रोडवेज बस चालक के साथ मारपीट , घटना के बाद परिवहन कर्मचारियों में भारी आक्रोश देवरिया । रोडवेज बस चालक के साथ मारपीट की घटना के बाद परिवहन कर्मचारियों में भारी आक्रोश फैल गया। इस घटना के विरोध में रोडवेज कर्मियों ने अचानक हड़ताल का ऐलान कर दिया, जिससे बस डिपो का संचालन कई घंटों तक पूरी तरह ठप रहा। इस दौरान यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और बस स्टैंड पर अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। मिली जानकारी के अनुसार यह घटना बैतालपुर-देवरिया पॉलिटेक्निक मार्ग पर हुई, जहां रोडवेज बस चालक समरजीत सिंह अपनी बस लेकर निर्धारित मार्ग पर जा रहे थे। इसी दौरान उनका विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर कई लोगों ने चालक को घेर लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। हमलावरों ने चालक को बेरहमी से पीटा, जिससे वह घायल हो गया। किसी तरह चालक ने मौके से भागकर अपनी जान बचाई। घटना की सूचना मिलते ही रोडवेज कर्मियों में रोष फैल गया। चालक के साथ हुई मारपीट को लेकर कर्मचारियों ने इसे सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक बताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। आक्रोशित कर्मचारियों ने बसों का संचालन बंद कर दिया और डिपो परिसर में बसों को खड़ा कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों का कहना था कि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होगी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की जाएगी, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे। हड़ताल के चलते देवरिया बस डिपो से संचालित होने वाली अधिकांश बसें खड़ी रहीं, जिससे गोरखपुर, कुशीनगर, सलेमपुर और आसपास के अन्य रूटों पर यात्रा करने वाले यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। कई यात्री घंटों तक बसों का इंतजार करते रहे, जबकि कुछ को मजबूर होकर निजी साधनों का सहारा लेना पड़ा। खासकर दूर-दराज से आने वाले यात्रियों और महिलाओं को अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। यात्रियों ने प्रशासन और रोडवेज विभाग से जल्द से जल्द समस्या का समाधान निकालने की मांग की। उनका कहना था कि इस तरह की घटनाओं का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है, इसलिए समय रहते सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। उधर, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस ने घायल चालक का बयान दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रोडवेज कर्मचारियों ने प्रशासन से सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि आए दिन इस तरह की घटनाएं हो रही हैं, जिससे चालक और परिचालक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि संवेदनशील मार्गों पर पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए और रोडवेज कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इस पूरे मामले ने एक बार फिर सार्वजनिक परिवहन कर्मियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते इस पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा।
रोडवेज बस चालक के साथ मारपीट , घटना के बाद परिवहन कर्मचारियों में भारी आक्रोश देवरिया । रोडवेज बस चालक के साथ मारपीट की घटना के बाद परिवहन कर्मचारियों में भारी आक्रोश फैल गया। इस घटना के विरोध में रोडवेज कर्मियों ने अचानक हड़ताल का ऐलान कर दिया, जिससे बस डिपो का संचालन कई घंटों तक पूरी तरह ठप रहा। इस दौरान यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और बस स्टैंड पर अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। मिली जानकारी के अनुसार यह घटना बैतालपुर-देवरिया पॉलिटेक्निक मार्ग पर हुई, जहां रोडवेज बस चालक समरजीत सिंह अपनी बस लेकर निर्धारित मार्ग पर जा रहे थे। इसी दौरान उनका विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर कई लोगों ने चालक को घेर
लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। हमलावरों ने चालक को बेरहमी से पीटा, जिससे वह घायल हो गया। किसी तरह चालक ने मौके से भागकर अपनी जान बचाई। घटना की सूचना मिलते ही रोडवेज कर्मियों में रोष फैल गया। चालक के साथ हुई मारपीट को लेकर कर्मचारियों ने इसे सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक बताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। आक्रोशित कर्मचारियों ने बसों का संचालन बंद कर दिया और डिपो परिसर में बसों को खड़ा कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों का कहना था कि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होगी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की जाएगी, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे। हड़ताल के चलते देवरिया बस डिपो से संचालित होने वाली अधिकांश बसें
खड़ी रहीं, जिससे गोरखपुर, कुशीनगर, सलेमपुर और आसपास के अन्य रूटों पर यात्रा करने वाले यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। कई यात्री घंटों तक बसों का इंतजार करते रहे, जबकि कुछ को मजबूर होकर निजी साधनों का सहारा लेना पड़ा। खासकर दूर-दराज से आने वाले यात्रियों और महिलाओं को अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। यात्रियों ने प्रशासन और रोडवेज विभाग से जल्द से जल्द समस्या का समाधान निकालने की मांग की। उनका कहना था कि इस तरह की घटनाओं का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है, इसलिए समय रहते सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। उधर, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस ने घायल चालक का बयान दर्ज कर
लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रोडवेज कर्मचारियों ने प्रशासन से सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि आए दिन इस तरह की घटनाएं हो रही हैं, जिससे चालक और परिचालक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि संवेदनशील मार्गों पर पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए और रोडवेज कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इस पूरे मामले ने एक बार फिर सार्वजनिक परिवहन कर्मियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते इस पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा।
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- ईरान जंग पर पीएम मोदी का बयान: “असर लंबा रह सकता है, हमें एकजुट रहना होगा” पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में पहली बार स्पष्ट बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान में शुरू हुई जंग का प्रभाव लंबे समय तक दुनिया पर पड़ सकता है, इसलिए भारत को हर चुनौती के लिए तैयार रहना होगा। मोदी ने कहा कि भारत ने कोरोना जैसी वैश्विक आपदा भी एकजुट होकर झेली है, और अब भी देश उसी संयम और धैर्य से आगे बढ़ेगा। पीएम ने आश्वस्त किया कि तेल-गैस आपूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए सरकार ने कदम बढ़ाते हुए 27 की जगह अब 41 देशों से इंपोर्ट शुरू किया है। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया में रह रहे 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अब तक 3 लाख 75 हजार भारतीय सुरक्षित लौटाए जा चुके हैं, जिनमें ईरान से आए 1,000 नागरिक भी शामिल हैं। इनमें 700 से अधिक मेडिकल स्टूडेंट्स हैं। मोदी ने युद्ध पर भारत का रुख भी साफ किया— तनाव कम होना चाहिए समाधान सिर्फ बातचीत से संभव है नागरिकों व पावर प्लांट पर हमले अस्वीकार्य होर्मुज़ जलडमरूमध्य को रोकना दुनिया के हित में नहीं संदेश साफ है—कठिन दौर है, लेकिन भारत तैयार है और एकजुटता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत।1
- देवरिया में पंचायत सहायकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने अपने मानदेय में वृद्धि और सेवा के नियमितीकरण की प्रमुख मांग उठाई है। पंचायत सहायकों का कहना है कि वे लंबे समय से कम मानदेय पर कार्य कर रहे हैं, जिससे उनके परिवार का पालन-पोषण करना कठिन हो गया है। ज्ञापन में पंचायत सहायकों ने बताया कि वर्तमान में उन्हें मात्र ₹6000 प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है, जो उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने मांग की है कि उनका मानदेय बढ़ाकर ₹26910 प्रतिमाह किया जाए, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें। इसके साथ ही उन्होंने अपनी सेवाओं को नियमित करने और संविदा व्यवस्था को समाप्त करने की भी मांग की है। पंचायत सहायकों ने यह भी कहा कि उन्हें अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने सरकार से कर्मचारी भविष्य निधि (EPF), स्वास्थ्य बीमा, चिकित्सा सुविधा और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान करने की मांग की है। इसके अलावा, रिक्त पदों पर नियुक्ति में 50 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। पंचायत सहायकों का कहना है कि वे ग्राम पंचायत स्तर पर महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यों का निर्वहन करते हैं, इसके बावजूद उन्हें उचित पारिश्रमिक और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। इससे उनके भविष्य को लेकर असुरक्षा बनी हुई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। पंचायत सहायकों ने सरकार से उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान करने की अपील की है, ताकि वे बेहतर ढंग से अपनी सेवाएं दे सकें और उनका जीवन स्तर सुधर सके।2
- हाटा सीएचसी के पास जांच टीम पहुंची: छापे से पहले ही लगा ताला, अधिकांश अल्ट्रासाउंड-पैथोलॉजी के सेंटर बंद मिले कुशीनगर के हाटा में मंगलवार दोपहर बाद मंडलीय जांच टीम के अचानक पहुंचने से हड़कंप मच गया। सीएचसी हाटा के आसपास स्थित अधिकांश अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी सेंटर पहले से ही बंद मिले, जिससे जांच की सूचना लीक होने की आशंका जताई जा रही है।1
- हंगामा टाइम्स न्यूज़ एजेंसी कुशीनगर दिनांक 25.03.2026. को चैती छठ व्रत रख कर आज सूर्य देव को अर्घ देकर अपने व्रत का समापन किया वही व्रती महिलो ने बताया की यह छठ पूजा नीरजल रह कर किया जाता है हर साल की तरह इस साल भी खूब धूम धाम से मनाया गया वही व्रती महिलाओ ने बताया की चैती छठ पूजा का महत्व क्या है इसके बारे मे विस्तार से बताया की यह मुख्य रूप से भगवान गणेश को समर्पित एक हिंदू त्योहार है। यह व्रत माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। सकट चौथ मनाने के मुख्य कारण और महत्व इस प्रकार हैं: की यह छठ पूजा संतान की लंबी आयु और स्वास्थ्य: माताएं अपनी संतान की लंबी आयु, अच्छी सेहत और सुख-समृद्धि की कामना के लिए यह व्रत रखती हैं यह चेत छठ पूजा विशेषकर माघ महीने में आता है और कहा जाता है, भगवान गणेश को 'विघ्नहर्ता' माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से संतान के जीवन में आने वाली सभी बाधाएं और मुसीबतें दूर हो जाती हैं।रिद्धि-सिद्धि की प्राप्ति: इस व्रत के प्रभाव से संतान को रिद्धि-सिद्धि (बुद्धि और सफलता) की प्राप्ति होती है। पौराणिक महत्व: कथा के अनुसार, भगवान शिव ने गणेश जी को यह वरदान दिया था कि जो भी चतुर्थी के दिन उनकी पूजा करेगा, उसके सभी कष्ट दूर हो जाएंगे। इस दिन तिल और गुड़ का विशेष महत्व होता है, इसलिए इसे 'तिलकुट चौथ' भी कहते हैं। इस दिन भगवान गणेश को तिल और गुड़ का भोग लगाया जाता है।4
- राजकुमार चौहान के हत्या के विरोध में निकला कैंडल मार्च, लोगों ने लगाया सरकार पर पक्षपात का आरोप, एंकर,,, चौहान समाज से उभरते हुए राजनेता जिला गोरखपुर के बरगदवा निवासी राजकुमार चौहान के गोली मारकर हत्या के विरोध में आज जनपद कुशीनगर के चौहान समाज के लोगों ने बड़े पैमाने पर कैंडल मार्च निकाला तथा अपना विरोध दर्ज कराया। कैंडल मार्च में शामिल लोगों का कहना था कि यह सरकार पक्षपात पूर्ण रवैया से काम कर रही है, जिसके कारण हत्या आरोपी आज भी खुले में घूम रहा है और उसकी अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है।गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज चौहान समाज के संतोष चौहान, ग्रामप्रधान सुविंद चौहान, दिनेश चौहान, सभासद उपेंद्र चौहान , पूर्व ग्राम प्रधान राजकुमार चौहान आदि नेताओं के नेतृत्व में कैंडल मार्च निकाला गया।बायो हम आपको बता दे कि यह कैंडल मार्च जुलूस तरेया रोड स्थित दुदही ब्रह्मस्थान से होते हुए संपूर्ण नगर भ्रमण के बाद ब्लॉक मुख्यालय स्थित शहीद स्थल पर समाप्त हुआ , जहां चौहान समाज के नेताओं ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए, चौहान समाज के लोगों का कहना था कि मृतक राजकुमार चौहान के पारिवारिक जनों को सरकार अहेतुक सहायता कम से कम 10 करोड़ उपलब्ध कराये और उस परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी में रखा जाए, अगर यह सब मांगे पूरी नहीं होती है तो हमारा समाज व्यापक पैमाने पर पूरे भारत में आंदोलन करने पर विवस हो जाएगा।3
- सीतापुर सऊदी अरब से लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचा रवि गोपाल का शव लखनऊ एयरपोर्ट से एंबुलेंस से सीतापुर लाया जा रहा रवि गोपाल का शव सीतापुर के रवि गोपाल सऊदी अरब में करते थे काम ईरान इजरायल के बीच चल रहे युद्ध में 18 मार्च को मिसाइल हमले से रवि गोपाल की हो गई थी मौत लखनऊ एयरपोर्ट पर मौजूद रहे पूर्व कार्यवाहक मुख्यमंत्री डॉ. अम्मार रिजवी3
- Post by विनोद मौर्य BRP गोरखपुर1
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