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उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत उप-जिले में स्थित लुहारी गांव के लिए विद्युत विभाग द्वारा 5 केवी का एक नया ट्रांसफार्मर जारी किया गया था। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि बड़ौत विद्युत विभाग ने गांव के बिजली घर पर एक पुराना और बेहद जर्जर ट्रांसफार्मर लगवा दिया है, जिसकी हालत बहुत खराब है। समस्त ग्रामवासियों की ओर से उत्तर प्रदेश सरकार से हाथ जोड़कर विनम्र प्रार्थना की गई है कि इस मामले में उचित कार्रवाई की जाए।
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उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत उप-जिले में स्थित लुहारी गांव के लिए विद्युत विभाग द्वारा 5 केवी का एक नया ट्रांसफार्मर जारी किया गया था। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि बड़ौत विद्युत विभाग ने गांव के बिजली घर पर एक पुराना और बेहद जर्जर ट्रांसफार्मर लगवा दिया है, जिसकी हालत बहुत खराब है। समस्त ग्रामवासियों की ओर से उत्तर प्रदेश सरकार से हाथ जोड़कर विनम्र प्रार्थना की गई है कि इस मामले में उचित कार्रवाई की जाए।
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- उत्तर प्रदेश के बागपत में सतर्कता टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) अनूप तिवारी को शुक्रवार को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए उनके ही कार्यालय से रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम उन्हें कोतवाली ले गई, जहाँ उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। यह मामला सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र के बुढ़सैनी गाँव के राशन डीलर नरेंद्र कुमार की शिकायत से जुड़ा है। नरेंद्र कुमार ने सतर्कता टीम को बताया था कि डीएसओ अनूप तिवारी पिछले कई महीनों से राशन वितरण के बदले कमीशन की माँग कर रहे थे। शिकायतकर्ता के आरोप के अनुसार, कमीशन न देने पर डीएसओ द्वारा राशन की दुकान का लाइसेंस रद्द करने की धमकी दी जा रही थी। नरेंद्र कुमार ने दावा किया कि डीएसओ प्रति क्विंटल राशन पर 25 रुपये कमीशन मांग रहे थे, और पिछले 4-5 महीनों से उन पर 30 से 40 हजार रुपये देने का दबाव बनाया जा रहा था। शिकायत मिलने पर सतर्कता टीम ने एक जाल बिछाया, जिसके तहत शुक्रवार सुबह से ही एक पाँच सदस्यीय टीम डीएसओ कार्यालय के आसपास तैनात थी। दोपहर करीब 2:15 बजे, जैसे ही राशन डीलर नरेंद्र कुमार ने अनूप तिवारी को 40 हजार रुपये दिए, विजिलेंस टीम ने तुरंत छापा मारकर उन्हें रंगे हाथ धर दबोचा। इस कार्रवाई के दौरान, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी (ARO) योगेंद्र सिंह मौके से फरार हो गए। शिकायतकर्ता नरेंद्र कुमार का आरोप है कि योगेंद्र सिंह पहले ही उनसे 10 हजार रुपये ले चुके थे और गिरफ्तारी के समय भी वह वही 10 हजार रुपये लेकर भाग निकले। बताया गया है कि अनूप तिवारी पिछले दो वर्षों से बागपत में तैनात थे और इससे पहले जालौन में कार्यरत थे। वर्ष 2024 में भी गैस एजेंसी संचालकों ने उनके खिलाफ रिश्वत मांगने के आरोप लगाए थे और इसके विरोध में प्रदर्शन भी किया था।1
- हरियाणा के सोनीपत जिले की राई तहसील में स्थित ग्राम पंचायत अटेरना में सरपंच और ग्राम सचिव ने मिलकर पंचायत फंड का गबन किया है। इस मामले के संबंध में एक फोन नंबर 9466979114 भी बताया गया है।1
- लोगों से अपील की गई है कि वे घर से बाहर निकलते समय विशेष सावधानी बरतें। चेतावनी दी गई है कि आंधी, तूफान और बारिश कभी भी, कहीं भी आ सकती है। ऐसी मौसमी घटनाओं के साथ सामान के भारी नुकसान होने की आशंका रहती है, इसलिए सभी से सतर्क रहने का आग्रह किया गया है।1
- जल्द ही प्लास्टिक के नोटों का चलन शुरू हो सकता है। इन नए नोटों की खासियत यह होगी कि वे न तो फटेंगे और न ही पानी में गलेंगे, जिससे उनकी durability काफी बढ़ जाएगी।1
- मेरठ महानगर में स्वच्छ भारत मिशन 2026-27 के तहत एक बड़े स्वच्छता अभियान का शुभारंभ किया गया है। महानगर के गणमान्य भाजपा पदाधिकारियों ने इस महत्वपूर्ण पहल को हरी झंडी दिखाकर इसकी शुरुआत की। यह अभियान मेरठ में स्वच्छ भारत मिशन 2026-27 के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक कदम है।1
- बागपत जिले के खेकड़ा कोतवाली पुलिस ने न्यायालय के स्पष्ट आदेशों का पालन करते हुए 1475 लीटर अवैध शराब को नष्ट किया है। यह कार्रवाई आबकारी अधिनियम के तहत विभिन्न दर्ज मुकदमों से संबंधित थी, जिनका निस्तारण न्यायालय द्वारा किया जा चुका था। शराब को नष्ट करने के लिए खेकड़ा कोतवाली क्षेत्र की बड़ागांव नहर पटरी के पास एक विशेष प्रक्रिया अपनाई गई। पुलिस ने जेसीबी मशीन की सहायता से 10 फीट गहरा गड्ढा खोदा और फिर भारी मात्रा में इस अवैध शराब को उस गड्ढे में बहा दिया। यह सभी जब्त की गई शराब विभिन्न मामलों में पुलिस द्वारा पहले ही बरामद की गई थी। न्यायालय में संबंधित मुकदमों का निपटारा होने के बाद, शराब को विधिवत नष्ट करने का आदेश जारी किया गया, जिसके परिणामस्वरूप यह कार्रवाई की गई। शराब नष्ट करने की इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें सीओ खेकड़ा रोहन चौरसिया, तहसीलदार खेकड़ा और इंस्पेक्टर खेकड़ा प्रमुख थे। खेकड़ा कोतवाली प्रभारी प्रभाकर केन्तुरा ने बताया कि 1475 लीटर शराब को अधिकारियों की मौजूदगी में सभी नियमानुसार नष्ट किया गया।1