Vijay Sinha दौड़ते रहे। फाइलों के पीछे नहीं—जमीन के पीछे।विवाद सुलझाते रहे, अधिकारियों को डांटते रहे,किसी को सस्पेंड भी किया। लेकिन शायद उन्हें ये नहीं बताया गया था कि राजनीति में पसीना नहीं, समीकरण सूखने चाहिए। गलती क्या थी?उनकी गलती क्या थी?कि उन्होंने काम किया?या कि उन्होंने “सिस्टम” को असहज कर दिया? पटना में अधिकारी आंदोलन कर रहे हैं।यानी सिस्टम उन्हें पसंद नहीं कर रहा था।तो क्या मुख्यमंत्री बनने के लिए “सिस्टम को खुश रखना” ज़रूरी है?कुर्सी का रास्ता अलग था और फिर कुर्सी चली गई Samrat Choudhary के पास।यहां सवाल व्यक्ति का नहीं है,सवाल प्रक्रिया का है। क्योंकि इस प्रक्रिया में निष्ठा हार गई,मेहनत पीछे रह गई, और “मैनेजमेंट” जीत गया।कार्यकर्ता, या भीड़? बचपन सेपोस्टर चिपकाइए,नारे लगाइए,विचारधारा को अपना धर्म बनाइए—लेकिन जब फैसला होगा,तो आपको बताया जाएगा—आप जरूरी हैं… लेकिन उतने नहीं। सिस्टम का अनकहा नियम ...यहां ईमानदारी एक जोखिम है, सख्ती एक खतरा है,और सीधी लाइन में चलना— राजनीतिक आत्महत्या।कड़वी लाइन, लेकिन सच जो सिस्टम से टकराता है,सिस्टम उसे किनारे कर देता है। अंत में राजनीति में मेहनत की कहानी नहीं लिखी जाती, परिणाम की लिखी जाती है।और इस कहानी में एक किरदार रह गया—जो काम करता रहा।और दूसरा किरदार मुख्यमंत्री बन गया। Vijay Sinha दौड़ते रहे। फाइलों के पीछे नहीं—जमीन के पीछे।विवाद सुलझाते रहे, अधिकारियों को डांटते रहे,किसी को सस्पेंड भी किया। लेकिन शायद उन्हें ये नहीं बताया गया था कि राजनीति में पसीना नहीं, समीकरण सूखने चाहिए। गलती क्या थी?उनकी गलती क्या थी?कि उन्होंने काम किया?या कि उन्होंने “सिस्टम” को असहज कर दिया? पटना में अधिकारी आंदोलन कर रहे हैं।यानी सिस्टम उन्हें पसंद नहीं कर रहा था।तो क्या मुख्यमंत्री बनने के लिए “सिस्टम को खुश रखना” ज़रूरी है?कुर्सी का रास्ता अलग था और फिर कुर्सी चली गई Samrat Choudhary के पास।यहां सवाल व्यक्ति का नहीं है,सवाल प्रक्रिया का है। क्योंकि इस प्रक्रिया में निष्ठा हार गई,मेहनत पीछे रह गई, और “मैनेजमेंट” जीत गया।कार्यकर्ता, या भीड़? बचपन सेपोस्टर चिपकाइए,नारे लगाइए,विचारधारा को अपना धर्म बनाइए—लेकिन जब फैसला होगा,तो आपको बताया जाएगा—आप जरूरी हैं… लेकिन उतने नहीं। सिस्टम का अनकहा नियम ...यहां ईमानदारी एक जोखिम है, सख्ती एक खतरा है,और सीधी लाइन में चलना— राजनीतिक आत्महत्या।कड़वी लाइन, लेकिन सच जो सिस्टम से टकराता है,सिस्टम उसे किनारे कर देता है। अंत में राजनीति में मेहनत की कहानी नहीं लिखी जाती, परिणाम की लिखी जाती है।और इस कहानी में एक किरदार रह गया—जो काम करता रहा।और दूसरा किरदार मुख्यमंत्री बन गया।
Vijay Sinha दौड़ते रहे। फाइलों के पीछे नहीं—जमीन के पीछे।विवाद सुलझाते रहे, अधिकारियों को डांटते रहे,किसी को सस्पेंड भी किया। लेकिन शायद उन्हें ये नहीं बताया गया था कि राजनीति में पसीना नहीं, समीकरण सूखने चाहिए। गलती क्या थी?उनकी गलती क्या थी?कि उन्होंने काम किया?या कि उन्होंने “सिस्टम” को असहज कर दिया? पटना में अधिकारी आंदोलन कर रहे हैं।यानी सिस्टम उन्हें पसंद नहीं कर रहा था।तो क्या मुख्यमंत्री बनने के लिए “सिस्टम को खुश रखना” ज़रूरी है?कुर्सी का रास्ता अलग था और फिर कुर्सी चली गई Samrat Choudhary के पास।यहां सवाल व्यक्ति का नहीं है,सवाल प्रक्रिया का है। क्योंकि इस प्रक्रिया में निष्ठा हार गई,मेहनत पीछे रह गई, और “मैनेजमेंट” जीत गया।कार्यकर्ता, या भीड़? बचपन सेपोस्टर चिपकाइए,नारे लगाइए,विचारधारा को अपना धर्म बनाइए—लेकिन जब फैसला होगा,तो आपको बताया जाएगा—आप जरूरी हैं… लेकिन उतने नहीं। सिस्टम का अनकहा नियम ...यहां ईमानदारी एक जोखिम है, सख्ती एक खतरा है,और सीधी लाइन में चलना— राजनीतिक आत्महत्या।कड़वी लाइन, लेकिन सच जो सिस्टम से टकराता है,सिस्टम उसे किनारे कर देता है। अंत में राजनीति में मेहनत की कहानी नहीं लिखी जाती, परिणाम की लिखी जाती है।और इस कहानी में एक किरदार रह गया—जो काम करता रहा।और दूसरा किरदार मुख्यमंत्री बन गया। Vijay Sinha दौड़ते रहे। फाइलों के पीछे नहीं—जमीन के पीछे।विवाद सुलझाते रहे, अधिकारियों को डांटते रहे,किसी को सस्पेंड भी किया। लेकिन शायद उन्हें ये नहीं बताया गया था कि राजनीति में पसीना नहीं, समीकरण सूखने चाहिए। गलती क्या थी?उनकी गलती क्या थी?कि उन्होंने काम किया?या कि उन्होंने “सिस्टम” को असहज कर दिया? पटना में अधिकारी आंदोलन कर रहे हैं।यानी सिस्टम उन्हें पसंद नहीं कर रहा था।तो क्या मुख्यमंत्री बनने के लिए “सिस्टम को खुश रखना” ज़रूरी है?कुर्सी का रास्ता अलग था और फिर कुर्सी चली गई Samrat Choudhary के पास।यहां सवाल व्यक्ति का नहीं है,सवाल प्रक्रिया का है। क्योंकि इस प्रक्रिया में निष्ठा हार गई,मेहनत पीछे रह गई, और “मैनेजमेंट” जीत गया।कार्यकर्ता, या भीड़? बचपन सेपोस्टर चिपकाइए,नारे लगाइए,विचारधारा को अपना धर्म बनाइए—लेकिन जब फैसला होगा,तो आपको बताया जाएगा—आप जरूरी हैं… लेकिन उतने नहीं। सिस्टम का अनकहा नियम ...यहां ईमानदारी एक जोखिम है, सख्ती एक खतरा है,और सीधी लाइन में चलना— राजनीतिक आत्महत्या।कड़वी लाइन, लेकिन सच जो सिस्टम से टकराता है,सिस्टम उसे किनारे कर देता है। अंत में राजनीति में मेहनत की कहानी नहीं लिखी जाती, परिणाम की लिखी जाती है।और इस कहानी में एक किरदार रह गया—जो काम करता रहा।और दूसरा किरदार मुख्यमंत्री बन गया।
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- बाबा साहब का जयंती पर, THE KING OF BIHAR BLCP,ITS,,ASHOK SAMRAT,, बाबा साहब का सपना है अधूरा करेंगे उसको पूरा,1
- अंबेडकर जयंती पर चेवाड़ा में समारोहों की धूम, भव्य रैली निकाली गई भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर चेवाड़ा नगर में मंगलवार को विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला तथा लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। मुख्य समारोह के तहत चेवाड़ा अंबेडकर चौक से सदर बाजार होते हुए एक भव्य रैली निकाली गई। रैली में शामिल लोगों ने बाबा साहेब के विचारों और उनके द्वारा किए गए सामाजिक सुधारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। जगह-जगह लोगों ने रैली का स्वागत भी किया। इसके उपरांत छिंदवाड़ा अंबेडकर चौक के समीप स्थापित बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। लोगों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम के दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष लट्टू यादव, उपाध्यक्ष विनोद साव, मकेश्वर पासवान सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने बाबा साहेब के योगदान को याद करते हुए समाज में समानता और भाईचारे को बढ़ावा देने की बात कही। रैली एवं अन्य कार्यक्रमों का समापन मंगलवार की दोपहर करीब 3:00 बजे शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।1
- सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने पर प्रशांत किशोर का बयान!!1
- में जीतेंद्र कुमार यादव गांव तेतरिया जिला जमुई थाना चंद्रदीप पोस्ट अबगला चौरस हमारी बहुत पूरी हालत है गांव में मै घर से निकल नहीं पा रहा हु मेन रास्ता का जो नला था उसे दंगाइयों ने बंद कर दिया इस लिए रास्ता में पानी भर गया कुआं का पानी उसी नाले से जाता था हमें बाइक निकालने में भी नहीं बन रहा जैस आप अभी लोग वीडियो में देख रहे है आप सभी लोग इस वीडियो को जद से जद सिर करे,🙏🙏🙏🙏🤔1
- रामगढ़ चौक पुलिस ने 1379 लीटर विदेशी शराब के साथ 6 तस्कर को किया गिरफ्तार। लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक थाना क्षेत्र अंतर्गत लखीसराय सिकंदरा पथ में विद्युत पावर ग्रिड के निकट एक मकान से गुप्त सूचना के आधार पर भारी मात्रा में विदेशी शराब के साथ एक महिंद्रा का पिकअप गाड़ी संख्या बीआर 02gd 7419 एवं एक ई रिक्शा 8 मोबाइल 25 कच्चा कुरकुरे का बोरा के साथ शराब तस्कर को गिरफ्तार किया जिसकी जानकारी प्रेस वार्ता कर साइबर डीएसपी अजीत प्रताप चौहान ने दी उन्होंने बताया कि खड़कवारा गांव निवासी कौशल यादव उर्फ खौशल यादव के पुत्र अशोक यादव के मकान से 1379 लीटर विदेशी रॉयल स्टैग शराब बरामद हुआ जिसमें 375 एम एल की 137 पेटी एवं 180 एम एल की 17 पेटी कुल मिलाकर 154 पेटी विदेशी शराब बरामद हुआ एवं उसके साथ गिरफ्तार शराब तस्कर लखीसराय थाना क्षेत्र के पुरानी बाजार निवासी वीरन प्रसाद साव के पुत्र छोटू कुमार उर्फ विवेक कुमार पंजाबी मोहल्ला लखीसराय निवासी स्वर्गीय भगवान पासवान के पुत्र राजा पासवान विजय शर्मा के पुत्र अभिषेक कुमार झारखंड के बोकारो जिला अंतर्गत रामनगर चाईबासा कॉलोनी निवासी मोतीलाल साव के पुत्र रूपेश कुमार साव एवं वही का अनिल कुमार के पुत्र दीपक कुमार को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि इसके लिए टीम गठित की गई थी जिसमें रामगढ़ चौक थाना अध्यक्ष चुन्नू कुमार अपार थाना अध्यक्ष महेश कुमार एएसआई अरविंद कुमार सिंह एस आई राजकुमार सिंह एवं दर्जनों की संख्या में पुलिस बल जवान थे।1
- जिले के युवाओं के लिए रोजगार का बेहतर अवसर सामने आया है। सुरक्षा जवानों की सीधी भर्ती को लेकर 15 अप्रैल से 22 अप्रैल तक जिले के सभी प्रखंड परिसरों में चरणबद्ध भर्ती शिविर आयोजित किया जाएगा। यह भर्ती प्रक्रिया प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक संचालित होगी।मंगलवार को शाम 5 बजे भर्ती अधिकारी राजेंद्र तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह भर्ती अभियान Guardians Security & Facilities Pvt. Ltd. द्वारा PASARA Act 2005 के तहत आयोजित किया जा रहा है। इसमें चयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के बाद विभिन्न संस्थानों में तैनाती दी जाएगी।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 15 अप्रैल को बरबीघा, 17 अप्रैल को घाटकुसुम्भा, 18 अप्रैल को शेखोपुरसराय, 20 अप्रैल को अरियरी, 21 अप्रैल को चेवाड़ा तथा 22 अप्रैल को शेखपुरा प्रखंड परिसर में भर्ती शिविर लगेग।भर्ती अभियान की शुरुआत 15 अप्रैल को बरबीघा से होगी और टीम क्रमशः घाटकुसुम्भा, शेखोपुरसराय, अरियरी व चेवाड़ा होते हुए 22 अप्रैल को शेखपुरा में अंतिम शिविर आयोजित करेगी। इससे जिले के विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं को अपने ही प्रखंड में भाग लेने का मौका मिलेगा।भर्ती में 10वीं पास 18 से 37 वर्ष आयु वर्ग के अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं। चयनित युवाओं को वेतन के साथ पीएफ, ईएसआई, बीमा व अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। इच्छुक अभ्यर्थी आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित तिथि पर उपस्थित होकर अवसर का लाभ उठाएं।1
- भारतीय लोक चेतना पार्टी, और DR.BRA समिति, के तह त, बाबा साहब के जयंती पर शोभा यात्रा,1
- Samrat Chaudhary के CM बनने से BJP युग की नहीं, बिहार में जंगलराज 2.0 की शुरुआत1