दुर्ग जिले के विकासखंड धमधा अंतर्गत संकुल सेमरिया में बारहवाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 'संगम योग, हरित योग' थीम के साथ बड़े हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर शासकीय प्राथमिक, मिडिल, हायर सेकेंडरी स्कूल सेमरिया, प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला पेंड्रीतराई और प्राथमिक शाला कोकड़ी में विशेष आयोजन हुए। संकुल समन्वयक श्री सूर्यकांत हरदेल ने बारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए योग के महत्व पर विचार व्यक्त किए और नियमित योग को उत्तम स्वास्थ्य का उत्तम साधन बताया। संकुल प्राचार्य श्रीमती किरण सिंह ने भी मार्गदर्शन के साथ उद्बोधन दिया। योग अभ्यास का शुभारंभ योग शिक्षकों द्वारा मंगलाचरण के साथ कराया गया, जिसमें खड़े होकर किए जाने वाले योगाभ्यास जैसे ग्रीवा चालन, स्कंध संचालन, कटि चालन, घुटना संचालन, ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्धचक्रासन और त्रिकोणासन शामिल थे। इन आसनों के लाभ और निषेध पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त, बैठकर किए जाने वाले आसन जैसे भद्रासन, वज्रासन, वीरासन, अर्द्ध उस्ट्रासन, शशांकासन, दंडासन और चक्रासन का अभ्यास कराया गया तथा उनकी सावधानियों पर चर्चा हुई। तत्पश्चात, पीठ और पेट के बल लेट कर किए जाने वाले आसन मकरासन, भुजंगासन, शलभासन, धनुरासन, अर्द्ध हलासन, पवनसुत आसन और शवासन का अभ्यास कराया गया, जिसमें षडानन्द देशलहरे ने उनके लाभ और सावधानियों पर भी प्रकाश डाला। प्राणायाम में कपालभाति, नाडीसोधन और भ्रामरी प्राणायाम के बाद ध्यान भी कराया गया। इस आयोजन में संकुल समन्वयक सूर्यकांत हरदेल, संकुल प्रभारी किरण सिंह, जनप्रतिनिधि श्रीमती पुष्पलता मोहित बंजारे, सरपंच श्रीमती दीपा महिलांग, उपसरपंच विजय बघेल, संस्था प्रमुख मिताली दास, दीप्ति किरण तिर्की, कुलवंतीन चेलक, खिलेंद्र बघेल, समस्त पंचगण, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएँ, सभी विद्यालयों के एसएमसी सदस्य, ग्रामीणजन, समस्त विद्यालय के शिक्षक, पालक और छात्रगण सक्रिय रूप से सहभागी बने। इस प्रकार, संकुल सेमरिया में बारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का सफल समापन हुआ।
दुर्ग जिले के विकासखंड धमधा अंतर्गत संकुल सेमरिया में बारहवाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 'संगम योग, हरित योग' थीम के साथ बड़े हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर शासकीय प्राथमिक, मिडिल, हायर सेकेंडरी स्कूल सेमरिया, प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला पेंड्रीतराई और प्राथमिक शाला कोकड़ी में विशेष आयोजन हुए। संकुल समन्वयक श्री सूर्यकांत हरदेल ने बारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए योग के महत्व पर विचार व्यक्त किए और नियमित योग को उत्तम स्वास्थ्य का उत्तम साधन बताया। संकुल प्राचार्य श्रीमती किरण सिंह ने भी मार्गदर्शन के साथ उद्बोधन दिया। योग अभ्यास का
शुभारंभ योग शिक्षकों द्वारा मंगलाचरण के साथ कराया गया, जिसमें खड़े होकर किए जाने वाले योगाभ्यास जैसे ग्रीवा चालन, स्कंध संचालन, कटि चालन, घुटना संचालन, ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्धचक्रासन और त्रिकोणासन शामिल थे। इन आसनों के लाभ और निषेध पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त, बैठकर किए जाने वाले आसन जैसे भद्रासन, वज्रासन, वीरासन, अर्द्ध उस्ट्रासन, शशांकासन, दंडासन और चक्रासन का अभ्यास कराया गया तथा उनकी सावधानियों पर चर्चा हुई। तत्पश्चात, पीठ और पेट के बल लेट कर किए जाने वाले आसन मकरासन, भुजंगासन, शलभासन, धनुरासन, अर्द्ध हलासन, पवनसुत आसन और शवासन का अभ्यास कराया
गया, जिसमें षडानन्द देशलहरे ने उनके लाभ और सावधानियों पर भी प्रकाश डाला। प्राणायाम में कपालभाति, नाडीसोधन और भ्रामरी प्राणायाम के बाद ध्यान भी कराया गया। इस आयोजन में संकुल समन्वयक सूर्यकांत हरदेल, संकुल प्रभारी किरण सिंह, जनप्रतिनिधि श्रीमती पुष्पलता मोहित बंजारे, सरपंच श्रीमती दीपा महिलांग, उपसरपंच विजय बघेल, संस्था प्रमुख मिताली दास, दीप्ति किरण तिर्की, कुलवंतीन चेलक, खिलेंद्र बघेल, समस्त पंचगण, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएँ, सभी विद्यालयों के एसएमसी सदस्य, ग्रामीणजन, समस्त विद्यालय के शिक्षक, पालक और छात्रगण सक्रिय रूप से सहभागी बने। इस प्रकार, संकुल सेमरिया में बारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का सफल समापन हुआ।
- एक युवती ट्रेन में बिना टिकट सफर कर रही थी। जब टीटीई ने आकर उससे टिकट मांगा, तो उसने अपनी महिला होने का गलत फायदा उठाना शुरू कर दिया। युवती ने टीटीई को मारना-पीटना शुरू कर दिया और जोर-जोर से चिल्लाने लगी कि वह उसकी इज्जत पर हाथ डाल रहा है। इस घटना पर सवाल उठाया गया है कि क्या लड़कियों की सुरक्षा के लिए बने कानूनों का इस तरह से गलत फायदा उठाया जाना चाहिए, जैसा कि कई लड़कियां कर रही हैं।1
- राजनांदगांव के दिग्विजय स्टेडियम में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक भव्य जिला स्तरीय योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने जोर देकर कहा कि योग स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन के लिए एक मार्ग प्रदान करता है। कार्यक्रम के दौरान अबूझमाड़ मल्लखंब अकादमी के बच्चों ने अपना शानदार प्रदर्शन दिखाया, जिस पर डॉ. रमन सिंह ने प्रभावित होकर उन्हें 51 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर राजनांदगांव में लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहाँ योग से निरोग रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।1
- छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में शासन और प्रशासन के बीच समन्वय की कमी के कारण एक और सरकारी आयोजन विवादों में घिर गया है। मुख्यमंत्री कन्या सामूहिक विवाह योजना के बाद अब अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम में प्रशासनिक लापरवाही का एक नया मामला सामने आया है। यह विवाद स्वामी विवेकानंद स्टेडियम (कंतेली) में आयोजित कार्यक्रम में उस समय खड़ा हुआ जब प्रोटोकॉल की अनदेखी से नाराज होकर स्थानीय भाजपा विधायक ईश्वर साहू ने मंच छोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस भव्य योग दिवस कार्यक्रम के मुख्य फ्लेक्स (बैनर) और आमंत्रण पोस्टरों से स्थानीय विधायक ईश्वर साहू की तस्वीर नदारद थी। विधायक साहू ने इसे प्रोटोकॉल का सीधा उल्लंघन और एक जनप्रतिनिधि का अपमान मानते हुए गहरी नाराजगी व्यक्त की और कार्यक्रम के बीच से ही मंच छोड़कर चले गए। यह बेमेतरा में प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाला दूसरा बड़ा मामला है। इससे पहले मुख्यमंत्री कन्या सामूहिक विवाह योजना के दौरान भी व्यवस्थाओं और समन्वय को लेकर विवाद हुआ था। योग दिवस जैसे अंतरराष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रम में हुई इस चूक ने प्रशासनिक लापरवाही को एक बार फिर उजागर कर दिया है। इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर चर्चाएं तेज़ हो गई हैं, और अब देखना होगा कि शासन इस प्रोटोकॉल की अनदेखी पर क्या कड़ा संज्ञान लेता है।1
- नाप तौल विभाग ने शास्त्री मार्केट में एक बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया है। इस अभियान के तहत, विभाग ने महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की है, जिसमें यह बताया गया है कि उपभोक्ताओं और दुकानदारों को किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।1
- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के तिल्दा इलाके से एक बेहद रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। सासाहोली गांव के सरस्वती स्कूल के बाहर मामूली सी बात पर दो नाबालिग छात्रों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। महज 'मोटा' कहने के विवाद में हुए इस हमले में 16 वर्षीय एक छात्र की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई, जबकि दूसरा छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया है। मिली जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र अमन यदु (16 वर्ष) और 15 वर्षीय आरोपी छात्र एक ही स्कूल में पढ़ते थे। कुछ दिनों पहले एक छात्र ने दूसरे को 'मोटा' कहकर चिढ़ाया था, जो बात दूसरे छात्र के दिल में गहरी चुभ गई और उसने मन में बदले की भावना पाल ली थी। किसे पता था कि बच्चों का यह आपसी मनमुटाव एक दिन खूनी अंजाम तक पहुंच जाएगा। स्कूल की छुट्टी होते ही दोनों छात्र गेट के बाहर आमने-सामने आ गए। उनके बीच पहले तीखी बहस हुई और देखते ही देखते वे गाली-गलौज पर उतर आए। विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्साए एक छात्र ने घर से छिपाकर लाया सब्जी काटने वाला चाकू निकाला और दूसरे छात्र पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। खुद पर हमला होते देख दूसरे छात्र ने भी हिम्मत दिखाई और किसी तरह चाकू छीन लिया। इसके बाद उसने भी पलटवार करते हुए पहले छात्र पर बेरहमी से वार करना शुरू कर दिया। दोनों तरफ से हुए इस जानलेवा हमले में 16 वर्षीय अमन यदु, जो राजकुमार यदु का पुत्र था, की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही तिल्दा थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने खून से लथपथ अमन के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, गंभीर रूप से घायल 15 वर्षीय आरोपी छात्र को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका इलाज जारी है। इस वारदात के बाद से सासाहोली गांव और स्कूल के आसपास के इलाके में भारी तनाव और सनसनी का माहौल है, और स्कूल के छोटे-छोटे बच्चे इस खूनी मंजर को देखकर बुरी तरह डरे व सहमे हुए हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर आगे की जांच शुरू कर दी है, लेकिन इस घटना ने स्कूली बच्चों के भीतर पनप रहे गुस्से और हिंसक मानसिकता पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।1
- रायपुर स्थित राज टॉकीज ने दर्शकों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग और एक व्हाट्सएप समूह से जुड़ने की जानकारी साझा की है। इच्छुक दर्शक बुक माय शो के माध्यम से अपने टिकट ऑनलाइन बुक कर सकते हैं, जिसके लिए एक सीधा लिंक उपलब्ध कराया गया है। साथ ही, राज टॉकीज के व्हाट्सएप समूह से जुड़ने के लिए भी एक लिंक दिया गया है, और उपयोगकर्ताओं से निवेदन किया गया है कि वे दूसरों को जोड़ने के लिए भी यह लिंक भेजें। किसी भी जानकारी के लिए 0771-2229223 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- दुर्ग में एक बेहद चौंकाने वाली और क्रूर घटना सामने आई है, जहां एक डॉक्टर ने, जिस पर लोग विश्वास करते हैं, उसी ने अपने ही घर में काम करने वाली नौकरानी की बेरहमी से हत्या कर दी। जानकारी के अनुसार, डॉक्टर ने अपनी घरेलू कामगार का गला रेत दिया, जिसके कारण उसकी मौत हो गई। यह घटना डॉक्टर जैसे भरोसेमंद पेशे से जुड़े व्यक्ति द्वारा किए गए निर्मम कृत्य पर गहरे सवाल खड़े करती है।1
- सोशल मीडिया पर "ब्लास्टिंग पेन" को लेकर तेजी से फैल रहे वायरल दावों का सच सामने आया है, जिसके बाद रायपुर पुलिस ने इन अफवाहों को पूरी तरह से भ्रामक बताया है। पिछले कुछ दिनों से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही थीं, जिनमें दावा किया गया था कि बाजार में एक ऐसा पेन उपलब्ध है जो छूते ही फट जाता है। इन मनगढ़ंत दावों ने लोगों के बीच गहरी चिंता और भ्रम पैदा कर दिया था। रायपुर पुलिस ने इन दावों को निराधार करार देते हुए नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस द्वारा जारी एक आधिकारिक वीडियो संदेश में स्पष्ट किया गया है कि "ब्लास्टिंग पेन" से जुड़ी ऐसी किसी भी घटना की अब तक पुष्टि नहीं हुई है, और सोशल मीडिया पर प्रसारित कई दावे तथ्यात्मक रूप से गलत पाए गए हैं। पुलिस लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इन सूचनाओं पर पैनी नजर रख रही है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बिना सत्यापन के किसी भी खबर, वीडियो या तस्वीर को साझा करने से अफवाहों को बढ़ावा मिलता है, जिससे समाज में अनावश्यक भय और भ्रम का माहौल बनता है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी वायरल संदेश या दावे पर तुरंत भरोसा न करें और यदि कोई संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखाई दे, तो उसकी सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दें। विशेषज्ञों ने भी इस बात पर जोर दिया है कि सोशल मीडिया पर हर जानकारी सही नहीं होती और किसी भी समाचार की पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से करना बेहद जरूरी है। रायपुर पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने और अफवाहें फैलाने से बचने का आग्रह किया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है, इसलिए नागरिकों को केवल आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही विश्वास करना चाहिए।1