निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण, गुणवत्ता एवं समय-सीमा पर दिया विशेष जोर आरा। भोजपुर जिला पदाधिकारी तनय सुल्तानिया ने निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज परिसर का निरीक्षण कर वहां चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्य की गति, गुणवत्ता तथा उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों एवं कार्य एजेंसियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा कार्य में तेजी लाकर इसे समय पर पूर्ण किया जाए, ताकि जिले के लोगों को जल्द से जल्द बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का भी अवलोकन किया तथा आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा, ताकि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण हो सके। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त भोजपुर, अपर समाहर्ता भोजपुर, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी आरा सदर, विशेष कार्य पदाधिकारी, सिविल सर्जन भोजपुर तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी उदवंतनगर सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण, गुणवत्ता एवं समय-सीमा पर दिया विशेष जोर आरा। भोजपुर जिला पदाधिकारी तनय सुल्तानिया ने निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज परिसर का निरीक्षण कर वहां चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्य की गति, गुणवत्ता तथा उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों एवं कार्य एजेंसियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा कार्य में तेजी लाकर इसे समय पर पूर्ण किया जाए, ताकि जिले के लोगों को जल्द से जल्द बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का भी अवलोकन किया तथा आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा, ताकि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण हो सके। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त भोजपुर, अपर समाहर्ता भोजपुर, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी आरा सदर, विशेष कार्य पदाधिकारी, सिविल सर्जन भोजपुर तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी उदवंतनगर सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
- तस्लीम आरिफ उर्फ़ #गुड्डू #गड़हनी नगर पंचायत के मेयर प्रतिनिधि इस गरीब ने लगाया #₹100 इनको दलाली चाहिए2
- Kya Karun kuchh bhi banaa kar Dal deta hun bahut mehnat lagta hai main isiliye time nahin milta Hai dosto isliye network follow karke Jana1
- Post by Srikant sharma Srikant sharma1
- आज सुबह अरवल जिला के बंशी थाना अंतर्गत ग्राम दनियाल। में लालमोहन पासवान के घर में खाना बनाते वक्त आग लग जाने से घर का पूरा समान जलकर राख को गया आग इतनी तेज हो गई थी कि आग की लपेटे में आने से लालमोहन पासवान के पुत्र पंकज कुमार झुलस गए! पंकज कुमार को आनंद-खनन में ग्रामीणों की सहायता से नजदीकी के अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया आग लग जाने से लालमोहन पासवान के चावल आटा गेहूं बहुत ऐसी सामग्री कपड़ा राशन इत्यादि लाखों का संपत्ति का नुकसान हो गया1
- अरवल। अनुआ पंचायत के ग्राम दनियाला में सुबह 8:00 बजे विधवा महिला के घर में खाना बनाने के दौरान आग लगने से घर के सारी सामान जलकर खाक घटना की जानकारी मिलते ही अनुआ पंचायत के मुखिया मनोज कुमार ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर हर संभव मदद करने का भरोसा दिया जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को लाभ देने की मांग किया मुखिया मनोज कुमार1
- पत्नी के नाम पेट्रोल पंप, गर्लफ्रेंड के नाम नेपाल में बंगला! इंजीनियर की 100 करोड़ की संपत्ति का खुलासा पटना: बिहार के मधुबनी जिले से चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के इंजीनियर मनोज कुमार रजक की अकूत संपत्ति ने जांच एजेंसियों को भी हैरान कर दिया है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के छापों में खुलासा हुआ कि सीमित सैलरी के बावजूद इंजीनियर ने 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति खड़ी कर ली। जांच में यह भी सामने आया कि पत्नी के नाम पेट्रोल पंप और गर्लफ्रेंड के नाम नेपाल में आलीशान बंगला खरीदा गया है। बताया जा रहा है कि करीब 12 लाख रुपये सालाना वेतन पाने वाले इस इंजीनियर ने महज 14 साल की नौकरी में यह संपत्ति कैसे जुटाई, इसकी गहराई से जांच जारी है। ईओयू अब संपत्ति के हर कनेक्शन और निवेश के स्रोत खंगाल रही है। फिलहाल इस मामले ने पूरे बिहार में हलचल मचा दी है और बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार की आशंका जताई जा रही है।1
- aap log ke liye yah video bahut achcha Hai doston like karke follow karke Jana || #todaynews #funny #viral1
- *मौलिक कर्तव्यों का निर्वहन किये बिना मानवाधिकार सुनिश्चित कर पाना मुश्किल है- अधिवक्ता जी के पांडेय, चेयरमैन, आई एच आर सी सी फोरम।* आज के समय में जब समाज तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, तब *मानवाधिकार* और *मौलिक कर्तव्यों* की समझ और उनका पालन अत्यंत आवश्यक हो गया है। जहां एक ओर मानवाधिकार व्यक्ति को गरिमा, स्वतंत्रता और समानता का अधिकार प्रदान करते हैं, वहीं मौलिक कर्तव्य नागरिकों को राष्ट्र और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का बोध कराते हैं। इन दोनों के बीच संतुलन स्थापित करना ही एक स्वस्थ, सुरक्षित और न्यायपूर्ण समाज की पहचान है। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए **आई एच आर सी सी फोरम** निरंतर कार्यरत है। फोरम के चेयरमैन अधिवक्ता **जी. के. पांडेय** के नेतृत्व में यह संस्था समाज के विभिन्न वर्गों को मानवाधिकारों के प्रति जागरूक करने और उन्हें उनके कर्तव्यों के प्रति प्रेरित करने का सराहनीय कार्य कर रही है। **मानवाधिकार: व्यक्ति की गरिमा का आधार** मानवाधिकार प्रत्येक व्यक्ति को जन्म से प्राप्त होते हैं। इनमें जीवन का अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शिक्षा का अधिकार, समानता का अधिकार जैसे कई महत्वपूर्ण अधिकार शामिल हैं। लेकिन आज भी समाज के कई हिस्सों में इन अधिकारों का हनन देखने को मिलता है। ऐसे में आईएचआरसीसी फोरम पीड़ितों को कानूनी सहायता प्रदान कर उन्हें न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। **मौलिक कर्तव्य: नागरिकों की जिम्मेदारी** संविधान में वर्णित मौलिक कर्तव्य हमें यह सिखाते हैं कि केवल अधिकारों की मांग करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन भी उतना ही जरूरी है। पर्यावरण की रक्षा, राष्ट्रीय एकता बनाए रखना, कानून का सम्मान करना—ये सभी कर्तव्य एक जिम्मेदार नागरिक की पहचान हैं। फोरम द्वारा समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम, सेमिनार और जनसभाओं के माध्यम से लोगों को इन कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। **आईएचआरसीसी फोरम की सक्रिय पहलें** अधिवक्ता जी. के. पांडेय के नेतृत्व में फोरम ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं— * गरीब और जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करना * घरेलू हिंसा, बाल शोषण और महिला उत्पीड़न जैसे मामलों में त्वरित हस्तक्षेप * ग्रामीण क्षेत्रों में मानवाधिकार जागरूकता अभियान * प्रशासनिक लापरवाही और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना इन प्रयासों के कारण अनेक लोगों को न्याय मिल सका है और समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। **नेतृत्व की भूमिका** अधिवक्ता जी. के. पांडेय का मानना है कि “जब तक समाज का हर व्यक्ति अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों को नहीं समझेगा, तब तक वास्तविक न्याय की स्थापना संभव नहीं है।” उनके मार्गदर्शन में फोरम ने एक सशक्त और विश्वसनीय संस्था के रूप में अपनी पहचान बनाई है। **निष्कर्ष** मानवाधिकार और मौलिक कर्तव्य एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। जहां अधिकार हमें सशक्त बनाते हैं, वहीं कर्तव्य हमें जिम्मेदार नागरिक बनाते हैं। आई एच आर सी सी फोरम द्वारा किए जा रहे प्रयास इस दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण हैं। यदि समाज का हर व्यक्ति इस सोच को अपनाए, तो एक न्यायपूर्ण, समतामूलक और सशक्त भारत का निर्माण निश्चित रूप से संभव है।4
- जहानाबाद जिले में शांतिपूर्ण ढंग से पेक्स का चुनाव संपन्न हुआ । जिसमें कुछ पंचायत में निर्विरोध एवं कुछ पंचायत में कांटे की टक्कर देखी गई....1