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मध्य प्रदेश के पांढुर्णा मुख्यालय से महज 2 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम भंडार गोंदी मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ की चपेट में आ गया है। जाम नदी में उफान आने से नदी पर बने रपटे के ऊपर से पानी बहने लगा है, जिससे यह रपटा पूरी तरह डूब गया है। परिणामस्वरूप, ग्राम भंडार गोंदी का पांढुर्णा शहर से सड़क संपर्क पूरी तरह से कट गया है। बाढ़ का पानी गांव के रिहायशी इलाकों और घरों के अंदर तक घुसने से स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई है और वे अपनी जान व सामान बचाने के लिए कड़ी जद्दोजहद कर रहे हैं, क्योंकि पूरा गांव चारों तरफ से पानी से घिर चुका है। इस गंभीर आपदा के बावजूद, अभी तक प्रशासन तक इस स्थिति की सूचना नहीं पहुंच पाई है।
NILESH KALASKAR
मध्य प्रदेश के पांढुर्णा मुख्यालय से महज 2 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम भंडार गोंदी मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ की चपेट में आ गया है। जाम नदी में उफान आने से नदी पर बने रपटे के ऊपर से पानी बहने लगा है, जिससे यह रपटा पूरी तरह डूब गया है। परिणामस्वरूप, ग्राम भंडार गोंदी का पांढुर्णा शहर से सड़क संपर्क पूरी तरह से कट गया है। बाढ़ का पानी गांव के रिहायशी इलाकों और घरों के अंदर तक घुसने से स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई है और वे अपनी जान व सामान बचाने के लिए कड़ी जद्दोजहद कर रहे हैं, क्योंकि पूरा गांव चारों तरफ से पानी से घिर चुका है। इस गंभीर आपदा के बावजूद, अभी तक प्रशासन तक इस स्थिति की सूचना नहीं पहुंच पाई है।
- NILESH KALASKARPandhurna, Chhindwaraफिलहाल स्थिति कंट्रोल है पाणी उतर गया है गाँव से पानी निकासी की उचित व्यवस्था नही होने के कारण बाढ जैसी स्थिति बनी प्रशासन से मांग है की नया पुलिया जल्द से जल्द स्विकार हो20 hrs ago
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- छिपन्या-पिपरिया मार्ग पर स्थित भैंसाईं नदी में उफान आ गया है, जिसके कारण एक दर्जन से भी अधिक गांवों का संपर्क टूट गया है। इस स्थिति के चलते ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- बैतूल जिले के आठनेर थाना क्षेत्र में अंधविश्वास के कारण एक बुजुर्ग की बेरहमी से हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसे आठनेर पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। ग्राम मांडवी में नदी पुल के नीचे मिले शव की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने इस मामले में दो हत्यारों और एक कथित तांत्रिक को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, जादू-टोना करने के संदेह में बुजुर्ग की हत्या की गई थी। पुलिस के अनुसार, 30 जून को डायल-112 के माध्यम से सूचना मिली थी कि मांडवी स्थित नदी पुल के नीचे एक वृद्ध का शव पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक की पहचान ग्राम पांडुरना निवासी बंसीलाल नागले के रूप में की। पोस्टमार्टम और प्रारंभिक जांच के बाद मामला हत्या का निकला, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान, घटनास्थल के समीप कन्या विद्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें विनोद नागले और उसका चचेरा भाई रवि नागले संदिग्ध अवस्था में घटनास्थल की ओर जाते दिखाई दिए। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पूरे हत्याकांड का खुलासा हो गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनकी बहन लंबे समय से बीमार थी और गांव के कथित तांत्रिक रमेश उर्फ जंगली ने उन्हें विश्वास दिलाया था कि बंसीलाल नागले ने उनकी बहन पर जादू-टोना किया है। इसी अंधविश्वास में आकर दोनों भाइयों ने योजनाबद्ध तरीके से बंसीलाल की हत्या कर दी। पुलिस ने तांत्रिक रमेश को भी इस षड्यंत्र में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरे मामले के खुलासे में थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह परिहार के नेतृत्व में पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई, वैज्ञानिक साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज निर्णायक साबित हुए। पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि अंधविश्वास के कारण किसी की जान लेना एक गंभीर अपराध है और कानून इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करता। पुलिस ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे जादू-टोना जैसी अफवाहों और अंधविश्वास पर विश्वास न करें। किसी भी विवाद या संदेह की स्थिति में कानून को हाथ में लेने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना दें। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।4
- सारनी नगरपालिका क्षेत्र में शुरू की गई करोड़ों रुपये की नल जल योजना लगातार बाधित हो रही है। यह महत्वपूर्ण योजना बार-बार बंद हो जाती है, जिससे क्षेत्र के निवासियों को जल आपूर्ति में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।1
- शहर की जनता पानी की गंभीर समस्या से जूझ रही है, जहाँ नल में 7 से 8 दिनों में एक बार पानी आता है। इस स्थिति से परेशान होकर, नगर निगम अध्यक्ष धर्मेंद्र सोनू मगो ने प्रशासन को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है कि यदि जल्द ही पानी की व्यवस्था में सुधार नहीं होता है, तो एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। दूसरी ओर, महापौर ने बताया है कि शहर में 100 टैंकरों के माध्यम से पानी की सप्लाई की जा रही है और उन्होंने भरोसा दिलाया है कि पानी की व्यवस्था में जल्द ही सुधार होगा।1
- किसानों के हक की लड़ाई को लेकर जहां अन्य सभी लोग निष्क्रिय बने हुए हैं और सिर्फ देखते रहते हैं, वहीं कांग्रेस जनता पार्टी ने किसानों के साथ एकजुटता व्यक्त की है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह किसानों के अधिकारों की इस महत्वपूर्ण लड़ाई में उनके साथ खड़ी है।1
- आमला-बोरदेही क्षेत्र में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है, जिसके चलते लगातार हो रही बारिश से कई नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। भैसाई नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत ग्राम नरेरा और मुवारिया के कोटवारों को संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया है। प्रशासन द्वारा नरेरा, मुवारिया, छिपनिया और पिपरिया जोड़ सहित अन्य जलभराव वाले क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। लोगों से अपील की गई है कि वे तेज बहाव के दौरान नदी-नालों को पार करने का प्रयास न करें और अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी बारिश की संभावना जताई है, जिसके चलते प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। स्थानीय लोगों से भी आग्रह किया गया है कि किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।1
- अमरवाड़ा पुलिस ने साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए व्यापारियों को जागरूक किया है, ताकि वे इन अपराधों से सावधान रह सकें। इसके साथ ही, पुलिस ने आम लोगों से भी एक क्लिक के माध्यम से सचेत रहने की अपील की है। इस जागरूकता अभियान के दौरान उप निरीक्षक दीपा ठाकुर और प्रधान आरक्षक जय सिंह बघेल सहित अन्य पुलिसकर्मी उपस्थित थे।1
- मध्य प्रदेश के भैंसदेही, बड़गांव, धूड़ियानई में शासन की महत्वाकांक्षी अमृत सरोवर योजना पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गई है। लगभग 40 लाख रुपये की लागत से बन रहे इस डेम में 40 से 50 फीट लंबी और 5 से 6 फीट गहरी दरार पड़ने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि दरार सामने आते ही जेसीबी लगाकर उसे तत्काल मिट्टी से भरने की कोशिश की गई, जिस पर निर्माण की गुणवत्ता को लेकर और गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर काम रुकवाने का प्रयास किया और पूरे निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच की मांग की। विरोध के दौरान, मौके पर मौजूद इंजीनियर नागले पर ग्रामीणों को कैमरे के सामने ही एफआईआर कराने की चेतावनी देने का आरोप है, जिसका वीडियो भी चर्चा में है। निर्माण कार्य में लगे मजदूरों ने कैमरे के सामने आरोप लगाया कि उन्हें निर्धारित 261 रुपये की जगह मात्र 174 रुपये मजदूरी दी गई, जबकि पोर्टल पर 216 रुपये दर्ज दिखाई दे रहे हैं। उनका यह भी आरोप है कि उनसे पहले ही कागजों पर हस्ताक्षर करा लिए गए थे। इसके अतिरिक्त, निर्माण में उपयोग किए गए 400 टैंकर पानी के बिलों को लेकर भी ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस निर्माण कार्य को लेकर पहले भी सीएम हेल्पलाइन सहित कई मंचों पर शिकायतें की गई थीं, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस स्थिति पर ग्रामीणों ने सबसे बड़ा सवाल उठाया है कि जब पहली ही बारिश में डेम की यह हालत है, तो पूरी बरसात और जलभराव के बाद क्या होगा और भविष्य में किसी भी हादसे की जिम्मेदारी कौन लेगा। ग्रामीणों ने पूरे मामले की स्वतंत्र तकनीकी, वित्तीय और गुणवत्ता जांच कराने के साथ-साथ दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।4