अम्बेडकर जयंती पर विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन , समरसता का दिया संदेश लातेहार ।सरस्वती शिशु-विद्या मंदिर, लातेहार स्टेशन में मंगलवार को डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में विद्यालय के अध्यक्ष सरयू प्रसाद सिंह, सचिव विवेक कुमार गुप्ता तथा प्रधानाचार्य राजबल्लम की उपस्थिति रही। समारोह की शुरुआत बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई।इस अवसर पर विद्यालय के भैया-बहनों ने भाषण, नृत्य, अंग्रेजी भाषण एवं कविता प्रस्तुति दी। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियां आकर्षक और मनमोहक रहीं, जिन्हें उपस्थित जनों ने खूब सराहा। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने डॉ. अम्बेडकर के जीवन, उनके संघर्ष और समाज के प्रति उनके योगदान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।अध्यक्ष सरयू प्रसाद सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. अम्बेडकर का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने समाज में समानता, शिक्षा और अधिकारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हर व्यक्ति, चाहे वह किसी भी जाति या वर्ग से हो, समान अवसर का हकदार है। उनका संदेश उपस्थित सभी लोगों के लिए प्रेरणादायी और अनुकरणीय रहा।सचिव विवेक कुमार गुप्ता ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए शिक्षा और सामाजिक समरसता पर बल दिया। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य राजबल्लम ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार प्रकट किया।समारोह के सफल आयोजन में विद्यालय परिवार का योगदान सराहनीय रहा।
अम्बेडकर जयंती पर विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन , समरसता का दिया संदेश लातेहार ।सरस्वती शिशु-विद्या मंदिर, लातेहार स्टेशन में मंगलवार को डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में विद्यालय के अध्यक्ष सरयू प्रसाद सिंह, सचिव विवेक कुमार गुप्ता तथा प्रधानाचार्य राजबल्लम की उपस्थिति रही। समारोह की शुरुआत बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई।इस अवसर पर विद्यालय के भैया-बहनों ने भाषण, नृत्य, अंग्रेजी भाषण एवं कविता प्रस्तुति दी। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियां आकर्षक और मनमोहक रहीं, जिन्हें उपस्थित जनों ने खूब सराहा। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने डॉ. अम्बेडकर के जीवन, उनके संघर्ष और समाज के प्रति उनके योगदान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।अध्यक्ष सरयू प्रसाद सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. अम्बेडकर का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने समाज में समानता, शिक्षा और अधिकारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हर व्यक्ति, चाहे वह किसी भी जाति या वर्ग से हो, समान अवसर का हकदार है। उनका संदेश उपस्थित सभी लोगों के लिए प्रेरणादायी और अनुकरणीय रहा।सचिव विवेक कुमार गुप्ता ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए शिक्षा और सामाजिक समरसता पर बल दिया। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य राजबल्लम ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार प्रकट किया।समारोह के सफल आयोजन में विद्यालय परिवार का योगदान सराहनीय रहा।
- महुआडांड़ प्रखंड के प्रतापपुर हजरत अंजान शाह दाता मजार में उर्स मुबारक के मौके पर इस बार माहौल पूरी तरह सूफियाना रंग में रंगने वाला है। 26 अप्रैल को आयोजित भव्य कव्वाली कार्यक्रम में मुंबई से चर्चित कव्वाल नईम साबरी और मशहूर कव्वाला शीबा परवीन अपनी दमदार आवाज़ से महफिल में चार चांद लगाएंगे।इस संबध में जेएमएम युवा जिला सचिव परवेज आलम ने बताया कि इस खास कार्यक्रम को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। बड़ी संख्या में जायरीन के पहुंचने की उम्मीद है, जिसे देखते हुए सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। उर्स के इस आयोजन को यादगार बनाने की पूरी तैयारी कर ली गई है।2
- Post by Abhay Kumar1
- मनिका लातेहार:एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी के 47वा स्थापना दिवस जश्न पूरे भारतवर्ष मनाया जा रहा था वही मनिका प्रखंड क्षेत्र के लातेहार युवा मोर्चा के कर्मठ ,जुझारू और निष्ठावान जिला अध्यक्ष छोटू राजा का लातेहार के महामंत्री बनाए जाने से खुशियां हुई दुगनी और मनिका मंडल अध्यक्ष मनदीप कुमार ने उन्हें भगवा अंग भेट कर सम्मानित किया और मुंह मीठा कराया तथा मनिका के सभी भाजपाई खुशियों से खुशियों से लबरेज थे1
- उपायुक्त कार्यालय के समीप बने व्यायाम शाला का लुप्त उठाता बच्चे सुरयकान्द़ बिधाथी3
- Post by AAM JANATA1
- टाना समुदाय के साथ जनप्रतिनिधियों के उपस्थिति भूमि समस्या को लेकर हुआ वार्तालाप अंचल कार्यालय सेन्हा में बैठक आयोजित कर किया गया1
- Post by Lalmohan munda2
- महुआडांड़ (लातेहार) 2024 में मां की मृत्यु के बाद 10 वर्षीय करण तिर्की और कोमल तिर्की का जीवन संकट में पड़ गया। पिता दीपक तिर्की इस घटना के बाद घर छोड़कर चले गए घर में केवल बुजुर्ग दादा और दादी रह गए, जो बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य समस्याओं के कारण बच्चों की देखभाल करने में असमर्थ हैं। ऐसी स्थिति में दोनों बच्चों को उनकी बुआ के घर रहना पड़ा। हालांकि, बुआ के परिवार में पहले से मौजूद जिम्मेदारियों के बीच बच्चों का रहना धीरे-धीरे पारिवारिक विवाद का कारण बनने लगा। स्थिति बिगड़ती देख बुआ ने सामाजिक सहयोग की तलाश की और आर पी एस सेवा संस्थान से संपर्क किया। संस्थान ने मामले की गंभीरता को समझते हुए दोनों बच्चों को अपने संरक्षण में ले लिया और उन्हें आश्रय प्रदान किया। संस्था द्वारा बच्चों की देखभाल, शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।1