सौहार्द और अकीदत के साथ मनाया गया चेहल्लुम, ताजियों के मिलन में उमड़ा जनसैलाब नानपारा (बहराइच)। नगर नानपारा में चेहल्लुम का पर्व रविवार को पूरी श्रद्धा, अकीदत, सादगी और आपसी भाईचारे के वातावरण में मनाया गया। पैगंबर हजरत मुहम्मद के नवासे इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में आयोजित चेहल्लुम के अवसर पर नगर में धार्मिक आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। चारों दिशाओं से आए ताजियादारों ने नानपारा मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष नदीम चौधरी के ताजिए से उत्साहपूर्वक ताजियों का मिलान किया। इस दौरान ढोल, ताशों और पारंपरिक मातमी धुनों ने पूरे वातावरण को श्रद्धा और जोश से भर दिया। चेहल्लुम के अवसर पर नगर की प्रमुख सड़कों पर भारी संख्या में श्रद्धालु जुटे। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों सहित सैकड़ों लोगों ने ताजियों के मिलन का दृश्य देखा और इमाम हुसैन की शहादत को नमन किया। पूरे आयोजन में अनुशासन और सौहार्द की मिसाल देखने को मिली। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल वाहिद, मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष नदीम चौधरी, नानपारा कोतवाल राजनाथ सिंह, राजा बाजार चौकी प्रभारी विकास वर्मा, चौकी प्रभारी कामेश्वर राय सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने लोगों से शांति, भाईचारा और आपसी सद्भाव बनाए रखने की अपील की। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद रहा। नगर के संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था तथा पूरे जुलूस मार्ग पर लगातार निगरानी रखी गई। अधिकारियों ने स्वयं मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया, जिसके चलते पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। चेहल्लुम, मुहर्रम की 10वीं तारीख यानी आशूरा के 40 दिन बाद मनाया जाता है। फारसी शब्द 'चेहेल' से बने 'चेहल्लुम' का अर्थ 'चालीसवां दिन' होता है। इस दिन कर्बला के मैदान में सन 680 ईस्वी (61 हिजरी) में शहीद हुए इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की कुर्बानी को याद किया जाता है। उन्होंने अन्याय, अत्याचार और तानाशाही के विरुद्ध संघर्ष करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए, लेकिन सत्य और इंसानियत के मार्ग से पीछे नहीं हटे। यही कारण है कि उनकी शहादत आज भी न्याय, त्याग, साहस और मानवता की रक्षा का प्रतीक मानी जाती है। चेहल्लुम के अवसर पर मस्जिदों और इमामबाड़ों में मजलिसों का आयोजन किया गया, जहां इमाम हुसैन की कुर्बानी और उनके संदेश पर प्रकाश डाला गया। श्रद्धालुओं ने फातिहा पढ़ी, गरीबों को भोजन कराया, सबीलों के माध्यम से पानी पिलाया तथा जरूरतमंदों की सहायता कर इंसानियत और सेवा का संदेश दिया। नानपारा में चेहल्लुम का यह आयोजन एक बार फिर गंगा-जमुनी तहजीब, आपसी प्रेम, सामाजिक एकता और सांप्रदायिक सौहार्द का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। श्रद्धा, अनुशासन और भाईचारे के वातावरण में संपन्न हुए इस आयोजन ने लोगों के दिलों में अमन, मोहब्बत और इंसानियत का संदेश छोड़ दिया।
सौहार्द और अकीदत के साथ मनाया गया चेहल्लुम, ताजियों के मिलन में उमड़ा जनसैलाब नानपारा (बहराइच)। नगर नानपारा में चेहल्लुम का पर्व रविवार को पूरी श्रद्धा, अकीदत, सादगी और आपसी भाईचारे के वातावरण में मनाया गया। पैगंबर हजरत मुहम्मद के नवासे इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में आयोजित चेहल्लुम के अवसर पर नगर में धार्मिक आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। चारों दिशाओं से आए ताजियादारों ने नानपारा मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष नदीम चौधरी के ताजिए से उत्साहपूर्वक ताजियों का मिलान किया। इस दौरान ढोल, ताशों और पारंपरिक मातमी धुनों ने पूरे वातावरण को श्रद्धा और जोश से भर दिया। चेहल्लुम के अवसर पर नगर की प्रमुख सड़कों पर
भारी संख्या में श्रद्धालु जुटे। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों सहित सैकड़ों लोगों ने ताजियों के मिलन का दृश्य देखा और इमाम हुसैन की शहादत को नमन किया। पूरे आयोजन में अनुशासन और सौहार्द की मिसाल देखने को मिली। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल वाहिद, मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष नदीम चौधरी, नानपारा कोतवाल राजनाथ सिंह, राजा बाजार चौकी प्रभारी विकास वर्मा, चौकी प्रभारी कामेश्वर राय सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने लोगों से शांति, भाईचारा और आपसी सद्भाव बनाए रखने की अपील की। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद रहा। नगर के संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था तथा पूरे जुलूस मार्ग
पर लगातार निगरानी रखी गई। अधिकारियों ने स्वयं मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया, जिसके चलते पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। चेहल्लुम, मुहर्रम की 10वीं तारीख यानी आशूरा के 40 दिन बाद मनाया जाता है। फारसी शब्द 'चेहेल' से बने 'चेहल्लुम' का अर्थ 'चालीसवां दिन' होता है। इस दिन कर्बला के मैदान में सन 680 ईस्वी (61 हिजरी) में शहीद हुए इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की कुर्बानी को याद किया जाता है। उन्होंने अन्याय, अत्याचार और तानाशाही के विरुद्ध संघर्ष करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए, लेकिन सत्य और इंसानियत के मार्ग से पीछे नहीं हटे। यही कारण है कि उनकी शहादत आज
भी न्याय, त्याग, साहस और मानवता की रक्षा का प्रतीक मानी जाती है। चेहल्लुम के अवसर पर मस्जिदों और इमामबाड़ों में मजलिसों का आयोजन किया गया, जहां इमाम हुसैन की कुर्बानी और उनके संदेश पर प्रकाश डाला गया। श्रद्धालुओं ने फातिहा पढ़ी, गरीबों को भोजन कराया, सबीलों के माध्यम से पानी पिलाया तथा जरूरतमंदों की सहायता कर इंसानियत और सेवा का संदेश दिया। नानपारा में चेहल्लुम का यह आयोजन एक बार फिर गंगा-जमुनी तहजीब, आपसी प्रेम, सामाजिक एकता और सांप्रदायिक सौहार्द का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। श्रद्धा, अनुशासन और भाईचारे के वातावरण में संपन्न हुए इस आयोजन ने लोगों के दिलों में अमन, मोहब्बत और इंसानियत का संदेश छोड़ दिया।
- नानपारा (बहराइच)। श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर नानपारा में आस्था का अद्भुत नज़ारा देखने को मिला। रविवार देर शाम ग्राम पतरहिया के निकट घाघरा (सरयू) नदी से पवित्र जल भरकर सैकड़ों कांवड़िए भगवान भोलेनाथ के जयकारों के साथ भव्य कांवड़ यात्रा लेकर निकले। सोमवार प्रातः सभी श्रद्धालु नानपारा स्थित प्राचीन शिवालाबाग मंदिर एवं विश्वनाथ मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। कांवड़ यात्रा के दौरान पूरा नगर "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के उद्घोष से गूंज उठा। ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर शिवभक्त झूमते हुए आगे बढ़ते रहे। यात्रा में युवाओं, महिलाओं और छोटे-छोटे बच्चों की बड़ी भागीदारी ने श्रद्धा और उत्साह का अनूठा दृश्य प्रस्तुत किया। श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए नानपारा क्षेत्राधिकारी चित्रांशु गौतम, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राजनाथ सिंह तथा नगर पालिका परिषद अध्यक्ष अब्दुल वाहिद ने कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर उनका भव्य अभिनंदन किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भी स्वागत का अभिवादन स्वीकार करते हुए भोलेनाथ के जयकारे लगाए। हाई अलर्ट पर रहा पुलिस प्रशासन कांवड़ यात्रा में उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए नानपारा पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद रहा। यात्रा मार्ग के प्रमुख चौराहों, संवेदनशील स्थानों और मंदिर परिसरों में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों की भी विशेष ड्यूटी लगाई गई। वरिष्ठ अधिकारी लगातार यात्रा की निगरानी करते रहे, जिससे यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होती रही। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी चित्रांशु गौतम, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राजनाथ सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल वाहिद, नगर पालिका लिपिक गंगा प्रताप सिंह, चौकी प्रभारी कामेश्वर राय, राजा बाजार चौकी प्रभारी विकास वर्मा सहित पुलिस प्रशासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। ⚡ BIG BREAKING श्रावण के पहले सोमवार पर नानपारा शिवमय हो गया। हजारों श्रद्धालुओं की आस्था, प्रशासन की चौकस सुरक्षा व्यवस्था और पुष्पवर्षा से हुए भव्य स्वागत ने कांवड़ यात्रा को यादगार बना दिया। पूरे क्षेत्र में देर रात से लेकर सोमवार सुबह तक 'हर-हर महादेव' के जयघोष गूंजते रहे।4
- Nanpara jila Bahraich mein chehllom ka juloos khas report Nanpara jila Bahraich mein chehllom ka juloos khas report1
- पांडवकालीन बाबा जंगली नाथ मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा इलाका बहराइच। सावन के पहले सोमवार पर मसूद नगर बस्थानवा स्थित पांडवकालीन बाबा जंगली नाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। रविवार और सोमवार की मध्यरात्रि से ही कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के जत्थे मंदिर परिसर में पहुंचने लगे थे। सुबह करीब चार बजे मंदिर के कपाट खुलते ही श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए उमड़ पड़े। श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव के जयकारों के बीच बाबा जंगली नाथ का जलाभिषेक किया। इस दौरान भीड़ अधिक होने के कारण श्रद्धालुओं को कतारबद्ध करने के लिए लगाई गई बैरिकेडिंग टूट गई, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हालांकि पुलिस जवानों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए स्थिति को नियंत्रित कर लिया और श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से जलाभिषेक कराया। सुबह करीब दस बजे तक मंदिर में अनवरत जलाभिषेक का सिलसिला चलता रहा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बल तैनात रहा। मेला कमेटी के अध्यक्ष अनिल शास्त्री ने बताया कि बाबा जंगली नाथ की महिमा पांडवकाल से जुड़ी है। उन्होंने बताया कि बाबा जंगली नाथ स्वयंभू हैं और यहां सच्चे मन से आने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।3
- बहराइच नानपारा रूपईडीहा थाना क्षेत्र के सोरहिया गांव में एक पुराने नीम के पेड़ पर उभरी आकृति को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। कोई इसे हनुमान जी का चमत्कार मान रहा है तो कोई इसे प्रकृति का अनोखा संयोग बता रहा है। श्रद्धालुओं द्वारा पूजा-अर्चना का सिलसिला भी शुरू हो गया है।1
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- नानपारा जिला बहराइच में चूड़ी वाली गली के पास चेहल्लुम का मिलन खास रिपोर्ट नानपारा जिला बहराइच में चूड़ी वाली गली के पास चेहल्लुम का मिलन खास रिपोर्ट1
- श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर आस्था का सैलाब, नानपारा में निकली भव्य कांवड़ यात्रा पुष्पवर्षा कर हुआ श्रद्धालुओं का स्वागत, सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस प्रशासन पूरी तरह रहा मुस्तैद नानपारा (बहराइच)। श्रावण मास के प्रथम सोमवार के अवसर पर नानपारा क्षेत्र में आस्था, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। सैकड़ों शिवभक्त कांवड़ियों ने रविवार देर शाम ग्राम पतरहिया के निकट घाघरा (सरयू) नदी से पवित्र जल भरकर भगवान भोलेनाथ के जयकारों के बीच भव्य कांवड़ यात्रा निकाली। श्रद्धालु सोमवार प्रातः नानपारा स्थित प्राचीन शिवालाबाग मंदिर तथा विश्वनाथ मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। पूरे मार्ग में "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। ढोल-ताशों और डीजे की धुन पर शिवभक्त नाचते-गाते हुए आगे बढ़ते रहे। यात्रा में युवाओं के साथ-साथ महिलाओं और छोटे-छोटे बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिससे श्रद्धा और उत्साह का अनूठा दृश्य देखने को मिला। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए प्रशासन एवं जनप्रतिनिधि भी सक्रिय दिखाई दिए। नानपारा के क्षेत्राधिकारी चित्रांशु गौतम, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राजनाथ सिंह तथा नगर पालिका परिषद अध्यक्ष अब्दुल वाहिद ने कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने भी इस आत्मीय सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। यात्रा मार्ग के प्रमुख चौराहों एवं संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महिला पुलिसकर्मियों को भी महत्वपूर्ण स्थानों पर लगाया गया। पुलिस अधिकारी लगातार यात्रा मार्ग का निरीक्षण क�4
- उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के मंगलौर (रुड़की) क्षेत्र में 1 अगस्त 2026 की रात को कांवड़ यात्रा के दौरान एक कार की टक्कर से कांवड़ खंडित होने पर कांवड़ियों ने गाड़ी के शीशे तोड़ दिए और जमकर हंगामा किया। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी (राजा उर्फ राजेश) को गिरफ्तार किया है और पीड़ित ड्राइवर की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है1