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यूपी में फार्मर आईडी के आधार पर किसानों को दी जाएगी डीएपी और यूरिया, एक जून से लागू होगा नया नियम यूपी में फार्मर आईडी के आधार पर किसानों को दी जाएगी डीएपी और यूरिया, एक जून से लागू होगा नया नियम By Rajesh Kumar Singh उत्तर प्रदेश में 1 जून से किसानों को उर्वरक (डीएपी, यूरिया) केवल फार्मर आईडी के आधार पर मिलेगी। सरकार ने भूमि जोत के अनुसार प्रति हेक्टेयर यूरिया की स ...और पढ़ें   फार्मर आईडी के आधार पर किसानों को दी जाएगी डीएपी और यूरिया। HighLights 1 जून से फार्मर आईडी पर ही मिलेगी खाद। प्रति हेक्टेयर यूरिया 7, डीएपी 5 बोरी का मानक। फार्मर आईडी कृषि योजनाओं के लिए भी अनिवार्य। संवाद सूत्र, तिलोई (अमेठी)। किसान की फार्मर आईडी के आधार पर ही उर्वरक उपलब्ध होगी। सरकार द्वारा किसानों को उनकी भूमि की जोत के अनुसार निर्धारित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदेश में यह व्यवस्था एक जून से सख्ती के साथ लागू करने की योजना है। जिसकी तैयारी की जा चुकी है। किसानों को उर्वरक की मात्रा के लिए वर्तमान मानक इस प्रकार तय किए गए हैं। किसानों को प्रति हेक्टेयर अधिकतम सात बोरी यूरिया का मानक रखा गया है। वहीं डीएपी प्रति हेक्टेयर अधिकतम पांच बोरी का मानक निर्धारित है। जब किसान खाद खरीदने जाएंगे, तो ई-पास मशीन में फार्मर आईडी डालते ही किसान द्वारा पहले खरीदी गई खाद का पूरा विवरण आ जाएगा, जिससे कालाबाजारी पर रोक लगेगी।

2 days ago
user_आजाद दस्तक न्यूज
आजाद दस्तक न्यूज
News Anchor करोल बाग, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
2 days ago

यूपी में फार्मर आईडी के आधार पर किसानों को दी जाएगी डीएपी और यूरिया, एक जून से लागू होगा नया नियम यूपी में फार्मर आईडी के आधार पर किसानों को दी जाएगी डीएपी और यूरिया, एक जून से लागू होगा नया नियम By Rajesh Kumar Singh उत्तर प्रदेश में 1 जून से किसानों को उर्वरक (डीएपी, यूरिया) केवल फार्मर आईडी के आधार पर मिलेगी। सरकार ने भूमि जोत के अनुसार प्रति हेक्टेयर यूरिया की स ...और पढ़ें   फार्मर आईडी के आधार पर किसानों को दी जाएगी डीएपी और यूरिया। HighLights 1 जून से फार्मर आईडी पर ही मिलेगी खाद। प्रति हेक्टेयर यूरिया 7, डीएपी 5 बोरी का मानक। फार्मर आईडी कृषि योजनाओं के लिए भी अनिवार्य। संवाद सूत्र, तिलोई (अमेठी)। किसान की फार्मर आईडी के आधार पर ही उर्वरक उपलब्ध होगी। सरकार द्वारा किसानों को उनकी भूमि की जोत के अनुसार निर्धारित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदेश में यह व्यवस्था एक जून से सख्ती के साथ लागू करने की योजना है। जिसकी तैयारी की जा चुकी है। किसानों को उर्वरक की मात्रा के लिए वर्तमान मानक इस प्रकार तय किए गए हैं। किसानों को प्रति हेक्टेयर अधिकतम सात बोरी यूरिया का मानक रखा गया है। वहीं डीएपी प्रति हेक्टेयर अधिकतम पांच बोरी का मानक निर्धारित है। जब किसान खाद खरीदने जाएंगे, तो ई-पास मशीन में फार्मर आईडी डालते ही किसान द्वारा पहले खरीदी गई खाद का पूरा विवरण आ जाएगा, जिससे कालाबाजारी पर रोक लगेगी।

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  • रास्ता बंद, पशु परेशान! 95% गांव एकजुट, 5% लोग बने रोड़ा कुम्हा गांव में बवाल: बॉन्ड्री से थमा जीवन, अब प्रशासन पर नजर #new #graminnews #रेलवे #newpost dm
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    रास्ता बंद, पशु परेशान! 95% गांव एकजुट, 5% लोग बने रोड़ा
कुम्हा गांव में बवाल: बॉन्ड्री से थमा जीवन, अब प्रशासन पर नजर #new #graminnews #रेलवे #newpost dm
    user_Pandit Rahul brijwasi
    Pandit Rahul brijwasi
    सरस्वती विहार, उत्तर पश्चिमी दिल्ली, दिल्ली•
    16 min ago
  • महिला आरक्षण बिल कांग्रेस की देन, कहा प्रियंका वाड्रा ने
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    महिला आरक्षण बिल कांग्रेस की देन, कहा प्रियंका वाड्रा ने
    user_KARNATAKA NEWS
    KARNATAKA NEWS
    Media and information sciences faculty दिल्ली छावनी, नई दिल्ली, दिल्ली•
    1 hr ago
  • हाईकोर्ट ने यूपी असिस्टेंट प्रोफेसर पुनर्परीक्षा के मूल्यांकन को केवल पांच विषयों तक सीमित किया शेष 28 बेदाग विषयों के उम्मीदवारों को दी राहत प्रयागराज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के असिस्टेंट प्रोफेसर उम्मीदवारों के लिए सभी विषयों की पुनर्परीक्षा आयोजित करने के फैसले में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह और जस्टिस स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने फैसला सुनाया कि संपूर्ण लिखित परीक्षा को रद्द करना अनुचित है, क्योंकि पेपर लीक के सबूत स्पष्ट रूप से 33 में से केवल पांच विषयों तक ही सीमित थे। हाईकोर्ट ने यह आदेश एकल जज के आदेश के खिलाफ दाखिल विशेष अपील पर पारित किया। विशेष अपील पर बहस करते हुए सीनियर एडवोकेट राहुल श्रीपत एवं ईशिर श्रीपत ने कोर्ट को बताया कि 33 विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 910 पदों पर चयन के लिए मूल रूप से 16 और 17 अप्रैल, 2025 को लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। पेपर लीक के आरोपों की जांच के बाद आयोग और राज्य सरकार ने सभी विषयों के लिए नई परीक्षा का आदेश दिया था। जांच में आयोग के एक संविदा कर्मचारी महबूब अली और शॉर्टलिस्ट किए गए 18 उम्मीदवारों की संलिप्तता का खुलासा हुआ था। न्यायालय ने पाया कि लीक के स्थापित साक्ष्यों से केवल पांच विशिष्ट विषयों के उम्मीदवारों को लाभ हुआ, इसमें उर्दू, हिंदी, भूगोल, समाजशास्त्र और जंतु विज्ञान था। अदालत ने उल्लेख किया कि, प्राथमिकी दर्ज होने के एक वर्ष बीत जाने के बावजूद, ऐसा कोई सबूत सामने नहीं आया है जो यह बताए कि पेपर लीक ने शेष 28 विषयों को प्रभावित किया है, जिनमें 682 पद शामिल हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि दागदार और बेदाग उम्मीदवारों को अलग किया जा सकता है। यद्यपि न्यायालय ने अंतिम समय में होने वाली असुविधा से बचने के लिए 18 अप्रैल, 2026 को निर्धारित पुनर्परीक्षा को जारी रखने की अनुमति दी, लेकिन इसने बेदाग उम्मीदवारों की सुरक्षा के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि 28 बेदाग विषयों के लिए कोई मूल्यांकन नहीं होगा। आयोग को निर्देश दिया गया है कि वह 28 बेदाग विषयों (जैसे अंग्रेजी, रसायन विज्ञान, कानून, इतिहास, भौतिकी आदि) के उम्मीदवारों के लिए 18 अप्रैल, 2026 की पुनर्परीक्षा की ओएमआर शीट का मूल्यांकन न करे। मूल्यांकन 5 दागदार विषयों तक सीमित रहेगा।आयोग 18 अप्रैल, 2026 की पुनर्परीक्षा से केवल उन उम्मीदवारों की ओएमआर शीट का मूल्यांकन करेगा जो पांच दागदार विषयों जैसे - उर्दू, समाजशास्त्र, जंतु विज्ञान, हिंदी और भूगोल में उपस्थित होंगे। आदेश में कहा गया है कि अंतिम साक्षात्कार चरण के लिए, आयोग को 28 बेदाग विषयों के लिए अप्रैल 2025 की मूल परीक्षा से शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को संकलित करना होगा, और उन्हें पांच दागदार विषयों के लिए पुनर्परीक्षा से नए शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों के साथ मिलाना होगा। कोर्ट ने इसी के साथ विशेष अपील को आंशिक रूप से स्वीकार कर लिया है । जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि कदाचार से अप्रभावित विषयों के उम्मीदवारों को अनुचित रूप से दंडित न किया जाए।
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    हाईकोर्ट ने यूपी असिस्टेंट प्रोफेसर पुनर्परीक्षा के मूल्यांकन को केवल पांच विषयों तक सीमित किया
शेष 28 बेदाग विषयों के उम्मीदवारों को दी राहत
प्रयागराज 
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग  के असिस्टेंट प्रोफेसर उम्मीदवारों के लिए सभी विषयों की पुनर्परीक्षा आयोजित करने के फैसले में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह और जस्टिस  स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने फैसला सुनाया कि संपूर्ण लिखित परीक्षा को रद्द करना अनुचित है, क्योंकि पेपर लीक के सबूत स्पष्ट रूप से 33 में से केवल पांच विषयों तक ही सीमित थे। हाईकोर्ट ने यह आदेश एकल जज के आदेश के खिलाफ दाखिल विशेष अपील पर  पारित किया।
विशेष अपील पर  बहस करते हुए सीनियर एडवोकेट राहुल श्रीपत एवं ईशिर श्रीपत ने कोर्ट को बताया कि 
33 विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 910 पदों पर चयन के लिए मूल रूप से 16 और 17 अप्रैल, 2025 को लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी।
पेपर लीक के आरोपों की जांच के बाद आयोग और राज्य सरकार ने सभी विषयों के लिए नई परीक्षा का आदेश दिया था। जांच में आयोग के एक संविदा कर्मचारी महबूब अली और शॉर्टलिस्ट किए गए 18 उम्मीदवारों की संलिप्तता का खुलासा हुआ था। न्यायालय ने पाया कि लीक के स्थापित साक्ष्यों से केवल पांच विशिष्ट विषयों के उम्मीदवारों को लाभ हुआ, इसमें उर्दू, हिंदी, भूगोल, समाजशास्त्र और जंतु विज्ञान था।
अदालत ने उल्लेख किया कि, प्राथमिकी  दर्ज होने के
एक वर्ष बीत जाने के बावजूद, ऐसा कोई सबूत सामने नहीं आया है जो यह बताए कि पेपर लीक ने शेष 28 विषयों को प्रभावित किया है, जिनमें 682 पद शामिल हैं।
हाईकोर्ट ने कहा कि दागदार और बेदाग उम्मीदवारों को अलग किया जा सकता है। यद्यपि न्यायालय ने अंतिम समय में होने वाली असुविधा से बचने के लिए 18 अप्रैल, 2026 को निर्धारित पुनर्परीक्षा को जारी रखने की अनुमति दी, लेकिन इसने बेदाग उम्मीदवारों की सुरक्षा के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं।
हाईकोर्ट ने कहा कि 28 बेदाग विषयों के लिए कोई मूल्यांकन नहीं होगा। आयोग को निर्देश दिया गया है कि वह 28 बेदाग विषयों (जैसे अंग्रेजी, रसायन विज्ञान, कानून, इतिहास, भौतिकी आदि) के उम्मीदवारों के लिए 18 अप्रैल, 2026 की पुनर्परीक्षा की ओएमआर शीट का मूल्यांकन न करे।
मूल्यांकन 5 दागदार विषयों तक सीमित रहेगा।आयोग 18 अप्रैल, 2026 की पुनर्परीक्षा से केवल उन उम्मीदवारों की ओएमआर शीट का मूल्यांकन करेगा जो पांच दागदार विषयों जैसे - उर्दू, समाजशास्त्र, जंतु विज्ञान, हिंदी और भूगोल में उपस्थित होंगे।
आदेश में कहा गया है कि अंतिम साक्षात्कार चरण के लिए, आयोग को 28 बेदाग विषयों के लिए अप्रैल 2025 की मूल परीक्षा से शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को संकलित करना होगा, और उन्हें पांच दागदार विषयों के लिए पुनर्परीक्षा से नए शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों के साथ मिलाना होगा।
कोर्ट ने इसी के साथ विशेष अपील को आंशिक रूप से स्वीकार कर लिया है । जिससे यह  सुनिश्चित हुआ कि कदाचार से अप्रभावित विषयों के उम्मीदवारों को अनुचित रूप से दंडित न किया जाए।
    user_Related Emergency Soci📰📰📰📰
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    Newspaper advertising department सिविल लाइन्स, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    2 hrs ago
  • noida mi huaa सैलरी को लेकर हंगामा आज की जिंक हुएफ गिर 58f irth ही है। कुछ भी कर दीजिए क्या बात कर रही हो क्या आप
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    noida mi huaa सैलरी को लेकर हंगामा आज की 
जिंक
हुएफ गिर 58f irth ही है। कुछ भी कर दीजिए क्या बात कर रही हो क्या आप
    user_Laltesh kumar
    Laltesh kumar
    Singer राजौरी गार्डन, पश्चिम दिल्ली, दिल्ली•
    2 hrs ago
  • देवरिया लोकसभा के सांसद शशांक मणि ने प्रेस कांफ्रेस के माध्यम से कांग्रेस, समाजवादी पार्टी 131 वें संविधान संशोधन के तहत नारी शक्ति वंदन अधिनियम लोकसभा से पारित नहीं होने पर सभी विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। तीन दिवसीय विशेष सत्र से वापस अपने क्षेत्र देवरिया लौटने पर शशांक मणि ने विपक्षी दलों पर जनता को गुमराह करने और दोहरे चरित्र का आरोप लगाया। उन्होने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम हमारी मातृ शक्ति को विकसित भारत के संकल्पों से जोड़ने का रास्ता था, लेकिन विपक्ष ने सदन में संख्या बल से इसे कुचल दिया विपक्षी दलों के इस कुचक्र से देश की आधी आबादी यानी लगभग 70 करोड़ मातृ शक्ति अपने अधिकार से वंचित रह गई। सांसद शशांक मणि ने अपने क्षेत्र की महिलाओं से विनम्र अपील करते हुए कहा कि, देवरिया लोकसभा की 15 लाख मां, बहन, बेटियों को आश्वस्त कराना चाहता हूं कि हमारे प्रधानमंत्री जी इस बिल को लेकर प्रतिबद्ध हैं। आने वाले समय में आपके लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लाएं, इसके लिए हमारी पार्टी पूर्ण रूप से संकल्पित है। राजनीति में नारी शक्ति की भागीदारी को पांच बिदुओं में रखा। उन्होने कहा कि महिला शक्ति भारत माता के रुप में परिभाषित होती हैं।
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    देवरिया लोकसभा के सांसद शशांक मणि ने प्रेस कांफ्रेस के माध्यम से कांग्रेस, समाजवादी पार्टी 131 वें संविधान संशोधन के तहत नारी शक्ति वंदन अधिनियम लोकसभा से पारित नहीं होने पर सभी विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। तीन दिवसीय विशेष सत्र से वापस अपने क्षेत्र देवरिया लौटने पर शशांक मणि ने विपक्षी दलों पर जनता को गुमराह करने और दोहरे चरित्र का आरोप लगाया। उन्होने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम हमारी मातृ शक्ति को विकसित भारत के संकल्पों से जोड़ने का रास्ता था, लेकिन विपक्ष ने सदन में संख्या बल से इसे कुचल दिया विपक्षी दलों के इस कुचक्र से देश की आधी आबादी यानी लगभग 70 करोड़ मातृ शक्ति अपने अधिकार से वंचित रह गई। सांसद शशांक मणि ने अपने क्षेत्र की महिलाओं से विनम्र अपील करते हुए कहा कि, देवरिया लोकसभा की 15 लाख मां, बहन, बेटियों को आश्वस्त कराना चाहता हूं कि हमारे प्रधानमंत्री जी इस बिल को लेकर प्रतिबद्ध हैं। आने वाले समय में आपके लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लाएं, इसके लिए हमारी पार्टी पूर्ण रूप से संकल्पित है। राजनीति में नारी शक्ति की भागीदारी को पांच बिदुओं में रखा। उन्होने कहा कि महिला शक्ति भारत माता के रुप में परिभाषित होती हैं।
    user_खबर पूर्वांचल
    खबर पूर्वांचल
    Media and News सरस्वती विहार, उत्तर पश्चिमी दिल्ली, दिल्ली•
    2 hrs ago
  • Post by BHARAT TODAY NEWS
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    Post by BHARAT TODAY NEWS
    user_BHARAT TODAY NEWS
    BHARAT TODAY NEWS
    Media house Saraswati Vihar, North West Delhi•
    3 hrs ago
  • • आज अक्षय तृतीया व भगवान परशुराम जयंती पर जगतगुरु स्वामी माधवानंद सरस्वती महाराज ने दी शुभकामनाएं • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में 20 लाख बैरल तेल ले जा रहे भारतीय ध्वज वाले ऑयल टैंकर पर हमला • नई दिल्ली ने ईरान को कड़ी चेतावनी जारी की • चुनाव से पहले ममता बनर्जी ने पीएम मोदी पर निशाना साधा • राहुल गांधी ने बंगाल में ममता सरकार पर उठाए सवाल • डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर साधा निशाना, कहा—अमेरिका को ब्लैकमेल नहीं कर सकता • विपक्ष ने संसद में महिला आरक्षण बिल को रोककर शक्ति प्रदर्शन किया • पीएम मोदी ने देश की महिलाओं से माफी मांगी • होर्मुज़ में फिर बढ़ा तनाव, इस बार भारतीय तेल टैंकर को ईरानी नौसेना ने बनाया निशाना • 180 हिंदू लड़कियों के कथित उत्पीड़न के आरोप में एक युवक हिरासत में
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    • आज अक्षय तृतीया व भगवान परशुराम जयंती पर जगतगुरु स्वामी माधवानंद सरस्वती महाराज ने दी शुभकामनाएं
• स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में 20 लाख बैरल तेल ले जा रहे भारतीय ध्वज वाले ऑयल टैंकर पर हमला 
• नई दिल्ली ने ईरान को कड़ी चेतावनी जारी की
• चुनाव से पहले ममता बनर्जी ने पीएम मोदी पर निशाना साधा
• राहुल गांधी ने बंगाल में ममता सरकार पर उठाए सवाल
• डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर साधा निशाना, कहा—अमेरिका को ब्लैकमेल नहीं कर सकता
• विपक्ष ने संसद में महिला आरक्षण बिल को रोककर शक्ति प्रदर्शन किया
• पीएम मोदी ने देश की महिलाओं से माफी मांगी
• होर्मुज़ में फिर बढ़ा तनाव, इस बार भारतीय तेल टैंकर को ईरानी नौसेना ने बनाया निशाना
• 180 हिंदू लड़कियों के कथित उत्पीड़न के आरोप में एक युवक हिरासत में
    user_X News India 24/7
    X News India 24/7
    Media house Chanakya Puri, New Delhi•
    4 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का इंजन कहा जाने वाला नोएडा इन दिनों एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। ये शहर अपनी पुरानी पहचान को पीछे छोड़कर एक वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है। कभी दिल्ली के पड़ोस में बसे एक शांत औद्योगिक शहर के रूप में पहचाने जाने वाला नोएडा, अब दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों और चिप निर्माताओं की पहली पसंद बन गया है। जानिए कैसे बदल रही है तस्वीर? #PMModi #CMYogi #ITPark #Semiconductor #Noida #India
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    उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का इंजन कहा जाने वाला नोएडा इन दिनों एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। ये शहर अपनी पुरानी पहचान को पीछे छोड़कर एक वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है। कभी दिल्ली के पड़ोस में बसे एक शांत औद्योगिक शहर के रूप में पहचाने जाने वाला नोएडा, अब दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों और चिप निर्माताओं की पहली पसंद बन गया है। जानिए कैसे बदल रही है तस्वीर? 
#PMModi #CMYogi #ITPark #Semiconductor #Noida #India
    user_Gaurav verma
    Gaurav verma
    Graphic designer करोल बाग, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    4 hrs ago
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