जीवन की हर समस्या के लिए एक बेहतरीन “मास्टर प्लान” प्रस्तुत करता है। महाराजगंज, सिवान.. JHVP BHARAT NEWS जीवन की हर समस्या के लिए एक बेहतरीन “मास्टर प्लान” प्रस्तुत करता है। सबसे पहले खुद को समस्या से अलग कर “ऑब्ज़र्वर” बनाना सिखाता है। जब हम भावनाओं से ऊपर उठते हैं, तब सही निर्णय ले पाते हैं। दूसरा कदम हमें याद दिलाता है कि क्या हमारे नियंत्रण में है और क्या नहीं। जो हमारे हाथ में नहीं, उसकी चिंता छोड़ देना ही समझदारी है। तीसरा कदम कहता है कि फैसले बुद्धि से लें, मन के शॉर्टकट से नहीं। भावनात्मक निर्णय अक्सर पछतावे की वजह बनते हैं। चौथा कदम बड़ी समस्या को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटने की सीख देता है। छोटे कदम ही बड़े बदलाव की शुरुआत होते हैं। पांचवां कदम स्वीकार्यता का महत्व समझाता है। जो हो गया, उसे स्वीकार कर आगे बढ़ना ही सच्ची ताकत है। “क्यों” की जगह “अब क्या” सोचना प्रगति का रास्ता खोलता है। धैर्य को ढाल की तरह अपनाने की बात बहुत गहरी है। समय के साथ हर कठिनाई आसान हो जाती है। जल्दबाजी अक्सर स्थिति को और उलझा देती है। सातवां कदम लिखने की आदत विकसित करने की प्रेरणा देता है। लिखने से मन हल्का होता है और विचार स्पष्ट होते हैं। यह पूरा चार्ट सकारात्मक सोच का सुंदर उदाहरण है। जीवन में समस्याएं आना स्वाभाविक है। लेकिन सही दृष्टिकोण ही असली समाधान है। यह चित्र आत्मविश्वास बढ़ाने का कार्य करता है। हर कदम हमें मानसिक रूप से मजबूत बनाता है। अगर इन सिद्धांतों को अपनाया जाए तो जीवन सरल हो सकता है। यह केवल सलाह नहीं, बल्कि व्यवहारिक मार्गदर्शन है। वास्तव में, समस्या नहीं बल्कि हमारी सोच ही सबसे बड़ी कुंजी।
जीवन की हर समस्या के लिए एक बेहतरीन “मास्टर प्लान” प्रस्तुत करता है। महाराजगंज, सिवान.. JHVP BHARAT NEWS जीवन की हर समस्या के लिए एक बेहतरीन “मास्टर प्लान” प्रस्तुत करता है। सबसे पहले खुद को समस्या से अलग कर “ऑब्ज़र्वर” बनाना सिखाता है। जब हम भावनाओं से ऊपर उठते हैं, तब सही निर्णय ले पाते हैं। दूसरा कदम हमें याद दिलाता है कि क्या हमारे नियंत्रण में है और क्या नहीं। जो हमारे हाथ में नहीं, उसकी चिंता छोड़ देना ही समझदारी है। तीसरा कदम कहता है कि फैसले बुद्धि से लें, मन के शॉर्टकट से नहीं। भावनात्मक निर्णय अक्सर पछतावे की वजह बनते हैं। चौथा कदम बड़ी समस्या को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटने की सीख देता है। छोटे कदम ही बड़े बदलाव की शुरुआत होते हैं। पांचवां कदम स्वीकार्यता का महत्व समझाता है। जो हो गया, उसे स्वीकार कर आगे बढ़ना ही सच्ची ताकत है। “क्यों” की जगह “अब क्या” सोचना प्रगति का रास्ता खोलता है। धैर्य को ढाल की तरह अपनाने की बात बहुत गहरी है। समय के साथ हर कठिनाई आसान हो जाती है। जल्दबाजी अक्सर स्थिति को और उलझा देती है। सातवां कदम लिखने की आदत विकसित करने की प्रेरणा देता है। लिखने से मन हल्का होता है और विचार स्पष्ट होते हैं। यह पूरा चार्ट सकारात्मक सोच का सुंदर उदाहरण है। जीवन में समस्याएं आना स्वाभाविक है। लेकिन सही दृष्टिकोण ही असली समाधान है। यह चित्र आत्मविश्वास बढ़ाने का कार्य करता है। हर कदम हमें मानसिक रूप से मजबूत बनाता है। अगर इन सिद्धांतों को अपनाया जाए तो जीवन सरल हो सकता है। यह केवल सलाह नहीं, बल्कि व्यवहारिक मार्गदर्शन है। वास्तव में, समस्या नहीं बल्कि हमारी सोच ही सबसे बड़ी कुंजी।
- महाराजगंज. सिवान, बिहार / सनसनी खेज खबर JHVP BHARAT NEWS... 9931481554 ACCURATED BY : परवेज़ आलम भारतीय देश के विभिन्न राज्यों में आज मानव तस्करी जोरों पर है. सरकार भी मौन, प्रशासन चुप. नतीजा सामने है.. एपिस्टिन फाइल्स जैसी विश्व की बेहद ख़तरनाक और शर्मनाक कुकृत्य वाली घटना... सहयोग बड़े बड़े राक्षसों की? आज हाल ये है कि बच्चों को अकेले कहीं भी भेजना या छोड़ना खतरा से खाली नहीं है. आख़िर किसकी मिलीभगत से ये हो रहा है? पुलिस हाथ पर हाथ धरे किसकी प्रतीक्षा कर रही है? कौन है मजबूत हाथ इन सबके पीछे? युवाओं को जागना होगा, परशुराम बनना होगा. भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद को फिर से आना होगा.. मिटाने राक्षसों को... ये देशी शैतानी ताकत देश को खोखला कर रही है.. बुराई जितना जल्दी हो.. ख़तम होनी चाहिए.1
- इस होली को भी बिहार के लाखों युवा अपने दरवाजे पर गुलाल उड़ाते हुए नहीं मना पाएंगे। गांव में गेहूं की सुनहरी होती बालियों को नहीं देख पाएंगे। पलायन जन सुराज के लिए सिर्फ एक मुद्दा नहीं है बिहार का दर्द है और हम इसे खत्म करके ही मानेंगे… चाहे जितनी मेहनत करनी पड़े।1
- बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की मैट्रिक परीक्षा शुरू, सीवान में 54,138 परीक्षार्थी पहली परीक्षा में शामिल, मातृभाषा विषय से हुआ आगाज बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की वार्षिक माध्यमिक (मैट्रिक) परीक्षा मंगलवार से जिले के 53 परीक्षा केंद्रों पर कदाचारमुक्त वातावरण में शुरू हो गई। परीक्षा के पहले दिन दोनों पालियों में मातृभाषा हिंदी, उर्दू, बंगला एवं मैथिली विषय की परीक्षा आयोजित की गई। सुबह से ही सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों की भीड़ देखी गई और निर्धारित समय पर प्रवेश शुरू होने के बाद छात्र-छात्राएं शांतिपूर्वक परीक्षा में शामिल हुए। प्रशासन द्वारा परीक्षा संचालन को लेकर व्यापक तैयारी की गई है। जिले के सीवान अनुमंडल में 24 तथा महाराजगंज अनुमंडल में 29 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सीवान सदर प्रखंड में सर्वाधिक 19 केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा जीरादेई और पचरुखी में दो-दो तथा हुसैनगंज में एक केंद्र बनाया गया है। वहीं महाराजगंज प्रखंड में 14, बसंतपुर में 6, दरौंदा में 5 और भगवानपुर हाट में 4 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। अनुमंडलवार आंकड़ों के अनुसार, सीवान अनुमंडल में कुल 28,080 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं, जिनमें 9,331 छात्र और 18,749 छात्राएं हैं। पहली पाली में 14,041 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे, जबकि दूसरी पाली में 14,039 परीक्षार्थी शामिल होंगे। वहीं महाराजगंज अनुमंडल में कुल 26,058 परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं, जिनमें 17,122 छात्र और 8,936 छात्राएं शामिल हैं। दोनों पालियों में परीक्षार्थियों की संख्या लगभग समान रखी गई है। जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रये ने बताया कि इस बार जिले में चार आदर्श परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें केवल छात्राएं परीक्षा देंगी। इन केंद्रों को विशेष रूप से सजाया गया है और यहां सभी मजिस्ट्रेट, पुलिस पदाधिकारी, वीक्षक एवं कर्मी महिला ही नियुक्त किए गए हैं। जिले के डीएवी मिडिल स्कूल, सीवान, एबीएम मिडिल स्कूल, जेपी चौक, मिडिल स्कूल नया बाजार उर्दू तथा ए एन यू एस महिला कॉलेज, महाराजगंज को आदर्श परीक्षा केंद्र बनाया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सभी परीक्षा केंद्रों पर एक पुरुष एवं एक महिला मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस पदाधिकारी और बल की तैनाती की गई है। इसके अतिरिक्त परीक्षा की निगरानी के लिए 23 गश्ती दल, 10 जोनल तथा 4 सुपर जोनल मजिस्ट्रेट एवं पुलिस पदाधिकारी प्रतिनियुक्त किए गए हैं। सभी केंद्रों के प्रवेश द्वार और संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे एवं वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई है। परीक्षा के सफल संचालन के लिए कुल 2,679 वीक्षकों की नियुक्ति की गई है। इनमें पहली पाली में 1,104, दूसरी पाली में 1,114 तथा 461 रिजर्व वीक्षक शामिल हैं। परीक्षा के पहले दिन दोनों पालियों में मातृभाषा हिंदी, उर्दू, बंगला एवं मैथिली की परीक्षा आयोजित की जा रही है। मंगलवार सुबह से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों की भीड़ देखी गई। छात्र-छात्राएं समय से पहले केंद्रों पर पहुंचकर गेट खुलने का इंतजार करते नजर आए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा को पूरी तरह कदाचारमुक्त, पारदर्शी और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।4
- पॉलिकैब वायर एवं एमसीबी स्विच के संबंध में बड़हरिया में इलेक्ट्रीशियन के साथ इलेक्ट्रिकल वर्ल्ड सिवान रोड मे बैठक..... लहर न्यूज़ पर देखें एजाज अहमद की एक खास रिपोर्ट.1
- रोड गाढ़ा बंद हो1
- भगवान पुर प्रखंड के महम्मद पुर तुरहा टोली गांव का है वार्ड 4 का है1
- न,शे से परेशान? 3 महीने में नई ज़िंदगी की शुरुआत!+91 97711 700191
- महराजगंज. JHVP BHARAT NEWS EDITED BY : परवेज़ आलम भारतीय बहुत मार्मिक कविता सुनिए औरत के लिए ही रसोई घर, पुरुष के लिए सफर... जिनके लिए जो बन गया... उनके लिए उपयुक्त हो गया.1