कानपुर सड़क हादसा: ड्राइवर का दावा- 'मालिक को पड़ा था दौरा, फिर हुआ एक्सीडेंट' कानपुर नगर, शहर में हुए हालिया सड़क हादसे के मामले में नया मोड़ आ गया है, मामले के मुख्य आरोपी के ड्राइवर, मोहन ने मीडिया के सामने आकर एक्सीडेंट के वक्त की पूरी घटना का विवरण दिया है, मोहन का दावा है कि गाड़ी उसके मालिक नहीं बल्कि वह खुद चला रहा था और दुर्घटना का कारण उसके मालिक की अचानक बिगड़ती तबीयत थी। क्या है ड्राइवर का पक्ष मीडिया से बातचीत में मोहन ने बताया कि वह चार-पांच दिनों के लिए ही गाड़ी चलाने के लिए आया हूं, घटना वाले दिन वह गाड़ी चला रहा था और उसके मालिक उसके बगल वाली सीट पर बैठे थे, मोहन ने कहा, "अचानक मालिक के हाथ-पैर कांपने लगे और उन्हें दौरा पड़ गया, वह बेहोश होकर मेरी तरफ ( ड्राइविंग सीट की ओर ) गिर गए, जिससे मेरा नियंत्रण गाड़ी से हट गया और यह हादसा हो गया।" पुलिस के सामने पेशी में देरी क्यों, हादसे के बाद ड्राइवर के सामने न आने के सवाल पर उसने सफाई दी कि वह कहीं भागा नहीं था, उसने बताया कि वह उसी दिन से पुलिस स्टेशन के आसपास ही था और पुलिस की कार्रवाई का इंतजार कर रहा था, उसने यह भी बताया कि गाड़ी का शीशा बाउंसरों ने तोड़ा था, जिसके बाद वह गाड़ी से बाहर निकला। मामले की मुख्य बातें: ड्राइवर का नाम: मोहन। दावा: एक्सीडेंट के समय मालिक को 'दौरा' पड़ा था और वे ड्राइवर पर गिर गए थे, हादसे के बाद: ड्राइवर का कहना है कि वह मौके पर ही मौजूद था और पुलिस का सहयोग कर रहा था। कानूनी स्थिति: ड्राइवर ने न्यायालय में अपना प्रार्थना पत्र (एप्लीकेशन) भी दे दिया है। जांच जारी, फिलहाल पुलिस ड्राइवर के इन दावों की सत्यता की जांच कर रही है, क्या वाकई मालिक को दौरा पड़ा था या यह कानूनी कार्रवाई से बचने का कोई तरीका है, ये तो अब मेडिकल रिपोर्ट और पुलिसिया जांच के बाद ही साफ हो पाएगा...??
कानपुर सड़क हादसा: ड्राइवर का दावा- 'मालिक को पड़ा था दौरा, फिर हुआ एक्सीडेंट' कानपुर नगर, शहर में हुए हालिया सड़क हादसे के मामले में नया मोड़ आ गया है, मामले के मुख्य आरोपी के ड्राइवर, मोहन ने मीडिया के सामने आकर एक्सीडेंट के वक्त की पूरी घटना का विवरण दिया है, मोहन का दावा है कि गाड़ी उसके मालिक नहीं बल्कि वह खुद चला रहा था और दुर्घटना का कारण उसके मालिक की अचानक बिगड़ती तबीयत थी। क्या है ड्राइवर का पक्ष मीडिया से बातचीत में मोहन ने बताया कि वह चार-पांच दिनों के लिए ही गाड़ी चलाने के लिए आया हूं, घटना वाले दिन वह गाड़ी चला रहा था और उसके मालिक उसके बगल वाली सीट पर बैठे थे, मोहन ने कहा, "अचानक मालिक के हाथ-पैर कांपने लगे और उन्हें दौरा पड़ गया, वह बेहोश होकर मेरी तरफ ( ड्राइविंग सीट की ओर ) गिर गए, जिससे मेरा नियंत्रण गाड़ी से हट गया और यह हादसा हो गया।" पुलिस के सामने पेशी में देरी क्यों, हादसे के बाद ड्राइवर के सामने न आने के सवाल पर उसने सफाई दी कि वह कहीं भागा नहीं था, उसने बताया कि वह उसी दिन से पुलिस स्टेशन के आसपास ही था और पुलिस की कार्रवाई का इंतजार कर रहा था, उसने यह भी बताया कि गाड़ी का शीशा बाउंसरों ने तोड़ा था, जिसके बाद वह गाड़ी से बाहर निकला। मामले की मुख्य बातें: ड्राइवर का नाम: मोहन। दावा: एक्सीडेंट के समय मालिक को 'दौरा' पड़ा था और वे ड्राइवर पर गिर गए थे, हादसे के बाद: ड्राइवर का कहना है कि वह मौके पर ही मौजूद था और पुलिस का सहयोग कर रहा था। कानूनी स्थिति: ड्राइवर ने न्यायालय में अपना प्रार्थना पत्र (एप्लीकेशन) भी दे दिया है। जांच जारी, फिलहाल पुलिस ड्राइवर के इन दावों की सत्यता की जांच कर रही है, क्या वाकई मालिक को दौरा पड़ा था या यह कानूनी कार्रवाई से बचने का कोई तरीका है, ये तो अब मेडिकल रिपोर्ट और पुलिसिया जांच के बाद ही साफ हो पाएगा...??
- यूपी, कानपुर लैंबॉर्गिनी केस में सरकारी वकील, मोहन ने कोर्ट में सरेंडर अर्जी डाली थी। ग्वालटोली थाने की पुलिस ने रिपोर्ट में कोर्ट को बताया कि मोहन न किसी केस में वॉन्टेड है, न उसका नाम प्रकाश में आया है।1
- खुलेआम की जा रही घटतौली मॉर्डन गैस कम्पनी के कर्मचारियों द्वारा जगह जगह की जा रही घटतौली वीडियो हुआ वायरल गरीब जनता की जेब मे मॉर्डन गैस कम्पनी डाल रही डांका पूरा मामला कानपुर के चकेरी थाना अंतर्गत श्याम नगर @1
- कानपुर नगर, स्मार्ट सिटी का दावा करने वाले कानपुर नगर निगम की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ताजा मामला शहर के एक व्यस्त इलाके का है, जहां नगर निगम ने औपचारिकता निभाते हुए कूड़ा तो उठा लिया, लेकिन नालियों की सफाई न होने के कारण गंदा पानी अब सड़कों पर अपनी जगह बना चुका है। बीमारियों को खुला निमंत्रण स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल हो गया है, सड़क पर भरे गंदे पानी से उठती सड़ांध और उसमें पनपते मच्छरों ने संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ा दिया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह आवारा जानवर उसी गंदगी के बीच घूम रहे हैं, जो क्षेत्र में हैजा और डेंगू जैसी बीमारियों के फैलने का मुख्य कारण बन सकता है। प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल क्षेत्रीय जनता ने सीधे जिलाधिकारी (DM Kanpur) और नगर निगम से सवाल किया है कि आखिर इस 'आधी-अधूरी' सफाई का जिम्मेदार कौन है, कूड़ा उठने के बाद भी सड़क जलमग्न क्यों है, लोगों का कहना है कि प्रशासन केवल कागजों पर सफाई व्यवस्था दुरुस्त दिखा रहा है, जबकि धरातल पर गंदगी का अंबार और गंदा पानी जनता की सेहत से खिलवाड़ कर रहा है। "कूड़ा उठा लिया गया, लेकिन नाली का गंदा पानी अब भी सड़कों पर भरा हुआ है, बदबू और मच्छरों से बुरा हाल है, आखिर ये गंदगी कब खत्म होगी..?" — एक पीड़ित नागरिक प्रमुख बिंदु: नगर निगम की लापरवाही: सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति। स्वास्थ्य का संकट: गंदे पानी से क्षेत्र में महामारी की आशंका। जनता की मांग: अविलंब नालियों की गहरी सफाई और पानी की निकासी कब सुनिश्चित की जाएगी..??1
- Post by Manoj Kumar1
- बैंक कर्मी आस्था सिंह ने खुद को मैं ठाकुर हूँ कहने पर जताया गर्व। आस्था के मुताबिक सोशल मीडिया पर एक विडियो वायरल हो रहा जो कि 6 जनवरी का है वह वीडियो ग्राहक का नहीं बल्कि सहकर्मी के पति के साथ हुए विवाद का है। #viral #bank #publicshuru #publicnews #viralkhaber #viralpost #anoopnishadpatrakar1
- उन्नाव नहर में भी कब्जा और गंदगी तो ला जबाव नहर भी ढकने की कगार पर यहां की नहर विभाग चुप वहां स्वच्छ भारत1
- यूपी, कानपुर के लैंबॉर्गिनी केस में FIR करवाने वाले तौफीक के वकील ने बताया कि कोर्ट में समझौता नामा दिया गया है। तौफीक ने कोर्ट में पहचान की है कि गाड़ी मोहन लाल चला रहा था।1
- कानपुर लैंबोर्गिनी हादसे में नया मोड़ आया है। पीड़ित पक्ष ने अदालत में लिखित बयान देकर कानूनी कार्रवाई न चाहने की बात कही है। वहीं, कोर्ट ने मोहनलाल को चालक मानने और उसके सरेंडर से इन्कार कर दिया कानपुर लैंबोर्गिनी हादसे में अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है जिस मामले ने शहर से लेकर प्रदेश तक हलचल मचा दी थी, उसमें अब एक नया मोड़ आ गया है। पीड़ित पक्ष की एक अर्जी सामने आई है। वकील का कहना है कि समझौता हो गया है। लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद पूरी कहानी बदल गई।1
- कानपुर के अस्पताल में इलाज को लेकर विवाद मुरारी लाल चेस्ट हॉस्पिटल में मरीज से बदसलूकी का वीडियो वायरल ICU होने के बावजूद गंभीर मरीज को भर्ती नहीं किया जा रहा डॉक्टर ने मरीज को हॉस्पिटल से ही दूसरे अस्पताल ले जाने को कहा मरीज के तीमारदार से डॉक्टर ने अनाप-शनाप बातें की तीमारदार ने वीडियो में बताया मरीज जालौन से रेफर था सोशल मीडिया पर अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे1