जालौर नगर क्षेत्र में मास्टर प्लान के तहत आवासीय उपयोग हेतु निर्धारित एक महत्वपूर्ण और बहुमूल्य भूमि, जिसका राजस्व खसरा संख्या 6467/6287 (रकबा 0.1600 हैक्टेयर) और नया खसरा संख्या 2225/6287 (रकबा 1.1300 हैक्टेयर) है, को गलत तरीके से शमशान भूमि के रूप में आवंटित किए जाने पर गहरा असंतोष और विवाद उत्पन्न हो गया है। जालोर नगर की आम जनता, नगर परिषद के पार्षदों, अरावली बिल्डिंग के लोगों और बिल्डरों द्वारा इस आवंटन का पुरजोर विरोध किया जा रहा है। यह भूमि आज तक कभी भी शमशान के रूप में उपयोग नहीं की गई है। यह मामला जनहित और राजहित से सीधे जुड़ा हुआ है। बताया गया है कि जब इस क्षेत्र में आवासीय विकास कार्य तेजी से चल रहे थे और निजी एवं सरकारी स्तर पर कॉलोनियों का विकास हो रहा था, तब यह लगभग 8 बीघा भूमि नगर के विकसित होते आवासीय क्षेत्र के बीच स्थित होने के कारण भविष्य में 10 से 12 सरकारी कार्यालयों के उपयोग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण थी। शहर में पहले से ही विभिन्न जाति, वर्ग और धर्म के अनुसार अनेकों शमशान भूमि उपलब्ध हैं, जो स्थानीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पर्याप्त हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कुछ स्वार्थी एवं द्वेष भावना रखने वाले नेताओं द्वारा यह आवंटन करवाया जा रहा है, और असामाजिक तत्व अपनी स्वार्थ सिद्धि न होने पर इस बहुमूल्य भूमि को शमशान हेतु आवंटित करवाकर अब 'हिंदुस्तान समाज' के नाम पर भ्रम फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। मास्टर प्लान में आवासीय उपयोग हेतु निर्धारित भूमि को बिना पर्याप्त आवश्यकता और उचित प्रक्रिया के शमशान के लिए आवंटित करना न्यायसंगत नहीं है, जिससे नगर के भविष्य के विकास, नागरिक सुविधाओं और सार्वजनिक हित पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। आम जनता की ओर से इस प्रकरण की उचित जांच करने, माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और इस बहुमूल्य भूमि का सही उपयोग करते हुए आवंटन करने की मांग की गई है। सोसायटी और क्षेत्रवासियों ने समाज की भावनाओं और जनहित को सर्वोपरि रखने के लिए किसी अन्य शमशान भूमि के निरस्तीकरण और सार्वजनिक भवन निर्माण हेतु दिए गए आदेश के लिए धन्यवाद व्यक्त करते हुए माहौल बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्यवाही की मांग दोहराई है।
जालौर नगर क्षेत्र में मास्टर प्लान के तहत आवासीय उपयोग हेतु निर्धारित एक महत्वपूर्ण और बहुमूल्य भूमि, जिसका राजस्व खसरा संख्या 6467/6287 (रकबा 0.1600 हैक्टेयर) और नया खसरा संख्या 2225/6287 (रकबा 1.1300 हैक्टेयर) है, को गलत तरीके से शमशान भूमि के रूप में आवंटित किए जाने पर गहरा असंतोष और विवाद उत्पन्न हो गया है। जालोर नगर की आम जनता, नगर परिषद के पार्षदों, अरावली बिल्डिंग के लोगों और बिल्डरों द्वारा इस आवंटन का पुरजोर विरोध किया जा रहा है। यह भूमि आज तक कभी भी शमशान के रूप में उपयोग नहीं की गई है। यह मामला जनहित और राजहित से सीधे जुड़ा हुआ है। बताया गया है कि जब इस क्षेत्र में आवासीय विकास कार्य तेजी से चल रहे थे और निजी एवं सरकारी स्तर पर कॉलोनियों का विकास हो रहा था, तब यह लगभग 8 बीघा भूमि नगर के विकसित होते आवासीय क्षेत्र के बीच स्थित होने के कारण भविष्य में 10 से 12 सरकारी कार्यालयों के उपयोग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण थी। शहर में पहले से ही विभिन्न जाति, वर्ग और धर्म के अनुसार अनेकों शमशान भूमि उपलब्ध
हैं, जो स्थानीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पर्याप्त हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कुछ स्वार्थी एवं द्वेष भावना रखने वाले नेताओं द्वारा यह आवंटन करवाया जा रहा है, और असामाजिक तत्व अपनी स्वार्थ सिद्धि न होने पर इस बहुमूल्य भूमि को शमशान हेतु आवंटित करवाकर अब 'हिंदुस्तान समाज' के नाम पर भ्रम फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। मास्टर प्लान में आवासीय उपयोग हेतु निर्धारित भूमि को बिना पर्याप्त आवश्यकता और उचित प्रक्रिया के शमशान के लिए आवंटित करना न्यायसंगत नहीं है, जिससे नगर के भविष्य के विकास, नागरिक सुविधाओं और सार्वजनिक हित पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। आम जनता की ओर से इस प्रकरण की उचित जांच करने, माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और इस बहुमूल्य भूमि का सही उपयोग करते हुए आवंटन करने की मांग की गई है। सोसायटी और क्षेत्रवासियों ने समाज की भावनाओं और जनहित को सर्वोपरि रखने के लिए किसी अन्य शमशान भूमि के निरस्तीकरण और सार्वजनिक भवन निर्माण हेतु दिए गए आदेश के लिए धन्यवाद व्यक्त करते हुए माहौल बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्यवाही की मांग दोहराई है।
- जालौर लालगढ़ साबरमती स्पेशल ट्रेन जालौर पहुँच गई है, जिसका उत्साहपूर्वक स्वागत किया गया। इस अवसर पर, राजस्थान सरकार के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग सहित अन्य अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से ट्रेन का स्वागत और अभिनंदन किया। इसके उपरांत, शाम 5 बजे जब ट्रेन जालौर पहुँची, तो शहरवासियों ने बड़े उत्साह के साथ लोको पायलट का भी स्वागत-अभिनंदन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे।4
- राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पूर्व अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने 22 जून को सुमेरपुर के तखतगढ़ दौरे के दौरान प्रदेश की कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और बाल अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर राज्य सरकार को निशाने पर लिया। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं बनी हुई हैं, जिन पर सरकार को प्राथमिकता के आधार पर ध्यान देने की आवश्यकता है। बेनीवाल ने आरोप लगाया कि हाल के समय में प्रसूताओं की मौत की घटनाओं में वृद्धि चिंता का विषय है, जो स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। उन्होंने सरकार से स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने राज्य सरकार के कुछ मंत्रियों द्वारा महिलाओं के प्रति दिए गए कथित आपत्तिजनक बयानों को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की, जिससे महिलाओं में रोष का माहौल बना है। बेनीवाल ने जोर दिया कि सरकार को महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के मुद्दे पर संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए। पूर्व अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल में संचालित कई जनकल्याणकारी योजनाओं को वर्तमान सरकार द्वारा बंद किए जाने से आमजन प्रभावित हुए हैं, क्योंकि इन योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंद वर्गों तक पहुंचता था। उन्होंने प्रदेश में महिला आयोग और बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्ण गठन में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से मांग की कि महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए इन संस्थाओं को जल्द सक्रिय किया जाए, ताकि समाज के कमजोर वर्गों को समय पर न्याय और संरक्षण मिल सके।3
- पाली जिले की खुडाला फालना नगरपालिका क्षेत्र में स्थित डंपिंग यार्ड अपनी अव्यवस्था के कारण गंभीर समस्याएँ पैदा कर रहा है। कांगड़ी रोड, खुडाला पर स्थित इस डंपिंग यार्ड में न तो कोई चारदीवारी है और न ही कोई गेट लगा है, जिसके परिणामस्वरूप आवारा पशु खुलेआम इसमें प्रवेश कर रहे हैं। यार्ड में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक और अन्य कचरा जमा है, जिसे ये आवारा पशु खा रहे हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। यह स्थिति पर्यावरण और पशु कल्याण दोनों के लिए गहरी चिंता का विषय बन गई है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए, नगरपालिका खुडाला फालना के अधिशाषी अधिकारी से एक आवेदन के माध्यम से अपील की गई है। इस आवेदन में मांग की गई है कि डंपिंग यार्ड के चारों ओर बाउंड्री या तारबंदी करवाई जाए और एक गेट लगाया जाए। इसका मुख्य उद्देश्य आवारा पशुओं के प्रवेश को रोकना और कचरे का उचित प्रबंधन सुनिश्चित करना है।1
- पाली जिले के भाकरीवाला गांव में धनाराम बावरी ने जिला कलेक्टर रविन्द्र गौसवामी को लिखित शिकायत देकर अपनी खसरा नं १२५/१ की नौ बीघा सात बिस्वा जमीन तक जाने वाला आम रास्ता खुलवाने की मांग की है। यह रास्ता कथित तौर पर भाकरीवाला निवासी मोतीदास संत द्वारा बंद कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अप्रार्थी मोतीदास संत ने गौचर भूमि पर अतिक्रमण कर 'दौरा पाली' लगा दिया है, जिसके कारण धनाराम की पुश्तैनी जमीन तक जाने का रास्ता भी बंद हो गया है। शिकायत में कहा गया है कि मोतीदास संत का राजनीतिक दबदबा और बाहुबल है, जिसके चलते उसने गौचर भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है। इसी प्रभाव के कारण प्रार्थी की शिकायत की सुनवाई पटवारी हल्का, तहसीलदार और उपखंड अधिकारी कार्यालय में भी नहीं हो रही है। इससे पहले, प्रार्थी धनाराम ने विगत १९ जून, २०२६ को भी उपखंड अधिकारी और तहसीलदार रोहट को लिखित रिपोर्ट सौंपी थी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। अब सभी की निगाहें इस पर हैं कि कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद 'ऊंट किस करवट बैठता है' और क्या धनाराम को न्याय मिल पाएगा।2
- पाली के देसूरी क्षेत्र के पदमपुरा गांव में एक फार्म हाउस के बाहर फायरिंग की घटना से हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, दो से तीन वाहनों में सवार होकर आए 10-12 से अधिक अज्ञात लोगों ने अचानक फायरिंग की और मौके से फरार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना के समय फार्म हाउस पर कुछ लोग मौजूद थे और बदमाशों की फायरिंग से वहां अफरा-तफरी मच गई थी। सूचना मिलते ही देसूरी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम को भी मौके पर बुलाया। देसूरी के एएसआई शैतान सिंह ने जानकारी दी कि रविवार शाम को दो कारों में आए कुछ लोगों द्वारा एक फार्म हाउस के पास फायरिंग किए जाने की खबर मिली थी, जिसके बाद पुलिस तुरंत पहुंची। फिलहाल, पुलिस अज्ञात बदमाशों की तलाश में आसपास के क्षेत्र में नाकाबंदी कर रही है। पुलिस इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि फायरिंग करने वाले कौन थे, उनका मकसद क्या था और क्या किसी खास व्यक्ति को निशाना बनाया गया था।1
- पाली में रविवार को 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जिलास्तरीय कार्यक्रम लाखोटिया उद्यान के रंगमंच पर आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में 5 साल के बच्चों से लेकर 70 साल के बुजुर्गों तक ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। करीब एक घंटे तक चले योगाभ्यास में आमजन, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने योग के विभिन्न आसन और प्राणायाम किए। इस दौरान मंत्री जोराराम कुमावत ने योग को जीवनशैली का हिस्सा बनाने पर जोर दिया, क्योंकि यह तन और मन दोनों को स्वस्थ रखने के साथ लंबी आयु देने का काम करता है। जिला प्रशासन, आयुर्वेद विभाग और नगर निगम के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम में सुबह 7 बजे से 8 बजे तक योग प्रशिक्षकों की देखरेख में योगाभ्यास कराया गया। जिले के प्रभारी मंत्री झाबरसिंह खर्रा ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। मंत्री कुमावत ने बताया कि योग हमारी पुरानी पद्धति है और आज 130 से ज्यादा देश योग दिवस मना रहे हैं, इसलिए इसे केवल एक दिन तक सीमित न रखकर नियमित रूप से जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान शहरवासियों ने ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, मकरासन, भुजंगासन और शवासन जैसे कई योगासनों का अभ्यास किया। लाखोटिया उद्यान का माहौल विशेष नजर आया और हर कोई खुद को फिट रखने के लिए योग करता दिखा। इस अवसर पर सरस डेयरी की ओर से सभी को छाछ भी पिलाई गई। कार्यक्रम में मंत्री जोराराम कुमावत, प्रभारी मंत्री झाबरसिंह खर्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील भंडारी, पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख, पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा, जिला कलेक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी, एसपी मोनिका सैन, नगर निगम आयुक्त नवीन भारद्वाज, भाजपा नेता पुखराज पटेल, राकेश पंवार, रमेश परिहार, तिलोक चौधरी, अशोक बाफना, अशोक तलेसरा, दोलाराम पटेल सहित जिला स्तरीय अधिकारी, पुलिसकर्मी, स्काउट-गाइड, एनएसएस कैडेट्स, खिलाड़ी, युवा, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में शहरवासी उपस्थित रहे।4
- जालौर जिले के आहोर कस्बे में 17 जून 2026 को व्यापारियों और नागरिकों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन कस्बे में लगातार बढ़ रही आपराधिक गतिविधियों, व्यापारियों के साथ हो रही मारपीट, वाहनों में तोड़फोड़ और अवैध कब्जों जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर दिया गया है। समाचार नेशन ब्यूरो चीफ कयूम खान की रिपोर्ट के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य इन समस्याओं पर तत्काल सरकारी ध्यान आकर्षित करना है। ज्ञापन में स्पष्ट आरोप लगाया गया है कि कुछ असामाजिक तत्व लगातार व्यापारियों को निशाना बना रहे हैं, जिसके कारण पूरे कस्बे में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त है। व्यापारियों ने हाल ही में हुई मारपीट की घटनाओं और वाहनों को पहुँचाए गए नुकसान का विशेष उल्लेख किया है। संगठन एवं नागरिकों ने सरकार से आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी करने, सभी अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी भी दी है कि यदि इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आहोर बंद कर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। व्यापारियों का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से ही कस्बे में शांति और व्यापारिक माहौल फिर से बहाल हो सकेगा।1
- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज (22 जून) जालोर से जोधपुर जाते समय पाली जिले के विभिन्न स्थानों पर आयोजित स्वागत कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं। उनके इस दौरे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है, जिसके लिए व्यापक तैयारियाँ की गई हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, गहलोत दोपहर 1:15 बजे तखतगढ़ पहुँचेंगे, जहाँ नगर कांग्रेस कमेटी द्वारा उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता जेसीबी मशीनों से उन पर पुष्प वर्षा कर अभिनंदन करेंगे। स्वागत कार्यक्रम में कांग्रेस जिला अध्यक्ष, पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे। तखतगढ़ में करीब 15 मिनट के प्रवास के दौरान गहलोत कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठन को मजबूत करने और आगामी पंचायत राज तथा नगर निकाय चुनावों के लिए दिशा-निर्देश देंगे। इसके बाद, वे साण्डेराव, गुंदोज, पाली और रोहट में भी आयोजित स्वागत कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि गहलोत के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान तखतगढ़ क्षेत्र को कई महत्वपूर्ण सौगातें मिली थीं। इनमें उप तहसील की स्थापना, बालिका महाविद्यालय, तालाब का चौड़ीकरण, नगर की सीसी सड़कों का निर्माण और जवाई बांध के सहायक सेई बांध की सुरंग चौड़ीकरण के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रमुख थी। इसके अतिरिक्त, जवाई बांध के पुनर्भरण की महत्वाकांक्षी योजना के लिए लगभग 2700 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। हालांकि, कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सरकार बदलने के बाद यह महत्वाकांक्षी योजना आगे नहीं बढ़ सकी और ठंडे बस्ते में चली गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इस पाली दौरे को लेकर पूरे क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह और जोश का माहौल बना हुआ है।2
- आईएफडब्ल्यूजे पत्रकार संगठन के प्रदेश सचिव और उदयपुर संभाग प्रभारी विक्रम सिंह करणोत ने पत्रकार सुरक्षा कानून को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से सवाल पूछे, जिस पर गहलोत निरुत्तर रहे। इस घटना ने एक अहम सवाल उठाया है कि आखिर क्यों प्रत्येक सवाल का बेबाकी से जवाब देने वाले मंजे हुए नेता, पत्रकारों से जुड़े निजी सवालों पर या तो चुप्पी साध लेते हैं या टाल-मटोल करते दिखाई देते हैं।1