आजमगढ़: जर्जर बिजली खंभा बना काल, संविदा लाइनमैन की दर्दनाक मौत जिले के कंधरापुर थाना क्षेत्र के मिरिया गांव में बिजली लाइन ठीक करने के दौरान जर्जर खंभा टूटने से घायल हुए 52 वर्षीय संविदा लाइनमैन मुन्ना प्रजापति की सोमवार शाम करीब 7:30 बजे जिला अस्पताल में मौत हो गई। वह पिछले 9 दिनों से जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे थे। मुन्ना प्रजापति, ग्राम गौरीनारायणपुर निवासी, वर्ष 2016 से आजमपुर पावर हाउस पर संविदा लाइनमैन के रूप में कार्यरत थे। 5 अप्रैल की दोपहर करीब 2 बजे वह मिरिया गांव में बिजली लाइन दुरुस्त करने के लिए खंभे पर चढ़े थे, तभी खंभे का निचला हिस्सा अचानक टूट गया और वह नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर रेफर कर दिया गया। इसके बाद निजी अस्पतालों में इलाज चला और परिजन उन्हें लखनऊ भी ले गए। इलाज में लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद हालत में सुधार नहीं हुआ। आर्थिक तंगी के कारण 13 अप्रैल को उन्हें वापस आजमगढ़ लाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। मुन्ना प्रजापति अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। यह हादसा बिजली विभाग में कार्यरत संविदा कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
आजमगढ़: जर्जर बिजली खंभा बना काल, संविदा लाइनमैन की दर्दनाक मौत जिले के कंधरापुर थाना क्षेत्र के मिरिया गांव में बिजली लाइन ठीक करने के दौरान जर्जर खंभा टूटने से घायल हुए 52 वर्षीय संविदा लाइनमैन मुन्ना प्रजापति की सोमवार शाम करीब 7:30 बजे जिला अस्पताल में मौत हो गई। वह पिछले 9 दिनों से जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे थे। मुन्ना प्रजापति, ग्राम गौरीनारायणपुर निवासी, वर्ष 2016 से आजमपुर पावर हाउस पर संविदा लाइनमैन के रूप में कार्यरत थे। 5 अप्रैल की दोपहर करीब 2 बजे वह मिरिया गांव में बिजली लाइन दुरुस्त करने के लिए खंभे पर चढ़े थे, तभी खंभे का निचला हिस्सा अचानक टूट गया और वह नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर रेफर कर दिया गया। इसके बाद निजी अस्पतालों में इलाज चला और परिजन उन्हें लखनऊ भी ले गए। इलाज में लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद हालत में सुधार नहीं हुआ। आर्थिक तंगी के कारण 13 अप्रैल को उन्हें वापस आजमगढ़ लाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। मुन्ना प्रजापति अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। यह हादसा बिजली विभाग में कार्यरत संविदा कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
- *आज़मगढ़/उतार प्रदेश/संवाददाता-शुभम कुमार रावत* उत्तर प्रदेश आज़मगढ़ जिला के चक्करपानपुर PG अस्पताल में बाइक चोर बहुत ही आसानी से अस्पताल के बाहर रखे बाइक को चोरी कर रहे हैं मरिज के साथ आये हुए उनके परिवार वाले का बाइक का चोरी होने पर खोफनाक मंजर सामने आया राजकीय मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के गार्ड ने बताया कि यहां पर बाहर राखी हुई बाइक की चोरी हो रही है इस तरह से पीजी हॉस्पिटल के गार्ड सभी मरिजो के साथ आये हुए उनके परिवार वाले को सावधान कर रहे हैं अपनी बाइक की देख रेख और अपने समानों की देख रेख स्वयं करें पीजी अस्पताल के गार्ड का कहना है कि ना ही किसी को अपना फोन दीजिए चाहे वो सभी को कितनी भी आपातकालीन बात करने के लिए बोले गल्ती से भी अपना फोन ना दे मैरिजो के परिवार वालों का कहना है कि हम 1 साथ में अपनी बाइक कैसे या मैरिजो को देख सकते हैं आप यहां अस्पताल के गार्ड हैं तभी ना हम सभी बेफिकर होकर अपने मरीजो को देख सकते हैं, मरीजो के परिवार वालों की ये कहना है कि यहां पीजी हॉस्पिटल में कड़ी से कड़ी हॉस्पिटल के बाहर वाहनो की सुरक्षा की जाए ताकी हम सभी अपने-अपने मरीज़ों की तरह डॉक्टर को दिखा सकें|1
- Post by SONI DEVI1
- मऊ । मंगलवार को पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर व अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार द्वारा पुलिस कार्यालय मऊ में माल्यार्पण एवं श्रद्धासुमन अर्पित किया गया साथ ही साथ जनपद के समस्त थानों/कार्यालयों पर संविधान निर्माता, भारत रत्न बाबा साहब डॉ. बी.आर. अम्बेडकर जी की जयंती के अवसर पर श्रद्धासुमन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रत्येक थाने पर बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांसुमन अर्पित किया गया। कार्यक्रम में संबंधित थानों के अधिकारियों एवं कर्मचारीगण ने पुष्पांजलि अर्पित कर बाबा साहब के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इस दौरान उनके द्वारा भारतीय संविधान के निर्माण, सामाजिक समानता, शिक्षा, और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए किए गए ऐतिहासिक कार्यों को याद किया गया। बाबा साहब के विचारों और सिद्धांतों को आत्मसात करने तथा समाज में समानता और न्याय को बढ़ावा देने का संकल्प दोहराया गया।4
- छत्तीसगढ़ : वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से बड़ा हादसा,कई मजदूरों की मौत...! छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से बड़ा हादसा हुआ है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बड़ी संख्या में मजदूरों की मौत की खबर है। प्रशासन और बचाव दल मौके पर मौजूद हैं और राहत कार्य जारी है।1
- केवटला मठ विवाद: परिवार रजिस्टर एंट्री को लेकर सचिव व पुजारी पर मुकदमा, पूर्व सचिव की भूमिका भी जांच के घेरे में अम्बेडकरनगर। जनपद के विकासखंड बसखारी अंतर्गत ग्राम सभा केवटला स्थित मठ एवं मंदिर से जुड़ा विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है। परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करने को लेकर ग्राम पंचायत सचिव अशोक राजभर और मंदिर के पुजारी मनीष यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले ने न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पूर्व ग्राम पंचायत सचिव की भूमिका को भी जांच के दायरे में ला दिया है। सूत्रों के अनुसार, केवटला मठ के मुख्य महंत की ओर से यह आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत सचिव अशोक राजभर ने पुजारी मनीष यादव का नाम परिवार रजिस्टर में गलत तरीके से दर्ज किया। इसी आधार पर दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। हालांकि, ग्राम प्रधान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि नाम दर्ज करने की प्रक्रिया नियमानुसार ग्राम पंचायत की खुली बैठक में की गई थी। मामले में नया मोड़ तब आया जब यह बात सामने आई कि इससे पहले पूर्व ग्राम पंचायत सचिव अंकुर शर्मा के हस्ताक्षर से परिवार रजिस्टर की नकल जारी की गई थी, जबकि संबंधित नाम मूल रजिस्टर में दर्ज नहीं था। इस विसंगति को लेकर ग्रामीणों ने हस्ताक्षरों की जांच की मांग उठाई है। यदि जांच में अनियमितता पाई जाती है, तो पूर्व सचिव अंकुर शर्मा पर भी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि मठ से जुड़े हरिशंकर उर्फ बुलबुली बाबा द्वारा मठ की जमीन और पेड़-पौधों की बिक्री की जा रही है, जिसका पुजारी मनीष यादव विरोध कर रहे थे। ग्रामीणों का दावा है कि इसी विरोध के चलते उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। साथ ही, बुलबुली बाबा के आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़े होने के भी आरोप लगाए गए हैं। एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू यह भी सामने आया है कि बुलबुली बाबा का नाम अलग-अलग जनपदों—आजमगढ़ और अंबेडकरनगर—की ग्राम सभाओं के परिवार रजिस्टर में दर्ज होने की बात कही जा रही है। यदि यह तथ्य सही पाया जाता है, तो उनके खिलाफ धोखाधड़ी (धारा 420) के तहत कार्रवाई की संभावना भी बन सकती है। इधर, हंसवर थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ विभागीय स्तर पर अभी दोष सिद्ध नहीं हुआ था, इसके बावजूद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। फिलहाल, पूरा मामला जांच के अधीन है और प्रशासनिक व पुलिसीय जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ग्रामीणों और संबंधित पक्षों की मांग है कि निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि ग्राम पंचायत व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रह सके।1
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- Post by Jitendra bahadur Dubey1
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