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*ब्रेकिंग न्यूज़ मनीष राठौड़* *पाली नगर निगम चुनाव की तारीख बदली, अब 11 सितंबर को होगा मतदान* *पर्युषण महापर्व के चलते बदली पाली नगर निगम चुनाव की तारीख… 9 सितंबर की जगह अब 11 सितंबर को होगा मतदान, राज्य निर्वाचन आयोग ने दी मंजूरी।* *ब्रेकिंग न्यूज़ मनीष राठौड़* *पाली नगर निगम चुनाव की तारीख बदली, अब 11 सितंबर को होगा मतदान* जैतारण राधेश्याम दाधीच *पर्युषण महापर्व के चलते बदली पाली नगर निगम चुनाव की तारीख… 9 सितंबर की जगह अब 11 सितंबर को होगा मतदान, राज्य निर्वाचन आयोग ने दी मंजूरी।*
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*ब्रेकिंग न्यूज़ मनीष राठौड़* *पाली नगर निगम चुनाव की तारीख बदली, अब 11 सितंबर को होगा मतदान* *पर्युषण महापर्व के चलते बदली पाली नगर निगम चुनाव की तारीख… 9 सितंबर की जगह अब 11 सितंबर को होगा मतदान, राज्य निर्वाचन आयोग ने दी मंजूरी।* *ब्रेकिंग न्यूज़ मनीष राठौड़* *पाली नगर निगम चुनाव की तारीख बदली, अब 11 सितंबर को होगा मतदान* जैतारण राधेश्याम दाधीच *पर्युषण महापर्व के चलते बदली पाली नगर निगम चुनाव की तारीख… 9 सितंबर की जगह अब 11 सितंबर को होगा मतदान, राज्य निर्वाचन आयोग ने दी मंजूरी।*
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- रियांबड़ी में नगरीय निकाय आम चुनाव 2026 के लिए नगर पालिका में नाम निर्देशन पत्र जमा करने की प्रक्रिया गुरुवार को शुरू हो गई। पहले दिन करीब 65 अभ्यर्थियों ने नामांकन रसीदें कटवाईं। उपखंड प्रशासन ने चुनाव प्रक्रिया के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। प्रशासन ने नामांकन प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया। उपखंड प्रशासन ने चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं, ताकि अभ्यर्थियों को नामांकन दाखिल करने में कोई परेशानी न हो। नगर पालिका कार्यालय परिसर में दिनभर चुनावी गतिविधियां जारी रहीं। इस दौरान उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया, तहसीलदार अशोक कुमार, डेगाना डिप्टी अजीत पाल सिंह, पादू कलां थाना अधिकारी देवी लाल विश्नोई और नगर पालिका अधिकारी सम्पत राम सहित चुनाव आयोग से जुड़े अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने नामांकन प्रक्रिया की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने पुलिस प्रशासन को चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात करने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं। नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही रियांबड़ी नगर पालिका चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। विभिन्न दलों और निर्दलीय संभावित उम्मीदवारों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। आगामी दिनों में नामांकन पत्र दाखिल होने के साथ चुनावी तस्वीर और अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है। प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों से निर्वाचन आयोग के नियमों और आदर्श आचार संहिता का पालन करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने की अपील की है। रियांबड़ी में नगरीय निकाय आम चुनाव 2026 के लिए नगर पालिका में नाम निर्देशन पत्र जमा करने की प्रक्रिया गुरुवार को शुरू हो गई। पहले दिन करीब 65 अभ्यर्थियों ने नामांकन रसीदें कटवाईं। उपखंड प्रशासन ने चुनाव प्रक्रिया के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। प्रशासन ने नामांकन प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया। उपखंड प्रशासन ने चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं, ताकि अभ्यर्थियों को नामांकन दाखिल करने में कोई परेशानी न हो। नगर पालिका कार्यालय परिसर में दिनभर चुनावी गतिविधियां जारी रहीं। इस दौरान उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया, तहसीलदार अशोक कुमार, डेगाना डिप्टी अजीत पाल सिंह, पादू कलां थाना अधिकारी देवी लाल विश्नोई और नगर पालिका अधिकारी सम्पत राम सहित चुनाव आयोग से जुड़े अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने नामांकन प्रक्रिया की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने पुलिस प्रशासन को चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात करने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं। नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही रियांबड़ी नगर पालिका चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। विभिन्न दलों और निर्दलीय संभावित उम्मीदवारों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। आगामी दिनों में नामांकन पत्र दाखिल होने के साथ चुनावी तस्वीर और अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है। प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों से निर्वाचन आयोग के नियमों और आदर्श आचार संहिता का पालन करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने की अपील की है।1
- अर्जुनपुरा में बाइक हादसा, मोतिसा का बाडिया निवासी युवक की मौत, मांगलियावास थाना क्षेत्र के अर्जुनपुरा जागीर में वीएच फार्म हाउस के पास बाइक से गिरकर घायल हुए मोतिसा का बाडिया निवासी नेपाल सिंह की JLN अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। हादसा तेज गति और लापरवाही से बाइक चलाने से हुआ था। पुलिस ने पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंपा। जांच ASI बाबू लाल कर रहे हैं।1
- 5 साल के बच्चे ने उठाई कावड़, 16 किलोमीटर नंगे पैर चला: दौलतगढ़ में कावड़ यात्रा का हुआ जोरदार स्वागत, 51 कांवड़िए शामिल1
- JLN अस्पताल में इलाज के दौरान सेंट्रल जेल के बंदी की मौत | चेक बाउंस मामले में सजा काट रहे कैदी ने तोड़ा दम अजमेर के केंद्रीय कारागार में सजा काट रहे बंदी नवरतन सिंह की JLN अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस के अनुसार बंदी 138 NI एक्ट (चेक बाउंस) मामले में सजा काट रहा था। मामले की पोस्टमार्टम व जांच न्यायिक अधिकारी की निगरानी में की जा रही है।1
- पाली में चुनावी हलचल तेज, टिकट के दावेदारों में बढ़ी बेचैनी जनहित की खबर • निष्पक्ष नजर जिला स्तरीय स्थानीय समाचार एवं राजनीति विशेषांक पेज – 1 वार्ड नंबर 57 की अनकही कहानी चुनाव नजदीक आते ही बढ़ी सियासी हलचल, भाजपा में टिकट की होड़ तो कांग्रेस में एक प्रमुख नाम की चर्चा वार्ड नंबर 57। जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आती जा रही है, वार्ड नंबर 57 की राजनीति भी दिलचस्प होती जा रही है। मोहल्लों, चौराहों और चाय की थड़ियों से लेकर राजनीतिक बैठकों तक अब चुनाव और संभावित प्रत्याशियों की चर्चा आम हो गई है। आज के प्रतिस्पर्धा के दौर में जहां नौकरियों और व्यवसाय में आगे बढ़ने की होड़ दिखाई देती है, वहीं चुनाव आते ही जनप्रतिनिधि बनने की चाह रखने वालों की संख्या भी कम नहीं दिखाई दे रही। वार्ड नंबर 57 में टिकट की दावेदारी को लेकर सबसे ज्यादा हलचल भाजपा खेमे में नजर आ रही है। राजनीतिक चर्चाओं में सवाल यह भी उठ रहा है कि सामान्य दिनों में जो चेहरे क्षेत्र में बहुत कम दिखाई देते थे, चुनावी माहौल बनते ही उनकी सक्रियता अचानक कैसे बढ़ गई? सामाजिक कार्यक्रमों से लेकर लोगों से मेल-मिलाप तक दावेदार अब अपनी मौजूदगी दर्ज कराने में जुटे हैं। कभी-कभी तो ऐसा लगता है कि काश चुनावी माहौल हमेशा बना रहे, ताकि जनता के बीच नेताओं और संभावित जनप्रतिनिधियों की ऐसी ही सक्रियता लगातार देखने को मिलती रहे। भाजपा में टिकट के लिए कई दावेदार वार्ड नंबर 57 में भाजपा की ओर से फिलहाल कैलाशनाथ, राजू गुर्जर, भवानी गहलोत और जितेंद्र सिंह के नाम दावेदारी की चर्चाओं में सामने आ रहे हैं। ये सभी अपनी-अपनी पत्नियों के लिए भाजपा से टिकट की मांग कर रहे हैं। 25 वर्षों की संगठन सेवा के साथ कैलाशनाथ की दावेदारी कैलाशनाथ करीब 25 वर्षों से भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता के रूप में पार्टी से जुड़े बताए जाते हैं। लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहने के कारण उनकी दावेदारी को लेकर वार्ड के राजनीतिक हलकों में चर्चा है। अब सवाल यह है कि क्या पार्टी वर्षों की संगठन सेवा, मेहनत और वफादारी को टिकट वितरण में प्राथमिकता देगी? राजू गुर्जर के परिवार का रहा है राजनीतिक जुड़ाव दूसरी ओर राजू गुर्जर भी अपनी पत्नी के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। उनके पिता पूर्व में मनोनीत पार्षद रह चुके हैं। ऐसे में उनके परिवार का स्थानीय राजनीति से पुराना जुड़ाव उनकी दावेदारी को चर्चा में बनाए हुए है। भवानी गहलोत और जितेंद्र सिंह भी दौड़ में भवानी गहलोत भी अपनी पत्नी के लिए टिकट की मांग कर रहे हैं। वार्ड की मौजूदा राजनीतिक चर्चाओं में उन्हें अपेक्षाकृत नया चेहरा बताया जा रहा है। वहीं जितेंद्र सिंह भी टिकट की दौड़ में हैं और अपनी पत्नी के लिए पार्टी से टिकट की मांग कर रहे हैं। चार दावेदारों के सामने आने से भाजपा के भीतर टिकट का फैसला दिलचस्प हो गया है। अब देखना यह होगा कि जिला कार्यालय और पार्टी नेतृत्व किसकी ईमानदारी, वफादारी, संगठन के प्रति मेहनत, जमीनी पकड़ और राजनीतिक समीकरणों को प्राथमिकता देता है।जनहित की खबर • निष्पक्ष नजर जिला स्तरीय स्थानीय समाचार एवं राजनीति विशेषांक पेज – 1 वार्ड नंबर 57 की अनकही कहानी चुनाव नजदीक आते ही बढ़ी सियासी हलचल, भाजपा में टिकट की होड़ तो कांग्रेस में एक प्रमुख नाम की चर्चा वार्ड नंबर 57। जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आती जा रही है, वार्ड नंबर 57 की राजनीति भी दिलचस्प होती जा रही है। मोहल्लों, चौराहों और चाय की थड़ियों से लेकर राजनीतिक बैठकों तक अब चुनाव और संभावित प्रत्याशियों की चर्चा आम हो गई है। आज के प्रतिस्पर्धा के दौर में जहां नौकरियों और व्यवसाय में आगे बढ़ने की होड़ दिखाई देती है, वहीं चुनाव आते ही जनप्रतिनिधि बनने की चाह रखने वालों की संख्या भी कम नहीं दिखाई दे रही। वार्ड नंबर 57 में टिकट की दावेदारी को लेकर सबसे ज्यादा हलचल भाजपा खेमे में नजर आ रही है। राजनीतिक चर्चाओं में सवाल यह भी उठ रहा है कि सामान्य दिनों में जो चेहरे क्षेत्र में बहुत कम दिखाई देते थे, चुनावी माहौल बनते ही उनकी सक्रियता अचानक कैसे बढ़ गई? सामाजिक कार्यक्रमों से लेकर लोगों से मेल-मिलाप तक दावेदार अब अपनी मौजूदगी दर्ज कराने में जुटे हैं। कभी-कभी तो ऐसा लगता है कि काश चुनावी माहौल हमेशा बना रहे, ताकि जनता के बीच नेताओं और संभावित जनप्रतिनिधियों की ऐसी ही सक्रियता लगातार देखने को मिलती रहे। भाजपा में टिकट के लिए कई दावेदार वार्ड नंबर 57 में भाजपा की ओर से फिलहाल कैलाशनाथ, राजू गुर्जर, भवानी गहलोत और जितेंद्र सिंह के नाम दावेदारी की चर्चाओं में सामने आ रहे हैं। ये सभी अपनी-अपनी पत्नियों के लिए भाजपा से टिकट की मांग कर रहे हैं। 25 वर्षों की संगठन सेवा के साथ कैलाशनाथ की दावेदारी कैलाशनाथ करीब 25 वर्षों से भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता के रूप में पार्टी से जुड़े बताए जाते हैं। लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहने के कारण उनकी दावेदारी को लेकर वार्ड के राजनीतिक हलकों में चर्चा है। अब सवाल यह है कि क्या पार्टी वर्षों की संगठन सेवा, मेहनत और वफादारी को टिकट वितरण में प्राथमिकता देगी? राजू गुर्जर के परिवार का रहा है राजनीतिक जुड़ाव दूसरी ओर राजू गुर्जर भी अपनी पत्नी के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। उनके पिता पूर्व में मनोनीत पार्षद रह चुके हैं। ऐसे में उनके परिवार का स्थानीय राजनीति से पुराना जुड़ाव उनकी दावेदारी को चर्चा में बनाए हुए है। भवानी गहलोत और जितेंद्र सिंह भी दौड़ में भवानी गहलोत भी अपनी पत्नी के लिए टिकट की मांग कर रहे हैं। वार्ड की मौजूदा राजनीतिक चर्चाओं में उन्हें अपेक्षाकृत नया चेहरा बताया जा रहा है। वहीं जितेंद्र सिंह भी टिकट की दौड़ में हैं और अपनी पत्नी के लिए पार्टी से टिकट की मांग कर रहे हैं। चार दावेदारों के सामने आने से भाजपा के भीतर टिकट का फैसला दिलचस्प हो गया है। अब देखना यह होगा कि जिला कार्यालय और पार्टी नेतृत्व किसकी ईमानदारी, वफादारी, संगठन के प्रति मेहनत, जमीनी पकड़ और राजनीतिक समीकरणों को प्राथमिकता देता है। पेज – 2 कांग्रेस में फिलहाल भंवर राव का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में पूर्व पार्षद और अनुभवी नेता, समर्थक मान रहे जीत का प्रबल दावेदार वार्ड नंबर 57 की राजनीति का दूसरा पहलू कांग्रेस खेमे में दिखाई देता है। जहां भाजपा में टिकट के लिए कई नामों की चर्चा है, वहीं कांग्रेस की ओर से फिलहाल भंवर राव का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है। भंवर राव स्थानीय राजनीति के अनुभवी और मंझे हुए खिलाड़ी माने जाते हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि राजनीति में आने के बाद से उन्होंने लगातार अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखी है और क्षेत्र के लोगों के बीच उनकी मजबूत पहचान है। पूर्व में रह चुके हैं पार्षद भंवर राव पूर्व में पार्षद रह चुके हैं। पार्षद के रूप में काम करने का अनुभव और वर्षों से स्थानीय राजनीति में सक्रियता उनके समर्थकों के अनुसार उनकी सबसे बड़ी ताकत है। समर्थकों का दावा है कि भंवर राव लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाए हुए हैं और इसी कारण इस बार वार्ड नंबर 57 में उन्हें कांग्रेस की ओर से जीत के प्रबल दावेदारों में माना जा रहा है। फिलहाल कांग्रेस की तरफ से वार्ड में उनकी दावेदारी का प्रभाव मजबूत दिखाई देने की चर्चा है। हालांकि अंतिम उम्मीदवार कौन होगा, यह पार्टी के आधिकारिक टिकट की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। एक तरफ कई दावेदार, दूसरी तरफ अनुभवी चेहरा—किस करवट बैठेगा वार्ड 57? वार्ड नंबर 57 की मौजूदा राजनीतिक तस्वीर दिलचस्प है। एक ओर भाजपा में कैलाशनाथ, राजू गुर्जर, भवानी गहलोत और जितेंद्र सिंह अपनी पत्नियों के टिकट के लिए दावेदारी कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस में भंवर राव का नाम प्रमुखता से चर्चा में है। भाजपा के सामने टिकट चयन की चुनौती होगी। क्या वर्षों की संगठन सेवा को महत्व मिलेगा? क्या पुराने राजनीतिक परिवार का अनुभव काम आएगा? या फिर कोई नया दावेदार टिकट की बाजी मार लेगा? कांग्रेस के सामने भी अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व को ही लेना है, लेकिन स्थानीय चर्चाओं में भंवर राव के पुराने राजनीतिक अनुभव और जनसंपर्क को उनकी ताकत माना जा रहा है। जनता सब देख रही है... चुनावी मौसम में बढ़ी सक्रियता के बीच वार्ड की जनता भी हर दावेदार को बारीकी से देख रही है। आखिर चुनाव सिर्फ टिकट हासिल करने का नहीं, बल्कि जनता का विश्वास हासिल करने का भी है। टिकट किसे मिलेगा, चुनावी मैदान में आमने-सामने कौन होगा और जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनेगी—इन सभी सवालों के जवाब आने वाले दिनों में सामने आएंगे। लेकिन फिलहाल इतना जरूर है कि वार्ड नंबर 57 की सियासी कहानी अभी शुरू हुई है।1
- रियान बड़ी। नगर पालिका क्षेत्र के रोहिसी रोड पर नई पानी की पाइपलाइन बिछाने के लिए जल विभाग द्वारा खोदी गई गहरी खाइयां अब हादसों का कारण बन रही हैं। सड़क के दोनों ओर कई स्थानों पर गहरे गड्ढे खोदे गए हैं, लेकिन इनकी सुरक्षा के लिए न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई है और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है। इससे रात के समय यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि दिन के उजाले में तो वाहन चालक इन गड्ढों को देखकर बच निकलते हैं, लेकिन रात के अंधेरे में ये खाइयां दिखाई नहीं देतीं, जिससे बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। खासकर बाइक सवारों और पैदल चलने वालों के गड्ढों में गिरने का डर है। लोगों ने जल विभाग और नगर पालिका प्रशासन से इन गड्ढों के आसपास तत्काल सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह नगर पालिका क्षेत्र में इस तरह का पहला मामला नहीं है। शहर की कई गलियों और मोहल्लों में पाइपलाइन डालने के नाम पर सड़कें खोदी गईं, लेकिन काम पूरा होने के बाद भी कई जगहों पर सड़कों की मरम्मत नहीं की गई। इससे आम लोगों को आवागमन में लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों का मत है कि विकास कार्य आवश्यक हैं, परंतु इन कार्यों के दौरान आमजन की सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। गहरी खाइयों के चारों ओर बैरिकेड, रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेत लगाए जाने चाहिए, ताकि रात में भी वाहन चालकों को दूर से ही खतरे का आभास हो सके। स्थानीय लोग अब प्रशासन से जल्द कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके। रियान बड़ी। नगर पालिका क्षेत्र के रोहिसी रोड पर नई पानी की पाइपलाइन बिछाने के लिए जल विभाग द्वारा खोदी गई गहरी खाइयां अब हादसों का कारण बन रही हैं। सड़क के दोनों ओर कई स्थानों पर गहरे गड्ढे खोदे गए हैं, लेकिन इनकी सुरक्षा के लिए न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई है और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है। इससे रात के समय यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि दिन के उजाले में तो वाहन चालक इन गड्ढों को देखकर बच निकलते हैं, लेकिन रात के अंधेरे में ये खाइयां दिखाई नहीं देतीं, जिससे बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। खासकर बाइक सवारों और पैदल चलने वालों के गड्ढों में गिरने का डर है। लोगों ने जल विभाग और नगर पालिका प्रशासन से इन गड्ढों के आसपास तत्काल सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह नगर पालिका क्षेत्र में इस तरह का पहला मामला नहीं है। शहर की कई गलियों और मोहल्लों में पाइपलाइन डालने के नाम पर सड़कें खोदी गईं, लेकिन काम पूरा होने के बाद भी कई जगहों पर सड़कों की मरम्मत नहीं की गई। इससे आम लोगों को आवागमन में लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों का मत है कि विकास कार्य आवश्यक हैं, परंतु इन कार्यों के दौरान आमजन की सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। गहरी खाइयों के चारों ओर बैरिकेड, रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेत लगाए जाने चाहिए, ताकि रात में भी वाहन चालकों को दूर से ही खतरे का आभास हो सके। स्थानीय लोग अब प्रशासन से जल्द कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।1
- अराई पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 9 किलो 130 ग्राम अवैध डोडा पोस्त जब्त, एक गिरफ्तार.. अराई थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए 9 किलो 130 ग्राम अवैध डोडा पोस्त जब्त कर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। थानाधिकारी राजमल कुमावत के नेतृत्व में पुलिस ने मुकेश वैष्णव पुत्र श्रीनिवास (42) निवासी अराई के मकान पर दबिश दी। तलाशी में प्लास्टिक के कट्टे में रखा डोडा पोस्त बरामद हुआ। पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। अग्रिम अनुसंधान थानाधिकारी बोराड़ा को सौंपा गया है।1
- उदयपुर में लेपर्ड ने 5 लोगों को दबोचा, एक की मौत: करीब 4 मिनट तक हमला;घायलों को पलंग पर लिटाकर, पहाड़ी से नीचे उतारा1
- नेपाल में कुदरत का कहर! 🇳🇵🌊 नेपाल–चीन सीमा के पास आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। सैकड़ों लोगों की मौत और बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की खबर है। अब नेपाल से आने वाली नदियों को लेकर बिहार में भी अलर्ट बढ़ा दिया गया है। 🇮🇳⚠️ क्या बिहार पर मंडरा रहा है बाढ़ का खतरा? प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। सतर्क रहें, अफवाहों से बचें और सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। #NepalFlood #BiharFlood #FloodAlert #BiharNews #NepalNews1