जोधपुर, राजस्थान से संवाददाता आशीष पुरोहित की रिपोर्ट के अनुसार, प्रयोगशाला सहायक भर्ती-2018 के अभ्यर्थी कैलाश सिंह भाटी (पुत्र शैतान सिंह भाटी, आवेदन क्रमांकः 18123277310) का मामला भ्रष्टाचार का एक वीभत्स रूप सामने लाता है। कैलाश सिंह के पास उम्मेद अस्पताल, जोधपुर के अधीक्षक द्वारा 18/08/2022 को जारी एक पुनर्प्रमाणीकरण पत्र है, जो 06 वर्ष 05 माह 28 दिवस के कार्यानुभव को दर्शाता है। न्याय पाने के लिए कैलाश सिंह ने लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी, जिसमें उन्हें हर जगह जीत मिली। सबसे पहले हाईकोर्ट सिंगल बेंच (13124/2023) ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया। इसके बाद हाईकोर्ट डबल बेंच (डीबी 885/2024) में चिकित्सा विभाग को करारी हार का सामना करना पड़ा। अंत में, सुप्रीम कोर्ट (एसएलपी 36786/2025) ने भी सरकार की जिद पर पानी फेर दिया और विभाग इस मुकदमे में भी हार गया। लेकिन, यह आश्चर्यजनक है कि जहाँ देश की सर्वोच्च अदालत ने न्याय पर मुहर लगा दी, वहीं विभाग के एक भ्रष्ट बाबू की 'प्रलोभन की भूख' इतनी बढ़ गई कि उसने कैलाश सिंह की नियुक्ति से जुड़ी फाइलें और महत्वपूर्ण दस्तावेज ही गायब कर दिए। इस अंधेरगर्दी के खिलाफ पीड़ित ने 30/01/2026 को मुख्यमंत्री और एसीएस जन स्वास्थ्य को डाक से पत्र भेजा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 11 मई 2026 को उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय और प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौर को भी व्यक्तिगत रूप से अवगत कराया, और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत साहब को भी इस मामले से परिचित कराया गया। इन सब प्रयासों के बावजूद, जब कोई समाधान नहीं निकला, तो कैलाश सिंह भाटी ने राज्यपाल को इच्छा मृत्यु का पत्र भी भेजा। संयुक्त शासन सचिव ग्रुप थर्ड, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने 22/08/2025 को एक पत्र जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि एसएलपी का निर्णय पारित होने पर तदअनुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, एसएलपी का निर्णय 23/01/2026 को कैलाश सिंह भाटी के पक्ष में आ गया, फिर भी आज दिनांक तक उन्हें प्रयोगशाला सहायक के पद पर पदस्थापित नहीं किया गया है। यह दिखाता है कि सुप्रीम कोर्ट से जीती जंग भी एक भ्रष्ट बाबू की 'प्रलोभन की भूख' के आगे सिस्टम को बेबस कर रही है।
जोधपुर, राजस्थान से संवाददाता आशीष पुरोहित की रिपोर्ट के अनुसार, प्रयोगशाला सहायक भर्ती-2018 के अभ्यर्थी कैलाश सिंह भाटी (पुत्र शैतान सिंह भाटी, आवेदन क्रमांकः 18123277310) का मामला भ्रष्टाचार का एक वीभत्स रूप सामने लाता है। कैलाश सिंह के पास उम्मेद अस्पताल, जोधपुर के अधीक्षक द्वारा 18/08/2022 को जारी एक पुनर्प्रमाणीकरण पत्र है, जो 06 वर्ष 05 माह 28 दिवस के कार्यानुभव को दर्शाता है। न्याय पाने के लिए कैलाश सिंह ने लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी, जिसमें उन्हें हर जगह जीत मिली। सबसे पहले हाईकोर्ट सिंगल बेंच (13124/2023) ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया। इसके बाद हाईकोर्ट डबल बेंच (डीबी 885/2024) में चिकित्सा विभाग को करारी हार का सामना करना पड़ा। अंत में, सुप्रीम कोर्ट (एसएलपी 36786/2025) ने भी सरकार की जिद पर पानी फेर दिया और विभाग इस मुकदमे में भी हार गया। लेकिन, यह आश्चर्यजनक है कि जहाँ देश की सर्वोच्च अदालत ने न्याय पर मुहर लगा दी, वहीं विभाग के एक भ्रष्ट बाबू की 'प्रलोभन की भूख' इतनी बढ़ गई कि उसने कैलाश सिंह की नियुक्ति से जुड़ी फाइलें और महत्वपूर्ण दस्तावेज ही गायब कर दिए। इस अंधेरगर्दी के खिलाफ पीड़ित ने 30/01/2026 को मुख्यमंत्री और एसीएस जन स्वास्थ्य को डाक से पत्र भेजा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 11 मई 2026 को उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय और प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौर को भी व्यक्तिगत रूप से अवगत कराया, और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत साहब को भी इस मामले से परिचित कराया गया। इन सब प्रयासों के बावजूद, जब कोई समाधान नहीं निकला, तो कैलाश सिंह भाटी ने राज्यपाल को इच्छा मृत्यु का पत्र भी भेजा। संयुक्त शासन सचिव ग्रुप थर्ड, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने 22/08/2025 को एक पत्र जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि एसएलपी का निर्णय पारित होने पर तदअनुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, एसएलपी का निर्णय 23/01/2026 को कैलाश सिंह भाटी के पक्ष में आ गया, फिर भी आज दिनांक तक उन्हें प्रयोगशाला सहायक के पद पर पदस्थापित नहीं किया गया है। यह दिखाता है कि सुप्रीम कोर्ट से जीती जंग भी एक भ्रष्ट बाबू की 'प्रलोभन की भूख' के आगे सिस्टम को बेबस कर रही है।
- मा. उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी आगरा के खेरिया एयरपोर्ट पहुंचे, जहाँ उनका भव्य स्वागत किया गया। जनपद के मा. जनप्रतिनिधिगणों और जिलाधिकारी श्री मनीष बंसल जी ने पुष्पगुच्छ देकर तथा पटका पहनाकर उनका अभिनंदन किया।2
- जोधपुर पुलिस थाना सरदारपुरा ने लगातार स्कूटी चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले शातिर बदमाश और हिस्ट्रीशीटर सुनील उर्फ चुंदा को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो चोरी की स्कूटी बरामद की हैं, और आरोपी ने सरदारपुरा क्षेत्र में दो स्कूटी चोरी करना स्वीकार किया है। सुनील उर्फ चुंदा, जिसकी उम्र 21 साल है और जो सोज़ती गेट भील बस्ती, पुलिस थाना सदर बाजार, ज़िला जोधपुर पूर्व का निवासी है और वर्तमान में बड़ी भील बस्ती, सूरसागर, ज़िला जोधपुर में रहता है, पुलिस थाना सदर बाजार का हिस्ट्रीशीटर है। यह विशेष कार्रवाई पुलिस आयुक्त जोधपुर आयुक्तालय शरत कविराज और पुलिस उपायुक्त जोधपुर पश्चिम कमल शेखावत के निर्देश पर की गई। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नरेंद्र सिंह देवड़ा और सहायक पुलिस आयुक्त छवि शर्मा के सुपरविज़न में, थानाधिकारी जयकिशन सोनी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने सरदारपुरा और आसपास के इलाकों में हो रही स्कूटी चोरियों को रोकने के लिए संदिग्धों की गहन तलाशी, आसूचना संकलन, सीसीटीवी फुटेज विश्लेषण और तकनीकी कार्यप्रणाली का उपयोग किया। इस कार्रवाई की शुरुआत घांची (49) नामक व्यक्ति द्वारा दर्ज कराई गई एक रिपोर्ट से हुई थी, जिसमें उसने सरदारपुरा, जोधपुर पश्चिम में अपने घर के सामने से अपने पिता की होंडा स्कूटी (वाहन संख्या RJ19BK4645) चोरी होने की जानकारी दी थी। यह चोरी रात लगभग 1 बजे हुई थी और इसका प्रमाण सीसीटीवी फुटेज में भी कैद हुआ था। इस रिपोर्ट पर प्रकरण संख्या 127/2026 धारा 303 (2) बीएनएस में पंजीबद्ध किया गया और इसका अनुसंधान हेड कांस्टेबल शिवलाल (292) द्वारा प्रारम्भ किया गया। गिरफ्तार आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश कर पुलिस अभिरक्षा प्राप्त की गई है। पुलिस की पूछताछ जारी है, जिससे अनेकों अन्य प्रकरणों में भी खुलासा होने की पूर्ण संभावना है।1
- डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का सात सूत्रीय मांगों को लेकर धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। कर्मचारी संघ ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के समाधान में उदासीन रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है। कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अखिलेश चौधरी ने बताया कि कर्मचारियों की विभिन्न मांगों की ओर विश्वविद्यालय प्रशासन का ध्यान कई बार आकर्षित किया गया, परंतु अब तक इस संबंध में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसके कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विवश होना पड़ा। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ही कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा। कर्मचारियों का यह भी कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर हो रही अनावश्यक देरी के चलते उनमें असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश में केशव प्रसाद मौर्य ने अपनी एक टिप्पणी में मीडिया को "लोकतंत्र की प्राणवायु" बताया है। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) पर एक बड़ा निशाना भी साधा।1
- शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानंद जी ने खैरागढ़ का दौरा किया, जहाँ उन्होंने सीधे उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि ये दल हिंदुओं के होने का दावा करते हैं, तो उन्हें गाय को 'राष्ट्रीय माता' घोषित करना चाहिए। शंकराचार्य जी ने 'योगी महाराज' को भी खुद को हिंदू साबित करने की चुनौती दी। इसी दौरान, उन्होंने खैरागढ़ के वरिष्ठ समाज सेवी हरीश त्यागी को 'गौ सेवक' घोषित किया। शंकराचार्य जी ने हरीश त्यागी से आग्रह किया कि वे पूरी खैरागढ़ विधानसभा में सभी से सहायता लेकर गौ सेवा करें। उन्होंने हरीश त्यागी को अपना पूरा आशीर्वाद मिलने का आश्वासन भी दिया। शंकराचार्य जी ने यूपी और केंद्र सरकार पर जमकर बरसते हुए आरोप लगाया कि यह सरकार गौ रक्षा करने में सक्षम नहीं है और केवल गाय के नाम पर राजनीति करती है। उन्होंने सभी मतदाताओं से अपील की कि वे आने वाले चुनाव में केवल उसी पार्टी को वोट दें जो गौ माता की रक्षा करने में समर्थ हो।1
- उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद थाना क्षेत्र (पड़ाव गढ़ैया) में एक प्रेमी युगल ने साथ जीने-मरने की कसमें खाते हुए अपने पैर बांधकर खुद को आग लगा ली। इस दुखद घटना में, प्रेमिका खुशी (19 वर्ष) की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि प्रेमी अरुण कठेरिया (21 वर्ष) 70 प्रतिशत से अधिक झुलसने के कारण आगरा में गंभीर हालत में भर्ती है और जिंदगी तथा मौत से जूझ रहा है। जानकारी के अनुसार, यह घटना शुक्रवार रात की है जब दोनों अपने घर पहुंचे और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। उन्होंने एक साथ रहने के लिए अपने पैर बांधे और फिर खुद को आग के हवाले कर दिया। यूपी-डायल 112 आपातकालीन सेवा पर सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, दरवाजा तोड़ा और दोनों को बाहर निकाला, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। यह खबर AIN नेटवर्क से प्रधान संपादक अनुज रावत द्वारा 07 जून 26 को अपडेट की गई है। AIN नेटवर्क अपने देश और आसपास की खबरों को देखने के लिए चैनल को लाइक, शेयर, फॉलो और सब्सक्राइब करने का आग्रह करता है। साथ ही, AIN नेटवर्क को उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों के सभी जिलों से जिला संवाददाता, तहसील रिपोर्टर और ब्लॉक रिपोर्टर की आवश्यकता है, जिसके लिए प्रधान संपादक अनुज रावत से 9193250352 पर शीघ्र संपर्क करने को कहा गया है।1
- आगरा के थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र में एक बालिका से दुष्कर्म के मामले में फरार चल रहे आरोपी अर्पित बघेल उर्फ पीयूष कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, एससी-एसटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार ने इस गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी की लगातार तलाश की जा रही थी। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी अर्पित बघेल उर्फ पीयूष कुमार को ईंट की मंडी के पास से दबोचा। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसे न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है, जिसकी विस्तृत जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। थानाध्यक्ष का कहना है कि महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1
- बरहन पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगा है, जहाँ एक पीड़ित ने अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस को दो बार लिखित प्रार्थना पत्र दिए थे। हालांकि, पुलिस ने इन शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया और उनकी पूरी तरह से अनसुनी कर दी। इस घटना के बाद, अब यह बड़ा सवाल उठाया जा रहा है कि जब मृतक ने पहले ही अपनी जान को खतरे की आशंका जताई थी, तो उसकी शिकायतों पर समय रहते उचित कार्रवाई क्यों नहीं की गई।1
- आगरा के ताजगंज थाना क्षेत्र में स्थित फतेहाबाद रोड की वीवीआईपी सड़क पर सरेराह एक 'हाईवोल्टेज ड्रामा' देखने को मिला। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में एक युवक एक महिला को कार से जबरन बाहर खींचता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो में वह युवक खुद को दारोगा बताता भी दिख रहा है। सड़क पर काफी देर तक महिला और पुरुष के बीच यह विवाद और हंगामा चलता रहा, जिसके चलते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। इस पूरी घटना का किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। फिलहाल, इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर पूरे मामले की जांच में जुट गई है।1