मिलने के करीब डेढ़ घंटे बाद जाकर बिजली की लाइन काटी। बकरी स्वामी इरसाद का साफ कहना है कि यह घटना पूरी तरह से बिजली विभाग की लापरवाही के कारण हुई है। उन्होंने इस खंभे में करंट आने की शिकायत पहले भी कई बार बिजली विभाग से की थी, लेकिन विभाग ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया, जिसका नतीजा इस हादसे के रूप में सामने आया है। इस घटना से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने बताया कि यह आम जनता के आवागमन का मुख्य रास्ता है, जहां चौबीसों घंटे लोगों की आवाजाही रहती है। लोगों ने गुस्से में सवाल उठाया कि आज तो तीन बेजुबान जानवरों की जान गई है, लेकिन अगर इनकी जगह कोई इंसान होता तो इस मौत का जिम्मेदार कौन होता? गुस्साए लोगों ने दोटूक चेतावनी दी है कि जब तक इस बिजली के पोल को रास्ते से नहीं हटाया जाएगा, तब तक वे मृत जानवरों को भी वहां से नहीं हटने देंगे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बारिश के मौसम में अक्सर यहां बिजली के खंभों में करंट उतर आता है, लेकिन विभाग इसे नजरअंदाज करता है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या बिजली विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।3