जबलपुर के बेलबाग थाना क्षेत्र स्थित प्रेमसागर इलाके में शुक्रवार दोपहर उस वक्त दहशत फैल गई, जब एक युवक ने मामूली विवाद के चलते हलवाई के घर पर सुअर मार बम फेंक दिए। पीड़ित सुनील कुमार गुप्ता, जो पेशे से हलवाई हैं, ने बताया कि 10 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 12:15 बजे उन्होंने समीर वंशकार नाम के युवक को अपने घर के सामने खड़ा देखा था। जब सुनील गुप्ता ने उसे वहाँ से जाने के लिए कहा, तो विवाद शुरू हो गया। विवाद के दौरान समीर वंशकार ने गाली-गलौज करते हुए अपनी जेब से सुअर मार बम निकाले और सुनील गुप्ता के घर के दरवाजे व दीवार पर फेंक दिए। धमाकों की तेज आवाज और धुएं से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी पीड़ित को जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गया। पुलिस ने सुनील गुप्ता की शिकायत पर बेलबाग थाने में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296(बी), 351(2) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3 व 5 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
जबलपुर के बेलबाग थाना क्षेत्र स्थित प्रेमसागर इलाके में शुक्रवार दोपहर उस वक्त दहशत फैल गई, जब एक युवक ने मामूली विवाद के चलते हलवाई के घर पर सुअर मार बम फेंक दिए। पीड़ित सुनील कुमार गुप्ता, जो पेशे से हलवाई हैं, ने बताया कि 10 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 12:15 बजे उन्होंने समीर वंशकार नाम के युवक को अपने घर के सामने खड़ा देखा था। जब सुनील गुप्ता ने उसे वहाँ से जाने के लिए कहा, तो विवाद शुरू हो गया। विवाद के दौरान समीर वंशकार ने गाली-गलौज करते हुए अपनी जेब से सुअर मार बम निकाले और सुनील गुप्ता के घर के दरवाजे व दीवार पर फेंक दिए। धमाकों की तेज आवाज और धुएं से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी पीड़ित को जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गया। पुलिस ने सुनील गुप्ता की शिकायत पर बेलबाग थाने में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296(बी), 351(2) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3 व 5 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
- Post by Rishi Rajak1
- जबलपुर के इस संदेश में एक भक्त ने धर्म संगठन के बाबा के प्रति अपनी अटूट आस्था व्यक्त की है। भक्त का कहना है कि यह दुनिया बेगानी, मतलबी और स्वार्थी है, जहाँ लोग केवल अपने स्वार्थ तक ही साथ निभाते हैं। इस संसार की नश्वरता के बीच, भक्त ने बाबा को ही एकमात्र सच्चा सहारा और संबल माना है। अपनी भक्ति प्रकट करते हुए भक्त ने लिखा है कि बाबा ही उनका असली सावरा है, जिस पर उनका पूरा विश्वास टिका है।1
- दमोह जिले के जबेरा में राजनीतिक अत्याचार को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया है। इस दौरान पवित्र गीता और सनातन धर्म का हवाला देते हुए यह सवाल पूछा गया है कि क्या मनुष्य की जाति वास्तव में उसके कर्मों के अनुसार निर्धारित होती है?1
- नरसिंहपुर नगर पालिका परिषद की साधारण सम्मेलन बैठक के दौरान एक अलग ही नजारा देखने को मिला, जब इंद्रावार्ड के पार्षद आनंद चौरसिया ने शहर की बदहाल स्थिति के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन किया। वे अपने शरीर पर शहर की विभिन्न समस्याओं की तस्वीरें चिपकाकर सीधे सभाकक्ष में पहुंच गए, जिससे वहां मौजूद तमाम जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का ध्यान पूरी तरह उनकी ओर खिंच गया। पार्षद आनंद चौरसिया ने इस विरोध प्रदर्शन के जरिए सड़कों के गड्ढों, सिंगरी नदी में पसरी गंदगी, नालियों की खराब हालत, कचरा प्रबंधन की कमी और अधूरी सड़कों जैसे गंभीर मुद्दों को उठाया। इसके अलावा उन्होंने सब्जी मंडी की अव्यवस्था, डिवाइडरों से जुड़ी समस्याओं और इतवारा बाजार में फैली गंदगी को भी अपनी तस्वीरों के माध्यम से उजागर किया। पार्षद ने बताया कि यह नगर की समस्याओं को जनता और प्रशासन के सामने लाने का एक सांकेतिक प्रयास था।2
- जबलपुर के अधारताल थाना क्षेत्र अंतर्गत सुहागी पन्नी मोहल्ला में पुलिस ने एक बड़े देह व्यापार रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस को इलाके के एक मकान में अनैतिक गतिविधियां संचालित होने की गोपनीय सूचना मिली थी, जिसके बाद कार्रवाई के लिए एक ठोस रणनीति तैयार की गई। योजना के मुताबिक पुलिस ने एक 'पंटर' यानी फर्जी ग्राहक को सौदेबाजी के लिए संदिग्ध मकान में भेजा। जैसे ही फर्जी ग्राहक के माध्यम से अनैतिक गतिविधियों की पुष्टि हुई, मौके पर तैनात पुलिस टीम ने मकान पर अचानक छापा मारा। इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने घेराबंदी करते हुए कमरे से कुल सात लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें पांच पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। पकड़े गए सभी आरोपियों को पूछताछ के लिए महिला थाना भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि रैकेट के मुख्य सरगना और अन्य शामिल लोगों की पहचान के लिए आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है, जिसके आधार पर आगे की वैधानिक और दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।3