मारपीट व लूट के आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर, धमकी देकर राजीनामा के लिए दबाव पत्रकारों के साथ भाजपा कार्यालय पहुंचे पीड़ित लोकेन्द्र, प्रभारी मंत्री को सौंपा आवेदन आरोपियों की गिरफ्तारी और जान-माल की सुरक्षा की मांग टीकमगढ़ 6 अगस्त टीकमगढ़ शहर में पत्रकार के साथ मारपीट और लूट के मामले में पुलिस द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं किए जाने का मामला अब प्रभारी मंत्री तक पहुंच गया है। घटना के पीड़ित पत्रकार लोकेन्द्र सिंह परमार गुरुवार को साथी पत्रकारों के साथ भाजपा कार्यालय पहुंचे और जिले की प्रभारी मंत्री को आवेदन सौंपकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी कराने तथा अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। पत्रकारों ने भी मामले को गंभीर बताते हुए पुलिस से शीघ्र कार्रवाई की मांग की। पत्रकार लोकेन्द्र सिंह परमार, निवासी मामौन दरवाजा टीकमगढ़ के अनुसार, 2 अगस्त 2026 की रात उनके साथ मारपीट और लूट की घटना हुई थी। घटना के बाद उन्होंने उसी रात कोतवाली थाना पहुंचकर पुलिस को शिकायत की थी। इसके बाद 3 अगस्त 2026 को कोतवाली पुलिस ने अपराध क्रमांक 0471/2026 दर्ज किया। पुलिस द्वारा दर्ज मामले में शिवम जड़िया पिता स्वर्गीय संतोष जड़िया, ऋषि जड़िया पिता स्वर्गीय संतोष जड़िया, साहिल हरदासानी निवासी टीकमगढ़ सहित एक अन्य आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296बी, 115(2), 309(4) एवं 351(3) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। अपराध दर्ज होने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने का आरोप प्रभारी मंत्री को दिए आवेदन में पत्रकार लोकेन्द्र सिंह परमार ने आरोप लगाया है कि घटना को लेकर अपराध दर्ज होने के बाद भी 6 अगस्त तक पुलिस द्वारा नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई है। उनका कहना है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है। पीड़ित पत्रकार का आरोप है कि घटना के बाद आरोपियों के परिजन और उनके सहयोगी लगातार मामले में राजीनामा करने के लिए दबाव बना रहे हैं। आवेदन में राहुल जड़िया सहित अन्य लोगों द्वारा दबाव बनाए जाने का उल्लेख किया गया है। राजीनामा से इनकार करने पर जान से मारने की धमकी का आरोप लोकेन्द्र सिंह परमार ने प्रभारी मंत्री को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि जब उन्होंने राजीनामा करने से इनकार किया तो उन्हें देख लेने और जान से मारने की धमकियां दी गईं। उनका कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण वह मानसिक रूप से परेशान हैं और उन्हें आशंका है कि आरोपी या उनके सहयोगी उनके साथ दोबारा कोई गंभीर घटना कर सकते हैं। उन्होंने आवेदन में कहा है कि यदि पुलिस द्वारा समय रहते आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में उनके साथ किसी अप्रिय घटना की स्थिति से इनकार नहीं किया जा सकता। पत्रकारों के साथ भाजपा कार्यालय पहुंचे पीड़ित मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित पत्रकार लोकेन्द्र सिंह परमार अपने साथी पत्रकारों के साथ भाजपा कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने जिले की प्रभारी मंत्री को पूरा घटनाक्रम बताते हुए लिखित आवेदन सौंपा। इस दौरान पत्रकारों ने भी मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी पत्रकार के साथ मारपीट और लूट की घटना के बाद अपराध दर्ज होता है, तो आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होना चाहिए। पत्रकारों ने प्रभारी मंत्री से मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने और पीड़ित पत्रकार की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की। पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल मामले में अपराध दर्ज होने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित का कहना है कि एक तरफ उनके साथ हुई घटना को लेकर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है, वहीं दूसरी ओर आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और कथित तौर पर राजीनामा के लिए दबाव बनाया जा रहा है। आवेदन में यह भी कहा गया है कि यदि आरोपी पक्ष द्वारा वास्तव में धमकियां दी जा रही हैं तो पुलिस को इसकी गंभीरता से जांच कर पीड़ित को सुरक्षा उपलब्ध करानी चाहिए। साथ ही मामले में फरार आरोपियों की तलाश कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रभारी मंत्री से दो प्रमुख मांगें पीड़ित पत्रकार ने प्रभारी मंत्री से मुख्य रूप से दो मांगें रखी हैं। पहली, अपराध क्रमांक 0471/2026 में नामजद आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर मामले में प्रभावी कार्रवाई की जाए। दूसरी, राजीनामा के लिए दबाव और कथित जान से मारने की धमकियों को देखते हुए उन्हें और उनके परिवार को आवश्यक जान-माल की सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। लोकेन्द्र सिंह परमार ने कहा कि वह पेशे से पत्रकार हैं और लगातार समाचारों के माध्यम से जनहित के मुद्दे उठाते हैं। ऐसे में उनके साथ हुई घटना और उसके बाद मिल रही कथित धमकियों को गंभीरता से लिया जाना जरूरी है। उन्होंने प्रभारी मंत्री से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर पुलिस प्रशासन को तत्काल आवश्यक निर्देश देने की मांग की है। अब देखना यह है कि प्रभारी मंत्री के समक्ष शिकायत पहुंचने के बाद पुलिस इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित पत्रकार की सुरक्षा को लेकर क्या कार्रवाई करती है?
मारपीट व लूट के आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर, धमकी देकर राजीनामा के लिए दबाव पत्रकारों के साथ भाजपा कार्यालय पहुंचे पीड़ित लोकेन्द्र, प्रभारी मंत्री को सौंपा आवेदन आरोपियों की गिरफ्तारी और जान-माल की सुरक्षा की मांग टीकमगढ़ 6 अगस्त टीकमगढ़ शहर में पत्रकार के साथ मारपीट और लूट के मामले में पुलिस द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं किए जाने का मामला अब प्रभारी मंत्री तक पहुंच गया है। घटना के पीड़ित पत्रकार लोकेन्द्र सिंह परमार गुरुवार को साथी पत्रकारों के साथ भाजपा कार्यालय पहुंचे और जिले की प्रभारी मंत्री को आवेदन सौंपकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी कराने तथा अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। पत्रकारों ने भी मामले को गंभीर बताते हुए पुलिस से शीघ्र कार्रवाई की मांग की। पत्रकार लोकेन्द्र सिंह परमार, निवासी मामौन दरवाजा टीकमगढ़ के अनुसार, 2 अगस्त 2026 की रात उनके साथ मारपीट और लूट की घटना हुई थी। घटना के बाद उन्होंने उसी रात कोतवाली थाना पहुंचकर पुलिस को शिकायत की थी। इसके बाद 3 अगस्त 2026 को कोतवाली पुलिस ने अपराध क्रमांक 0471/2026 दर्ज किया। पुलिस द्वारा दर्ज मामले में शिवम जड़िया पिता स्वर्गीय संतोष जड़िया, ऋषि जड़िया पिता स्वर्गीय संतोष जड़िया, साहिल हरदासानी निवासी टीकमगढ़ सहित एक अन्य आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296बी, 115(2), 309(4) एवं 351(3) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। अपराध दर्ज होने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने का आरोप प्रभारी मंत्री को दिए आवेदन में पत्रकार लोकेन्द्र सिंह परमार ने आरोप लगाया है कि घटना को लेकर अपराध दर्ज होने के बाद भी 6 अगस्त तक पुलिस द्वारा नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई है। उनका कहना है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है। पीड़ित पत्रकार का आरोप है कि घटना के बाद आरोपियों के परिजन और उनके सहयोगी लगातार मामले में राजीनामा करने के लिए दबाव बना रहे हैं। आवेदन में राहुल जड़िया सहित अन्य लोगों द्वारा दबाव बनाए जाने का उल्लेख किया गया है। राजीनामा से इनकार करने पर जान से मारने की धमकी का आरोप लोकेन्द्र सिंह परमार ने प्रभारी मंत्री को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि जब उन्होंने राजीनामा करने से इनकार किया तो उन्हें देख लेने और जान से मारने की धमकियां दी गईं। उनका कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण वह मानसिक रूप से परेशान हैं और उन्हें आशंका है कि आरोपी या उनके सहयोगी उनके साथ दोबारा कोई गंभीर घटना कर सकते हैं। उन्होंने आवेदन में कहा है कि यदि पुलिस द्वारा समय रहते आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में उनके साथ किसी अप्रिय घटना की स्थिति से इनकार नहीं किया जा सकता। पत्रकारों के साथ भाजपा कार्यालय पहुंचे पीड़ित मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित पत्रकार लोकेन्द्र सिंह परमार अपने साथी पत्रकारों के साथ भाजपा कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने जिले की प्रभारी मंत्री को पूरा घटनाक्रम बताते हुए लिखित आवेदन सौंपा। इस दौरान पत्रकारों ने भी मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी पत्रकार के साथ मारपीट और लूट की घटना के बाद अपराध दर्ज होता है, तो आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होना चाहिए। पत्रकारों ने प्रभारी मंत्री से मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने और पीड़ित पत्रकार की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की। पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल मामले में अपराध दर्ज होने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित का कहना है कि एक तरफ उनके साथ हुई घटना को लेकर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है, वहीं दूसरी ओर आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और कथित तौर पर राजीनामा के लिए दबाव बनाया जा रहा है। आवेदन में यह भी कहा गया है कि यदि आरोपी पक्ष द्वारा वास्तव में धमकियां दी जा रही हैं तो पुलिस को इसकी गंभीरता से जांच कर पीड़ित को सुरक्षा उपलब्ध करानी चाहिए। साथ ही मामले में फरार आरोपियों की तलाश कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रभारी मंत्री से दो प्रमुख मांगें पीड़ित पत्रकार ने प्रभारी मंत्री से मुख्य रूप से दो मांगें रखी हैं। पहली, अपराध क्रमांक 0471/2026 में नामजद आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर मामले में प्रभावी कार्रवाई की जाए। दूसरी, राजीनामा के लिए दबाव और कथित जान से मारने की धमकियों को देखते हुए उन्हें और उनके परिवार को आवश्यक जान-माल की सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। लोकेन्द्र सिंह परमार ने कहा कि वह पेशे से पत्रकार हैं और लगातार समाचारों के माध्यम से जनहित के मुद्दे उठाते हैं। ऐसे में उनके साथ हुई घटना और उसके बाद मिल रही कथित धमकियों को गंभीरता से लिया जाना जरूरी है। उन्होंने प्रभारी मंत्री से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर पुलिस प्रशासन को तत्काल आवश्यक निर्देश देने की मांग की है। अब देखना यह है कि प्रभारी मंत्री के समक्ष शिकायत पहुंचने के बाद पुलिस इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित पत्रकार की सुरक्षा को लेकर क्या कार्रवाई करती है?
- शौचालय चढ़ा भ्रष्टाचार की भेंट,शासन की राशि का किया बंदर बांट टीकमगढ़ जिले की जनपद पंचायत पलेरा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत हरकनपुरा के विजरावन में लगभग 3.50लाख की लागत से स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत सामूहिक शौचालय का निर्माण किया गया था जिसमें घटिया गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग कर निर्माण कराया गया था निर्माण होने के लगभग चार साल बाद भी आज तक शौचालय चालू नहीं हुआ है शौचालय का टैंक पूरी तरह फट चुका है शौचालय में सांप और गोयरे जैसे खतरनाक जीवो ने डेरा डाल लिया है जो ग्रामीणों के लिए काल बने बैठे है ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सुलभ शौचालय को ठीक कराकर साफ सफाई करवाई जाए इसमें पानी की व्यवस्था कराई जाए जिससे बरसात के मौसम में ग्रामीणों को खुले में शौच के लिए न जाना पड़े और शौचालय में जो जानवर घुसे है उसी किसी को कोई जनहानि न हो2
- जन सुरक्षा सृजन, जन संवाद योजना 2026 का पुलिस अधीक्षक ने किया शुभारंभ * "जन सुरक्षा, युवा सृजन – जन संवाद योजना 2026" का पुलिस अधीक्षक ने किया शुभारंभ* * 450 विद्यार्थियों को कानून, साइबर सुरक्षा एवं नशा मुक्ति के प्रति किया गया जागरूक, पुलिस अधीक्षक श्री सुधीर अग्रवाल ने दिलाई शपथ* *युवाओं में विधिक चेतना और सुरक्षा-बोध विकसित करने की अभिनव पहल* टीकमगढ़, 06 अगस्त 2026 युवाओं में विधिक जागरूकता, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं सुरक्षा के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने के उद्देश्य से *"जन सुरक्षा, युवा सृजन – जन संवाद योजना 2026"* का शुभारंभ आज दिनांक 06 अगस्त 2026 को टीकमगढ़ जिले में *शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-1* से किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ *पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ श्री सुधीर अग्रवाल* की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर *अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विक्रम सिंह*, *एसडीओपी टीकमगढ़ श्री राहुल कटारे*, *परिवीक्षाधीन डीएसपी सुश्री किरण सिंह*, विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को भारतीय संविधान में निहित नागरिकों के अधिकार एवं कर्तव्यों, विभिन्न विधिक प्रावधानों, बाल अधिकार, किशोर न्याय (जेजे) अधिनियम, पॉक्सो अधिनियम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, सड़क सुरक्षा, साइबर सुरक्षा तथा नशा मुक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को कानून के प्रति सम्मान, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। अपने प्रेरणादायी संबोधन में *पुलिस अधीक्षक श्री सुधीर अग्रवाल* ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर अपराधों से सतर्क रहना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी लिंक, डिजिटल ठगी एवं सोशल मीडिया के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। साथ ही युवाओं से नशे से दूर रहकर अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक द्वारा उपस्थित सभी विद्यार्थियों को *साइबर सुरक्षा* एवं *नशा मुक्ति* की शपथ दिलाई गई तथा सुरक्षित डिजिटल व्यवहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प कराया गया। कार्यक्रम में विद्यालय की कक्षा 11वीं एवं 12वीं के लगभग *450 विद्यार्थियों* ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए कानून का सम्मान करने, साइबर अपराधों के प्रति सजग रहने तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान देने का संकल्प लिया। *"जन सुरक्षा, युवा सृजन – जन संवाद योजना 2026"* का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं में विधिक जागरूकता, सुरक्षा-बोध, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा पुलिस एवं समाज के मध्य विश्वास, सहयोग और संवाद को और अधिक सुदृढ़ करना है, ताकि युवा वर्ग एक सुरक्षित, जागरूक एवं सशक्त समाज के निर्माण में अपनी प्रभावी भूमिका निभा सके।1
- टीकमगढ़ जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर देर शाम को सर्किट हाऊस पहुंच गई। वह टीकमगढ़ जिले में दो दिन के दौरे पर आई हैं। जिला अध्यक्ष व भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा उनका जोरदार स्वागत किया गया।1
- टीकमगढ़ के मऊ चुंगी स्थित श्री पंच परमेश्वर मंदिर में हुई चोरी, सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए चोरी की वारदात, भक्तों में नाराज़गी, पुलिस गश्त व्यवस्था पर उठें सबाल टीकमगढ़ के मऊ चुंगी स्थित श्री पंच परमेश्वर मंदिर में हुई चोरी, सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए चोरी की वारदात, भक्तों में नाराज़गी, पुलिस गश्त व्यवस्था पर उठें सबाल1