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बस्ती जनपद के परसरामपुर थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक नृशंस हत्या की घटना सामने आई है, जहाँ कलानी खुर्द की 80 वर्षीय वृद्धा बदामा देवी की निर्मम हत्या कर दी गई। इस घटना से कहीं अधिक विचलित करने वाला तथ्य यह है कि पुलिस अब तक इस मामले में एफआईआर तक दर्ज करने से कतरा रही है, और आरोपियों को बचाने की भूमिका निभाती नजर आ रही है। पीड़ित परिवार न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है। मृतका के पुत्र पवन कुमार तिवारी के अनुसार, उनकी माता की हत्या 16 जून 2026 की सुबह गांव के ही रामसूरत तिवारी, अरुण तिवारी, राधा देवी और सुरेश तिवारी ने मिलकर की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने भी इसकी पुष्टि की है कि वृद्धा की मौत सिर पर किसी भारी और कठोर वस्तु से हुए प्रहार के कारण हुई। परिवार का आरोप है कि हत्या की वजह पैतृक संपत्ति का विवाद है। पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि बदामा देवी ने अपनी जान को खतरा बताते हुए पूर्व में ही स्थानीय पुलिस और मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर कई शिकायतें दर्ज कराई थीं, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब साक्ष्य स्पष्ट हैं और नामजद तहरीर दी गई है, तब भी परसरामपुर पुलिस हत्यारों को खुली छूट दे रही है, जिससे उनके ऊपर किसी 'अदृश्य दबाव' में काम करने का आरोप लग रहा है। पीड़ित परिवार का यह भी आरोप है कि उन्हें बयान बदलने और हमलावरों से समझौता करने के लिए लगातार धमकियाँ मिल रही हैं। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय से लेकर मुख्यमंत्री तक न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन परसरामपुर पुलिस का रवैया जस का तस बना हुआ है। यह घटना बस्ती में कानून के इकबाल पर प्रश्नचिह्न लगाती है और पूछती है कि क्या अपराधियों को सत्ता या रसूख का संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते पुलिस 'नृशंस हत्या' का मुकदमा दर्ज करने के लिए भी किसी बड़े आदेश का इंतजार कर रही है। मृतका के परिजन अब मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, पुलिस महानिदेशक और मानवाधिकार आयोग से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। अब देखना यह है कि क्या शासन-प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सलाखों के पीछे भेजता है, या फिर यह मामला भी फाइलों के बोझ तले दबकर दम तोड़ देगा।

3 hrs ago
user_अजीत मिश्रा (खोजी)
अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago
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बस्ती जनपद के परसरामपुर थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक नृशंस हत्या की घटना सामने आई है, जहाँ कलानी खुर्द की 80 वर्षीय वृद्धा बदामा देवी की निर्मम हत्या कर दी गई। इस घटना से कहीं अधिक विचलित करने वाला तथ्य यह है कि पुलिस अब तक इस मामले में एफआईआर तक दर्ज करने से कतरा रही है, और आरोपियों को बचाने की भूमिका निभाती नजर आ रही है। पीड़ित परिवार न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है। मृतका के पुत्र पवन कुमार तिवारी के अनुसार, उनकी माता की हत्या 16 जून 2026 की सुबह गांव के ही रामसूरत तिवारी, अरुण तिवारी, राधा देवी और सुरेश तिवारी ने मिलकर की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने भी इसकी पुष्टि की है कि वृद्धा की मौत सिर पर किसी भारी और कठोर वस्तु से हुए प्रहार के कारण हुई। परिवार का आरोप है कि हत्या की वजह पैतृक संपत्ति का विवाद है। पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि बदामा देवी ने अपनी जान को खतरा बताते हुए पूर्व में ही स्थानीय पुलिस और मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर कई शिकायतें दर्ज कराई थीं, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब साक्ष्य स्पष्ट हैं और नामजद तहरीर दी गई है, तब भी परसरामपुर पुलिस हत्यारों को खुली छूट दे रही है, जिससे उनके ऊपर किसी 'अदृश्य दबाव' में काम करने का आरोप लग रहा है। पीड़ित परिवार का यह भी आरोप है कि उन्हें बयान बदलने और हमलावरों से समझौता करने के लिए लगातार धमकियाँ मिल रही हैं। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय से लेकर मुख्यमंत्री तक न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन परसरामपुर पुलिस का रवैया जस का तस बना हुआ है। यह घटना बस्ती में कानून के इकबाल पर प्रश्नचिह्न लगाती है और पूछती है कि क्या अपराधियों को सत्ता या रसूख का संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते पुलिस 'नृशंस हत्या' का मुकदमा दर्ज करने के लिए भी किसी बड़े आदेश का इंतजार कर रही है। मृतका के परिजन अब मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, पुलिस महानिदेशक और मानवाधिकार आयोग से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। अब देखना यह है कि क्या शासन-प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सलाखों के पीछे भेजता है, या फिर यह मामला भी फाइलों के बोझ तले दबकर दम तोड़ देगा।

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  • बिहार के भोजपुर जिले में भरत तिवारी का एनकाउंटर किए जाने का मामला सामने आया है। बताया गया है कि यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि वे गरीबों के हक में आवाज उठाते थे। इस घटना को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर बिहार सरकार इस मामले में क्या कर रही है। पूछा गया है कि भारत में गरीबों के लिए हक मांगना क्या अपराध है और अगर ऐसा है, तो ऐसी 'अपराध' की यही सजा है।
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    बिहार के भोजपुर जिले में भरत तिवारी का एनकाउंटर किए जाने का मामला सामने आया है। बताया गया है कि यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि वे गरीबों के हक में आवाज उठाते थे। इस घटना को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर बिहार सरकार इस मामले में क्या कर रही है। पूछा गया है कि भारत में गरीबों के लिए हक मांगना क्या अपराध है और अगर ऐसा है, तो ऐसी 'अपराध' की यही सजा है।
    user_Kamran_ansari
    Kamran_ansari
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • बस्ती जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के महराजगंज कस्बे में सर्विस रोड पर लंबे समय से पड़ी खराब गिट्टी और बारिश से खराब हुए सीमेंट के बोरे राहगीरों व वाहन चालकों के लिए लगातार खतरे का कारण बने हुए हैं। यहां निर्माण कार्य के लिए डाली गई गिट्टी को कई दिनों बाद भी हटाया नहीं गया है। इसके साथ ही, बारिश से खराब हुए सीमेंट के बोरे भी सड़क किनारे पड़े हैं, जिससे निर्माण सामग्री तो बर्बाद हो ही रही है, व्यस्त मार्ग पर दुर्घटना की आशंका भी लगातार बढ़ रही है। जिम्मेदार एनएचआई (NHAI) की घोर लापरवाही को इस स्थिति का जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जिससे सड़क सुरक्षा के नियमों की अनदेखी हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय यह गिट्टी वाहन चालकों को ठीक से दिखाई नहीं देती, जिससे बाइक सवारों के फिसलने और छोटे वाहनों के अनियंत्रित होने का खतरा बना रहता है। महराजगंज सर्विस रोड पर फैले इस मलबे के कारण राहगीरों के चोटिल होने की घटनाएँ भी सामने आ रही हैं, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। स्थानीय निवासियों ने सड़क सुरक्षा के प्रति बरती जा रही इस लापरवाही पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनकी मांग है कि यदि समय रहते सर्विस रोड से गिट्टी और अन्य खराब सामग्री को नहीं हटाया गया, तो यह लापरवाही किसी दिन बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है और किसी की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। जिम्मेदार विभाग की इस उदासीनता पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहा है, जबकि सर्विस रोड पर पड़ी कंक्रीट की सफाई अत्यंत आवश्यक है ताकि सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके।
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    बस्ती जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के महराजगंज कस्बे में सर्विस रोड पर लंबे समय से पड़ी खराब गिट्टी और बारिश से खराब हुए सीमेंट के बोरे राहगीरों व वाहन चालकों के लिए लगातार खतरे का कारण बने हुए हैं। यहां निर्माण कार्य के लिए डाली गई गिट्टी को कई दिनों बाद भी हटाया नहीं गया है। इसके साथ ही, बारिश से खराब हुए सीमेंट के बोरे भी सड़क किनारे पड़े हैं, जिससे निर्माण सामग्री तो बर्बाद हो ही रही है, व्यस्त मार्ग पर दुर्घटना की आशंका भी लगातार बढ़ रही है। जिम्मेदार एनएचआई (NHAI) की घोर लापरवाही को इस स्थिति का जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जिससे सड़क सुरक्षा के नियमों की अनदेखी हो रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय यह गिट्टी वाहन चालकों को ठीक से दिखाई नहीं देती, जिससे बाइक सवारों के फिसलने और छोटे वाहनों के अनियंत्रित होने का खतरा बना रहता है। महराजगंज सर्विस रोड पर फैले इस मलबे के कारण राहगीरों के चोटिल होने की घटनाएँ भी सामने आ रही हैं, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

स्थानीय निवासियों ने सड़क सुरक्षा के प्रति बरती जा रही इस लापरवाही पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनकी मांग है कि यदि समय रहते सर्विस रोड से गिट्टी और अन्य खराब सामग्री को नहीं हटाया गया, तो यह लापरवाही किसी दिन बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है और किसी की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। जिम्मेदार विभाग की इस उदासीनता पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहा है, जबकि सर्विस रोड पर पड़ी कंक्रीट की सफाई अत्यंत आवश्यक है ताकि सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके।
    user_विनोद कुमार सोनकर पत्रकार
    विनोद कुमार सोनकर पत्रकार
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • Post by Jitendra Kumar
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    Post by Jitendra Kumar
    user_Jitendra Kumar
    Jitendra Kumar
    हर्रैया, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, हर्रैया के लोकप्रिय विधायक माननीय श्री अजय सिंह जी ने राम रेखा मंदिर के प्रांगण में आयोजित एक योग शिविर में भागीदारी की। इस दौरान योग को भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर बताया गया, जो स्वस्थ शरीर, शांत मन और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा देता है। आज के व्यस्त जीवन में योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है, बल्कि मानसिक संतुलन और आत्मिक शांति भी प्रदान करता है। यह महत्वपूर्ण दिन देश और दुनिया भर में मनाया गया, जहाँ करोड़ों लोगों ने योग करके स्वास्थ्य और संतुलित जीवन का संदेश दिया।
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    आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, हर्रैया के लोकप्रिय विधायक माननीय श्री अजय सिंह जी ने राम रेखा मंदिर के प्रांगण में आयोजित एक योग शिविर में भागीदारी की।

इस दौरान योग को भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर बताया गया, जो स्वस्थ शरीर, शांत मन और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा देता है। आज के व्यस्त जीवन में योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है, बल्कि मानसिक संतुलन और आत्मिक शांति भी प्रदान करता है।

यह महत्वपूर्ण दिन देश और दुनिया भर में मनाया गया, जहाँ करोड़ों लोगों ने योग करके स्वास्थ्य और संतुलित जीवन का संदेश दिया।
    user_Shivaji Sonkar
    Shivaji Sonkar
    Social Media Manager हर्रैया, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • संतकबीरनगर में एक महिला पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार और उनके पत्रकारिता कार्य में बाधा डालने के गंभीर मामले में राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ और प्रेस क्लब उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग, लखनऊ में शिकायत दर्ज कराई है। संगठनों ने इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल सिंह और राष्ट्रीय संगठन मंत्री करिश्मा राव एडवोकेट द्वारा भेजे गए शिकायत पत्र के अनुसार, यह घटना 21 जून 2026 को तहसील धनघटा में आयोजित जनसुनवाई/तहसील दिवस कार्यक्रम के दौरान हुई। इसमें पत्रकार विंध्यवासिनी यादव जनहित से जुड़े विषयों की कवरेज कर रही थीं। आरोप है कि इसी दौरान एसडीएम धनघटा रविकांत चौबे ने महिला पत्रकार को वीडियो बनाने से रोका और उनके पत्रकारिता कार्य में बाधा उत्पन्न की। शिकायत पत्र में यह भी कहा गया है कि वार्ता के दौरान संबंधित अधिकारी ने केवल 'चुनिंदा बड़े समाचार पत्रों' को मान्यता देने जैसी टिप्पणी की, जिससे पत्रकारों के सम्मान और समान अधिकारों पर सवाल खड़े होते हैं। संगठनों का तर्क है कि जनसुनवाई और तहसील समाधान दिवस जैसे कार्यक्रम सार्वजनिक हित और पारदर्शिता से संबंधित होते हैं, और इनकी कवरेज करना पत्रकारों का अधिकार व दायित्व है। पत्र में इस प्रकार के व्यवहार को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और स्वतंत्र पत्रकारिता की भावना के विपरीत बताते हुए, भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) का उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि पत्रकारों के साथ उनके संस्थान के आधार पर भेदभाव करना उचित नहीं है। राज्य महिला आयोग से मांग की गई है कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। संगठनों ने महिला पत्रकार विंध्यवासिनी यादव के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार की जांच करने और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही, महिला पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र रूप से कार्य करने के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की भी मांग की गई है। संघ ने विश्वास जताया है कि महिला आयोग इस मामले का संज्ञान लेकर न्यायोचित कार्रवाई करेगा।
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    संतकबीरनगर में एक महिला पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार और उनके पत्रकारिता कार्य में बाधा डालने के गंभीर मामले में राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ और प्रेस क्लब उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग, लखनऊ में शिकायत दर्ज कराई है। संगठनों ने इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है।

राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल सिंह और राष्ट्रीय संगठन मंत्री करिश्मा राव एडवोकेट द्वारा भेजे गए शिकायत पत्र के अनुसार, यह घटना 21 जून 2026 को तहसील धनघटा में आयोजित जनसुनवाई/तहसील दिवस कार्यक्रम के दौरान हुई। इसमें पत्रकार विंध्यवासिनी यादव जनहित से जुड़े विषयों की कवरेज कर रही थीं। आरोप है कि इसी दौरान एसडीएम धनघटा रविकांत चौबे ने महिला पत्रकार को वीडियो बनाने से रोका और उनके पत्रकारिता कार्य में बाधा उत्पन्न की। शिकायत पत्र में यह भी कहा गया है कि वार्ता के दौरान संबंधित अधिकारी ने केवल 'चुनिंदा बड़े समाचार पत्रों' को मान्यता देने जैसी टिप्पणी की, जिससे पत्रकारों के सम्मान और समान अधिकारों पर सवाल खड़े होते हैं।

संगठनों का तर्क है कि जनसुनवाई और तहसील समाधान दिवस जैसे कार्यक्रम सार्वजनिक हित और पारदर्शिता से संबंधित होते हैं, और इनकी कवरेज करना पत्रकारों का अधिकार व दायित्व है। पत्र में इस प्रकार के व्यवहार को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और स्वतंत्र पत्रकारिता की भावना के विपरीत बताते हुए, भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) का उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि पत्रकारों के साथ उनके संस्थान के आधार पर भेदभाव करना उचित नहीं है।

राज्य महिला आयोग से मांग की गई है कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। संगठनों ने महिला पत्रकार विंध्यवासिनी यादव के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार की जांच करने और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही, महिला पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र रूप से कार्य करने के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की भी मांग की गई है। संघ ने विश्वास जताया है कि महिला आयोग इस मामले का संज्ञान लेकर न्यायोचित कार्रवाई करेगा।
    user_राकेश यादव
    राकेश यादव
    खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    58 min ago
  • संत कबीर नगर के मेंहदावल स्थित सांथा ब्लॉक में सफाई कर्मचारी संघ के ब्लॉक अध्यक्ष समेत विभिन्न पदों के लिए चुनाव रविवार को शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। सुबह से ही ब्लॉक परिसर में गहमागहमी का माहौल रहा, जहाँ ग्राम पंचायतों में तैनात बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारियों ने उत्साह के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग किया। पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह चुनाव सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत, सांथा ब्लॉक सभागार में सफाईकर्मी संघ के जिलाध्यक्ष परमहंस गौतम की देखरेख में चुनाव संपन्न हुआ। चुनाव अधिकारियों की मौजूदगी में ब्लॉक अध्यक्ष पद के लिए दो प्रत्याशी मैदान में थे, जबकि ब्लॉक महामंत्री, कोषाध्यक्ष, सम्प्रेक्षक और संगठन मंत्री जैसे अन्य पदों पर निर्विरोध चयन हुआ। मतदान के बाद तय समय पर मतगणना भी हुई, जिसमें अध्यक्ष पद पर राजेश कुमार को 70 मत और दूसरे प्रत्याशी बृजेश कुमार को 51 मत मिले। हालांकि, जानकारी के अनुसार, बृजेश कुमार इस चुनाव में 19 मतों से विजयी घोषित किए गए। कुल 122 मत डाले गए, जिनमें से एक मत अवैध रहा। ब्लॉक महामंत्री पद पर राजेश कुमार, कोषाध्यक्ष पद पर रामजीत गौतम, संगठन मंत्री पद पर रामकिशुन मौर्य और संप्रेक्षक पद पर सुप्रिया का निर्वाचन निर्विरोध हुआ। मतगणना पूरी होने के बाद, जिला पदाधिकारियों ने निर्वाचित प्रतिनिधियों को फूल-माला पहनाकर बधाई दी। ब्लॉक परिसर से बाहर आने पर, समर्थकों ने भी उनका जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर, नवनिर्वाचित ब्लॉक अध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों को शासन तक पहुंचाना उनकी पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने मानदेय के समय पर भुगतान, सेवा सुरक्षा, वर्दी, उपकरण और बीमा जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया, साथ ही किसी भी कर्मचारी का उत्पीड़न बर्दाश्त न करने की बात कही। इस चुनाव प्रक्रिया के दौरान राजेश कुमार बर्नवाल, देवेंद्र कुमार, प्रदीप कुमार चौधरी, सवित कुमार, बसंत, सुनील कुमार, अमरचंद, हीरा और राजकुमार सहित कई अन्य सफाईकर्मी उपस्थित रहे।
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    संत कबीर नगर के मेंहदावल स्थित सांथा ब्लॉक में सफाई कर्मचारी संघ के ब्लॉक अध्यक्ष समेत विभिन्न पदों के लिए चुनाव रविवार को शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। सुबह से ही ब्लॉक परिसर में गहमागहमी का माहौल रहा, जहाँ ग्राम पंचायतों में तैनात बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारियों ने उत्साह के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग किया। पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह चुनाव सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत, सांथा ब्लॉक सभागार में सफाईकर्मी संघ के जिलाध्यक्ष परमहंस गौतम की देखरेख में चुनाव संपन्न हुआ। चुनाव अधिकारियों की मौजूदगी में ब्लॉक अध्यक्ष पद के लिए दो प्रत्याशी मैदान में थे, जबकि ब्लॉक महामंत्री, कोषाध्यक्ष, सम्प्रेक्षक और संगठन मंत्री जैसे अन्य पदों पर निर्विरोध चयन हुआ।

मतदान के बाद तय समय पर मतगणना भी हुई, जिसमें अध्यक्ष पद पर राजेश कुमार को 70 मत और दूसरे प्रत्याशी बृजेश कुमार को 51 मत मिले। हालांकि, जानकारी के अनुसार, बृजेश कुमार इस चुनाव में 19 मतों से विजयी घोषित किए गए। कुल 122 मत डाले गए, जिनमें से एक मत अवैध रहा। ब्लॉक महामंत्री पद पर राजेश कुमार, कोषाध्यक्ष पद पर रामजीत गौतम, संगठन मंत्री पद पर रामकिशुन मौर्य और संप्रेक्षक पद पर सुप्रिया का निर्वाचन निर्विरोध हुआ।

मतगणना पूरी होने के बाद, जिला पदाधिकारियों ने निर्वाचित प्रतिनिधियों को फूल-माला पहनाकर बधाई दी। ब्लॉक परिसर से बाहर आने पर, समर्थकों ने भी उनका जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर, नवनिर्वाचित ब्लॉक अध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों को शासन तक पहुंचाना उनकी पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने मानदेय के समय पर भुगतान, सेवा सुरक्षा, वर्दी, उपकरण और बीमा जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया, साथ ही किसी भी कर्मचारी का उत्पीड़न बर्दाश्त न करने की बात कही। इस चुनाव प्रक्रिया के दौरान राजेश कुमार बर्नवाल, देवेंद्र कुमार, प्रदीप कुमार चौधरी, सवित कुमार, बसंत, सुनील कुमार, अमरचंद, हीरा और राजकुमार सहित कई अन्य सफाईकर्मी उपस्थित रहे।
    user_आलोक कुमार बर्नवाल
    आलोक कुमार बर्नवाल
    मेहदावल, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • संतकबीरनगर जनपद में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आर्ट ऑफ लिविंग के तत्वावधान में विभिन्न सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों में योग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। भारत सरकार द्वारा निर्धारित योग प्रोटोकॉल के अनुसार आयोजित इन कार्यक्रमों में न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, बंदियों तथा आम नागरिकों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की और नियमित योग को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। जिला न्यायालय परिसर में आयोजित योग कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जहाँ आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षक अमित जैन एवं स्वयंसेवक शिवम गुप्ता के निर्देशन में जिला जज रणधीर सिंह, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्ण कुमार, अन्य न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं तथा विधि के छात्रों सहित सौ से अधिक लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। इस अवसर पर जिला जज रणधीर सिंह ने योग को शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन का प्रभावी माध्यम बताया, जबकि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्ण कुमार ने स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के लिए नियमित योग की आवश्यकता पर बल दिया और इस वर्ष की थीम "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" को समय की आवश्यकता करार दिया। मगहर स्थित कबीर चौरा में वन विभाग द्वारा आयोजित योग कार्यक्रम भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना, जहाँ प्रभागीय वन अधिकारी हरिकेश नारायण यादव सहित वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रशिक्षक सुनील गुप्ता एवं रोहन गुप्ता के निर्देशन में योगाभ्यास किया। योगाभ्यास के बाद गुरुदेव श्री श्री रविशंकर के मार्गदर्शन में सामूहिक ध्यान भी कराया गया, और कार्यक्रम के समापन पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधरोपण भी किया गया। इसी कड़ी में, जिला कारागार में विनीत चड्ढा एवं राजन गुप्ता ने लगभग 200 बंदियों को योग एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया, वहीं महिला कारागार में रीतू जैन एवं नमिता चड्ढा ने करीब 30 महिला बंदियों को योग के विभिन्न अभ्यास कराते हुए तनावमुक्त जीवन के लिए योग का महत्व समझाया। इसके अतिरिक्त, महुली स्थित श्रीजा मैरिज हॉल में छोटेलाल वर्मा के नेतृत्व में लगभग 50 लोगों ने योगाभ्यास किया, जिसमें भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष जगदंबा प्रसाद श्रीवास्तव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आर्ट ऑफ लिविंग के योगाचार्यों ने योग को स्वस्थ, संतुलित और तनावमुक्त जीवन की आधारशिला बताते हुए जनपदवासियों से प्रतिदिन योग एवं ध्यान को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जिलेभर में आयोजित इन कार्यक्रमों ने स्वास्थ्य, आध्यात्मिक चेतना और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी संदेश दिया।
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    संतकबीरनगर जनपद में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आर्ट ऑफ लिविंग के तत्वावधान में विभिन्न सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों में योग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। भारत सरकार द्वारा निर्धारित योग प्रोटोकॉल के अनुसार आयोजित इन कार्यक्रमों में न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, बंदियों तथा आम नागरिकों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की और नियमित योग को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

जिला न्यायालय परिसर में आयोजित योग कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जहाँ आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षक अमित जैन एवं स्वयंसेवक शिवम गुप्ता के निर्देशन में जिला जज रणधीर सिंह, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्ण कुमार, अन्य न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं तथा विधि के छात्रों सहित सौ से अधिक लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। इस अवसर पर जिला जज रणधीर सिंह ने योग को शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन का प्रभावी माध्यम बताया, जबकि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्ण कुमार ने स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के लिए नियमित योग की आवश्यकता पर बल दिया और इस वर्ष की थीम "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" को समय की आवश्यकता करार दिया।

मगहर स्थित कबीर चौरा में वन विभाग द्वारा आयोजित योग कार्यक्रम भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना, जहाँ प्रभागीय वन अधिकारी हरिकेश नारायण यादव सहित वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रशिक्षक सुनील गुप्ता एवं रोहन गुप्ता के निर्देशन में योगाभ्यास किया। योगाभ्यास के बाद गुरुदेव श्री श्री रविशंकर के मार्गदर्शन में सामूहिक ध्यान भी कराया गया, और कार्यक्रम के समापन पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधरोपण भी किया गया। इसी कड़ी में, जिला कारागार में विनीत चड्ढा एवं राजन गुप्ता ने लगभग 200 बंदियों को योग एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया, वहीं महिला कारागार में रीतू जैन एवं नमिता चड्ढा ने करीब 30 महिला बंदियों को योग के विभिन्न अभ्यास कराते हुए तनावमुक्त जीवन के लिए योग का महत्व समझाया। इसके अतिरिक्त, महुली स्थित श्रीजा मैरिज हॉल में छोटेलाल वर्मा के नेतृत्व में लगभग 50 लोगों ने योगाभ्यास किया, जिसमें भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष जगदंबा प्रसाद श्रीवास्तव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

आर्ट ऑफ लिविंग के योगाचार्यों ने योग को स्वस्थ, संतुलित और तनावमुक्त जीवन की आधारशिला बताते हुए जनपदवासियों से प्रतिदिन योग एवं ध्यान को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जिलेभर में आयोजित इन कार्यक्रमों ने स्वास्थ्य, आध्यात्मिक चेतना और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी संदेश दिया।
    user_LIVE UP ONE NEWS UTTAR PRADESH
    LIVE UP ONE NEWS UTTAR PRADESH
    खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • संतकबीरनगर के खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र में एक भूमि विवाद ने गंभीर मोड़ ले लिया है, जहाँ ग्राम देवरिया गंगा निवासी प्रदीप गुप्ता ने अपनी खरीदी गई जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया है। प्रदीप गुप्ता के अनुसार, कुछ लोगों ने उनकी जमीन की पक्की बाउंड्री को तोड़कर उस पर कब्जा कर लिया है। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत पुलिस से करते हुए न्याय की गुहार लगाई है। प्रदीप गुप्ता ने बताया कि उन्होंने करीब दस वर्ष पूर्व यह भूमि क्रय की थी, जिसकी पैमाइश और सीमाएं स्पष्ट रूप से निर्धारित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी जमीन पर बनी पक्की बाउंड्री को क्षतिग्रस्त कर अवैध कब्जा किया गया। इस घटना की सूचना तुरंत डायल-112 पर दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुँची। पीड़ित का दावा है कि मौके पर जानकारी करने पर पता चला कि कथित रूप से ओम बस सर्विस से जुड़े आनंद यादव और प्रदीप यादव द्वारा यह अवैध कब्जा किया गया है। इस गंभीर आरोप के बाद प्रदीप गुप्ता ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। भूमि कब्जे के इस आरोप ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है, और अब लोगों की निगाहें पुलिस तथा प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
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    संतकबीरनगर के खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र में एक भूमि विवाद ने गंभीर मोड़ ले लिया है, जहाँ ग्राम देवरिया गंगा निवासी प्रदीप गुप्ता ने अपनी खरीदी गई जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया है। प्रदीप गुप्ता के अनुसार, कुछ लोगों ने उनकी जमीन की पक्की बाउंड्री को तोड़कर उस पर कब्जा कर लिया है। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत पुलिस से करते हुए न्याय की गुहार लगाई है।

प्रदीप गुप्ता ने बताया कि उन्होंने करीब दस वर्ष पूर्व यह भूमि क्रय की थी, जिसकी पैमाइश और सीमाएं स्पष्ट रूप से निर्धारित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी जमीन पर बनी पक्की बाउंड्री को क्षतिग्रस्त कर अवैध कब्जा किया गया। इस घटना की सूचना तुरंत डायल-112 पर दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुँची। पीड़ित का दावा है कि मौके पर जानकारी करने पर पता चला कि कथित रूप से ओम बस सर्विस से जुड़े आनंद यादव और प्रदीप यादव द्वारा यह अवैध कब्जा किया गया है।

इस गंभीर आरोप के बाद प्रदीप गुप्ता ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। भूमि कब्जे के इस आरोप ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है, और अब लोगों की निगाहें पुलिस तथा प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
    user_शक्ति श्रीवास्तव बाबुल
    शक्ति श्रीवास्तव बाबुल
    खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
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