आगामी बकरीद (ईद-उल-अजहा) त्योहार के मद्देनजर चतरा जिले के टंडवा क्षेत्र में आपसी भाईचारा, शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने और सांप्रदायिक सौहार्द को मजबूत करने के उद्देश्य से आज रविवार को दोपहर बाद 4:00 बजे टंडवा थाना परिसर में एक महत्वपूर्ण शांति समिति की बैठक बुलाई गई है। इस अहम बैठक की अध्यक्षता टंडवा थाना इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी पप्पू शर्मा करेंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य त्योहार को शांतिपूर्ण और गरिमामय ढंग से संपन्न कराना है, जिसके लिए क्षेत्र के हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के गणमान्य लोगों, पंचायत प्रतिनिधियों, समाजसेवियों और प्रबुद्ध नागरिकों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है, ताकि सभी के सहयोग से शांति व्यवस्था की रूपरेखा तैयार की जा सके। बैठक में सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों, संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती और अन्य गाइडलाइंस को लेकर भी विशेष चर्चा की जाएगी। टंडवा पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि त्योहार के दौरान किसी भी तरह की भ्रामक खबरों या सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने और त्योहार को आपसी मिल-जुल व भाईचारे के साथ मनाने का आग्रह किया गया है।
आगामी बकरीद (ईद-उल-अजहा) त्योहार के मद्देनजर चतरा जिले के टंडवा क्षेत्र में आपसी भाईचारा, शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने और सांप्रदायिक सौहार्द को मजबूत करने के उद्देश्य से आज रविवार को दोपहर बाद 4:00 बजे टंडवा थाना परिसर में एक महत्वपूर्ण शांति समिति की बैठक बुलाई गई है। इस अहम बैठक की अध्यक्षता टंडवा थाना इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी पप्पू शर्मा करेंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य त्योहार को शांतिपूर्ण और गरिमामय ढंग से संपन्न कराना है, जिसके लिए क्षेत्र के हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के गणमान्य लोगों, पंचायत प्रतिनिधियों, समाजसेवियों और प्रबुद्ध नागरिकों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है, ताकि सभी के सहयोग से शांति व्यवस्था की रूपरेखा तैयार की जा सके। बैठक में सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों, संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती और अन्य गाइडलाइंस को लेकर भी विशेष चर्चा की जाएगी। टंडवा पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि त्योहार के दौरान किसी भी तरह की भ्रामक खबरों या सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने और त्योहार को आपसी मिल-जुल व भाईचारे के साथ मनाने का आग्रह किया गया है।
- हजारीबाग के कटमदाग में एक चापाकल पिछले दो साल से खराब पड़ा है, जिसके कारण गाँव के लोग भीषण गर्मी में पानी के बिना प्यासे और परेशान हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने एक बार जल विभाग के पास इसकी शिकायत भी की थी, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह चापाकल सरकार ने पैसा खर्च करके लगवाया था, लेकिन जल विभाग ने इसे केवल दो-चार महीने ही चलाया, जिसके बाद से यह खराब पड़ा है और इसकी मरम्मत नहीं की गई है।1
- रातु के गुडू गांव में महान स्वतंत्रता सेनानी ठेबले उराँव की 68वीं पुण्यतिथि मनाने की तैयारी को लेकर एक बैठक आयोजित की गई। कुरमाली भाषा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजाराम महतो ने इस दौरान गुडू गांव का भ्रमण किया, जहाँ उन्होंने ठेबले उराँव के परिवारों से मुलाकात की और जनसंपर्क अभियान चलाया। डॉ. महतो ने 1 जून को होने वाले पुण्यतिथि समारोह की तैयारियों का जायजा लिया और बताया कि गुडू गांव में ठेबले उराँव की आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाएगी। प्रतिमा स्थापना और ठेबले उराँव के पैतृक गांव गुडू के सर्वांगीण विकास की मांग को लेकर उनके वंशजों ने झारखंड के राज्यपाल को एक आवेदन सौंपा है। डॉ. राजाराम महतो ने अपने पत्र में यह भी बताया कि स्वतंत्रता सेनानी ठेबले उराँव स्वतंत्र भारत के प्रथम नामित सांसद थे। उन्होंने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि झारखंड सरकार के निर्णय के अनुरूप ठेबले उराँव के पैतृक गांव गुडू रातू का सर्वांगीण विकास किया जाए और उनकी आदमकद प्रतिमा लगाई जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके योगदान से प्रेरणा प्राप्त कर सकें। पत्र में यह भी जानकारी दी गई है कि रातु अंचल के मौजा गुडू में खाता संख्या 79, प्लॉट संख्या 1, रकबा 21 डिसमिल गैर-मजरूआ जमीन को जिला प्रशासन द्वारा इस कार्य के लिए चिन्हित किया गया है। डॉ. महतो के पत्र में ठेबले उराँव के महत्वपूर्ण योगदानों का भी उल्लेख है; उन्होंने शिक्षक के रूप में अपना जीवन शुरू किया और बाद में समाज व देश सेवा में खुद को समर्पित कर दिया। उन्होंने वर्ष 1900 में छोटानागपुर उन्नति समाज की स्थापना की और उसके अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। 1908 में उन्होंने शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए लंबे समय तक प्रयास किए, 1916 में गो-रक्षा के लिए आंदोलन चलाया और 1928 में साइमन कमीशन के समक्ष झारखंड को अलग प्रांत बनाने की मांग रखी। इसके अतिरिक्त, 1931 में उन्होंने छोटानागपुर किसान सभा का गठन कर किसानों को संगठित किया और रांची विश्वविद्यालय की स्थापना में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस अवसर पर डॉ. राजाराम महतो के साथ शिवशंकर नीलकंठ महतो, नरेश महतो, भावेश मिश्रा, जीतराम लोहारा, सोहराय उरांव, टूना उरांव, बसंती उरांव और अन्य ग्रामवासी उपस्थित थे।1
- आगामी बकरीद पर्व 2026 को लेकर हजारीबाग पुलिस ने अपनी तैयारियों के तहत बड़कागांव थाना क्षेत्र के बड़कागांव चौक पर एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया। यह मॉक ड्रिल पुलिस अधीक्षक हजारीबाग के निर्देशानुसार किया गया, जिसमें अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बड़कागांव श्री अमित आनंद (भा. पु. से.), पुलिस निरीक्षक बड़कागांव, परिचरी प्रवर कुमार देवव्रत और थाना प्रभारी, बड़कागांव उपस्थित रहे। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे बकरीद पर्व को सौहार्दपूर्ण एवं शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं। हजारीबाग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बकरीद पर्व 2026 को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने हेतु वे 24x7 तत्पर हैं। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित होने वाले भ्रामक संदेशों के प्रति भी लोगों को आगाह किया। जनता से अनुरोध किया गया है कि व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर किसी भी तरह के भ्रामक मैसेज आने पर उसके बहकावे में न आएं, बल्कि तत्काल उसकी सूचना अपने नजदीकी थाना में दें। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि ऐसी सूचना का सत्यापन करते हुए अभिलंब कार्रवाई की जाएगी।4
- बकरीद के त्योहार के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के उद्देश्य से हजारीबाग पुलिस ने बरही चौक पर एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस अभ्यास का लक्ष्य क्षेत्र में चाक-चौबंद सुरक्षा सुनिश्चित करना था।1
- चंदवा के चकला-बाना स्थित रेशमी मेटेलिक्स प्लांट गेट के सामने रविवार से मैनपावर कर्मियों और प्रभावित ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कंपनी ने नौकरी नियमितीकरण, लंबित भुगतान और विस्थापितों के पुनर्वास से जुड़े अपने वादे पूरे नहीं किए हैं। आंदोलनकारियों ने बताया कि 14 जनवरी से कई कर्मियों का भुगतान रोक दिया गया है, और वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को अब तक नियमित नहीं किया गया है। अपनी मांगों को लेकर, प्रदर्शनकारियों ने एक सात सूत्री मांग पत्र सौंपा है, जिसमें नौकरी नियमित करने, लंबित पीएफ-वीडीए भुगतान, भूमि मुआवजा देने और विस्थापित परिवारों को रोजगार या एन्युटी का लाभ उपलब्ध कराने की मांग की गई है। उन्होंने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होती है, तो वे जिला प्रशासन को सूचना देकर कंपनी का कार्य पूरी तरह बंद करा देंगे। इस संबंध में, कंपनी प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।4
- लातेहार के बालूमाथ प्रखंड स्थित पिंडारकोम गांव में रविवार को NTPC, CCL और PNM कंपनियों के खिलाफ बसिया पंचायत के ग्रामीणों ने एक ऐतिहासिक ग्राम सभा का आयोजन किया। इस महत्वपूर्ण महापंचायत में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और कंपनियों की कार्यशैली के प्रति गहरा आक्रोश व्यक्त किया। ग्राम सभा में ग्रामीणों ने अपने जल, जंगल, जमीन और हक-अधिकारों की रक्षा के लिए अंत तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। बैठक की अध्यक्षता ग्राम प्रधान रामकुमार यादव ने की, जिसमें बसिया पंचायत की मुखिया बिमला देवी विशेष रूप से उपस्थित रहीं, और मंच संचालन गंगेश्वर यादव ने किया। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के फ़ायरब्रांड नेता सौरभ श्रीवास्तव मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि NTPC, CCL और PNM कंपनियां स्थानीय लोगों को रोजगार देने में अनदेखी कर रही हैं, जबकि वे अपने हाइवा वाहन चलाना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि CCL द्वारा वर्ष 1962 में अधिग्रहित जमीन का उचित मुआवजा आज तक नहीं मिला है, और सेक्शन 9 लगाकर उनकी जमीनों पर नियंत्रण किया जा रहा है। इसके अलावा, प्रभावित परिवारों को रोजगार भी नहीं दिया जा रहा, बल्कि हाइवा परिचालन के माध्यम से उन्हें बेरोजगार करने की साजिश रची जा रही है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि CCL और PNM कंपनी ने मिलकर लगभग 700 स्थानीय ट्रकों को काम से बाहर कर दिया है, जिससे सैकड़ों परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों के पास अपने ट्रक होने के बावजूद बाहरी हाइवा वाहनों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे उनके सामने दाल-रोटी की समस्या खड़ी हो गई है। बैठक में हाइवा परिचालन को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया। ग्रामीणों ने तेज रफ्तार हाइवा वाहनों से लगातार बढ़ रहे सड़क दुर्घटनाओं के खतरे पर चिंता जताई, खासकर बच्चों के स्कूल आने-जाने और ग्रामीण क्षेत्रों में खेलने के दौरान। साथ ही, हाइवा से उड़ने वाली धूल के कारण लोगों में स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न शिकायतें भी सामने आईं, जो ट्रकों की तुलना में कहीं अधिक थीं। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि गांव में हाइवा परिचालन नहीं होने दिया जाएगा और स्थानीय ट्रकों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उपस्थित ग्रामीणों ने भगवान और धरती माता को साक्षी मानकर हाथ उठाकर यह संकल्प लिया कि वे अपने जल, जंगल, जमीन और अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करेंगे और किसी भी परिस्थिति में दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। मुखिया बिमला देवी ने जोर देकर कहा कि गांव की सहमति के बिना कोई भी कंपनी यहां कार्य नहीं कर सकती, और जल, जंगल, जमीन गांव की पहचान हैं जिनकी हर हाल में रक्षा की जाएगी। झामुमो नेता सौरभ श्रीवास्तव ने ग्रामीणों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि स्थानीय लोगों के हक और अधिकारों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कंपनियों को स्थानीय हितों का सम्मान करने और विस्थापितों को न्याय सुनिश्चित करने की चेतावनी दी। ग्राम सभा ने स्थानीय हित में चौदह बिंदुओं का एक प्रस्ताव भी पारित किया, जिसमें ग्राम सभा को प्रदत्त शक्तियों के तहत निर्णय लिए गए हैं। इस प्रस्ताव में CCL के सीएमडी से मिलकर कोलियरी को पूर्व की तर्ज़ पर खोलने की प्रमुख मांग शामिल है। ग्रामीणों की भारी उपस्थिति और एकजुटता, तथा सौरभ श्रीवास्तव की हुंकार को देखते हुए, बालुमाथ क्षेत्र के तेतरियाखाँड़ की इस लड़ाई में पलड़ा ग्रामीणों के पक्ष में झुकने की चर्चा सरेआम है, और CCL पर बंद पड़े खदान को ग्रामीणों की मांग के अनुरूप तत्काल खोलने का दबाव भी बढ़ा है।3
- प्राकृतिक गुणों से भरपूर सतालू फल को गर्मियों में स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। यह स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी खजाना है, जो शरीर को ठंडक पहुंचाता है और गर्मी के मौसम में पानी की कमी को दूर करने में मदद करता है। सतालू में विटामिन A, विटामिन C, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।1
- लातेहार जिले के पिंडारकोम गांव में आयोजित एक ग्रामसभा में ग्रामीणों ने एनटीपीसी, सीसीएल और पीएनएम कंपनियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कंपनियों पर स्थानीय लोगों को रोजगार न देने, बाहरी हाईवा वाहनों को प्राथमिकता देने और उनकी जमीन संबंधी समस्याओं का समाधान न करने का आरोप लगाया। इस ग्रामसभा में शामिल हुए झामुमो नेता सौरभ श्रीवास्तव ने जल, जंगल और जमीन के अपने हक की इस लड़ाई में ग्रामीणों का अंतिम समय तक साथ देने का ऐलान किया। उन्होंने कंपनियों से स्थानीय हितों का सम्मान करने और विस्थापितों को न्याय प्रदान करने की मांग की। ग्रामसभा में मौजूद ग्रामीणों ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। उन्होंने स्थानीय ट्रकों को प्राथमिकता देने और बंद पड़ी कोलियरियों को फिर से शुरू करने की भी मांग की।3