आगरा के थाना बरहन क्षेत्र निवासी रणदीप सिंह ने पुलिस कमिश्नर को दिए प्रार्थना पत्र में पुलिस महकमे में हलचल मचाने वाले गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने दावा किया है कि उसके घर हुई चोरी के मामले में बरामद हुए करीब 11 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के असली आभूषण पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से गायब कर दिए गए हैं। पीड़ित के अनुसार, वर्ष 2025 में उनके घर से लाखों के आभूषण और नकदी चोरी हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बरामदगी दिखाने के लिए जब पीड़ित अपनी पत्नी के साथ थाने पहुंचे, तो उन्हें केवल एक सोने की अंगूठी दिखाई गई, जबकि चोरी हुए अन्य बहुमूल्य आभूषण बरामदगी फर्द में शामिल नहीं किए गए थे। प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने पीड़ित के मोबाइल में मौजूद असली बरामद आभूषणों की तस्वीरें तक हटवा दीं और बरामदगी का रिकॉर्ड बदल दिया। इतना ही नहीं, पीड़ित पर कथित रूप से फर्द पर जबरन हस्ताक्षर करने का दबाव भी बनाया गया। पीड़ित का यह भी दावा है कि चोरी के असली गहने आरोपियों की निशानदेही पर एक स्वर्णकार की दुकान से बरामद हुए थे, लेकिन संबंधित पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर मोटी रकम लेकर स्वर्णकार को जांच से बाहर कर दिया और फर्जी दस्तावेज तैयार कर पूरे मामले को दबाने की कोशिश की। इस पूरे प्रकरण में तत्कालीन थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठे हैं, और आरोप है कि इन्हीं अधिकारियों की मिलीभगत से बरामद किए गए असली आभूषण हड़प लिए गए। इन गंभीर आरोपों से आगरा पुलिस पर 'सबसे बड़ा दाग' लगने और पूरे विभाग में हड़कंप मचने की बात कही गई है।
आगरा के थाना बरहन क्षेत्र निवासी रणदीप सिंह ने पुलिस कमिश्नर को दिए प्रार्थना पत्र में पुलिस महकमे में हलचल मचाने वाले गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने दावा किया है कि उसके घर हुई चोरी के मामले में बरामद हुए करीब 11 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के असली आभूषण पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से गायब कर दिए गए हैं। पीड़ित के अनुसार, वर्ष 2025 में उनके घर से लाखों के आभूषण और नकदी चोरी हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बरामदगी दिखाने के लिए जब पीड़ित अपनी पत्नी के साथ थाने पहुंचे, तो उन्हें केवल एक सोने की अंगूठी दिखाई गई, जबकि चोरी हुए अन्य बहुमूल्य आभूषण बरामदगी फर्द में शामिल नहीं किए गए थे। प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने पीड़ित के मोबाइल में मौजूद असली बरामद आभूषणों की तस्वीरें तक हटवा दीं और बरामदगी का रिकॉर्ड बदल दिया। इतना ही नहीं, पीड़ित पर कथित रूप से फर्द पर जबरन हस्ताक्षर करने का दबाव भी बनाया गया। पीड़ित का यह भी दावा है कि चोरी के असली गहने आरोपियों की निशानदेही पर एक स्वर्णकार की दुकान से बरामद हुए थे, लेकिन संबंधित पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर मोटी रकम लेकर स्वर्णकार को जांच से बाहर कर दिया और फर्जी दस्तावेज तैयार कर पूरे मामले को दबाने की कोशिश की। इस पूरे प्रकरण में तत्कालीन थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठे हैं, और आरोप है कि इन्हीं अधिकारियों की मिलीभगत से बरामद किए गए असली आभूषण हड़प लिए गए। इन गंभीर आरोपों से आगरा पुलिस पर 'सबसे बड़ा दाग' लगने और पूरे विभाग में हड़कंप मचने की बात कही गई है।
- आगरा के थाना नाई की मंडी पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 25 वर्षों से फरार चल रहे ₹50,000 के इनामी अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि आरोपी तक पहुंचने का अहम सुराग एक ट्रैफिक चालान से मिला, जिसके आधार पर पुलिस ने तकनीकी जांच और सर्विलांस की मदद से उसे दबोच लिया। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान सैमुअल उर्फ सहदेव यादव उर्फ अमित मिश्रा के रूप में हुई है, जो वर्ष 2002 में एक लूटकांड और एक युवती को भगाने के मामले में वांछित था तथा लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से दूर चल रहा था। डीसीपी सिटी अली अब्बास ने एक प्रेसवार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए लगातार नाम और धर्म बदलता रहा और अलग-अलग राज्यों में ठिकाने बदलकर रह रहा था। हाल ही में दिल्ली के प्रेमनगर, नागलोई क्षेत्र में एक वाहन के ट्रैफिक चालान के दौरान मिले सुराग ने पुलिस को उसके करीब ला दिया। इसके बाद गहन तकनीकी जांच और सर्विलांस के जरिए उसकी लोकेशन ट्रेस कर उसे गिरफ्तार किया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तारी से पहले आरोपी दिल्ली के एक निजी स्कूल में शूटिंग रेंज टीचर के रूप में कार्यरत था। प्रारंभिक पूछताछ में उसने खुलासा किया है कि उसने प्रेम विवाह के लिए लूट की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस अब इस बात की जानकारी जुटा रही है कि फरारी के 25 वर्षों के दौरान वह किन-किन राज्यों में रहा और किन गतिविधियों में शामिल रहा। अली अब्बास ने इस गिरफ्तारी को पुलिस की एक बड़ी उपलब्धि बताया है।1
- आगरा में ताजमहल के रात्रि दर्शन के दौरान ताज सुरक्षा पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करते हुए यलो जोन परिसर में पैदल गश्त की। कार्यवाहक प्रभारी निरीक्षक शिवराज सिंह के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने पर्यटकों की सुरक्षा, सुविधा और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए यह विशेष अभियान चलाया। इस कदम के साथ, ताज सुरक्षा पुलिस रात्रि दर्शन के लिए पूरी तरह अलर्ट पर है।1
- तेतरी दुर्गा स्थान से संजीव कुमार तेतरी से जुड़ी ताज़ा ख़बर मिली है।1
- Post by Tara miya1
- amit Pandey Uttar Pradesh amit Pandey Uttar Pradesh2
- फतेहाबाद के चर्रपुरा गांव में जल निकासी के मुद्दे पर ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा है, जहां गंदे पानी को खेतों में छोड़े जाने को लेकर बवाल हो गया। इस विवाद को सुलझाने पहुंची प्रशासनिक टीम का महिलाओं ने घेराव किया और तहसीलदार के साथ उनकी तीखी बहस हुई। ग्रामीणों, खासकर महिलाओं, का आरोप है कि नाली का गंदा पानी उनके खेतों में छोड़ा जा रहा है, जिससे उनकी फसलें बर्बाद हो रही हैं और जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। यह पूरा मामला उस वक्त और गरमा गया जब जलभराव की समस्या का समाधान करने पहुंचे अधिकारियों को ग्रामीणों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने स्पष्ट कर दिया कि वे किसी भी कीमत पर गंदा पानी अपने खेतों में नहीं बहने देंगे। हालात तब और तनावपूर्ण हो गए जब एक किसान नेता को हिरासत में ले लिया गया, जिसके बाद गांव में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की भारी मौजूदगी कर दी गई और चौकसी बढ़ा दी गई। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें महिलाएं तहसीलदार से नोकझोंक करती और खेतों को बचाने के लिए कड़ा विरोध दर्ज कराती दिख रही हैं। वीडियो में साफ दिख रहा है कि महिलाएं प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठा रही हैं और अपने खेतों को बर्बाद होने से बचाने के लिए अडिग हैं। गांव में जल निकासी को लेकर छिड़ा यह विवाद फिलहाल हाईवोल्टेज ड्रामा में बदल चुका है, जहां प्रशासन और ग्रामीण आमने-सामने डटे हुए हैं।1
- उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले की गोवर्धन तहसील के अडींग गाँव (बड़ा मोहल्ला) से एक बेहद शर्मनाक और प्रशासन की आँखें खोलने वाली तस्वीर सामने आई है। गाँव की मुख्य गली पूरी तरह से गंदे नाली के पानी और कचरे से अटी पड़ी है, जिसके कारण स्थानीय निवासियों का घरों से निकलना भी दूभर हो गया है। यह गंभीर गंदगी और जलभराव महामारी फैलने का खतरा बना रहा है, जिससे छोटे बच्चों के बीमार पड़ने की खबरें हैं। 'स्मार्ट सिटी' के तमाम दावों की पोल खोलती यह स्थिति बताती है कि बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद शासन-प्रशासन इस समस्या पर मौन है। स्थानीय लोगों ने इस वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने की अपील की है ताकि सोए हुए अधिकारियों तक यह आवाज़ पहुँचे और अडींग गाँव के लोगों को इस 'नरक' जैसी स्थिति से मुक्ति मिल सके।1