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जंतर-मंतर पर सुबह 6 बजे का दृश्य बहुत कुछ कह रहा है। देश के अलग-अलग राज्यों से आए छात्र और युवा रात फुटपाथ पर गुजारने के बाद भी अपने हौसले बुलंद रखे हुए हैं। सुबह होते ही उनके भीतर फिर से वही जोश और वही संघर्ष दिखाई दे रहा है। इस आंदोलन का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है और अब इससे UP 69,000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी और NEET की OMR गड़बड़ी से प्रभावित छात्र भी जुड़ चुके हैं। युवाओं के इस संघर्ष को विपक्षी दलों का भी खुलकर समर्थन मिल रहा है। यह प्रदर्शन अब किसी एक मुद्दे का विरोध नहीं रह गया है, बल्कि युवाओं के हक़ और सीधे व्यवस्था से जवाब मांगने का आंदोलन बनता जा रहा है।
Journalist imran
जंतर-मंतर पर सुबह 6 बजे का दृश्य बहुत कुछ कह रहा है। देश के अलग-अलग राज्यों से आए छात्र और युवा रात फुटपाथ पर गुजारने के बाद भी अपने हौसले बुलंद रखे हुए हैं। सुबह होते ही उनके भीतर फिर से वही जोश और वही संघर्ष दिखाई दे रहा है। इस आंदोलन का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है और अब इससे UP 69,000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी और NEET की OMR गड़बड़ी से प्रभावित छात्र भी जुड़ चुके हैं। युवाओं के इस संघर्ष को विपक्षी दलों का भी खुलकर समर्थन मिल रहा है। यह प्रदर्शन अब किसी एक मुद्दे का विरोध नहीं रह गया है, बल्कि युवाओं के हक़ और सीधे व्यवस्था से जवाब मांगने का आंदोलन बनता जा रहा है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- सिंगरौली के देवसर स्थित ग्राम पंचायत कुर्सा में लगने वाले साप्ताहिक बाजार में महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों एवं समाजसेवियों ने गहरी चिंता जताई है। इस संबंध में ग्रामीणों ने थाना जियावन पहुंचकर थाना प्रभारी के नाम एक लिखित आवेदन सौंपा है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि कुछ असामाजिक तत्व बाजार में आने वाली महिलाओं के साथ कथित रूप से छेड़छाड़, अभद्र व्यवहार और धमकी देने की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से इस मामले में निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही, महिलाओं की सुरक्षा को देखते हुए कुर्सा साप्ताहिक बाजार में उचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी पुरजोर मांग की गई है।1
- मध्य प्रदेश के सिंगरौली में एनसीएल दुधीचुआ परियोजना के अंतर्गत कार्यरत कैलिबर माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड (चड्ढा) में रोजगार की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने एनसीएल गेट का घेराव किया। यूथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनू सिंह के नेतृत्व में यह जोरदार घेराव प्रदर्शन किया गया। बैरियर पर प्रदर्शनकारियों के पहुंचते ही कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी कथित दलालों को आगे कर खुद बैकफुट पर चले गए। इससे आक्रोशित होकर यूथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनू सिंह ने जमकर खरी-खोटी सुनाई और कहा कि बबलू मिश्रा को बुलाओ, उसकी अकड़ तोड़ना है। उन्होंने खुलेआम चेतावनी देते हुए कहा कि जो मजा अकड़ तोड़ने में है, शायद उतना मजा हड्डी तोड़ने में नहीं होगा और वह उसका इगो देखना चाहते हैं।1
- सिंगरौली जिले में अवैध खनिज गतिविधियों के खिलाफ प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 32 टन लावारिस कोयला जब्त किया है। यह कार्रवाई एनसीएल की निगाही परियोजना के पास अवैध रूप से भंडारित कोयले पर की गई है। कलेक्टर गौरव बेनल के निर्देश और खनिज अधिकारी सुश्री आकांक्षा पटेल के मार्गदर्शन में सहायक खनिज अधिकारी रामसुशील चौरसिया ने वन विभाग व एनसीएल सुरक्षा कर्मियों के साथ मिलकर इस संयुक्त जांच अभियान को अंजाम दिया। संयुक्त टीम ने 20 जुलाई 2026 को निगाही परियोजना के समीप रेलवे लाइन से लगभग 200 मीटर दूर अवैध रूप से जमा करके रखे गए इस कोयले को बरामद किया। जब्त किए गए कोयले को सुरक्षा के लिहाज से मोरवा थाना में रखवाया गया है। इस मामले में खनिज नियमों के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- मध्य प्रदेश के सिंगरौली में एनसीईआरटी एनसीएल कॉल माइंस चढ़ा कंपनी की खदान के पास रहने वाले लोग भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब कंपनी द्वारा खदान में ब्लास्टिंग (प्लास्टिक) की जाती है, तो उनके घर इस तरह से हिलने लगते हैं जैसे कोई भूकंप आ गया हो। घर के बिल्कुल पास ही खुली हुई खदान होने के कारण यह पूरा इलाका डेंजर जोन बन चुका है। लोगों की शिकायत है कि खदान में लगातार चलने वाले वाहनों के कारण उड़ने वाली धूल और डस्ट सीधे उनके घरों तक पहुंच रही है, जिससे उनका जीना दूभर हो गया है। पीड़ित नागरिक ने इस गंभीर स्थिति को साझा करते हुए लोगों से उनकी राय भी मांगी है।1
- नशामुक्ति अभियान 2.0 के तहत सिंगरौली की गोभा पुलिस चौकी ने अवैध शराब के परिवहन और बिक्री के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने घेराबंदी कर एक लग्जरी डस्टर कार से 19 पेटी अवैध विदेशी शराब जब्त की है और मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जब्त की गई शराब की कुल कीमत करीब 1 लाख 25 हजार रुपये और परिवहन में इस्तेमाल की जा रही कार की कीमत लगभग 4 लाख रुपये बताई गई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री षियाज के.एम. के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सर्वप्रिय सिन्हा तथा नगर पुलिस अधीक्षक विंध्यनगर श्री हेमंत कुमार के मार्गदर्शन में चलाई जा रही अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान के तहत हुई है। चौकी गोभा प्रभारी उप निरीक्षक शिवम सिंह चौहान को मुखबिर से सूचना मिली थी कि डस्टर कार से अवैध शराब छत्तीसगढ़ की ओर ले जाई जा रही है। इस सूचना पर पुलिस टीम ने ग्राम बरहपान के पास घेराबंदी की, लेकिन चालक ने कार नहीं रोकी। इसके बाद पुलिस ने पीछा कर ग्राम मुड़वनिया के पास वाहन को रोका। तलाशी लेने पर कार से 18 पेटी गोवा व्हिस्की और 1 पेटी 8 पीएम शराब बरामद हुई, जिसकी कुल मात्रा 170 लीटर है। पुलिस ने वाहन चालक सोनू यादव (उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम घुई, थाना रमकुला, जिला सूरजपुर, छत्तीसगढ़) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) और 47 के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया। इस पूरी कार्रवाई में गोभा पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही और पुलिस ने साफ किया है कि अवैध शराब तथा नशे के कारोबार के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।2
- जंतर-मंतर पर आयोजित सीजेपी (CJP) प्रोटेस्ट के दौरान हंगामा खड़ा हो गया, जहां 16 साल की बच्चियां अन्याय के खिलाफ सीधे एक आईपीएस (IPS) अधिकारी से भिड़ गईं। प्रदर्शन के दौरान इन बच्चियों ने पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि "पुलिस हमारे कपड़े फाड़ रही..." है। इस तीखे टकराव के बीच अब यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर 16 साल की इन बच्चियों ने किस अन्याय के खिलाफ आईपीएस अधिकारी को आड़े हाथों लिया। इस पूरे घटनाक्रम और प्रदर्शन का सीधा जुड़ाव सोनम वांगचुक, अभिजीत दिपके, सीजेपी प्रोटेस्ट और जंतर-मंतर से है।1
- दिल्ली के सरकारी गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती 42 वर्षीय मरीज मोहम्मद अकबर के बिस्तर पर कथित तौर पर छत का पंखा गिर गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पंखा सीधे मरीज पर गिरा, जिसके बाद अस्पताल स्टाफ ने तत्काल उपचार शुरू किया। उपचार शुरू होने के कुछ घंटों बाद मरीज की मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीज पहले से ही गंभीर बीमारियों से पीड़ित था और उसकी मृत्यु का कारण उसकी चिकित्सीय स्थिति थी, न कि पंखा गिरने की घटना। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच की जा रही है।1